बीमा कंपनी का पुतला दहन, हजारों किसानों का आक्रोश फूटा 30 जुलाई से जारी भारतीय किसान संघ का अनिश्चितकालीन धरना, बोले किसान नेता—"जब तक किसानों के खातों में राशि नहीं आएगी, आंदोलन रहेगा जारी" रायपुर 2 अगस्त। भारतीय किसान संघ तहसील बकानी के नेतृत्व में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (खरीफ-2025) की बकाया बीमा दावा राशि एवं राज्य सरकार द्वारा आपदा प्रबंधन राहत कोष से स्वीकृत मुआवजा किसानों के खातों में जमा नहीं होने के विरोध में 30 जुलाई से चल रहा अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन रविवार को और अधिक उग्र रूप में दिखाई दिया। धरना स्थल से किसानों ने लगभग दो किलोमीटर लंबी विशाल रैली निकालते हुए एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी (फसल बीमा कंपनी) का पुतला बकानी के प्रमुख मार्गों से होते हुए बस स्टैंड तक ले जाया। रैली के दौरान किसानों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए "बीमा कंपनी होश में आओ", "हम अपना अधिकार मांगते, नहीं किसी से भीख", "अभी तो ली है अंगड़ाई, आगे और लड़ाई है" जैसे गगनभेदी नारों से पूरे नगर को गुंजायमान कर दिया। बस स्टैंड बकानी पर किसानों ने बीमा कंपनी का पुतला दहन कर अपना आक्रोश व्यक्त किया। इसके बाद सभी किसान पुनः धरना स्थल पहुंचे, जहां आगामी आंदोलन की रणनीति पर चर्चा की गई। इस अवसर पर किसान नेताओं ने कहा कि खरीफ-2025 की फसल खराब हुए लगभग दस माह बीत चुके हैं, लेकिन आज तक किसानों के खातों में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की राशि नहीं पहुंची है। वहीं राज्य सरकार द्वारा आपदा प्रबंधन राहत कोष से घोषित मुआवजा भी बड़ी संख्या में किसानों को प्राप्त नहीं हुआ है। मजबूर होकर किसानों को खेत छोड़कर सड़कों पर उतरना पड़ रहा है, जबकि किसान का वास्तविक स्थान खेतों में रहकर देश के अन्न भंडार भरना है। किसान नेताओं ने बताया कि झालावाड़ जिले के किसानों के लिए लगभग 260 करोड़ रुपये की बीमा राशि स्वीकृत की जा चुकी है, लेकिन अभी भी लगभग 170 करोड़ रुपये किसानों के खातों में पहुंचना शेष है। किसानों की स्पष्ट मांग है कि जब तक प्रत्येक पात्र किसान के खाते में बीमा एवं मुआवजा राशि जमा नहीं हो जाती, तब तक आंदोलन निरंतर जारी रहेगा। नेताओं ने सरकार एवं बीमा कंपनी पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि स्वीकृत राशि समय पर किसानों तक पहुंचानी ही नहीं थी तो ऐसी घोषणाएं क्यों की गईं। किसानों ने कभी बीमा कंपनियों से लाभ की भीख नहीं मांगी, बल्कि अपने अधिकार की मांग कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बड़ी-बड़ी बीमा कंपनियां किसानों के नाम पर लाभ कमाने में लगी हैं, जबकि किसान अपने ही अधिकार के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि आज केवल बीमा कंपनी का पुतला दहन किया गया है। यदि समय रहते किसानों की मांगों का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन की दिशा और स्वरूप दोनों बदल सकते हैं, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी सरकार एवं संबंधित बीमा कंपनी की होगी। प्रदर्शन एवं धरना कार्यक्रम में भारतीय किसान संघ के प्रांत एवं पशुपालन प्रमुख चित्तौड़ प्रांत के श्री किशन पाटीदार जिला अध्यक्ष राधेश्याम गुर्जर, जिला मंत्री कालूराम दांगी, जिला सह मंत्री मनोहर सिंह चौहान, जिला मंडी प्रमुख कैलाश सेन जिला गौ सेवा प्रमुख बालू सिंह चौहान, जिला प्रचार प्रमुख महेश मेहर, जिला कार्यकारिणी सदस्य पूरीलाल दांगी, बकानी तहसील अध्यक्ष रामबाबू पाटीदार, पाटन तहसील अध्यक्ष घनश्याम दांगी, रायपुर तहसील अध्यक्ष रामगोपाल पाटीदार सहित सैकड़ों किसान संघ कार्यकर्ता एवं हजारों किसान उपस्थित रहे। भारतीय किसान संघ ने स्पष्ट किया कि किसानों के हितों की रक्षा के लिए यह संघर्ष अंतिम किसान को उसका अधिकार मिलने तक निरंतर जारी रहेगा।
बीमा कंपनी का पुतला दहन, हजारों किसानों का आक्रोश फूटा 30 जुलाई से जारी भारतीय किसान संघ का अनिश्चितकालीन धरना, बोले किसान नेता—"जब तक किसानों के खातों में राशि नहीं आएगी, आंदोलन रहेगा जारी" रायपुर 2 अगस्त। भारतीय किसान संघ तहसील बकानी के नेतृत्व में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (खरीफ-2025) की बकाया बीमा दावा राशि एवं राज्य सरकार द्वारा आपदा प्रबंधन राहत कोष से स्वीकृत मुआवजा किसानों के खातों में जमा नहीं होने के विरोध में 30 जुलाई से चल रहा अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन रविवार को और अधिक उग्र रूप में दिखाई दिया। धरना स्थल से किसानों ने लगभग दो किलोमीटर लंबी विशाल रैली निकालते हुए एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी (फसल बीमा कंपनी) का पुतला बकानी के प्रमुख मार्गों से होते हुए बस स्टैंड तक ले जाया। रैली के दौरान किसानों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए "बीमा कंपनी होश में आओ", "हम अपना अधिकार मांगते, नहीं किसी से भीख", "अभी तो ली है अंगड़ाई, आगे और लड़ाई है" जैसे गगनभेदी नारों से पूरे नगर को गुंजायमान कर दिया। बस स्टैंड बकानी पर किसानों ने बीमा कंपनी का पुतला दहन कर अपना आक्रोश व्यक्त किया। इसके बाद सभी किसान पुनः धरना स्थल पहुंचे, जहां आगामी आंदोलन की रणनीति पर चर्चा की गई। इस अवसर पर किसान नेताओं ने कहा कि खरीफ-2025 की फसल खराब हुए लगभग दस माह बीत चुके हैं, लेकिन आज तक किसानों के खातों में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की राशि नहीं पहुंची है। वहीं राज्य सरकार द्वारा आपदा प्रबंधन राहत कोष से घोषित मुआवजा भी बड़ी संख्या में किसानों को प्राप्त नहीं हुआ है। मजबूर होकर किसानों को खेत छोड़कर सड़कों पर उतरना पड़ रहा है, जबकि किसान का वास्तविक स्थान खेतों में रहकर देश के अन्न भंडार भरना है। किसान नेताओं ने बताया कि झालावाड़ जिले के
किसानों के लिए लगभग 260 करोड़ रुपये की बीमा राशि स्वीकृत की जा चुकी है, लेकिन अभी भी लगभग 170 करोड़ रुपये किसानों के खातों में पहुंचना शेष है। किसानों की स्पष्ट मांग है कि जब तक प्रत्येक पात्र किसान के खाते में बीमा एवं मुआवजा राशि जमा नहीं हो जाती, तब तक आंदोलन निरंतर जारी रहेगा। नेताओं ने सरकार एवं बीमा कंपनी पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि स्वीकृत राशि समय पर किसानों तक पहुंचानी ही नहीं थी तो ऐसी घोषणाएं क्यों की गईं। किसानों ने कभी बीमा कंपनियों से लाभ की भीख नहीं मांगी, बल्कि अपने अधिकार की मांग कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बड़ी-बड़ी बीमा कंपनियां किसानों के नाम पर लाभ कमाने में लगी हैं, जबकि किसान अपने ही अधिकार के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि आज केवल बीमा कंपनी का पुतला दहन किया गया है। यदि समय रहते किसानों की मांगों का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन की दिशा और स्वरूप दोनों बदल सकते हैं, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी सरकार एवं संबंधित बीमा कंपनी की होगी। प्रदर्शन एवं धरना कार्यक्रम में भारतीय किसान संघ के प्रांत एवं पशुपालन प्रमुख चित्तौड़ प्रांत के श्री किशन पाटीदार जिला अध्यक्ष राधेश्याम गुर्जर, जिला मंत्री कालूराम दांगी, जिला सह मंत्री मनोहर सिंह चौहान, जिला मंडी प्रमुख कैलाश सेन जिला गौ सेवा प्रमुख बालू सिंह चौहान, जिला प्रचार प्रमुख महेश मेहर, जिला कार्यकारिणी सदस्य पूरीलाल दांगी, बकानी तहसील अध्यक्ष रामबाबू पाटीदार, पाटन तहसील अध्यक्ष घनश्याम दांगी, रायपुर तहसील अध्यक्ष रामगोपाल पाटीदार सहित सैकड़ों किसान संघ कार्यकर्ता एवं हजारों किसान उपस्थित रहे। भारतीय किसान संघ ने स्पष्ट किया कि किसानों के हितों की रक्षा के लिए यह संघर्ष अंतिम किसान को उसका अधिकार मिलने तक निरंतर जारी रहेगा।
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- चोरों ने फिर हाथ साफ किया, इस बार गोदाम से ले गए धनिए के कट्टे हरनावदाशाहजी. कस्बे में शातिर बदमाशों की कारगुजारियां थमने का नाम नही ले रही। बीती रात को भी मनोहरथाना मार्ग स्थित गल्ले के गोदाम से अज्ञात चोर करीब छह कट्टे धनिया चुराकर ले गए। चोरों के हौंसले इस कदर बढे हुए हैं कि आराम से दो बार आकर चोरी करके ले गए। जिनकी करतूत वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई हैं लेकिन मुंह पर कपडा बंधा होने से पहचान में नही आ रहे। प्राप्त जानकारी अनुसार मनोहरथाना मार्ग पर गल्ले की दुकान लगाने वाले बाबू राठौर ने बताया कि तडके करीब चार बजे बाइक से आए चोरों ने मेन गेट का ताला तोडकर चोरी की घटना को अंजाम दिया। इस दौरान अंदर गोदाम में कट्टों में रखा करीब तीस हजार कीमत का धनिया चुरा ले गए। चोरों के हौंसले इतने बढे हुए नजर आए कि सुबह होते होते चार से साढ़े चार बजे के बीच दो बार आकर सामान लेकर गए। कस्बे में चोरी की घटनाएं नही थमने एवं पुलिस की सुस्त कार्यप्रणाली के चलते आमजन में रोष बना है। इधर थानाधिकारी बीएस जाखड ने बताया कि चोरी का मामला सामने आया है। मामले में जांच की जा रही है।2
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