हरदोई के माधौगंज थानाक्षेत्र के इकसई गांव में हरे और प्रतिबंधित पेड़ों की अवैध कटान का मामला सामने आया है, जिसमें ग्रामीणों की सूचना के बावजूद वन विभाग की टीम मौके पर नहीं पहुंची। ग्रामीणों ने एक ठेकेदार अमरीश से सौदा होने की जानकारी दी थी। जब वन विभाग के वैभव त्रिपाठी से इस विषय पर बात की गई तो उनका कहना था कि जब पेड़ कट जाएं, तब बताना। ठेकेदार अमरीश के खिलाफ अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। बिलग्राम रेंजर के.पी. सिंह से जानकारी लेने पर उन्होंने बताया कि कटान बिना परमिट के कराया जा रहा था और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही, लेकिन यह सोचने का विषय है कि क्या कार्रवाई होगी। इससे कुछ दिन पहले माधौगंज-बिलग्राम-बिल्हौर-कटरा हाईवे पर एक कंटेनर पकड़ा गया था, जिसमें लदी लकड़ी के बारे में आज तक कोई जानकारी नहीं मिली है। यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि उस मामले में क्या कार्रवाई हुई, वह माल किस ठेकेदार का था, किस किस्म की लकड़ी थी और उसका परमिट था या नहीं। दस दिन से अधिक समय बीत जाने के बाद भी रेंजर से लेकर जिले के अधिकारी और कर्मचारी इस बारे में बताने से इनकार कर रहे हैं। इससे यह सवाल उठ रहा है कि क्या कारण है – क्या यह बंद कमरे में जेबें गर्म होने का मामला है या कुछ और? क्या सत्ता के दबाव में अधिकारी-कर्मचारी मीडिया के सामने आकर जानकारी नहीं देना चाहते, या वन विभाग को ठेकेदारों का खौफ सता रहा है? एक तरफ सरकार गांव-गांव और शहर-शहर वन महोत्सव का कार्यक्रम चलाकर लोगों को पौधे लगाने के लिए प्रेरित कर रही है, वहीं दूसरी तरफ ठेकेदार हरे पेड़ों पर आरा चलाकर पर्यावरण को उजाड़ने का काम कर रहे हैं। आरोप है कि यह सब वन विभाग की मिलीभगत से हो रहा है।
हरदोई के माधौगंज थानाक्षेत्र के इकसई गांव में हरे और प्रतिबंधित पेड़ों की अवैध कटान का मामला सामने आया है, जिसमें ग्रामीणों की सूचना के बावजूद वन विभाग की टीम मौके पर नहीं पहुंची। ग्रामीणों ने एक ठेकेदार अमरीश से सौदा होने की जानकारी दी थी। जब वन विभाग के वैभव त्रिपाठी से इस विषय पर बात की गई तो उनका कहना था कि जब पेड़ कट जाएं, तब बताना। ठेकेदार अमरीश के खिलाफ अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। बिलग्राम रेंजर के.पी. सिंह से जानकारी लेने पर उन्होंने बताया कि कटान बिना परमिट के कराया जा रहा था और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही, लेकिन यह सोचने का विषय है कि क्या कार्रवाई होगी। इससे कुछ दिन पहले माधौगंज-बिलग्राम-बिल्हौर-कटरा हाईवे पर एक कंटेनर पकड़ा गया था, जिसमें लदी लकड़ी के बारे में आज तक कोई जानकारी नहीं मिली है। यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि
उस मामले में क्या कार्रवाई हुई, वह माल किस ठेकेदार का था, किस किस्म की लकड़ी थी और उसका परमिट था या नहीं। दस दिन से अधिक समय बीत जाने के बाद भी रेंजर से लेकर जिले के अधिकारी और कर्मचारी इस बारे में बताने से इनकार कर रहे हैं। इससे यह सवाल उठ रहा है कि क्या कारण है – क्या यह बंद कमरे में जेबें गर्म होने का मामला है या कुछ और? क्या सत्ता के दबाव में अधिकारी-कर्मचारी मीडिया के सामने आकर जानकारी नहीं देना चाहते, या वन विभाग को ठेकेदारों का खौफ सता रहा है? एक तरफ सरकार गांव-गांव और शहर-शहर वन महोत्सव का कार्यक्रम चलाकर लोगों को पौधे लगाने के लिए प्रेरित कर रही है, वहीं दूसरी तरफ ठेकेदार हरे पेड़ों पर आरा चलाकर पर्यावरण को उजाड़ने का काम कर रहे हैं। आरोप है कि यह सब वन विभाग की मिलीभगत से हो रहा है।
- हरदोई जिले के पाली थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सहजनपुर में शुक्रवार शाम एक बुजुर्ग दंपत्ति की बिजली का करंट लगने से दर्दनाक मौत हो गई। यह हृदयविदारक घटना तब घटी जब सरस्वती (55 वर्ष) शाम करीब 7 से 8 बजे के बीच घर में पंखे का तार ठीक कर रही थीं और अचानक करंट की चपेट में आ गईं। अपनी पत्नी को तड़पता देख, उन्हें बचाने दौड़े पति राममोहन (60 वर्ष) भी बिजली के तेज करंट की चपेट में आ गए, जिससे मौके पर ही दोनों की मौत हो गई। इस दुखद हादसे के बाद पूरे गांव में गहरा मातम पसर गया है। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंची। अपर पुलिस अधीक्षक (सर्किल शाहाबाद), श्री आलोक राज नारायण ने बताया कि पुलिस ने तत्काल शवों को अपने कब्जे में लेकर पंचायतनामा की कानूनी कार्रवाई पूरी की। इसके बाद, दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया गया है और मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।1
- हरदोई जनपद के सवायजपुर स्थित मत्तीपुर गांव में बिजली विभाग की कथित लापरवाही के कारण एक बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है। कई दिनों से 11 हजार वोल्ट (11 केवी) की हाईटेंशन विद्युत लाइन टूटकर जमीन पर पड़ी है, जिसकी शिकायत के बावजूद विभाग ने इसे ठीक करने की जहमत नहीं उठाई है। इस गंभीर अनदेखी का खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है, जहां अब तक करंट की चपेट में आने से तीन गायों की मौत हो चुकी है। मृत पशुओं के मालिक जोगेन्द्र पाल (पुत्र रामेश्वर दयाल), नरेश शुक्ला (पुत्र विशेश्वर दयाल) और सुशील शुक्ला (पुत्र विशेश्वर दयाल) ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए प्रशासन से उचित मुआवजे की मांग की है। सबसे गंभीर बात यह है कि टूटी हुई हाईटेंशन लाइन एक जूनियर स्कूल के बिल्कुल पास पड़ी है। इसी रास्ते से प्रतिदिन बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे और अन्य ग्रामीण गुजरते हैं, जिससे स्थानीय लोगों में किसी भी समय एक बड़े जानमाल के नुकसान की आशंका गहरी हो गई है। ग्रामीणों के अनुसार, इस मामले की सूचना 33/11 सवायजपुर विद्युत डिवीजन को कई बार दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। बिजली विभाग की इस निरंतर लापरवाही और उदासीनता के चलते ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप की अपील की है। उनकी प्रमुख मांगों में टूटी हुई लाइन को तुरंत दुरुस्त कराना, मृत पशुओं के स्वामियों को उचित मुआवजा प्रदान करना और लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करना शामिल है। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए गए, तो यह अनदेखी किसी बड़ी जनहानि का कारण बन सकती है।4
- पाली थाना क्षेत्र के सहजनपुर गाँव में शुक्रवार शाम करेंट लगने से एक दंपति की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। शुक्रवार की शाम लगभग 7:00 से 8:00 बजे के आसपास पुलिस को सूचना मिली कि 55 वर्षीय सरस्वती, जो एक पंखे के तार को ठीक कर रही थीं, बिजली के करेंट की चपेट में आ गईं। इसी दौरान अपनी पत्नी को बचाने आए उनके 60 वर्षीय पति राममोहन भी करेंट की चपेट में आ गए, जिससे दोनों की तत्काल मृत्यु हो गई। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुँची और नियमानुसार पंचायतनामा की कार्यवाही पूरी की। इसके बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेजा गया। मामले में अन्य आवश्यक कार्यवाही अभी प्रचलित है। इस दुखद घटना के संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक सर्किल शाहाबाद, आलोक राज नारायण द्वारा जानकारी दी गई है।1
- हरदोई के माधोगंज क्षेत्र के जाने-माने और मिलनसार सामाजिक कार्यकर्ता रामस्वरूप 'लेबर' (निवासी तेरवा) का एक सड़क दुर्घटना के बाद इलाज के दौरान निधन हो गया, जिससे पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। बुधवार को रामस्वरूप अपने गांव में सड़क किनारे इंटरलॉकिंग पर खड़े थे, तभी माधोगंज की ओर से तेज रफ्तार बाइक से नशे की हालत में आ रहे राजपाल पुत्र नत्थालाल निवासी सेउड़ई ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। इस दुर्घटना में रामस्वरूप गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल से लखनऊ के मेडिकल कॉलेज स्थित ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया, जहाँ शुक्रवार को डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका और उन्होंने अंतिम सांस ली। रामस्वरूप माधोगंज और आसपास के क्षेत्रों में सभी धार्मिक, सामाजिक और वैवाहिक आयोजनों में पूरी निष्ठा, ईमानदारी और कड़ी मेहनत से अपनी सेवाएं देते थे। उनकी सेवा भावना के कारण वे हर वर्ग के चहेते थे और अपने पीछे एक ऐसा शून्य छोड़ गए हैं जिसकी भरपाई नामुमकिन है। उनके आकस्मिक निधन पर क्षेत्र के व्यापारियों, गणमान्य नागरिकों और ग्रामीणों ने गहरा दुख व्यक्त किया है, इसे समाज के लिए एक अपूर्णीय क्षति बताया है। व्यापारियों ने विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि, "रामस्वरूप जी का जाना बेहद पीड़ादायक है। वे एक सच्चे और कर्मठ इंसान थे जो हर आयोजन को अपना समझकर मेहनत करते थे। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करे और उनके परिजनों को इस असहनीय दुख को सहने की शक्ति दे।"2
- रविवार तड़के गंगा एक्सप्रेस-वे पर पचदेवरा थाना क्षेत्र के सपाभापुर गांव के पास एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। सिद्धार्थनगर से दिल्ली और नोएडा जा रही एक डबल डेकर बस अनियंत्रित होकर एक्सप्रेस-वे से करीब दस फीट नीचे खेत में पलट गई। इस हादसे में लगभग 50 यात्री घायल हो गए, जिनमें से 12 की हालत गंभीर बताई जा रही है। यह घटना रविवार सुबह करीब तीन बजे हुई, जब बस के सामने अचानक एक अन्य वाहन आ गया। चालक ने तुरंत तेज ब्रेक लगाए, जिससे बस का संतुलन बिगड़ गया और वह नीचे खेत में जा गिरी। बस के पलटने के बाद उसमें सवार यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों ने तत्काल राहत कार्य शुरू कर दिया और पुलिस को सूचित किया। पचदेवरा पुलिस भी मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की सहायता से सभी घायलों को सुरक्षित बस से बाहर निकाला। इसके बाद एंबुलेंस के माध्यम से उन्हें शाहजहांपुर जनपद के जलालाबाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) भिजवाया गया। सीएचसी प्रभारी डॉ. दिनेश सिंह के अनुसार, कुल 42 घायलों का उपचार किया गया। इनमें से 12 गंभीर यात्रियों को बेहतर इलाज के लिए राजकीय मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया, जबकि अन्य घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। पुलिस ने बताया कि हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। थाना प्रभारी की सूझबूझ और ग्रामीणों की तत्परता से घायलों को समय पर उपचार मिल सका।4
- हरदोई जिले में हरपालपुर कोतवाली के समीप एक ट्रांसफार्मर के पास कूड़े-कचरे का एक बड़ा और बदबूदार ढेर लगा हुआ है।1
- हरदोई जिले के पाली थाना क्षेत्र के सहजनपुर गांव में एक दुखद घटना सामने आई है, जहाँ घरेलू बिजली के तार की चपेट में आने से पति-पत्नी की मौके पर ही मौत हो गई। अपर पुलिस अधीक्षक (सर्किल शाहाबाद), आलोक राज नारायण ने जानकारी दी कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुँची। पुलिस ने मृतकों के शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और इस मामले में आगे की आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।1
- पाली कस्बे के मोहल्ला आज़ाद नगर में शुक्रवार देर रात करीब 11 बजे ऋषिकांत पाण्डेय के घर में एक अत्यंत विषैला काला कोबरा सर्प निकल आया, जिससे पूरे परिवार में दहशत फैल गई। इस घटना की सूचना मिलते ही रेंजर गिरीश चंद्र श्रीवास्तव के निर्देश पर वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुँची और एक सफल बचाव अभियान चलाकर कोबरा को सुरक्षित तरीके से पकड़ लिया। सर्प निकलने की खबर सुनकर आसपास के लोग भी घटनास्थल पर जमा हो गए। वन विभाग की टीम ने पूरी सतर्कता और सावधानी के साथ रेस्क्यू अभियान को अंजाम दिया और ज़हरीले कोबरा को बिना किसी नुकसान के पकड़ लिया गया। इसके बाद, पकड़े गए सर्प को सुरक्षित तरीके से जंगल में छोड़ दिया गया। इस रेस्क्यू अभियान में वन रक्षक शशिकांत बाजपेई, तकबीर खां, रामवीर और प्रमोद सहित वन विभाग की पूरी टीम मौजूद रही। टीम की इस तत्परतापूर्ण कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया और मोहल्ले के लोगों ने चैन की सांस ली। वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि यदि उन्हें अपने घर या आसपास कोई भी विषैला सर्प दिखाई दे, तो उसे स्वयं पकड़ने का प्रयास न करें। इसके बजाय, उन्हें तत्काल वन विभाग को इसकी सूचना देनी चाहिए, ताकि सर्प का सुरक्षित तरीके से बचाव (रेस्क्यू) कराया जा सके।1
- आज दिनांक 04/07/2026 को थाना कोतवाली शहर क्षेत्रान्तर्गत कन्या पाठशाला इंटर कॉलेज में UPTET परीक्षा-2026 की प्रथम पाली की परीक्षा के दौरान एक गंभीर अनियमितता सामने आई है। परीक्षा सुरक्षा कार्यदायी संस्था-C की रिपोर्ट के अनुसार, परीक्षार्थी अमित कुमार यादव पुत्र कमलेश चन्द्र यादव की बायोमैट्रिक विश्लेषण में उनके व्यक्तिगत एवं शैक्षिक अभिलेखों में भिन्नता और विसंगति पाई गई है। परीक्षार्थी अमित कुमार यादव जनपद कन्नौज के ग्राम बखारी पोस्ट भौराजपुर तहशील छिबरामऊ थाना विशुनगढ़ के निवासी हैं। इस संबंध में थाना कोतवाली शहर पर सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर वैधानिक कार्यवाही प्रचलित है। इस पूरे मामले को लेकर क्षेत्राधिकारी नगर श्री अजीत चौहान द्वारा एक बाइट (बयान) भी दी गई है।1