एक पिता में अपनी लाडली बेटी की बिंदोरी हाथी के ऊपर निकाली शहर डीजे का साथ अजमेर के वैशाली नगर में एक अनोखी और हृदयस्पर्शी घटना ने पूरे इलाके में खुशी की लहर दौड़ा दी। यहां एक पिता ने अपनी लाड़ली बिटिया की बिंदौरी को बेहद धूमधाम और राजसी अंदाज में निकाला। खास बात यह थी बिटिया को हाथी के ऊपर बिठाकर घुमाया गया। पिता ने खास तौर पर एक प्रशिक्षित हाथी बुक किया, जो राजस्थान की परंपराओं में शाही सवारी का प्रतीक माना जाता है। हाथी को सुंदर झूल, फूलों की मालाओं और चमकीले कपड़ों से सजाया गया। बिटिया को हाथी के हौदे पर सुरक्षित तरीके से बिठाया गया, जहां परिवार की महिलाएं और रिश्तेदार उसके साथ बैठे थे।धूमधाम से ही वैशाली नगर के गलियां रंग-बिरंगे फूलों, गुब्बारों और झंडियों से सजी हुई थीं। डीजे पर राजस्थानी लोकगीत और भजन गूंज रहे थे। बारात की तरह ढोल-नगाड़े, बैंड-बाजे और नाच-गाने के साथ बिंदौरी निकाली गई। हाथी के आगे-पीछे दर्जनों लोग नाचते-गाते चल रहे थे। कुछ युवा तो हाथी के साथ चलते हुए पारंपरिक नृत्य कर रहे थे। पिता ने बताया, "मैंने देखा है कि बेटों की बिंदौरी या जन्मोत्सव में हाथी-घोड़े निकाले जाते हैं, लेकिन बेटियों के साथ ऐसा कम होता है। इसलिए मैंने सोचा कि मेरी बिटिया को भी वही राजसी सम्मान मिलना चाहिए। यह सिर्फ उत्सव नहीं, बल्कि बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के संदेश को मजबूत करने का प्रयास है। बेटियां भी बेटों से कम नहीं हैं बिंदौरी के दौरान विभिन्न समाजों के लोग शामिल हुए। महिलाओं ने मेहंदी और चुनरी पहनकर नाच-गाया। वैशाली नगर के मुख्य मार्गों से होकर मंदिर पहुंची। वहां पूजा-अर्चना के बाद प्रसाद वितरित किया गया।बेटियों के लिए प्रेरणा यह घटना राजस्थान की उन परंपराओं को याद दिलाती है जहां कभी-कभी बेटियों को घोड़ी या हाथी पर बिठाकर बिंदौरी निकाली जाती रही है, लेकिन वैशाली नगर में यह काफी समय बाद हुआ। पिता की यह इच्छा न सिर्फ परिवार के लिए, बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणास्रोत बनी। कई लोग कह रहे हैं कि ऐसे आयोजन बढ़ने चाहिए ताकि बेटियों को जन्म से ही सम्मान मिले।
एक पिता में अपनी लाडली बेटी की बिंदोरी हाथी के ऊपर निकाली शहर डीजे का साथ अजमेर के वैशाली नगर में एक अनोखी और हृदयस्पर्शी घटना ने पूरे इलाके में खुशी की लहर दौड़ा दी। यहां एक पिता ने अपनी लाड़ली बिटिया की बिंदौरी को बेहद धूमधाम और राजसी अंदाज में निकाला। खास बात यह थी बिटिया को हाथी के ऊपर बिठाकर घुमाया गया। पिता ने खास तौर पर एक प्रशिक्षित हाथी बुक किया, जो राजस्थान की परंपराओं में शाही सवारी का प्रतीक माना जाता है। हाथी को सुंदर झूल, फूलों की मालाओं और चमकीले कपड़ों से सजाया गया। बिटिया को हाथी के हौदे पर सुरक्षित तरीके से बिठाया गया, जहां परिवार की महिलाएं और रिश्तेदार उसके साथ बैठे थे।धूमधाम से ही वैशाली नगर के गलियां रंग-बिरंगे फूलों, गुब्बारों और झंडियों से सजी हुई थीं। डीजे पर राजस्थानी लोकगीत और भजन गूंज रहे थे। बारात की तरह ढोल-नगाड़े, बैंड-बाजे और नाच-गाने के साथ बिंदौरी निकाली गई। हाथी के आगे-पीछे दर्जनों लोग नाचते-गाते चल रहे थे। कुछ युवा तो हाथी के साथ चलते हुए पारंपरिक नृत्य कर रहे थे। पिता ने बताया, "मैंने देखा है कि बेटों की बिंदौरी या जन्मोत्सव में हाथी-घोड़े निकाले जाते हैं, लेकिन बेटियों के साथ ऐसा कम होता है। इसलिए मैंने सोचा कि मेरी बिटिया को भी वही राजसी सम्मान मिलना चाहिए। यह सिर्फ उत्सव नहीं, बल्कि बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के संदेश को मजबूत करने का प्रयास है। बेटियां भी बेटों से कम नहीं हैं बिंदौरी के दौरान विभिन्न समाजों के लोग शामिल हुए। महिलाओं ने मेहंदी और चुनरी पहनकर नाच-गाया। वैशाली नगर के मुख्य मार्गों से होकर मंदिर पहुंची। वहां पूजा-अर्चना के बाद प्रसाद वितरित किया गया।बेटियों के लिए प्रेरणा यह घटना राजस्थान की उन परंपराओं को याद दिलाती है जहां कभी-कभी बेटियों को घोड़ी या हाथी पर बिठाकर बिंदौरी निकाली जाती रही है, लेकिन वैशाली नगर में यह काफी समय बाद हुआ। पिता की यह इच्छा न सिर्फ परिवार के लिए, बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणास्रोत बनी। कई लोग कह रहे हैं कि ऐसे आयोजन बढ़ने चाहिए ताकि बेटियों को जन्म से ही सम्मान मिले।
- दिल्ली में त्यौहार के दिन जिस प्रकार से तरुण खटीक की हुई निर्मम हत्या के हत्या के विरोध में खटीक समाज हुआ लामबंद, डाक बंगले से सैकड़ो की तादाद में रैली के रूप में पहुंच जिला मुख्यालय किया विरोध प्रदर्शन, अजमेर जिला कलेक्टर को प्रधानमंत्री के नाम सौपा आरोपियों की फांसी की मांग और पीड़ित परिवार को एक करोड रुपए की मुआवजे और सरकारी नौकरी की करी मांग1
- जयपुर के दूदू इलाके से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। देर रात घरेलू विवाद के चलते एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी और 8 साल की मासूम बेटी की तलवार से बेरहमी से हत्या कर दी। बताया जा रहा है कि वारदात के बाद आरोपी पूरी रात दोनों शवों के पास ही बैठा रहा। सुबह होते ही उसने खुद गांव वालों को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, घर को सील कर आरोपी को हिरासत में ले लिया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। आप इस घटना को लेकर क्या कहना चाहेंगे? अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं।1
- Post by Moinuddin Khan1
- Post by Rajevishnoi rawla1
- 20 din se jyada ho gaye hai gaw walo ko miti hi khilayga ya rod ki marmat krga1
- अजमेर में ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है। शातिर ठगों ने घर की खुदाई में सोना निकलने का झांसा देकर पाली निवासी पीड़ित को अपने जाल में फंसा लिया। आरोपियों ने पहले जयपुर के चांदपोल इलाके में पीड़ित को असली सोना दिखाकर उसका विश्वास जीत लिया। इसके बाद अजमेर के पुरानी RPSC बस स्टैंड पर नकली सोना थमाकर करीब 10 लाख रुपए लेकर फरार हो गए। पीड़ित लखन सिंह ने इस मामले में सिविल लाइन थाने में मुकदमा दर्ज करवाया है और पुलिस मामले की जांच में जुटी है।1
- गर्मी शुरू होते ही बढ़ने लगी पानी की समस्या, लोहागल के क्षेत्रवासी पहुंचे जिला कलेक्ट्रेट किया प्रदर्शन।।1
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