राजस्थान के अजमेर जिले के पीसांगन उपखंड अंतर्गत रतनगढ़ गांव के पास खेतों और रपट के समीप से बड़े पैमाने पर अवैध बजरी खनन का कारोबार बेरोकटोक जारी है। सूत्रों के अनुसार, प्रतिदिन लगभग 50 डंपर और ट्रैक्टर-ट्रॉलियाँ अवैध बजरी भरकर यहां से गुजर रही हैं। इतनी भारी मात्रा में अवैध बजरी के परिवहन के बावजूद, प्रशासन रेत माफियाओं पर शिकंजा कसने में पूरी तरह विफल रहा है, और राजनीतिक संरक्षण के कारण इन माफियाओं पर आज तक कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हुई है। इस अवैध उत्खनन में बोट, डंपर और पोकलेन जैसी मशीनों का सरेआम इस्तेमाल किया जा रहा है। चौंकाने वाली बात यह है कि पूर्व में पीसांगन पुलिस ने कुछ कार्रवाई करते हुए कई लोगों को पकड़ा था, लेकिन अब बजरी के कालाबाजारियों के साथ पुलिस के कथित मेलजोल पर सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं। रतनगढ़ क्षेत्र से अवैध बजरी से भरे डंपर अजमेर मार्ग तक पहुँचने के लिए पीसांगन और मांगलियावास थाना क्षेत्रों की सीमाओं से तेज रफ्तार से गुजरते हैं, फिर भी पुलिस प्रशासन ने इन पर कोई कार्रवाई नहीं की है। यह काली रेत का अवैध धंधा जनप्रतिनिधियों और आला अधिकारियों की नाक के नीचे पनप रहा है, जिससे जिला पुलिस अधीक्षक के निर्देशों पर की गई कार्रवाइयों की चर्चा राजनीतिक गलियारों में सुनाई देती रही। जिन स्थानों पर यह अवैध खनन और रेत के ढेर देखे जा रहे हैं, वहाँ खनन के लिए कोई खदान स्वीकृत नहीं है। सूत्रों का दावा है कि राजनीतिक संरक्षण के बिना यह काला कारोबार संभव नहीं है, जिससे अब जिले के जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों पर भी उंगलियां उठने लगी हैं। कुछ महीने पहले, रेत के कालाबाजारियों ने रतनगढ़ के देवरी माता बांध को भी तोड़ दिया था, जिससे उसका सारा पानी बह गया और अवैध खनन का रास्ता साफ हो गया। अब इस बांध से बजरी भरकर निकलने वाले वाहनों के कारण करनोस में अक्सर जाम लगता है, जिसके चलते ग्रामीणों और रेत माफियाओं के बीच झगड़े होते रहते हैं। पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करने के बजाय केवल ग्रामीणों को समझा-बुझाकर मामले को शांत कर देता है। बजरी खनन पर प्रतिबंध के बाद, नदियों और नालों से निकाली जा रही अवैध बजरी के दाम दोगुने हो गए हैं। जो ट्रॉली पहले ₹900-₹1000 में मिलती थी, वह अब ₹1800-₹2000 या उससे भी अधिक में बिक रही है। यह पूरा अवैध कारोबार 'धड़ल्ले से फल-फूल रहा' है, जिसमें 'पुलिस की मिलीभगत' होने का आरोप है, जिससे 'रेत का काला खेल सरेआम जारी' है।
राजस्थान के अजमेर जिले के पीसांगन उपखंड अंतर्गत रतनगढ़ गांव के पास खेतों और रपट के समीप से बड़े पैमाने पर अवैध बजरी खनन का कारोबार बेरोकटोक जारी है। सूत्रों के अनुसार, प्रतिदिन लगभग 50 डंपर और ट्रैक्टर-ट्रॉलियाँ अवैध बजरी भरकर यहां से गुजर रही हैं। इतनी भारी मात्रा में अवैध बजरी के परिवहन के बावजूद, प्रशासन रेत माफियाओं पर शिकंजा कसने में पूरी तरह विफल रहा है, और राजनीतिक संरक्षण के कारण इन माफियाओं पर आज तक कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हुई है। इस अवैध उत्खनन में बोट, डंपर और पोकलेन जैसी मशीनों का सरेआम इस्तेमाल किया जा रहा है। चौंकाने
वाली बात यह है कि पूर्व में पीसांगन पुलिस ने कुछ कार्रवाई करते हुए कई लोगों को पकड़ा था, लेकिन अब बजरी के कालाबाजारियों के साथ पुलिस के कथित मेलजोल पर सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं। रतनगढ़ क्षेत्र से अवैध बजरी से भरे डंपर अजमेर मार्ग तक पहुँचने के लिए पीसांगन और मांगलियावास थाना क्षेत्रों की सीमाओं से तेज रफ्तार से गुजरते हैं, फिर भी पुलिस प्रशासन ने इन पर कोई कार्रवाई नहीं की है। यह काली रेत का अवैध धंधा जनप्रतिनिधियों और आला अधिकारियों की नाक के नीचे पनप रहा है, जिससे जिला पुलिस अधीक्षक के निर्देशों पर की
गई कार्रवाइयों की चर्चा राजनीतिक गलियारों में सुनाई देती रही। जिन स्थानों पर यह अवैध खनन और रेत के ढेर देखे जा रहे हैं, वहाँ खनन के लिए कोई खदान स्वीकृत नहीं है। सूत्रों का दावा है कि राजनीतिक संरक्षण के बिना यह काला कारोबार संभव नहीं है, जिससे अब जिले के जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों पर भी उंगलियां उठने लगी हैं। कुछ महीने पहले, रेत के कालाबाजारियों ने रतनगढ़ के देवरी माता बांध को भी तोड़ दिया था, जिससे उसका सारा पानी बह गया और अवैध खनन का रास्ता साफ हो गया। अब इस बांध से बजरी भरकर निकलने वाले वाहनों के कारण
करनोस में अक्सर जाम लगता है, जिसके चलते ग्रामीणों और रेत माफियाओं के बीच झगड़े होते रहते हैं। पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करने के बजाय केवल ग्रामीणों को समझा-बुझाकर मामले को शांत कर देता है। बजरी खनन पर प्रतिबंध के बाद, नदियों और नालों से निकाली जा रही अवैध बजरी के दाम दोगुने हो गए हैं। जो ट्रॉली पहले ₹900-₹1000 में मिलती थी, वह अब ₹1800-₹2000 या उससे भी अधिक में बिक रही है। यह पूरा अवैध कारोबार 'धड़ल्ले से फल-फूल रहा' है, जिसमें 'पुलिस की मिलीभगत' होने का आरोप है, जिससे 'रेत का काला खेल सरेआम जारी' है।
- अजमेर जिले के नागेलाव गांव में रिश्तों को शर्मसार करने वाली एक घटना का खुलासा हुआ है, जहाँ एक बेटे ने अपनी ही विधवा माँ के लाखों के जेवर चोरी कर लिए। इस मामले में बड़े बेटे राजू गुर्जर ने गत 9 जून को पीसांगन थाने में अज्ञात चोरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। राजू ने बताया था कि वह अपनी विधवा मां मनभर देवी के साथ गांव में रहता है, और उनकी मां मनरेगा में मजदूरी करती हैं। रिपोर्ट के अनुसार, 8 जून को मां को पैसों की जरूरत पड़ने पर अलमारी खोली गई तो उसमें से ढाई तोला सोने की ठुसी, 1 किलो वजनी चांदी की कणकती, आधा किलो की दूसरी कणकती, 250 ग्राम चांदी के पायजेब और 2,21,000 रुपये नकद गायब मिले। यह नकदी खेत की फसल बेचकर आई बताई गई थी। राजू ने शिकायत में बताया कि लोहे की अलमारी पीछे से मशीन से कटी हुई थी और यह वारदात 30 मई से 7 जून के बीच हुई थी, जिसमें कुल 17 लाख 21 हजार रुपये की चोरी (15 लाख रुपये के जेवरात और 2 लाख 21 हजार रुपये नकद) बताई गई थी। जिला पुलिस उप अधीक्षक अजमेर ग्रामीण दीपेंद्र सैनी ने बताया कि मामले की जांच हैड कांस्टेबल महेश कुमार मीणा को सौंपी गई थी। थानाधिकारी सरोज चौधरी के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम, जिसमें एएसआई फूलसिंह गुर्जर, हैड कांस्टेबल महेश कुमार मीणा, कांस्टेबल सुखराम सेवदा, जगदीश मीणा और दिनेश चौधरी शामिल थे, की तकनीकी जांच और पूछताछ में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि चोरी करने वाला कोई और नहीं, बल्कि शिकायतकर्ता राजू का छोटा भाई सेठाराम उर्फ सेठु ही था। पुलिस ने आरोपी सेठाराम उर्फ सेठु पुत्र स्व. भंवरलाल गुर्जर को गिरफ्तार कर लिया। उसकी निशानदेही पर विधवा मां के 15 लाख रुपये कीमत के सभी सोने-चांदी के जेवरात बरामद कर लिए गए, साथ ही वारदात में इस्तेमाल किया गया कटर भी जब्त किया गया। जांच में यह भी सामने आया कि 2,21,000 रुपये नकदी चोरी होने की बात झूठी थी; आरोपी ने केवल गहने चुराए थे। उसने बाहरी चोरों द्वारा वारदात किए जाने का आभास देने के लिए अलमारी को पीछे से खुद मशीन से काटा था। पुलिस के अनुसार, रील्स बनाने के शौक और 'शौक मौज' की लत के कारण सेठाराम ने इस वारदात को अंजाम दिया था। डिप्टी दीपेंद्र सैनी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है और उससे अन्य वारदातों में उसकी संलिप्तता के बारे में भी पूछताछ की जा रही है। इस घटना से विधवा मां की मेहनत की कमाई पर सगे बेटे की नीयत खराब होने को लेकर गांव में गहरा रोष है, जिसने रिश्तों को तार-तार कर दिया है।4
- रायपुर से एक शर्मनाक तस्वीर सामने आई है, जहाँ गांव में विकास का सिस्टम पूरी तरह फेल होता दिख रहा है। गणेश मंदिर के पास वाली नाली में एक पिकअप गाड़ी फंस गई, जिसे बाहर निकालने के लिए घंटों मशक्कत करनी पड़ी। इस घटना के बाद जनता सवाल उठा रही है कि इसका जिम्मेदार कौन है और क्या यही सच्चा विकास है। लोगों का आक्रोश है कि अगर इस दौरान कोई बड़ा हादसा हो जाता तो उसकी भरपाई कौन करता। जनता का कहना है कि विकास के नाम पर केवल कागजी खानापूर्ति की जा रही है, जबकि धरातल पर जमीनी काम शून्य है।1
- नारी जन जागृति संस्थान और राष्ट्रीय महिला परिषद ने संयुक्त रूप से ब्यावर में बेटियों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के लिए एक विशेष निःशुल्क आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया है। यह चार दिवसीय शिविर ब्यावर की बेटियों को कराटे के दांव-पेंच सीखने के साथ-साथ पारंपरिक रूप से लाठी और तलवार चलाने का अद्भुत हुनर भी प्रदान कर रहा है। इस पहल के माध्यम से, बेटियां अपना अभेद्य कवच स्वयं तैयार कर रही हैं और समाज को निडर होने का महत्वपूर्ण संदेश दे रही हैं।1
- बिजयनगर शहर में अब 'आशियाना आयुर्वेदिक दवाखाना' खुल गया है, जहाँ आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों का उपयोग करके मस्सा, बवासीर, फिशर और नासूर जैसी गंभीर बीमारियों का इलाज किया जाता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहाँ बिना किसी ऑपरेशन, चीर-फाड़ या सर्जरी के पूरी तरह से आयुर्वेदिक पद्धति से उपचार प्रदान किया जाता है। यह विशेष उपचार ब्यावर के प्रसिद्ध वैद्य अफजल पठान द्वारा किया जाता है, जिन्हें पिछले 10 वर्षों का अनुभव है और वे सैकड़ों मरीजों का सफल इलाज कर चुके हैं। दावा किया गया है कि बवासीर का जड़ से इलाज मात्र 20 मिनट में किया जाता है, और पूरी बीमारी 10-15 दिनों के भीतर जड़ से खत्म हो जाती है। यदि आपको या आपके किसी परिचित को इन समस्याओं में से कोई भी है, तो तुरंत वैद्य अफजल पठान से 7568464605 पर संपर्क कर सकते हैं। क्लिनिक 27 मिल से 400 मीटर अंदर, बिजयनगर रोड पर पवन बोरवेल के सामने, कृष्णा ऑटो पार्ट्स के पास, रूप कॉम्प्लेक्स, बिजयनगर में स्थित है।1
- जिला विकास प्राधिकरण द्वारा पट्टों से जुड़े कार्यों के लिए शहरी विकास शिविर 2026 का आयोजन किया गया है। यह शिविर विशेष रूप से नागरिकों को पट्टों से संबंधित सुविधाएँ प्रदान करने के उद्देश्य से लगाया गया था।1
- राजस्थान के जोधपुर से एक मामला सामने आया है जहाँ 12वीं कक्षा में पढ़ने वाली एक 18 वर्षीय छात्रा अपना घर छोड़कर चली गई। परिवार की ओर से आरोप लगाए गए हैं कि छात्रा एक 44 वर्षीय शिक्षक के संपर्क में थी। कुछ दिनों बाद एक वीडियो सामने आया, जिसमें युवती ने दावा किया कि उसने अपनी मर्जी से शादी की है और उसके परिवार को परेशान न किया जाए। इस मामले को लेकर फिलहाल अलग-अलग दावे और आरोप सामने आ रहे हैं। घटना ने शिक्षक-छात्र संबंधों, परिवार की भूमिका और युवाओं पर प्रभाव जैसे कई सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनकी सच्चाई और कानूनी स्थिति का निर्धारण जांच एजेंसियों और संबंधित अधिकारियों द्वारा ही किया जाएगा।1
- अजमेर में 11 दिन के गतिरोध के बाद प्रशासन ने अंततः अस्थाई सफाई कर्मचारियों की मांगों के आगे घुटने टेक दिए हैं। इस घटनाक्रम के साथ ही अजमेर नगर निगम के अस्थाई सफाई कर्मचारियों की चल रही हड़ताल अब समाप्त हो गई है।1
- रिया बड़ी क्षेत्र के किसानों के लिए एक अच्छी खबर है, जहाँ पहली बार 'श्री यश एग्रो सीड' की शुरुआत की गई है। इस पहल के तहत किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सब्जियों और विभिन्न अनाज फसलों के लिए गुणवत्तापूर्ण बीज, उचित खाद तथा कृषि दवाइयों की उपलब्धता शुरू की गई है, जिससे उन्हें खेती से जुड़ी सभी आवश्यक सामग्री एक ही स्थान पर मिलेगी। संस्थान का मुख्य उद्देश्य किसानों को विश्वसनीय और उचित वैरायटी के बीज उपलब्ध कराकर उनकी फसल की गुणवत्ता और उत्पादन को बढ़ाना है। यहाँ उन्नत किस्मों के बीज के साथ-साथ बेहतर उत्पादन के लिए आवश्यक कृषि सामग्री भी उपलब्ध होगी। इसके अलावा, खेती से जुड़ी आवश्यक दवाइयाँ और खाद उचित मार्गदर्शन के साथ प्रदान की जाएगी, ताकि किसान आधुनिक तकनीकों का लाभ उठा सकें। 'श्री यश एग्रो सीड' का यह केंद्र जसनगर रोड पर नाम जी के होटल के पास, सांवर कमेडिया में स्थित है। क्षेत्र के किसानों से आग्रह किया गया है कि वे अपनी फसल की आवश्यकता के अनुसार गुणवत्तापूर्ण बीज एवं कृषि सामग्री का चयन कर बेहतर उत्पादन और अधिक लाभ प्राप्त करें। इस पहल को रिया बड़ी क्षेत्र के किसानों के लिए खेती को अधिक लाभकारी और आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अधिक जानकारी के लिए सांवर कमेडिया में मोबाइल नंबर 8094002238 पर संपर्क किया जा सकता है।1