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हरदोई जिले के पाली थाना क्षेत्र के सहजनपुर गांव में एक दुखद घटना सामने आई है, जहाँ घरेलू बिजली के तार की चपेट में आने से पति-पत्नी की मौके पर ही मौत हो गई। अपर पुलिस अधीक्षक (सर्किल शाहाबाद), आलोक राज नारायण ने जानकारी दी कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुँची। पुलिस ने मृतकों के शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और इस मामले में आगे की आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।
SV भारत न्यूज़ संवाददाता रामबाबू
हरदोई जिले के पाली थाना क्षेत्र के सहजनपुर गांव में एक दुखद घटना सामने आई है, जहाँ घरेलू बिजली के तार की चपेट में आने से पति-पत्नी की मौके पर ही मौत हो गई। अपर पुलिस अधीक्षक (सर्किल शाहाबाद), आलोक राज नारायण ने जानकारी दी कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुँची। पुलिस ने मृतकों के शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और इस मामले में आगे की आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।
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- हरदोई के गांधी भवन में 5 जुलाई 2026 को ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद जी महाराज का आगमन हुआ, जिसके दर्शन के लिए शहर और आसपास के क्षेत्रों से श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। इस अवसर पर महाराज जी ने उपस्थित भक्तों को अपना आशीर्वचन दिया और उन्हें धर्म के मार्ग पर चलने का संदेश भी प्रदान किया। उनके आगमन और प्रवचन के दौरान पूरा गांधी भवन परिसर 'हर हर महादेव' के जयघोष से गूंज उठा। सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह से सतर्क और मुस्तैद रहा।1
- अहिरोरी ब्लॉक के सरकारी अस्पताल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। जानकारी के अनुसार, एक लड़का अपनी बकरी को इंजेक्शन लगवाने के लिए अस्पताल पहुंचा था, जहाँ डॉक्टर ने कथित तौर पर इस सेवा के लिए ₹300 की मांग की। यह वीडियो अब व्यापक रूप से प्रसारित हो रहा है।1
- हरदोई जिले के पिहानी थाने में सावन के संबंध में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया है। इस बैठक में कई फैसले लिए गए हैं, जिनके अनुसार सावन के दौरान न तो तेज आवाज में डीजे बजाए जाएंगे और न ही सड़कों पर मीट-मछली की दुकानें लगाई जाएंगी।1
- हरदोई के माधौगंज थानाक्षेत्र के इकसई गांव में हरे और प्रतिबंधित पेड़ों की अवैध कटान का मामला सामने आया है, जिसमें ग्रामीणों की सूचना के बावजूद वन विभाग की टीम मौके पर नहीं पहुंची। ग्रामीणों ने एक ठेकेदार अमरीश से सौदा होने की जानकारी दी थी। जब वन विभाग के वैभव त्रिपाठी से इस विषय पर बात की गई तो उनका कहना था कि जब पेड़ कट जाएं, तब बताना। ठेकेदार अमरीश के खिलाफ अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। बिलग्राम रेंजर के.पी. सिंह से जानकारी लेने पर उन्होंने बताया कि कटान बिना परमिट के कराया जा रहा था और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही, लेकिन यह सोचने का विषय है कि क्या कार्रवाई होगी। इससे कुछ दिन पहले माधौगंज-बिलग्राम-बिल्हौर-कटरा हाईवे पर एक कंटेनर पकड़ा गया था, जिसमें लदी लकड़ी के बारे में आज तक कोई जानकारी नहीं मिली है। यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि उस मामले में क्या कार्रवाई हुई, वह माल किस ठेकेदार का था, किस किस्म की लकड़ी थी और उसका परमिट था या नहीं। दस दिन से अधिक समय बीत जाने के बाद भी रेंजर से लेकर जिले के अधिकारी और कर्मचारी इस बारे में बताने से इनकार कर रहे हैं। इससे यह सवाल उठ रहा है कि क्या कारण है – क्या यह बंद कमरे में जेबें गर्म होने का मामला है या कुछ और? क्या सत्ता के दबाव में अधिकारी-कर्मचारी मीडिया के सामने आकर जानकारी नहीं देना चाहते, या वन विभाग को ठेकेदारों का खौफ सता रहा है? एक तरफ सरकार गांव-गांव और शहर-शहर वन महोत्सव का कार्यक्रम चलाकर लोगों को पौधे लगाने के लिए प्रेरित कर रही है, वहीं दूसरी तरफ ठेकेदार हरे पेड़ों पर आरा चलाकर पर्यावरण को उजाड़ने का काम कर रहे हैं। आरोप है कि यह सब वन विभाग की मिलीभगत से हो रहा है।2
- 81 दिवसीय 'गविष्टि गो-रक्षार्थ-धर्मयुद्ध यात्रा' के तहत शनिवार को शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के हरदोई के शाहाबाद पहुंचने पर हजारों श्रद्धालुओं ने उनका पुष्पवर्षा और फूल-मालाओं के साथ जोरदार स्वागत किया। इस दौरान पूरे नगर में भारी धार्मिक उत्साह देखने को मिला, जिससे यात्रा का माहौल भक्तिमय हो गया। शंकराचार्य ने इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए गौ-संरक्षण का एक कड़ा संदेश दिया। उन्होंने श्रद्धालुओं को संकल्प दिलाया कि गौमाता को पशु सूची से हटाकर 'राज्यमाता' का संवैधानिक दर्जा दिलाने के लिए देशव्यापी जनजागरण अभियान चलाया जाएगा। इसके साथ ही, उन्होंने सरकार से यह भी मांग की कि गौमाता को उनका वास्तविक संवैधानिक सम्मान शीघ्र प्रदान किया जाना चाहिए। लखीमपुर से शाहाबाद पहुंची इस यात्रा का अगला पड़ाव सवायजपुर है। यात्रा के माध्यम से भारतीय संस्कृति की रक्षा और गौमाता के सम्मान के लिए लोगों से व्यापक जनसमर्थन जुटाने की अपील की जा रही है, ताकि इस महत्वपूर्ण उद्देश्य को राष्ट्रीय स्तर पर गति मिल सके।1
- हरदोई के थाना पाली क्षेत्र के ग्राम सहजनपुर में गुरुवार शाम एक दर्दनाक हादसे में पति-पत्नी की करंट लगने से मौत हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, 55 वर्षीय सरस्वती घर में पंखे के तार को ठीक कर रही थीं, तभी अचानक उन्हें बिजली का करंट लग गया। अपनी पत्नी को बचाने के प्रयास में उनके पति, 60 वर्षीय राममोहन, भी करंट की चपेट में आ गए। पंखा से करंट लगने के कारण दोनों गंभीर रूप से झुलस गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही थाना पाली पुलिस मौके पर पहुंची और नियमानुसार पंचायतनामा की कार्रवाई पूरी कर दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस के अनुसार, मामले में अन्य आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है। अपर पुलिस अधीक्षक शाहाबाद, श्री आलोक राज नारायण ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस द्वारा नियमानुसार सभी आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।1
- शनिवार को शाहाबाद (हरदोई) के अल्लाहपुर चौराहे पर ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य जगद्गुरु स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का श्रद्धालुओं ने भव्य स्वागत किया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने जयघोष करते हुए उनके चरणों में पुष्पवर्षा की। शंकराचार्य ने अपने संबोधन में सरकार से गौमाता को 'राज्यमाता' घोषित करने की मांग की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि यदि सरकार इस मांग को पूरा करने में समर्थ नहीं होती है, तो आने वाले चुनाव में वे भी सरकार को वोट देने में समर्थ नहीं होंगे। उनके इस वक्तव्य का उपस्थित सभी श्रद्धालुओं ने जयघोष कर प्रबल समर्थन किया। इसके बाद शंकराचार्य अपने निर्धारित कार्यक्रम के लिए आगे रवाना हो गए। इस मौके पर पत्रकारों से उनकी कोई औपचारिक वार्ता नहीं हुई।4
- ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज की 81 दिवसीय 'गविष्टि गो-रक्षार्थ-धर्मयुद्ध यात्रा' गौमाता को 'राज्यमाता' का संवैधानिक दर्जा दिलाने की मांग के साथ हरदोई जिले के शाहाबाद पहुँची। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य गौवंश को पशुओं की सूची से बाहर निकालकर उन्हें देश में 'राज्यमाता' के रूप में स्थापित करना है। शाहाबाद पहुँचने पर शंकराचार्य के काफिले का स्थानीय लोगों और गौ-भक्तों ने भव्य और ऐतिहासिक स्वागत किया, जहाँ श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा और उन्होंने पुष्पवर्षा व जयघोष के साथ अपनी भक्ति प्रकट की। क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण के बीच, जनसभा को संबोधित करते हुए शंकराचार्य ने गौमाता को सनातन धर्म का आधार बताया और कहा कि उनका सम्मान हमारा परम कर्तव्य है। उन्होंने उपस्थित श्रद्धालुओं को गौ-रक्षा का संकल्प भी दिलाया, यह स्पष्ट करते हुए कि जब तक गौमाता को 'राज्यमाता' का सम्मान नहीं मिलता, यह धर्मयुद्ध जारी रहेगा। शंकराचार्य ने केंद्र और राज्य सरकारों से पुरजोर मांग की कि गौमाता को तत्काल 'पशु' की श्रेणी से बाहर किया जाए और उन्हें 'राज्यमाता' घोषित कर संवैधानिक सम्मान प्रदान किया जाए, जिसकी वे अधिकारी हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि गौ-रक्षा केवल एक धार्मिक मुद्दा नहीं है, बल्कि भारतीय संस्कृति और अर्थव्यवस्था को सुरक्षित रखने का एक बड़ा अभियान है। इस पूरे कार्यक्रम के दौरान स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा बल मुस्तैद रहे।1