चोरों ने फिर हाथ साफ किया, इस बार गोदाम से ले गए धनिए के कट्टे हरनावदाशाहजी. कस्बे में शातिर बदमाशों की कारगुजारियां थमने का नाम नही ले रही। बीती रात को भी मनोहरथाना मार्ग स्थित गल्ले के गोदाम से अज्ञात चोर करीब छह कट्टे धनिया चुराकर ले गए। चोरों के हौंसले इस कदर बढे हुए हैं कि आराम से दो बार आकर चोरी करके ले गए। जिनकी करतूत वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई हैं लेकिन मुंह पर कपडा बंधा होने से पहचान में नही आ रहे। प्राप्त जानकारी अनुसार मनोहरथाना मार्ग पर गल्ले की दुकान लगाने वाले बाबू राठौर ने बताया कि तडके करीब चार बजे बाइक से आए चोरों ने मेन गेट का ताला तोडकर चोरी की घटना को अंजाम दिया। इस दौरान अंदर गोदाम में कट्टों में रखा करीब तीस हजार कीमत का धनिया चुरा ले गए। चोरों के हौंसले इतने बढे हुए नजर आए कि सुबह होते होते चार से साढ़े चार बजे के बीच दो बार आकर सामान लेकर गए। कस्बे में चोरी की घटनाएं नही थमने एवं पुलिस की सुस्त कार्यप्रणाली के चलते आमजन में रोष बना है। इधर थानाधिकारी बीएस जाखड ने बताया कि चोरी का मामला सामने आया है। मामले में जांच की जा रही है।
चोरों ने फिर हाथ साफ किया, इस बार गोदाम से ले गए धनिए के कट्टे हरनावदाशाहजी. कस्बे में शातिर बदमाशों की कारगुजारियां थमने का नाम नही ले रही। बीती रात को भी मनोहरथाना मार्ग स्थित गल्ले के गोदाम से अज्ञात चोर करीब छह कट्टे धनिया चुराकर ले गए। चोरों के हौंसले इस कदर बढे हुए हैं कि आराम से दो बार आकर चोरी करके ले गए। जिनकी करतूत वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई हैं लेकिन मुंह पर कपडा बंधा होने से पहचान में नही आ रहे। प्राप्त जानकारी अनुसार मनोहरथाना मार्ग पर गल्ले की दुकान लगाने वाले बाबू राठौर ने बताया
कि तडके करीब चार बजे बाइक से आए चोरों ने मेन गेट का ताला तोडकर चोरी की घटना को अंजाम दिया। इस दौरान अंदर गोदाम में कट्टों में रखा करीब तीस हजार कीमत का धनिया चुरा ले गए। चोरों के हौंसले इतने बढे हुए नजर आए कि सुबह होते होते चार से साढ़े चार बजे के बीच दो बार आकर सामान लेकर गए। कस्बे में चोरी की घटनाएं नही थमने एवं पुलिस की सुस्त कार्यप्रणाली के चलते आमजन में रोष बना है। इधर थानाधिकारी बीएस जाखड ने बताया कि चोरी का मामला सामने आया है। मामले में जांच की जा रही है।
- चोरों ने फिर हाथ साफ किया, इस बार गोदाम से ले गए धनिए के कट्टे हरनावदाशाहजी. कस्बे में शातिर बदमाशों की कारगुजारियां थमने का नाम नही ले रही। बीती रात को भी मनोहरथाना मार्ग स्थित गल्ले के गोदाम से अज्ञात चोर करीब छह कट्टे धनिया चुराकर ले गए। चोरों के हौंसले इस कदर बढे हुए हैं कि आराम से दो बार आकर चोरी करके ले गए। जिनकी करतूत वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई हैं लेकिन मुंह पर कपडा बंधा होने से पहचान में नही आ रहे। प्राप्त जानकारी अनुसार मनोहरथाना मार्ग पर गल्ले की दुकान लगाने वाले बाबू राठौर ने बताया कि तडके करीब चार बजे बाइक से आए चोरों ने मेन गेट का ताला तोडकर चोरी की घटना को अंजाम दिया। इस दौरान अंदर गोदाम में कट्टों में रखा करीब तीस हजार कीमत का धनिया चुरा ले गए। चोरों के हौंसले इतने बढे हुए नजर आए कि सुबह होते होते चार से साढ़े चार बजे के बीच दो बार आकर सामान लेकर गए। कस्बे में चोरी की घटनाएं नही थमने एवं पुलिस की सुस्त कार्यप्रणाली के चलते आमजन में रोष बना है। इधर थानाधिकारी बीएस जाखड ने बताया कि चोरी का मामला सामने आया है। मामले में जांच की जा रही है।2
- बजट स्वीकृत और समय सीमा समाप्त होने के बावजूद मेगा हाइवे से डोबडा-भगवानपुरा मार्ग बदहाल, कीचड़ और जलभराव से 10-15 गांवों के लोग परेशान खानपुर बारां मेगा हाइवे पर सुमर और खानपुर के बीच से निकल रही डोबडा व भगवानपुरा को जोड़ने वाला लगभग 7 किलोमीटर लंबा सड़क मार्ग पिछले कई महीनों से अत्यंत दयनीय और बदहाल स्थिति में है. सड़क क्षतिग्रस्त होने पर बजट घोषणा 2025-26 के तहत नॉन पैचेबल सड़कों के निर्माण कार्य के अंतर्गत इसके दो हिस्से तय किए गए, जिसमें पहला भाग मेगा हाइवे से डोबडा लगभग 3 किमी स्वीकृत राशि 62.00 लाख तथा दूसरा भाग डोबडा से भगवानपुरा लगभग 4 किमी स्वीकृत राशि 84.05 लाख शामिल हैं, जिनकी कुल स्वीकृत राशि लगभग 146 लाख रुपये है. विभागीय बोर्ड के अनुसार इस कार्य को अक्टूबर 2025 में शुरू कर मार्च 2026 तक पूरा किया जाना था. लेकिन तय समय सीमा बीतने के बावजूद ठेकेदार द्वारा केवल सड़क को खोदकर और उस पर नाम मात्र की गिट्टी डालकर काम ठप कर दिया गया है. वर्तमान मानसूनी बरसात के कारण इस खुदी हुई सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं और पानी भर जाने से कीचड़ व दलदल जैसी स्थिति बन गई है. इससे दुपहिया वाहन चालकों और लगभग 10 से 15 गांवों के ग्रामीणों, स्कूली बच्चों व बुजुर्गों का पैदल निकलना भी दूभर हो गया है. इस गंभीर समस्या को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता मनोज नागर, महेश नागर, लेखराज नागर, ओमप्रकाश पोटर, मोहनलाल कुम्हार, बबलू मेहरा और बजरंग लाल गुर्जर सहित क्षेत्रवासियों में भारी रोष है और उन्होंने प्रशासन से जल्द डामरीकरण शुरू करवाने की मांग की है.2
- पीएम मोदी ने लॉन्च किया " नशा मुक्त युवा अभियान"100 हफ्तों तक चलेगा गुना मेरा युवा भारत केंद्र गुना द्वारा शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय छात्रावास गुना में नशा मुक्ति कार्यक्रम अभियान के तहत युवाओं को नशा मुक्त बनाने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री के नशा मुक्त युवा अभियान लाइव प्रोग्राम का आयोजन किया जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लाइव उद्वोधन युवाओं को सुनाया गया जिसमें उन्होंने बताया कि नशा मुक्ति का यह आयोजन संपूर्ण देश में प्रत्येक रविवार को 100 सप्ताह (यानी 100 दिवस 100 कदम)तक मनाने का लक्ष्य हे जिसके माध्यम से देश के युवाओं को नशा मुक्त बनाने का प्रयास रहेगा उन्होंने बताया कि अपने लिए और देश के लिए युवाओं को नशा मुक्त रहना होगा ताकि वह देश को 2047 तक विकसित भारत की श्रेणी में ले जा सकेंगे और उसका रसपान कर पाएंगे नशा केवल शरीर को नुक्सान नहीं पहुंचाता बल्कि वह देश को भी कमजोर करता जा रहा है नशा माँ की मुश्कान, बहन की राखी की उम्मीद एवं छोटे भाई के आदर को छीन लेता हे नशे के कारण वह तिल तिल रोता हे एवं कही ना कही राष्ट्र की शक्ति भी कमजोर पड़ जाती हे जिसका फायदा पड़ोसी दुश्मन देश को मिलता हे राष्ट्र के दुश्मन भी देश के युवाओं को अपनी और खींच रहे हे ताकि वह देश को खोखला कर सके आदि अनेक जानकारिया उन्होंने युवाओं को दी इस अवसर पर छात्रावास अधीक्षक पुरुषोत्तम सेन,माय भारत केंद्र के जिला युवा अधिकारी तनिष्क सक्सेना,जिला समन्वयक संदीप मेहरा,सुमित कोशिक एवं विभिन्न संख्या में युवा साथी उपस्थित रहे एवं समस्त युवाओं को नशा मुक्ति की शपथ भी दिलाई गई1
- तीन साल से बंद मकान में दिखा अनोखा नजारा लाइट जल रही है भूत है या चोर1
- झालावाड़-जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक जिला परिषद सभागार में झालावाड़-बारां सांसद दुष्यन्त सिंह की अध्यक्षता में आयोजित हुई केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं तथा जिले में संचालित विकास कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। झालावाड़-जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक जिला परिषद सभागार में झालावाड़-बारां सांसद दुष्यन्त सिंह की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं तथा जिले में संचालित विकास कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। सांसद दुष्यन्त सिंह ने कहा कि विकास योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य आमजन, गरीब व किसानों को समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं पारदर्शी तरीके से लाभ पहुंचाना है। जिले के सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरती जाए तथा प्रत्येक कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किया जाए। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, जल जीवन मिशन, अमृत योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, कृषि, वीबी-जीरामजी, शिक्षा, स्वास्थ्य, विद्युत, सिंचाई तथा अन्य केंद्रीय प्रायोजित योजनाओं की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। सांसद ने कहा कि विकास कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा तथा कार्यों का नियमित निरीक्षण सुनिश्चित किया जाए। सांसद ने जल जीवन मिशन के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि जिन गांवों में पेयजल आपूर्ति प्रभावित है, वहां प्राथमिकता के आधार पर आवश्यक कार्यवाही की जाए। जिले में जल की अधिकतम उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए जल अर्पण दिवस को सफल बनाने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। साथ ही उन्होंने परवन परियोजना के कार्य की भी जानकारी ली। कृषि विभाग की योजनाओं के अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को उन्नत कृषि तकनीक, सिंचाई सुविधाओं, फसल बीमा योजना तथा कृषि संबंधी अन्य योजनाओं का अधिकतम लाभ समय पर उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कृषि से जुड़े विकास कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश भी दिए। स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा सांसद ने कहा कि जिला चिकित्सालय एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर चिकित्सकों, दवाइयों एवं आवश्यक संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच बढ़ाने पर विशेष बल दिया।4
- पारंपरिक हथकरघा कला को राष्ट्रीय पहचान दिलाने में सांवरिया सेठ हथकरघा फाउंडेशन सोसाइटी की सराहनीय भूमिका* झालावाड़। जिला कलक्टर अजय सिंह राठौड़ ने शुक्रवार को असनावर स्थित सांवरिया सेठ हथकरघा फाउंडेशन सोसाइटी का निरीक्षण कर सोसाइटी द्वारा पारंपरिक हथकरघा उत्पादों एवं कपड़ों पर हैंडब्लॉक प्रिंटिंग के क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों और महिला रोजगार सृजन के प्रयासों की सराहना की। निरीक्षण के दौरान जिला कलक्टर ने सोसाइटी में तैयार किए जा रहे विभिन्न हथकरघा उत्पादों का अवलोकन किया तथा बुनकरों और कार्यरत महिलाओं से संवाद कर उत्पादन प्रक्रिया, डिजाइनों की विशेषताओं एवं विपणन व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सांवरिया सेठ हथकरघा फाउंडेशन सोसाइटी जिले की पारंपरिक हथकरघा कला को संरक्षित करने के साथ-साथ उसे राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य कर रही है। जिला कलक्टर ने कहा कि सोसाइटी द्वारा लगभग 50 ग्रामीण महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है, जो महिला सशक्तिकरण का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण महिलाओं को रोजगार से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना अत्यंत सराहनीय पहल है। सोसाइटी द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों में गागरोनी तोता साड़ी, गागरोनी तोता बेडशीट, सिंगल एवं डबल खेस, सिंगल एवं डबल बेडशीट, टॉवल सहित विभिन्न पारंपरिक हथकरघा उत्पाद प्रमुख हैं। इन उत्पादों में स्थानीय कला, संस्कृति एवं पारंपरिक डिजाइनों का सुंदर समावेश देखने को मिलता है, जो जिले की विशिष्ट पहचान को प्रदर्शित करता है। निरीक्षण के दौरान जिला कलक्टर ने विशेष रूप से महिलाओं द्वारा अखबार की रद्दी से हैंड बैग, मोबाइल बैग एवं अन्य उपयोगी सामग्री तैयार किए जाने की पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह कार्य पर्यावरण संरक्षण की दिशा में पुनर्चक्रण (रीसाइक्लिंग) को बढ़ावा देने का प्रेरणादायी उदाहरण है। उन्होंने कहा कि स्थानीय संसाधनों के सदुपयोग के साथ पर्यावरण संरक्षण और रोजगार सृजन को जोड़ना सोसाइटी की दूरदर्शी सोच को दर्शाता है। जिला कलक्टर ने सोसाइटी के बुनकरों को राज्य एवं जिला स्तर पर प्राप्त सम्मान का उल्लेख करते हुए कहा कि यह संस्था की गुणवत्ता, समर्पण एवं उत्कृष्ट कार्यशैली का प्रमाण है। उन्होंने बताया कि सोसाइटी के सदस्य श्री सुजानमल को वर्ष 2025 में गागरोनी तोता साड़ी के लिए राज्य स्तरीय बुनकर पुरस्कार के अंतर्गत द्वितीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। वहीं इस वर्ष श्रीमती गीता बाई को गागरोनी तोता साड़ी के लिए प्रथम जिला स्तरीय बुनकर पुरस्कार प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि न केवल संबंधित बुनकरों के लिए, बल्कि पूरे झालावाड़ जिले की पारंपरिक हथकरघा कला के लिए गौरव का विषय है। जिला कलक्टर ने कहा कि “सांवरिया सेठ हथकरघा फाउंडेशन सोसाइटी, असनावर द्वारा पारंपरिक हथकरघा कला को प्रोत्साहन देने, ग्रामीण महिलाओं को रोजगार से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने तथा पर्यावरण संरक्षण हेतु पुनर्चक्रण को बढ़ावा देने की दिशा में किए जा रहे कार्य अत्यंत प्रशंसनीय हैं। सोसाइटी के बुनकरों को राज्य एवं जिला स्तर पर मिल रहे पुरस्कार इनके उत्कृष्ट कार्य, गुणवत्ता और निष्ठा का प्रमाण हैं। निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारी, सोसाइटी के पदाधिकारी, बुनकर एवं बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ता उपस्थित रहीं। जिला कलक्टर ने सोसाइटी द्वारा तैयार उत्पादों के विपणन, डिज़ाइन विकास तथा प्रशिक्षण गतिविधियों को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए आवश्यक प्रयास करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सोसाइटी भविष्य में झालावाड़ की पारंपरिक हथकरघा कला को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। ——००——2
- दांतों से खींची आईजी की विदाई गाड़ी: ग्वालियर में अनोखे सम्मान की हर ओर चर्चा दांतों से खींची आईजी की विदाई गाड़ी: ग्वालियर में अनोखे सम्मान की हर ओर चर्चा ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में पुलिस महकमे ने सेवानिवृत्त हो रहे आईजी अरविंद सक्सेना को ऐसी विदाई दी, जिसकी पूरे प्रदेश में चर्चा हो रही है। उनके सम्मान में आरक्षक सुनील यादव ने दांतों से रस्सी दबाकर फूलों से सजी आईजी की गाड़ी को पुलिस परिसर से बाहर तक खींचा। इस अनोखे सम्मान को देखकर मौजूद पुलिसकर्मी और अधिकारी भावुक हो गए। विदाई समारोह के दौरान आईजी अरविंद सक्सेना के सम्मान में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने उन्हें भावभीनी विदाई दी। आरक्षक सुनील यादव का यह अनूठा सम्मान समारोह का सबसे यादगार क्षण बन गया, जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। समारोह में मौजूद पुलिसकर्मियों ने अपने वरिष्ठ अधिकारी के साथ बिताए अनुभवों को याद किया और उनके कार्यकाल की सराहना की। इस अनोखी विदाई को लोग पुलिस विभाग में सम्मान, अनुशासन और आत्मीयता का प्रतीक बता रहे हैं।1
- सूदखोरी से टूटी जिंदगी! आवेदन के बाद भी नहीं जागी पुलिस, जहर खाने वाले युवक की मौत 960 ग्राम चांदी गिरवी रखने का विवाद, कार्रवाई नहीं होने का आरोप; सोशल मीडिया पर वायरल हुआ मृतक का वीडियो, पुलिस पर उठे गंभीर सवाल। गुना। जिले के सिरसी थाना क्षेत्र से एक दर्दनाक मामला सामने आया है। तिलवाड़ा निवासी 38 वर्षीय मनोज राठौर की जिला अस्पताल में मौत हो गई। परिजनों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि मनोज ने कथित सूदखोरी और अपनी गिरवी रखी चांदी वापस नहीं मिलने से परेशान होकर जहर खाया। घटना के बाद उसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल बताया जा रहा है। आरोप है कि मनोज राठौर ने करीब दो वर्ष पहले 960 ग्राम चांदी डॉक्टर दारा सिंह धाकड़ के पास 20 हजार रुपये में गिरवी रखी थी। परिजनों के अनुसार मनोज ने करीब एक वर्ष पहले 25 हजार रुपये (ब्याज सहित) लौटा दिए थे, लेकिन इसके बावजूद चांदी वापस नहीं मिली। उनका दावा है कि बार-बार मांगने पर केवल आश्वासन दिया जाता रहा। बताया जा रहा है कि मनोज ने 18 जुलाई 2026 को सिरसी थाने में लिखित शिकायत भी दी थी। आरोप है कि शिकायत पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद 1 अगस्त 2026 को उसने कथित रूप से जहर खा लिया। पहले उसे मारकी महू अस्पताल ले जाया गया, जहां से जिला अस्पताल रेफर किया गया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि यदि पुलिस समय रहते शिकायत पर कार्रवाई करती, तो शायद मनोज की जान बच सकती थी। मामले को लेकर सिरसी थाना पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। पुलिस का पक्ष सिरसी थाना प्रभारी का कहना है कि दोनों पक्ष थाने आए थे और मौखिक राजीनामा कर लिया था, इसलिए आगे कोई कार्रवाई नहीं की गई। उठ रहे बड़े सवाल शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने लिखित जांच क्यों नहीं की? यदि राजीनामा हुआ था तो उसका लिखित रिकॉर्ड है या नहीं? कथित सूदखोरी और गिरवी विवाद की जांच क्यों नहीं हुई? क्या समय रहते कार्रवाई होती तो एक जान बचाई जा सकती थी?2