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कांग्रेस के सदस्यों ने पानी की समस्या को लेकर एक रैली का आयोजन किया। इस दौरान उन्होंने मटके फोड़कर अपना विरोध दर्ज कराया।
Shahid hussain
कांग्रेस के सदस्यों ने पानी की समस्या को लेकर एक रैली का आयोजन किया। इस दौरान उन्होंने मटके फोड़कर अपना विरोध दर्ज कराया।
More news from राजस्थान and nearby areas
- नसीराबाद जीनगर समाज ने डिम्पल खत्री हत्याकांड में शामिल दोषी को फाँसी की सज़ा देने की ज़ोरदार माँग उठाई है।1
- राजस्थान के अजमेर जिले के पीसांगन में पुराने पुलिस थाना के पास स्थित श्री राम मंदिर परिसर में प्रदेश की खुशहाली, जनकल्याण और लोकमंगल की कामना के लिए एक विशेष पूजा-अर्चना कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान शासन और प्रशासन के अधिकारियों ने मंत्रोच्चारण के साथ विशेष पूजा-अर्चना की। कार्यक्रम में उपखंड अधिकारी राजीव बडगूजर, तहसीलदार भागीरथ चौधरी, नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी हेमेंद्र सिंह, विकास अधिकारी महेंद्र कुमार मालाकार और जनप्रतिनिधि हरि प्रजापत सहित कई गणमान्य नागरिक और ग्रामीण उपस्थित रहे।1
- राजस्थान के अजमेर जिले के पीसांगन उपखंड अंतर्गत रतनगढ़ गांव के पास खेतों और रपट के समीप से बड़े पैमाने पर अवैध बजरी खनन का कारोबार बेरोकटोक जारी है। सूत्रों के अनुसार, प्रतिदिन लगभग 50 डंपर और ट्रैक्टर-ट्रॉलियाँ अवैध बजरी भरकर यहां से गुजर रही हैं। इतनी भारी मात्रा में अवैध बजरी के परिवहन के बावजूद, प्रशासन रेत माफियाओं पर शिकंजा कसने में पूरी तरह विफल रहा है, और राजनीतिक संरक्षण के कारण इन माफियाओं पर आज तक कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हुई है। इस अवैध उत्खनन में बोट, डंपर और पोकलेन जैसी मशीनों का सरेआम इस्तेमाल किया जा रहा है। चौंकाने वाली बात यह है कि पूर्व में पीसांगन पुलिस ने कुछ कार्रवाई करते हुए कई लोगों को पकड़ा था, लेकिन अब बजरी के कालाबाजारियों के साथ पुलिस के कथित मेलजोल पर सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं। रतनगढ़ क्षेत्र से अवैध बजरी से भरे डंपर अजमेर मार्ग तक पहुँचने के लिए पीसांगन और मांगलियावास थाना क्षेत्रों की सीमाओं से तेज रफ्तार से गुजरते हैं, फिर भी पुलिस प्रशासन ने इन पर कोई कार्रवाई नहीं की है। यह काली रेत का अवैध धंधा जनप्रतिनिधियों और आला अधिकारियों की नाक के नीचे पनप रहा है, जिससे जिला पुलिस अधीक्षक के निर्देशों पर की गई कार्रवाइयों की चर्चा राजनीतिक गलियारों में सुनाई देती रही। जिन स्थानों पर यह अवैध खनन और रेत के ढेर देखे जा रहे हैं, वहाँ खनन के लिए कोई खदान स्वीकृत नहीं है। सूत्रों का दावा है कि राजनीतिक संरक्षण के बिना यह काला कारोबार संभव नहीं है, जिससे अब जिले के जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों पर भी उंगलियां उठने लगी हैं। कुछ महीने पहले, रेत के कालाबाजारियों ने रतनगढ़ के देवरी माता बांध को भी तोड़ दिया था, जिससे उसका सारा पानी बह गया और अवैध खनन का रास्ता साफ हो गया। अब इस बांध से बजरी भरकर निकलने वाले वाहनों के कारण करनोस में अक्सर जाम लगता है, जिसके चलते ग्रामीणों और रेत माफियाओं के बीच झगड़े होते रहते हैं। पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करने के बजाय केवल ग्रामीणों को समझा-बुझाकर मामले को शांत कर देता है। बजरी खनन पर प्रतिबंध के बाद, नदियों और नालों से निकाली जा रही अवैध बजरी के दाम दोगुने हो गए हैं। जो ट्रॉली पहले ₹900-₹1000 में मिलती थी, वह अब ₹1800-₹2000 या उससे भी अधिक में बिक रही है। यह पूरा अवैध कारोबार 'धड़ल्ले से फल-फूल रहा' है, जिसमें 'पुलिस की मिलीभगत' होने का आरोप है, जिससे 'रेत का काला खेल सरेआम जारी' है।4
- भारत को पानी के अंदर दो किलोमीटर की गहराई में एक बड़ा खजाना मिला है, जिसमें गैस के महत्वपूर्ण भंडार शामिल हैं। यह जानकारी राजस्थान के एक रिपोर्टर द्वारा दी जा रही है, जो इस खोज को एक बड़ी खबर बता रहे हैं। यह एक बड़ी खुशखबरी है, क्योंकि इस विशाल खजाने से पेट्रोल और गैस सहित कई चीजें बनाई जा सकती हैं, जो भारत को आगे बढ़ने में मदद करेगा। यह महत्वपूर्ण खोज समुद्र के अंदर दो किलोमीटर की गहराई तक की गई खुदाई के दौरान हुई है। इस विकास को राजस्थान सरकार द्वारा 'हमारे चैनल' पर एक आगामी 'एपिसोड 2' में प्रदर्शित किया जाएगा। रिपोर्टर ने दर्शकों से यह भी आग्रह किया है कि यदि उन्हें इस खबर में कोई भी गड़बड़ी मिलती है तो वे टिप्पणी करके बताएं।1
- ब्यावर में जिला कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री कमल राम मीना की अध्यक्षता में ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग की विभिन्न योजनाओं और बजट घोषणा वर्ष 2026-27 की प्रगति की समीक्षा बैठक 10 जून को शाम 4 बजे कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित की जाएगी। अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. गोपाल लाल मीणा ने यह जानकारी दी है। इस बैठक में महानरेगा/वी.बी. जी राम जी, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), पंडित दीनदयाल उपाध्याय गरीबी मुक्त गांव योजना, राजीविका, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), स्वामित्व योजना, तथा सांसद एवं विधायक क्षेत्रीय विकास योजनाओं सहित विभाग की कई महत्वपूर्ण योजनाओं की प्रगति का गहनता से आकलन किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान 2.0, भारत उद्यान योजना, बर्तन बैंक योजना, और घुमन्तु, अर्द्धघुमन्तु एवं आवासहीन परिवारों से संबंधित योजनाओं की प्रगति का भी अवलोकन होगा। साथ ही, हरियालो राजस्थान अभियान-2026 (एक पेड़ मां के नाम) की तैयारियों और अन्य विभागीय प्रकरणों की भी समीक्षा की जाएगी।1
- जेठाना और मांगलियावास ग्राम सेवा सहकारी समितियों पर मंगलवार को डीएपी खाद लेने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण उमड़ पड़े। दोनों ही समितियों पर खाद वितरण की व्यवस्था को लेकर किसानों ने अपनी नाराजगी जाहिर की है। जानकारी के अनुसार, मांगलियावास और जेठाना दोनों ग्राम सेवा सहकारी समितियों पर 580-580 कट्टे डीएपी खाद पहुंचे थे। मांगलियावास में किसानों ने शुरुआत में व्यवस्था को लेकर रोष प्रकट किया, लेकिन कुछ समय बाद आधे मांगलियावास और आधे बिडिक्चावास सहित अर्जुनपुरा जागीर के किसानों को कट्टे देने की सहमति बनी, जिसके बाद खाद का वितरण किया गया। वहीं, जेठाना ग्राम सेवा सहकारी समिति में सोमवार को खाद वितरण के लिए एक समिति का गठन किया गया था, लेकिन मंगलवार को यह समिति निष्क्रिय दिखी। किसान सुबह 5:00 बजे से ही जेठाना सहकारी समिति पर पहुंचना शुरू हो गए थे और उनके जन आधार कार्ड भी एकत्रित कर लिए गए। हालांकि, वितरण में किसानों ने समिति प्रशासन पर 'अपनों को लाभ' पहुंचाने का आरोप लगाया, जिस पर उन्होंने विरोध प्रकट करना शुरू कर दिया। इस स्थिति को देखते हुए शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए मांगलियावास पुलिस को मौके पर बुलाया गया। मंगलवार दोपहर लगभग 4:00 बजे तक भी जेठाना में खाद वितरण को लेकर ग्रामीण समिति में ही डटे रहे।3
- ब्यावर में 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस-2026 के सफल आयोजन और व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। जिला कलक्टर श्री कमल राम मीना की अध्यक्षता में सोमवार, 8 जून को जिला कलक्टर सभागार में हुई जिला स्तरीय समन्वय समिति की इस बैठक में 21 जून को सुभाष उद्यान, राठी पवेलियन, ब्यावर में होने वाले जिला स्तरीय मुख्य समारोह की तैयारियों की गहन समीक्षा की गई और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। जिला कलक्टर श्री मीना ने योग को भारत की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत बताया, जो स्वस्थ, संतुलित और सकारात्मक जीवनशैली का आधार है। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि वे अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को एक जनआंदोलन का स्वरूप देने और अधिक से अधिक लोगों को योग से जोड़ने के लिए समन्वित रूप से कार्य करें। इसके अतिरिक्त, उन्होंने जनप्रतिनिधियों, विद्यार्थियों, स्वयंसेवी संगठनों, सामाजिक संस्थाओं और आमजन की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने पर बल दिया। बैठक में यह भी बताया गया कि इस वर्ष 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम "योग फॉर हेल्दी एजिंग (Yoga for Healthy Ageing)" निर्धारित की गई है। बैठक के दौरान जिला, ब्लॉक और ग्राम स्तर पर आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा हुई। विभिन्न विभागों को सौंपे गए दायित्वों की समीक्षा करते हुए समय पर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। योग के प्रति जागरूकता बढ़ाने और अधिक से अधिक पंजीकरण कराने के लिए विद्यालयों, महाविद्यालयों, सरकारी कार्यालयों तथा सामाजिक संगठनों के माध्यम से प्रयासों पर जोर दिया गया। आमजन की सुविधा के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की व्यवस्था की गई है और योग संबंधी जानकारी व पंजीकरण हेतु टोल फ्री हेल्पलाइन 1800-315-7008 भी उपलब्ध है। जिला स्तरीय मुख्य समारोह 21 जून 2026 को प्रातः 7 बजे से 8 बजे तक सुभाष उद्यान, राठी पवेलियन, ब्यावर में आयोजित किया जाएगा। इस समारोह में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी, विद्यार्थी, स्वयंसेवी संस्थाएं और बड़ी संख्या में आमजन सामूहिक योगाभ्यास करेंगे। जिला कलक्टर श्री मीना ने सभी विभागों से आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए इस कार्यक्रम को सफल बनाने और अधिकतम जनभागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया। उन्होंने आमजन से भी योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने और योग दिवस कार्यक्रमों में उत्साहपूर्वक भाग लेने की अपील की। बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर श्री ब्रह्मलाल जाट, आयुष विभाग के सहायक निदेशक एवं जिला नोडल अधिकारी डॉ. सी.पी. सेन, जिला स्तरीय समन्वय समिति के सदस्य, विभिन्न विभागों के अधिकारी और संबंधित संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।2
- राजस्थान के बालोतरा जिले के पचपदरा क्षेत्र के एक गांव में 9 जून 2026 को एक बेहद दर्दनाक हादसा हुआ, जहां सीवरेज के गंदे पानी और कीचड़ से भरे एक गहरे गड्ढे/नाले में डूबने से तीन मासूम बच्चों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान 7 वर्षीय सोहन, 8 वर्षीय किशन और 9 वर्षीय विकास के रूप में हुई है। घटना के अनुसार, बच्चे खेलते-खेलते पानी से भरे इस खतरनाक गड्ढे के पास पहुंच गए थे। बच्चों के डूबने की सूचना मिलते ही ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और उन्हें गड्ढे से बाहर निकाला, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने तीनों बच्चों को मृत घोषित कर दिया। इस हृदयविदारक हादसे के बाद पूरे गांव में शोक की लहर फैल गई है। स्थानीय लोगों ने खुले और असुरक्षित नालों व गड्ढों को लेकर प्रशासन की घोर लापरवाही पर गंभीर सवाल उठाए हैं।2
- सोमवार रात्रि को मांगलियावास के डुमाड़ा गांव स्थित विद्युत पावर हाउस पर कार्यरत कर्मचारी हिमांशु पुत्र अमरचंद अचानक करंट की चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के तुरंत बाद ग्रामीणों ने उन्हें अजमेर के जवाहरलाल नेहरू (जेएलएन) अस्पताल पहुंचाया, जहाँ उनका उपचार चल रहा है और उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। समाजसेवी सांवरलाल गुर्जर ने बताया कि हिमांशु एक साधारण और गरीब परिवार से हैं, जिनकी आर्थिक स्थिति कमजोर है। उन्होंने विद्युत विभाग से पीड़ित परिवार को उचित राहत और सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। घटना की जानकारी मिलते ही डुमाड़ा के कनिष्ठ अभियंता और सराधना के सहायक अभियंता सहित विद्युत विभाग के कई कर्मचारी अस्पताल पहुंचे और घायल हिमांशु की कुशलक्षेम जानी। हालांकि, अभी तक करंट लगने के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है। परिजनों और समाजसेवियों द्वारा विद्युत विभाग से हिमांशु और उनके परिवार को जल्द से जल्द आर्थिक सहायता दिलाने की पुरजोर मांग की जा रही है।1