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Dr.Sharwan
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- श्रीगंगानगर: नाबालिग के अपहरण व जबरन शादी के आरोपों के बीच पदमपुर थाने में पत्रकार से हुई अभद्रता मामले में आया नया मोड़ , ▶️पिडी़त परिवार ने पदमपुर पुलिस पर लगाये मिलीभगत के संगीन आरोप। ▶️नाबालिग बच्ची का परिवार आया न्यूज 21 के कैमरे पर। ▶️ अपहरण करते बाबा का सीसीटीवी फुटेज आया सामने बच्ची द्वारा बताई गयी जगह से न्यूज 21 नेशनल टीम ने खंगाले फुटेज ▶️ तथाकथित पीरो की मंजार पुजने वाले 7 सीसी के शमसेर सिंह उर्फ सोनू उर्फ शेराबाबा के ज़ुल्म से टुट चुकी एक अन्य महिला ने अधिवक्ता व न्युज टीम को सुनाई दास्तां। **श्रीगंगानगर/पदमपुर।** श्रीगंगानगर जिले के पदमपुर क्षेत्र में नाबालिग बच्ची के कथित अपहरण और जबरन शादी के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। पीड़ित पक्ष ने जहां स्वयं को न्याय से वंचित बताकर पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं, वहीं घटना की कवरेज करने पहुंचे पत्रकार के साथ थाने में कथित अभद्रता और धक्का-मुक्की की गयी व मामले की जानकारी देने से मना कर दिया था। क्या है पूरा मामला? आरोप है कि पदमपुर के गांव 7 सीसी निवासी तथाकथित पीर-सेवक **शमसेर सिह उर्फ शेरा बाबा** ने साधुवाली (श्रीगंगानगर) से एक नाबालिग बच्ची का उस समय अपहरण कर लिया, जब वह घर पर अकेली थी। सांझ को घर लौटी मां को बच्ची नहीं मिली तो आरोप के अनुसार, मां द्वारा फोन करने पर बाबा ने कहा कि बच्ची उसके पास है और उसे वहीं आने को कहा। पीड़ित परिवार का कहना है कि डेढ़-दो साल पहले बच्ची के बीमार होने पर वे बाबा के पास गए थे। इसके बाद आस्था के चलते बच्ची और उसकी मां बाबा के घर बनी मजार पर धोक लगाने के लिए जाते रहे थे। इसी दौरान बाबा की पत्नी ने पीड़िता की मां से मुंहबोली बहन जैसा संबंध बना लिया थख शादी का दबाव और कथित अपहरण नाबालिग बच्ची के मां का आरोप है कि जब उसने बाबा के घर आना-जाना बंद किया तो बाबा ने नाबालिग बच्ची की शादी अपने बेटे से करने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। इनकार करने पर बच्ची का कथित रूप से साधुवाली श्रीगंगानगर से अपहरण कर उसे पदमपुर के गांव 7 सीसी ले जाया गया, जहां जबरन शादी करवाई गई। परिजनों का दावा है कि बच्ची को एक रात घर में रखा गया और उसके साथ आपत्तिजनक फोटो भी खिंचवाई गईं। अगले दिन आरोपी पक्ष बच्ची को लेकर पदमपुर कचहरी पहुंचा और स्टांप पर उसके लालन-पालन व अपने साथ रखने संबंधी लिखत दस्तावेज स्टांप पेपर तैयार करवाने की कोशिश कर था इसी दौरान नाबालिग बच्ची की मां भी कचहरी पदमपुर पुलिस सहायता के लिए पहुंची जैसे कचहरी में गयी तो उसने वहां उसने वकिल के चैम्बर में बच्ची को देखा और पता चला तो महिला ने बाबा ओर उसके साथ आए लोगों का तथा वकिल का विरोध किया। कचहरी में हंगामा, पत्रकार की कवरेज इसी दौरान बच्ची की मां कचहरी पहुंची और विरोध जताया। आरोप है कि बाबा के साथ आई महिलाओं सहित अन्य लोगों ने उसके साथ झगड़ा किया। मौके पर मौजूद न्यूज 21 नेशनल के रिपोर्टर ने स्थिति की जानकारी पदमपुर थाने के प्रभारी **सुमन जयपाल** को दी। बताया गया कि पुलिस ने दोनों पक्षों को थाने बुलाया। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि काउंसलिंग के बहाने पत्रकार और बच्ची की मां को बाहर भेज दिया गया, जबकि बच्ची को अंदर ले जाकर पूछताछ की गई। पत्रकार से कथित अभद्रता न्यूज 21 नेशनल के पदमपुर में तैनात पत्रकार मंगत सिंह जब मामले में आधिकारिक प्रतिक्रिया लेने थाने पहुंचे तो आरोप है कि थानाधिकारी सुमन जयपाल ने प्रतिक्रिया देने से इनकार किया और कथित रूप से अभद्र शब्दों का प्रयोग किया। यह भी आरोप है कि गेट पर तैनात पुलिसकर्मी ने पत्रकार का फोन छीनने की कोशिश की और धक्का-मुक्की की। पीड़िता और मां के आरोप बाद में पीड़िता और उसकी विधवा मां ने कैमरे पर आरोप लगाया कि पुलिस ने उनकी बात नहीं सुनी। बच्ची का दावा है कि ड्यूटी पर तैनात एक महिला पुलिस अधिकारी ने उसे धमकाया बोली—“मुंह खोला तो अंदर पट्टा पड़ा है, चमड़ी उड़ा दूंगी।” जिसका नाम वो कमल मेडम बता रही हैं नाम सम्बोधन से बच्ची को पता है मां का कहना है कि उनसे घटना को लेकर ठीक से पूछताछ ही नहीं की गई। बच्ची की मां ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस वाली महिला ने उसका फोन लेकर बाबा के नम्बर व कोल डिटेल डिलीट कर दिए और मीडिया से मिलने ओर कोई भी जानकारी सांझा करते से रोका गया। पिडि़त महिला से खाली पेज पर अंगुठा निशान करवाकर राजीनामा का कहकर घर भेज दिया। कल महिला ने श्रीगंगानगर जिला कोर्ट में पेश होकर वकिल के माध्यम से इस्तगासा पेश किया गया है। तथा बच्ची के परिजनों ने चाइल्ड हैल्थ केयर में पेश कर वहां लिखित शिकायत दर्ज करवाई गयी तथा बच्ची व उसकी मां के बयान रिकॉर्ड करवाऐ गये। हालांकि इन आरोपों कीअधिकारी पुष्टि अभी नहीं की गयी है। कौन है शेरा बाबा? स्थानीय लोगों के अनुसार, समशेर सिंह उर्फ शेरा बाबा पदमपुर के 7 सीसी गांव का रहने वाला है और पीर की मजार की पूजा करता है व झाड़-फूंक के नाम पर लोगों का इलाज करने का दावा करता है। क्षेत्र में उसके प्रभाव की चर्चा है। कुछ लोगों ने नाम उजागर न करने की शर्त पर आरोप लगाया कि उसने कई शादियां की हैं और महिलाओं का शोषण किया है। इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। शमशेर सिंह उर्फ शेरा बाबा को लेकर एक महिला ने बताया की उसने कुछ समय पहले दो बच्चीयो को दिल्ली में बेच दिया था जिसमे एक बच्ची अनुपगढ की थी और एक बच्ची ओर थी।बाद में उनमे से एक लड़की के परिजन पुलिस केश करके उस लड़की को दिल्ली से वापस लेकर आए थे। ### गंभीर सवाल जब पत्रकार द्वारा पुलिस को अवगत करवाया की नाबालिग शादी हो रही है तो महिला थानाप्रभारी ने काउंसिल करने के बाद मुकदमा दर्ज क्यों नहीं किया जिसकी ये संज्ञेय अपराध का मामला बन रहा था। पुलिस ने कचहरी से उस स्टांप बिक्रेता व वकिल के उस स्टांप को क्यों नहीं जप्त किया जिस पर परिजनो की गैरमौजूदगी में बच्ची के लालन पालन की बात लिखवाई जा रही थी पुलिस ने आपत्तिजनक तस्वीरें जो नाबालिग बच्ची ओर उस लड़के की तथाकथित विडियो सनेपचेट पर डाली गयी उसके आधार पर मुकदमा क्यों नहीं दर्ज किया। पिडी़त महिला व नाबालिग बच्ची को पुलिस ने क्यों धमकाया क्यों कोमल नामक पुलिस अधिकारी व महताब नामक पुलिस अधिकारी ने बच्ची को धमकाने का व पट्टे मारने की बात बोली पुलिस अधिकारियों ने क्यों बच्ची व उसकी मां से खाली पेज पर अंगुठा साइन करवाकर बोले की तुम्हारा राजीनामा हो गया ओर ये कहकर घर भेज दिया। अगर पुलिस थाना प्रभारी मिडिया में आकर ब्यान दे रही है की परिजनों ने कारवाई से मना कर दिया।तो पिडित महिला ने हजारों रुपए खर्च कर क्यों कोर्ट के माध्यम से थाने में इस्तगासा दायर किया। BNS के व्यवहार पर देंखे तो प्रथमदृष्टया ये मामला नाबालिग बच्ची का अपहरण व जबरन शादी व आपत्तिजनक तस्वीरें सोसल मिडिया पर वायरल करने जैसी संगीन धाराओं में होने जैसा लग रहा है।तो पुलिस ने मामले की गम्भीरता को देखते हुए FIR क्यों नहीं दर्ज की। सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट आदेश है की संज्ञेय अपराध के मामले में पुलिस को तुरंत FIR दर्ज करनी होती है तो आखिर FIR दर्ज क्यों नहीं की गयी। *अब क्या* * नाबालिग की कथित जबरन शादी और अपहरण की निष्पक्ष जांच होगी या नहीं ? * पुलिस पर लगे मिलीभगत के आरोपों की जांच कौन करेगा? * मीडिया के साथ कथित दुर्व्यवहार पर क्या कार्रवाई होगी? एक राष्ट्रीय मिडिया के पत्रकार को लेकर पुलिस थाना प्रभारी पर कारवाई होगी या नहीं ये मामला अब सवालों के घेरे में उलझता जा रहा है। फिलहाल मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। यदि आरोप सत्य पाए जाते हैं तो यह न केवल आपराधिक कृत्य बल्कि नाबालिगों की सुरक्षा और पुलिस जवाबदेही पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। **(सभी आरोप पीड़ित पक्ष के बयान पर आधारित हैं। पुलिस और आरोपी पक्ष का आधिकारिक पक्ष उपलब्ध होने पर उसे भी प्रकाशित किया जाएगा।)**1
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