उत्तर प्रदेश शासन द्वारा संचालित मिशन शक्ति 5.0 के द्वितीय चरण अभियान के तहत, कुशीनगर पुलिस अधीक्षक श्री केशव कुमार के निर्देशन में जनपद के सभी थानों द्वारा एक व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य महिला सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन सुनिश्चित करना और महिलाओं की सुरक्षा का प्रभावी क्रियान्वयन करना था। इस पहल के अंतर्गत, सभी थानों की एंटीरोमियो टीमों ने बाजारों, सार्वजनिक स्थलों पर जाकर बालिकाओं, महिलाओं और आमजन को मिशन शक्ति 5.0 द्वितीय चरण अभियान से संबंधित विस्तृत जानकारी दी। इसके साथ ही, टीमों ने महिलाओं के प्रति होने वाले अपराधों की रोकथाम, उनके अधिकारों की रक्षा और आत्मरक्षा के उपायों के संबंध में भी विस्तार से जानकारी प्रदान की। जागरूकता कार्यक्रमों के दौरान, प्रतिभागियों को विभिन्न महत्वपूर्ण सेवाओं जैसे महिला हेल्पलाइन 1090, आपातकालीन सेवा 112, चिकित्सा सहायता 108, बाल सहायता नंबर 1098 और साइबर हेल्पलाइन 1930 तथा अन्य पोर्टल की जानकारी देकर इन सेवाओं का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में समस्त थानों पर नियुक्त एंटी रोमियो टीमों ने महिलाओं, बालिकाओं और स्कूली छात्राओं को पम्पलेट भी प्रदान कर जागरूक किया।
उत्तर प्रदेश शासन द्वारा संचालित मिशन शक्ति 5.0 के द्वितीय चरण अभियान के तहत, कुशीनगर पुलिस अधीक्षक श्री केशव कुमार के निर्देशन में जनपद के सभी थानों द्वारा एक व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य महिला सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन सुनिश्चित
करना और महिलाओं की सुरक्षा का प्रभावी क्रियान्वयन करना था। इस पहल के अंतर्गत, सभी थानों की एंटीरोमियो टीमों ने बाजारों, सार्वजनिक स्थलों पर जाकर बालिकाओं, महिलाओं और आमजन को मिशन शक्ति 5.0 द्वितीय चरण अभियान से संबंधित विस्तृत जानकारी दी। इसके साथ ही, टीमों ने
महिलाओं के प्रति होने वाले अपराधों की रोकथाम, उनके अधिकारों की रक्षा और आत्मरक्षा के उपायों के संबंध में भी विस्तार से जानकारी प्रदान की। जागरूकता कार्यक्रमों के दौरान, प्रतिभागियों को विभिन्न महत्वपूर्ण सेवाओं जैसे महिला हेल्पलाइन 1090, आपातकालीन सेवा 112, चिकित्सा सहायता 108, बाल सहायता
नंबर 1098 और साइबर हेल्पलाइन 1930 तथा अन्य पोर्टल की जानकारी देकर इन सेवाओं का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में समस्त थानों पर नियुक्त एंटी रोमियो टीमों ने महिलाओं, बालिकाओं और स्कूली छात्राओं को पम्पलेट भी प्रदान कर जागरूक किया।
- Post by Raviteja Rajbhar1
- कुशीनगर के अहिरौली थाना क्षेत्र के बरडीहा गांव में शनिवार देर रात 22 वर्षीय संदीप यादव की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई, जिसके बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। परिजनों ने इसे हत्या की आशंका जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। जानकारी के अनुसार, संदीप शनिवार रात करीब 11 बजे भोजन करने के बाद घर से लगभग 50 मीटर दूर मोबाइल टावर और पुल की ओर गया था। रात करीब एक बजे संदीप के ही फोन से उसके पड़ोसी और मित्र विशाल यादव को एक अज्ञात व्यक्ति ने कॉल कर सूचना दी कि संदीप गांव के बाहर पुल पर घायल अवस्था में पड़ा है, जिसके बाद फोन काट दिया गया। सूचना पाकर परिजन मौके पर पहुंचे, जहां संदीप पुल की रेलिंग के पास गंभीर रूप से घायल पड़ा था और उसका मोबाइल फोन उसके सीने पर रखा हुआ था। उसकी आंख, गाल, गले तथा पैरों की उंगलियों पर चोट के निशान मिले थे। गंभीर हालत में उसे गोरखपुर मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। संदीप के परिवार में पिता शिवधर यादव, माँ विमला देवी, भाभी रेनू देवी और तीन वर्षीय भतीजी मुस्कान हैं, जबकि उसकी बड़ी बहन नीलू की शादी हो चुकी है। दो वर्ष पहले उसके बड़े भाई राजेश यादव की कैंसर से मृत्यु हो गई थी, जिसके बाद संदीप ही परिवार का मुख्य सहारा बन गया था। वह पहले अपने पिता के साथ पंजाब में रहता था, लेकिन भाई की मौत के बाद गांव लौट आया और पिछले एक महीने से गोरखपुर की एक फर्नीचर दुकान में कार्यरत था। स्थानीय लोगों के अनुसार, संदीप का गांव की ही एक अन्य जाति की महिला से प्रेम संबंध था, जिसकी जानकारी महिला के परिजनों को भी थी। उसके मोबाइल फोन में किसी अज्ञात नंबर से हुई चैटिंग की चर्चा भी सामने आई है। इन सभी परिस्थितियों को देखते हुए परिजन घटना को प्रेम प्रसंग से जोड़कर हत्या की आशंका जता रहे हैं। फिलहाल अहिरौली पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा जांच के बाद ही मौत के कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा। गांव में घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं, जबकि परिवार लगातार न्याय की मांग कर रहा है।4
- कुशीनगर जिले में एक युवक की हत्या से सनसनी फैल गई है। अहिरौली बाजार थाना क्षेत्र के बरडीहा गांव में युवक की हत्या कर उसके शव को गांव के बाहर बने एक मोबाइल टावर के पास फेंक दिया गया था। मृतक की पहचान संदीप यादव के रूप में हुई है, जो पिछली रात लगभग 11 बजे अपने घर से निकला था। पुलिस को आशंका है कि यह हत्या प्रेम प्रसंग के चलते हुई है। पुलिस ने शव को तुरंत पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और इस सनसनीखेज हत्या की जांच में जुट गई है। पुलिस की फॉरेंसिक टीम ने भी मौके से कई महत्वपूर्ण सुराग जुटाए हैं। अपने इकलौते बेटे संदीप यादव की हत्या से परिवार में गहरा मातम पसरा हुआ है।1
- कुशीनगर पुलिस ने नेपाल के नागरिकों को पढ़ाई और नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले एक अंतर्राष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में कुल 10 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें 8 पुरुष और 2 महिलाएँ शामिल हैं। कुशीनगर के पुलिस अधीक्षक केशव कुमार ने बताया कि गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों के कब्जे से भारी मात्रा में जाली दस्तावेज़, आभूषण, लैपटॉप और नकद राशि, जिसमें भारतीय और नेपाली दोनों मुद्राएँ शामिल हैं, बरामद की गई है।1
- उत्तर प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री, करोड़ों जनमानस की आस्था, विश्वास एवं आशाओं के केंद्र, परम पूज्य श्री योगी आदित्यनाथ जी महाराज का 02 जून को तमकुहीराज स्थित एनएचएआई पार्किंग ग्राउंड की पुण्यभूमि पर आगमन क्षेत्रवासियों के लिए अत्यंत गौरव, हर्ष एवं सौभाग्य का विषय है। यहाँ की जनता अपने प्रिय एवं लोकप्रिय मुख्यमंत्री के शुभागमन की प्रतीक्षा कर रही है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व में उत्तर प्रदेश द्वारा विकास, सुशासन, सुरक्षा एवं जनकल्याण के क्षेत्र में प्राप्त की गई अभूतपूर्व उपलब्धियों पर जोर दिया गया है। मूल पाठ में बताया गया है कि प्रदेश के प्रत्येक वर्ग – गरीब, किसान, युवा, महिला एवं वंचित समाज – के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का उनका सतत प्रयास जनसेवा के प्रति उनकी गहरी प्रतिबद्धता का प्रमाण है। मुख्यमंत्री के स्वागत के लिए तमकुहीराज की पावन धरती उत्साह, उमंग एवं अपार श्रद्धा से आलोकित है। यहाँ के जन-जन को विश्वास है कि उनका आगमन क्षेत्र के विकास, समृद्धि एवं नई संभावनाओं का संदेश लेकर आएगा। इसके साथ ही, यह सभी को जनसेवा और राष्ट्रनिर्माण के पथ पर आगे बढ़ने की नई प्रेरणा भी प्रदान करेगा। तमकुहीराज की समस्त सम्मानित जनता की ओर से परम आदरणीय मुख्यमंत्री जी का हृदय की अनंत गहराइयों से हार्दिक स्वागत, अभिनंदन एवं वंदन किया जा रहा है।1
- कुशीनगर जनपद के अहिरौली बाजार थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ आज सुबह 23 वर्षीय एक युवक की बेरहमी से पिटाई की गई, जिसके बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। बरडिहा निवासी मृतक संदीप यादव (23 वर्ष), पुत्र शिवधारी यादव, अपने घर के पास गंभीर रूप से घायल अवस्था में पाए गए थे। उन्हें तुरंत बीआरडी मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने बताया कि यह घटना आपसी रंजिश या मारपीट के दौरान हुई। घटना की सूचना मिलते ही अहिरौली बाजार पुलिस और उच्चाधिकारी तत्काल मौके पर पहुँचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भर दिया है और उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए, दोषियों की जल्द पहचान और गिरफ्तारी के लिए फॉरेंसिक टीम और सर्विलांस टीम को भी जाँच में शामिल किया गया है। इस मामले पर जानकारी देते हुए क्षेत्राधिकारी (सीओ) कसया, कुन्दन कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस टीम घटना स्थल पर पहुँच गई थी और मृतक का पोस्टमॉर्टम कराया जा रहा है। उन्होंने आश्वस्त किया कि घटना के हर पहलू की गहनता से जाँच की जा रही है तथा दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। पुलिस फिलहाल परिजनों के बयानों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अज्ञात हमलावरों की पहचान करने में जुटी है, और इस घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।1
- कुशीनगर पुलिस ने नौकरी और पढ़ाई का झांसा देकर नेपाली नागरिकों से ठगी करने वाले एक अंतर्राष्ट्रीय सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। इस संयुक्त कार्रवाई में 8 पुरुषों और 2 महिलाओं सहित कुल 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने गिरोह के चंगुल से 453 नेपाली नागरिकों को भी सुरक्षित मुक्त कराया है, जिन्हें बाद में नेपाल भेज दिया गया। कसया थाना क्षेत्र में नेपाली नागरिकों से नौकरी और पढ़ाई के नाम पर कुशीनगर बुलाकर मोटी रकम वसूलने की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। पुलिस अधीक्षक केशव कुमार के निर्देश पर विशेष टीमें गठित की गईं, जिसमें कसया पुलिस, सर्विलांस सेल, स्वाट टीम और एसटीएफ गोरखपुर की संयुक्त टीम शामिल थी। पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह गिरोह नेपाल के गरीब और कम पढ़े-लिखे लोगों को लाखों रुपये कमाने का सपना दिखाकर फर्जी दस्तावेजों और बॉन्ड पेपर के सहारे ठगी करता था। पुलिस ने आरोपियों के पास से फर्जी आधार कार्ड, 60 बॉन्ड पेपर, लैपटॉप, सोने-चांदी के आभूषण, भारतीय और नेपाली मुद्रा सहित बड़ी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री बरामद की है। इस मामले में पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है और गिरोह के अन्य सदस्यों तथा इसके नेटवर्क की तलाश जारी है। नेपाल दूतावास ने भी X पर पोस्ट जारी कर इस कार्रवाई के लिए उत्तर प्रदेश सरकार और यूपी पुलिस की सराहना करते हुए धन्यवाद दिया है। फिलहाल, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और कई अहम खुलासे होने की संभावना है।4
- कुशीनगर में पुलिस ने एक अंतर्राष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 10 अभियुक्तों (08 पुरुष और 02 महिलाएँ) को गिरफ्तार किया है, जो नेपाल के नागरिकों को नौकरी और पढ़ाई के नाम पर ठगी कर रहे थे। पुलिस ने अभियुक्तों के कब्जे से भारी मात्रा में कूटरचित दस्तावेज, आभूषण, लैपटॉप और भारतीय व नेपाली मुद्रा बरामद की है। इस कार्रवाई के फलस्वरूप 453 पीड़ित नेपाली नागरिकों को सुरक्षित उनके देश वापस भेज दिया गया है। पुलिस अधीक्षक श्री केशव कुमार के निर्देशन में, अपर पुलिस अधीक्षक श्री सिद्धार्थ वर्मा के पर्यवेक्षण और क्षेत्राधिकारी कसया श्री कुन्दन कुमार सिंह के नेतृत्व में चलाए गए अभियान के दौरान, थाना कसया क्षेत्र में विभिन्न स्रोतों से सूचना मिली थी कि कुछ नेपाली नागरिक कुशीनगर में किराए के मकान लेकर अपने हमवतनों को नौकरी और मार्केटिंग नेटवर्क के माध्यम से अच्छी कमाई का लालच देकर बुला रहे हैं। इसके बाद वे उनसे धोखाधड़ी कर विभिन्न मदों में धन ऐंठते और उन्हें वापस नेपाल भेज देते थे। सूचना मिलने पर, थाना कसया में अभियोग पंजीकृत कर कई पुलिस टीमें गठित की गईं। दिनांक 31.05.2026 को थाना कसया, सर्विलांस सेल कुशीनगर, SWAT टीम कुशीनगर और STF गोरखपुर यूनिट की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर इन 10 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। बरामदगी में 09 कूटरचित आधार कार्ड, 60 अदद बॉन्ड पेपर, आभूषण, 01 लैपटॉप, ₹60,320/- भारतीय करेंसी, ₹14,290/- नेपाली करेंसी और जॉर्डन देश की एक दीनार करेंसी सहित अन्य सामग्री शामिल है। इस मामले में मु0अ0सं0 319/2026 धारा 61(2), 319(2), 318(4), 336(3), 338, 340(2) बीएनएस के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया है और अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है। पूछताछ के दौरान, अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि वे एक संगठित अंतर्राष्ट्रीय गिरोह के सक्रिय सदस्य हैं। वे नेपाल से कुशीनगर आकर किराए के मकानों में रहते थे और नेपाल के कम पढ़े-लिखे व आर्थिक रूप से कमजोर नागरिकों को नौकरी, पढ़ाई और मार्केटिंग नेटवर्क के नाम पर ठगते थे। गिरोह कूटरचित आधार कार्ड और बॉन्ड पेपर का इस्तेमाल कर पीड़ितों का विश्वास जीतता था, उनसे मोटी रकम वसूल कर आर्थिक शोषण करता था, और फिर ठगी से मिली रकम को आपस में बाँटकर अपना भरण-पोषण करता था। गिरफ्तार अभियुक्तों में दीपक थापा, ओम प्रकाश चौलागाई, नीमा शेरपा, गनेश खत्री, सोजन्य संतन, ज्ञानेन्द्र यादव, विशाल तामंग, सर्वेश प्रताप राव और दो महिलाएँ शामिल हैं।4