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सुसनेर में पशुओं का आतंक: प्रमुख मार्गों में आवारा कुत्ते-सांड से बढ़ रहा दुर्घटनाओं का खतरा जिम्मेदारो से शिकायत पर भी कोई सुनवाई नही, पार्षद प्रतिनिधि पवन शर्मा ने उठाई आवाज
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सुसनेर में पशुओं का आतंक: प्रमुख मार्गों में आवारा कुत्ते-सांड से बढ़ रहा दुर्घटनाओं का खतरा जिम्मेदारो से शिकायत पर भी कोई सुनवाई नही, पार्षद प्रतिनिधि पवन शर्मा ने उठाई आवाज
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- बैग लेस दिवस पर इको क्लब सदस्यों ने किया पौधारोपण, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश1
- लाखों की लागत से बना अतिरिक्त कक्ष उपेक्षा की भेंट, गंदगी और कांटेदार झाड़ियों से घिरा भवन; रखरखाव के अभाव में जर्जर होने की कगार पर सरकारी संपत्ति मोहन बड़ोदिया | राजेश जामलिया विकासखंड मोहन बड़ोदिया के ग्राम मोहना स्थित शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय परिसर में लाखों रुपए की लागत से निर्मित अतिरिक्त कक्ष इन दिनों विभागीय उपेक्षा का शिकार बना हुआ है। विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाए गए इस भवन के चारों ओर गंदगी का अंबार लगा हुआ है। परिसर में ऊंची घास, कांटेदार झाड़ियां और जंगली पौधे उग आने से भवन की सुंदरता पूरी तरह खत्म हो गई है। नियमित साफ-सफाई और रखरखाव नहीं होने के कारण भवन धीरे-धीरे जर्जर होने की स्थिति में पहुंचता जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार प्रत्येक वर्ष शिक्षा के क्षेत्र में करोड़ों रुपए खर्च कर नए विद्यालय भवन, अतिरिक्त कक्ष और अन्य आधारभूत सुविधाओं का निर्माण कराती है, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर वातावरण में शिक्षा मिल सके। लेकिन निर्माण कार्य पूरा होने के बाद इन भवनों के संरक्षण और रखरखाव की ओर संबंधित विभाग और विद्यालय प्रबंधन का ध्यान नहीं रहता। इसका परिणाम यह है कि लाखों रुपए की लागत से बनी सरकारी संपत्ति समय से पहले ही बदहाल होने लगती है। ग्रामीणों ने बताया कि अतिरिक्त कक्ष के आसपास लंबे समय से सफाई नहीं होने के कारण झाड़ियां इतनी घनी हो गई हैं कि भवन तक पहुंचना भी मुश्किल हो रहा है। बरसात के मौसम में इन झाड़ियों में सांप, बिच्छू और अन्य जहरीले जीव-जंतुओं के छिपे रहने की आशंका बनी रहती है, जिससे विद्यालय आने वाले बच्चों और शिक्षकों की सुरक्षा पर भी खतरा मंडरा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते भवन की साफ-सफाई, रंग-रोगन और नियमित रखरखाव नहीं कराया गया तो आने वाले समय में यह अतिरिक्त कक्ष पूरी तरह जर्जर होकर अनुपयोगी हो सकता है। इससे सरकार द्वारा खर्च की गई लाखों रुपए की राशि व्यर्थ साबित होगी। ग्रामीणों ने मांग की है कि शिक्षा विभाग तत्काल इस ओर ध्यान देकर परिसर की साफ-सफाई कराए, झाड़ियों को हटवाए तथा भवन का संरक्षण सुनिश्चित करे। सरकारी संपत्ति के संरक्षण की जिम्मेदारी तय हो ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालयों में निर्मित भवन केवल निर्माण तक सीमित नहीं रहने चाहिए, बल्कि उनका नियमित रखरखाव भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए। यदि जिम्मेदार अधिकारी समय-समय पर निरीक्षण करें और रखरखाव की व्यवस्था सुनिश्चित करें तो सरकारी भवन वर्षों तक सुरक्षित रह सकते हैं और विद्यार्थियों को उनका पूरा लाभ मिल सकेगा। क्या बोले प्राचार्य इस संबंध में शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय मोहना के प्राचार्य नंदकिशोर अंबावटीया ने बताया कि "वर्तमान में इस अतिरिक्त कक्ष का उपयोग नहीं किया जा रहा है। इसी कारण इसकी नियमित साफ-सफाई नहीं हो पा रही है।" बीआरसी ने दिया जांच का आश्वासन जब इस संबंध में भास्कर प्रतिनिधि ने बीआरसी गोकुल प्रसाद कुलमिया से चर्चा की तो उन्होंने कहा, "मुझे आपके माध्यम से इस मामले की जानकारी मिली है। मामले की जांच कराई जाएगी और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।" ग्रामीणों को उम्मीद है कि विभागीय अधिकारियों के संज्ञान में मामला आने के बाद विद्यालय परिसर की साफ-सफाई कराकर अतिरिक्त कक्ष का संरक्षण किया जाएगा, ताकि सरकारी धन से निर्मित यह भवन आने वाले वर्षों तक विद्यार्थियों के उपयोग में आ सके।1
- प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस में पौधारोपण, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश शाजापुर। प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस बी.के.एस.एन. शासकीय महाविद्यालय, शाजापुर में रविवार दोपहर 12 बजे के करीब "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान के तहत महाविद्यालय के स्टाफ एवं विद्यार्थियों ने परिसर में पौधारोपण किया। इस दौरान सभी ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए लगाए गए पौधों के संरक्षण एवं नियमित देखभाल का संकल्प लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य हरित एवं स्वच्छ वातावरण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना और प्रकृति संरक्षण के लिए युवाओं की सहभागिता सुनिश्चित करना रहा।1
- आलोट खेत पर तार फेंसिंग के लिए दिलीप जी पाटन से संपर्क कीजिए +91 96446 590941
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- सालरिया गौ अभ्यारण्य पहुंचे कलेक्टर और SP | गौ पूजन के बाद लिया व्यवस्थाओं का जायजा कलेक्टर डॉ. शेर सिंह मीना एवं पुलिस अधीक्षक दिलीप कुमार सोनी ने सालरिया स्थित कामधेनु गौ अभ्यारण्य का निरीक्षण किया। इस दौरान गौ पूजन, पौधरोपण तथा गौशाला की व्यवस्थाओं का जायजा लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। देखें पूरी रिपोर्ट। 👉 हर खबर, आपके साथ 🙏 वीडियो पसंद आए तो Like करें, Share करें, Channel को Subscribe करें और ज्यादा से ज्यादा Support करें। #Hashtags #SusnerNews #AgarMalwa #KamdhenuGaushala #Salaria #Collector #SP #Gaushala #CowProtection #MPNews #BreakingNews #HindiNews #Plantation #GauPoojan #ViralNews #LocalNews Tags Susner News, Agar Malwa News, Salaria Gaushala, Kamdhenu Gaushala, Collector Inspection, SP Inspection, Dr Sher Singh Meena, Dilip Kumar Soni, Gau Poojan, Plantation, MP News, Hindi News, Breaking News, Cow Protection, Local News, Susner, Agar Malwa, News Today, Viral News, Latest News @Tags @CollectorMP @MPPolice @CMMadhyaPradesh @News @HindiNews @BreakingNews @LocalNews1
- बीमा कंपनी का पुतला दहन, हजारों किसानों का आक्रोश फूटा 30 जुलाई से जारी भारतीय किसान संघ का अनिश्चितकालीन धरना, बोले किसान नेता—"जब तक किसानों के खातों में राशि नहीं आएगी, आंदोलन रहेगा जारी" रायपुर 2 अगस्त। भारतीय किसान संघ तहसील बकानी के नेतृत्व में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (खरीफ-2025) की बकाया बीमा दावा राशि एवं राज्य सरकार द्वारा आपदा प्रबंधन राहत कोष से स्वीकृत मुआवजा किसानों के खातों में जमा नहीं होने के विरोध में 30 जुलाई से चल रहा अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन रविवार को और अधिक उग्र रूप में दिखाई दिया। धरना स्थल से किसानों ने लगभग दो किलोमीटर लंबी विशाल रैली निकालते हुए एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी (फसल बीमा कंपनी) का पुतला बकानी के प्रमुख मार्गों से होते हुए बस स्टैंड तक ले जाया। रैली के दौरान किसानों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए "बीमा कंपनी होश में आओ", "हम अपना अधिकार मांगते, नहीं किसी से भीख", "अभी तो ली है अंगड़ाई, आगे और लड़ाई है" जैसे गगनभेदी नारों से पूरे नगर को गुंजायमान कर दिया। बस स्टैंड बकानी पर किसानों ने बीमा कंपनी का पुतला दहन कर अपना आक्रोश व्यक्त किया। इसके बाद सभी किसान पुनः धरना स्थल पहुंचे, जहां आगामी आंदोलन की रणनीति पर चर्चा की गई। इस अवसर पर किसान नेताओं ने कहा कि खरीफ-2025 की फसल खराब हुए लगभग दस माह बीत चुके हैं, लेकिन आज तक किसानों के खातों में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की राशि नहीं पहुंची है। वहीं राज्य सरकार द्वारा आपदा प्रबंधन राहत कोष से घोषित मुआवजा भी बड़ी संख्या में किसानों को प्राप्त नहीं हुआ है। मजबूर होकर किसानों को खेत छोड़कर सड़कों पर उतरना पड़ रहा है, जबकि किसान का वास्तविक स्थान खेतों में रहकर देश के अन्न भंडार भरना है। किसान नेताओं ने बताया कि झालावाड़ जिले के किसानों के लिए लगभग 260 करोड़ रुपये की बीमा राशि स्वीकृत की जा चुकी है, लेकिन अभी भी लगभग 170 करोड़ रुपये किसानों के खातों में पहुंचना शेष है। किसानों की स्पष्ट मांग है कि जब तक प्रत्येक पात्र किसान के खाते में बीमा एवं मुआवजा राशि जमा नहीं हो जाती, तब तक आंदोलन निरंतर जारी रहेगा। नेताओं ने सरकार एवं बीमा कंपनी पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि स्वीकृत राशि समय पर किसानों तक पहुंचानी ही नहीं थी तो ऐसी घोषणाएं क्यों की गईं। किसानों ने कभी बीमा कंपनियों से लाभ की भीख नहीं मांगी, बल्कि अपने अधिकार की मांग कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बड़ी-बड़ी बीमा कंपनियां किसानों के नाम पर लाभ कमाने में लगी हैं, जबकि किसान अपने ही अधिकार के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि आज केवल बीमा कंपनी का पुतला दहन किया गया है। यदि समय रहते किसानों की मांगों का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन की दिशा और स्वरूप दोनों बदल सकते हैं, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी सरकार एवं संबंधित बीमा कंपनी की होगी। प्रदर्शन एवं धरना कार्यक्रम में भारतीय किसान संघ के प्रांत एवं पशुपालन प्रमुख चित्तौड़ प्रांत के श्री किशन पाटीदार जिला अध्यक्ष राधेश्याम गुर्जर, जिला मंत्री कालूराम दांगी, जिला सह मंत्री मनोहर सिंह चौहान, जिला मंडी प्रमुख कैलाश सेन जिला गौ सेवा प्रमुख बालू सिंह चौहान, जिला प्रचार प्रमुख महेश मेहर, जिला कार्यकारिणी सदस्य पूरीलाल दांगी, बकानी तहसील अध्यक्ष रामबाबू पाटीदार, पाटन तहसील अध्यक्ष घनश्याम दांगी, रायपुर तहसील अध्यक्ष रामगोपाल पाटीदार सहित सैकड़ों किसान संघ कार्यकर्ता एवं हजारों किसान उपस्थित रहे। भारतीय किसान संघ ने स्पष्ट किया कि किसानों के हितों की रक्षा के लिए यह संघर्ष अंतिम किसान को उसका अधिकार मिलने तक निरंतर जारी रहेगा।2