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उत्तर प्रदेश के मेरठ टोल प्लाजा पर ललिता गौतम के हत्यारों को कड़ी सजा दिलाने की मांग को लेकर एक बड़ा विरोध प्रदर्शन किया गया। इस धरने में आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद अपने हजारों कार्यकर्ताओं के साथ शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने ललिता गौतम हत्याकांड के दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की अपनी मांग को मजबूती से उठाया।
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उत्तर प्रदेश के मेरठ टोल प्लाजा पर ललिता गौतम के हत्यारों को कड़ी सजा दिलाने की मांग को लेकर एक बड़ा विरोध प्रदर्शन किया गया। इस धरने में आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद अपने हजारों कार्यकर्ताओं के साथ शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने ललिता गौतम हत्याकांड के दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की अपनी मांग को मजबूती से उठाया।
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- उत्तर प्रदेश के मेरठ टोल प्लाजा पर ललिता गौतम के हत्यारों को कड़ी सजा दिलाने की मांग को लेकर एक बड़ा विरोध प्रदर्शन किया गया। इस धरने में आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद अपने हजारों कार्यकर्ताओं के साथ शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने ललिता गौतम हत्याकांड के दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की अपनी मांग को मजबूती से उठाया।1
- अमरोहा में कांवड़ यात्रा को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड में है। जिलाधिकारी डॉ. नितिन गौड़ ने खुद ट्रैक्टर पर सवार होकर यात्रा मार्ग का जायजा लिया और अधिकारियों के साथ बैठक कर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। प्रशासन का स्पष्ट दावा है कि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होगी और इसे शांतिपूर्ण व सुरक्षित तरीके से संपन्न कराया जाएगा। श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस बल की अतिरिक्त तैनाती की गई है। निगरानी के लिए रूट पर बैरिकेडिंग के साथ सीसीटीवी कैमरे और ड्रोन का उपयोग किया जा रहा है, जबकि सुगम यातायात के लिए विशेष डायवर्जन प्लान भी तैयार किया गया है। इसके अलावा, यात्रा मार्ग पर साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय और स्वास्थ्य शिविरों जैसी मूलभूत सुविधाओं के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं से नियमों का पालन करने और यात्रा में सहयोग करने की अपील की है।4
- अमरोहा जनपद की हसनपुर थाना पुलिस ने शुक्रवार देर रात एक बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन अपराधियों को जिला बदर घोषित कर दिया है। पुलिस ने गांव दयावली खालसा में डुगडुगी पीटकर ग्रामीणों को इस आदेश की सूचना दी। जिन व्यक्तियों को जनपद की सीमा से बाहर किया गया है, उनके नाम अनीश, विक्रम और धर्मवीर हैं, जो रामप्रसाद के पुत्र हैं। इन तीनों अपराधियों को छह महीने की अवधि के लिए अमरोहा जिले की सीमा से निष्कासित कर दिया गया है। पुलिस ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जिला बदर की इस अवधि के दौरान ये अपराधी जिले की सीमा में पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। साथ ही, पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि यदि ये लोग क्षेत्र में कहीं भी दिखाई दें, तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी जाए।2
- हापुड़ जनपद के थाना बाबूगढ़ क्षेत्र स्थित गांव सरावनी में बारिश के चलते एक मकान भरभराकर गिर गया। मकान गिरने की इस घटना से इलाके में अफरातफरी का माहौल पैदा हो गया। सूचना मिलते ही बाबूगढ़ पुलिस मौके पर पहुंच गई और अब मामले की जांच में जुटी हुई है।1
- अमरोहा के हसनपुर में पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए दयावली खालसा गांव में मुनादी करवाई है। पुलिस ने गांव में डुगडुगी पिटवाकर सार्वजनिक रूप से घोषणा की कि अनीश, विक्रम और धर्मवीर नाम के तीन बदमाशों को छह महीने के लिए जिले की सीमा से बाहर कर दिया गया है। प्रशासन ने पूरे गांव को इन बदमाशों के जिलाबदर होने की जानकारी दी है। साथ ही, ग्रामीणों को सचेत किया गया है कि यदि ये तीनों आरोपी गांव में दिखाई दें, तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी जाए।1
- अमरोहा के जिला अधिकारी नितिन गौड़ ने जिले में बाढ़ की स्थिति के संबंध में जानकारी साझा की है। इस दौरान उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों और उससे जुड़ी वर्तमान परिस्थितियों पर आधिकारिक विवरण प्रस्तुत किया।1
- आजाद समाज पार्टी काशीराम के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ने अपने हजारों कार्यकर्ताओं के साथ मेरठ टोल प्लाजा का दौरा किया। यह कदम ललिता गौतम हत्याकांड के बाद सामने आया है। मौके पर पहुंचकर चंद्रशेखर आजाद ने अधिकारियों को जमकर लताड़ा और टोल प्लाजा पर कल हुए लाठीचार्ज की घटना पर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया।1
- अमरोहा के हसनपुर में एक 13 साल की मासूम बच्ची के साथ घिनौनी और हैवानियत भरी हरकत को अंजाम दिया गया है। इस घटना के बाद से क्षेत्र में भारी आक्रोश है और लोग आरोपियों के लिए कठोर सजा की मांग कर रहे हैं। मामले में सरकार द्वारा आरोपियों को जेल तो भेज दिया गया है, लेकिन अब तक किसी को भी फांसी की सजा नहीं हुई है। पीड़ित पक्ष और न्याय की मांग करने वाले लोगों का कहना है कि इन दरिंदों को फांसी के सिवाय कुछ और मंजूर नहीं होना चाहिए।1