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शहडोल के सोनी होटल में एक परिवार को जन्मदिन की पार्टी के दौरान तब अप्रिय अनुभव हुआ जब उनके ऑर्डर किए गए डोसे के सांभर में एक कीड़ा और एक मक्खी मिली। यह घटना शहडोल के दरभंगा चौक, चांदनी चौक स्टेशन रोड स्थित सोनी रेस्टोरेंट की है, जहां शाकाहारी लोगों के लिए सतर्क रहने की बात कही गई है। कीड़े और मक्खी से दूषित खाना मिलने के बावजूद, परिवार ने किसी प्रकार का कोई हंगामा नहीं किया। इसके बजाय, उन्होंने इस घटना से संबंधित वीडियो, तस्वीरें और बिल साझा किए हैं।
Shahdol news
शहडोल के सोनी होटल में एक परिवार को जन्मदिन की पार्टी के दौरान तब अप्रिय अनुभव हुआ जब उनके ऑर्डर किए गए डोसे के सांभर में एक कीड़ा और एक मक्खी मिली। यह घटना शहडोल के दरभंगा चौक, चांदनी चौक स्टेशन रोड स्थित सोनी रेस्टोरेंट की है, जहां शाकाहारी लोगों के लिए सतर्क रहने की बात कही गई है। कीड़े और मक्खी से दूषित खाना मिलने के बावजूद, परिवार ने किसी प्रकार का कोई हंगामा नहीं किया। इसके बजाय, उन्होंने इस घटना से संबंधित वीडियो, तस्वीरें और बिल साझा किए हैं।
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- सोशल मीडिया पर भगवान श्रीराम के विरुद्ध आपत्तिजनक चित्र और अभद्र टिप्पणी युक्त पोस्ट करने के मामले में प्रबोध पांडे के खिलाफ थाना में एक शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायतकर्ताओं ने बताया है कि इस पोस्ट से करोड़ों सनातन धर्मावलंबियों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं तथा समाज में वैमनस्य एवं तनाव की स्थिति उत्पन्न होने की आशंका है। उन्होंने प्रशासन से इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी व्यक्ति के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई किए जाने की मांग की है। शिकायत दर्ज कराते समय सिल्लू रजक, अविनाश मिश्रा, धीरू मिश्रा, मुकेश दुवेदी, विकाश जोतवानी, अमन यादव, देव केवट, मोनु सेन, अमित धुर्वे, शनि रिशु पनिका, नितिन सूरी, रज्जन रजक एवं अन्य लोग उपस्थित थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर किसी भी धर्म, देवी-देवता अथवा धार्मिक प्रतीकों का अपमान स्वीकार नहीं किया जा सकता। इन सभी ने कहा कि सभी धर्मों एवं आस्थाओं का सम्मान बनाए रखना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। प्रशासन से यह भी मांग की गई है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, जिससे भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।3
- Post by पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार1
- 21 जून 2026 को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर, अनूपपुर पुलिस लाइन में एक विशाल योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में पुलिस लाइन में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया, जहाँ उन्होंने सामूहिक रूप से योगासनों, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास किया। योग प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में विभिन्न योगासनों और श्वास-प्रक्रियाओं का संचालन किया गया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित वरिष्ठ अधिकारियों ने योग के सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी अनेक लाभों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि नियमित योगाभ्यास से शारीरिक तंदुरुस्ती के साथ-साथ मानसिक संतुलन भी बेहतर होता है, तनाव कम होता है, और कार्यक्षमता व एकाग्रता में वृद्धि होती है। पुलिस विभाग ने यह पहल अधिकारियों और कर्मचारियों को शारीरिक रूप से स्वस्थ, मानसिक रूप से सशक्त तथा अधिक दायित्वनिष्ठ एवं कुशल बनाए रखने के उद्देश्य से की थी। इस अवसर पर, सभी उपस्थित कर्मियों ने अपने दैनिक जीवन में योग को अपनाने का संकल्प लिया।4
- उमरिया जिले के घुलघुली क्षेत्र में आज, 21 जून 2026 को, लगातार दूसरे दिन तेज आंधी-तूफान के साथ झमाझम बारिश दर्ज की गई है। इस बारिश के चलते आम जनता को भीषण गर्मी और उमस से बड़ी राहत मिली है, वहीं खेतों में भी रौनक लौट आई है। ग्रामीण इलाकों में खेती-किसानी की गतिविधियों ने रफ्तार पकड़ ली है, जिससे पूरे क्षेत्र के किसानों के चेहरे खुशी से खिल उठे हैं और उनमें भारी उत्साह की लहर देखी जा रही है।1
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर, माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने योग के महत्व पर प्रकाश डाला है। अपने संदेश में, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि योग सभी को जोड़ने और साथ लाने का कार्य करता है।1
- अनूपपुर पुलिस अधीक्षक विक्रांत मुराब के निर्देश पर अवैध खनिज उत्खनन करने वाले माफिया के खिलाफ लगातार चल रहे अभियान के तहत एक बड़ी कार्रवाई की गई है। 20 जून, 2026 को वेंकटनगर चौकी पुलिस को ग्राम कदमसरा में मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम भेलमा गूजर नाला से अवैध रूप से रेत का उत्खनन कर एक ट्रेक्टर-ट्रॉली लपटा की ओर रेत बेचने जा रही है। इस सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने ग्राम मुण्डा से लपटा की ओर जाने वाले मार्ग पर दबिश दी और अवैध रेत का परिवहन कर रहे एक ट्रेक्टर-ट्रॉली को पकड़ा। इस कार्रवाई में 20 वर्षीय चालक आशीष राठौर को गिरफ्तार किया गया। पुलिस द्वारा रोके जाने पर ट्रेक्टर-ट्रॉली की जाँच की गई तो उसमें 02 घन मीटर रेत खनिज लोड पाया गया। चालक आशीष राठौर, निवासी ग्राम मुण्डा, थाना जैतहरी ने पूछताछ में बताया कि ट्रेक्टर (रजिस्ट्रेशन नंबर MP65ZC7738) उसके पिता होरीलाल राठौर के नाम पर है, जो मजदूरी करने उड़ीसा गए हैं। उसने स्वीकार किया कि रेत गूजर नाला से लाई गई थी और उसके पास रेत परिवहन से संबंधित कोई वैध कागजात (टीपी) नहीं थे। आशीष राठौर ने ट्रेक्टर के रजिस्ट्रेशन कार्ड, बीमा कागजात और अपने लर्निंग लाइसेंस की छायाप्रतियां भी पेश कीं। आशीष राठौर द्वारा अवैध रूप से रेत (खनिज) चोरी कर परिवहन करना पाए जाने पर, उसके विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 303(2), 305(ई), 317(5) और खनिज अधिनियम की धारा 4/21 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। पुलिस ने नीले रंग के स्वराज 742 XT ट्रेक्टर (रजिस्ट्रेशन नंबर MP65ZC7738, इंजन नंबर DE.4001/SHF22348, चेसिस नंबर MBNBT53NDSCF74255) को उसकी ट्रॉली और उसमें लदी 02 घन मीटर अवैध रेत सहित जब्त कर लिया। जब्त किए गए ट्रेक्टर-ट्रॉली और अवैध रेत की कुल अनुमानित कीमत ₹5,03,000/- बताई गई है (जिसमें ट्रेक्टर-ट्रॉली की कीमत ₹5,00,000/- और रेत की कीमत ₹3,000/- शामिल है)। जब्त संपत्ति को वेंकटनगर चौकी परिसर में सुरक्षा के लिए खड़ा कराया गया है। इस पूरी कार्रवाई में चौकी प्रभारी वेंकटनगर उप निरीक्षक प्रवीण कुमार साहू, सहायक उप निरीक्षक सुरेश कुमार अहिरवार और आरक्षक विजय टाटू की सराहनीय भूमिका रही।1
- शहडोल में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 'स्वस्थ आयु के लिए योग' थीम के तहत धूमधाम से आयोजित किया गया। इस गरिमामय कार्यक्रम में सांसद ने मुख्य अतिथि के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।2
- कुछ लोगों द्वारा भरत तिवारी के एनकाउंटर पर हो रहे विरोध-प्रदर्शन पर सवाल उठाने के बीच, उनकी कहानी रोंगटे खड़े कर देने वाली है, जो किसी फिल्म की पटकथा सी लगती है। एक गांव, जो गंगा की बाढ़ में समा गया था, वहां के अधिकतर पिछड़े और दलित आबादी वाले लोगों ने दोबारा बसना शुरू किया। भरत तिवारी ने इन लोगों की बुनियादी जरूरतों के लिए आवाज उठाना शुरू किया, जिसमें नई बस्ती तक सड़क, बिजली, चापाकल और राशन जैसी सुविधाएं शामिल थीं। जिस जगह पर लोग बसे थे, वह काफी नीचे थी और पानी भरने की समस्या थी, जिसके लिए भरत तिवारी लगातार अधिकारियों से मिट्टी भराव की गुहार लगा रहे थे ताकि लोगों को बाढ़ से बचाया जा सके। पिछले एक साल से वह स्थानीय प्रशासन और अधिकारियों से ज्ञापन, बातचीत, दबाव और विरोध प्रदर्शन सहित सभी माध्यमों से लगातार प्रयास कर रहे थे। धीरे-धीरे, प्रशासन ने उन्हें मानसिक रूप से परेशान करना शुरू किया, जिससे वह व्यवस्था से निराश होने लगे और बाद में उन्हें 'मानसिक विक्षिप्त' करार दिया गया। भरत तिवारी को एक सच्चा हिन्दुस्तानी, देशभक्त और राष्ट्रवादी बताया गया, जो जनता के लिए काम करता था और देश से प्रेम करता था। लेकिन जब वह व्यवस्था से हार गया, और "काले अंग्रेजों वाले सिस्टम" ने उसे मजबूर कर दिया, तो इस नौजवान को लगा कि "बहरों को सुनाने के लिए धमाके की जरूरत है।" उसने अपने गले का महावीरी बेचकर हथियार खरीदा और पुलिस वालों को इस बात का आश्वासन देने के लिए मजबूर करने की कोशिश की कि वे झूठे वादे नहीं करेंगे और लोगों का काम पूरा करेंगे। पुलिस ने पहले आश्वासन दिया कि हथियार डालने पर उसके वादे पूरे किए जाएंगे। हालांकि, जैसे ही भरत तिवारी ने हथियार डाला, उन्हें गोली मार दी गई। भरत तिवारी को एक क्रांतिकारी बताया गया है, जिसके अंतिम संस्कार में उमड़ी भारी भीड़ का वीडियो और उन लोगों की बातें, जिनके लिए उन्होंने काम किया, उन्हें 'भगवान' मानती हैं। यह दावा किया जा रहा है कि एनकाउंटर वैसे भी कानूनी रास्ता नहीं है, और एक ऐसे समाजसेवी नौजवान का एनकाउंटर, जिसका कोई आपराधिक पृष्ठभूमि नहीं था, जो व्यवस्था से निराश होकर भटक गया और जिसने सरेंडर भी कर दिया था, "एक सरकारी हत्या" है।1