पारंपरिक हथकरघा कला को राष्ट्रीय पहचान दिलाने में सांवरिया सेठ हथकरघा फाउंडेशन सोसाइटी की सराहनीय भूमिका* झालावाड़। जिला कलक्टर अजय सिंह राठौड़ ने शुक्रवार को असनावर स्थित सांवरिया सेठ हथकरघा फाउंडेशन सोसाइटी का निरीक्षण कर सोसाइटी द्वारा पारंपरिक हथकरघा उत्पादों एवं कपड़ों पर हैंडब्लॉक प्रिंटिंग के क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों और महिला रोजगार सृजन के प्रयासों की सराहना की। निरीक्षण के दौरान जिला कलक्टर ने सोसाइटी में तैयार किए जा रहे विभिन्न हथकरघा उत्पादों का अवलोकन किया तथा बुनकरों और कार्यरत महिलाओं से संवाद कर उत्पादन प्रक्रिया, डिजाइनों की विशेषताओं एवं विपणन व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सांवरिया सेठ हथकरघा फाउंडेशन सोसाइटी जिले की पारंपरिक हथकरघा कला को संरक्षित करने के साथ-साथ उसे राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य कर रही है। जिला कलक्टर ने कहा कि सोसाइटी द्वारा लगभग 50 ग्रामीण महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है, जो महिला सशक्तिकरण का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण महिलाओं को रोजगार से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना अत्यंत सराहनीय पहल है। सोसाइटी द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों में गागरोनी तोता साड़ी, गागरोनी तोता बेडशीट, सिंगल एवं डबल खेस, सिंगल एवं डबल बेडशीट, टॉवल सहित विभिन्न पारंपरिक हथकरघा उत्पाद प्रमुख हैं। इन उत्पादों में स्थानीय कला, संस्कृति एवं पारंपरिक डिजाइनों का सुंदर समावेश देखने को मिलता है, जो जिले की विशिष्ट पहचान को प्रदर्शित करता है। निरीक्षण के दौरान जिला कलक्टर ने विशेष रूप से महिलाओं द्वारा अखबार की रद्दी से हैंड बैग, मोबाइल बैग एवं अन्य उपयोगी सामग्री तैयार किए जाने की पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह कार्य पर्यावरण संरक्षण की दिशा में पुनर्चक्रण (रीसाइक्लिंग) को बढ़ावा देने का प्रेरणादायी उदाहरण है। उन्होंने कहा कि स्थानीय संसाधनों के सदुपयोग के साथ पर्यावरण संरक्षण और रोजगार सृजन को जोड़ना सोसाइटी की दूरदर्शी सोच को दर्शाता है। जिला कलक्टर ने सोसाइटी के बुनकरों को राज्य एवं जिला स्तर पर प्राप्त सम्मान का उल्लेख करते हुए कहा कि यह संस्था की गुणवत्ता, समर्पण एवं उत्कृष्ट कार्यशैली का प्रमाण है। उन्होंने बताया कि सोसाइटी के सदस्य श्री सुजानमल को वर्ष 2025 में गागरोनी तोता साड़ी के लिए राज्य स्तरीय बुनकर पुरस्कार के अंतर्गत द्वितीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। वहीं इस वर्ष श्रीमती गीता बाई को गागरोनी तोता साड़ी के लिए प्रथम जिला स्तरीय बुनकर पुरस्कार प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि न केवल संबंधित बुनकरों के लिए, बल्कि पूरे झालावाड़ जिले की पारंपरिक हथकरघा कला के लिए गौरव का विषय है। जिला कलक्टर ने कहा कि “सांवरिया सेठ हथकरघा फाउंडेशन सोसाइटी, असनावर द्वारा पारंपरिक हथकरघा कला को प्रोत्साहन देने, ग्रामीण महिलाओं को रोजगार से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने तथा पर्यावरण संरक्षण हेतु पुनर्चक्रण को बढ़ावा देने की दिशा में किए जा रहे कार्य अत्यंत प्रशंसनीय हैं। सोसाइटी के बुनकरों को राज्य एवं जिला स्तर पर मिल रहे पुरस्कार इनके उत्कृष्ट कार्य, गुणवत्ता और निष्ठा का प्रमाण हैं। निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारी, सोसाइटी के पदाधिकारी, बुनकर एवं बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ता उपस्थित रहीं। जिला कलक्टर ने सोसाइटी द्वारा तैयार उत्पादों के विपणन, डिज़ाइन विकास तथा प्रशिक्षण गतिविधियों को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए आवश्यक प्रयास करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सोसाइटी भविष्य में झालावाड़ की पारंपरिक हथकरघा कला को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। ——००——
पारंपरिक हथकरघा कला को राष्ट्रीय पहचान दिलाने में सांवरिया सेठ हथकरघा फाउंडेशन सोसाइटी की सराहनीय भूमिका* झालावाड़। जिला कलक्टर अजय सिंह राठौड़ ने शुक्रवार को असनावर स्थित सांवरिया सेठ हथकरघा फाउंडेशन सोसाइटी का निरीक्षण कर सोसाइटी द्वारा पारंपरिक हथकरघा उत्पादों एवं कपड़ों पर हैंडब्लॉक प्रिंटिंग के क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों और महिला रोजगार सृजन के प्रयासों की सराहना की। निरीक्षण के दौरान जिला कलक्टर ने सोसाइटी में तैयार किए जा रहे विभिन्न हथकरघा उत्पादों का अवलोकन किया तथा बुनकरों और कार्यरत महिलाओं से संवाद कर उत्पादन प्रक्रिया, डिजाइनों की विशेषताओं एवं विपणन व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सांवरिया सेठ हथकरघा फाउंडेशन सोसाइटी जिले की पारंपरिक हथकरघा कला को संरक्षित करने के साथ-साथ उसे राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य कर रही है। जिला कलक्टर ने कहा कि सोसाइटी द्वारा लगभग 50 ग्रामीण महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है, जो महिला सशक्तिकरण का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण महिलाओं को रोजगार से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना अत्यंत सराहनीय पहल है। सोसाइटी द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों में गागरोनी तोता साड़ी, गागरोनी तोता बेडशीट, सिंगल एवं डबल खेस, सिंगल एवं डबल बेडशीट, टॉवल सहित विभिन्न पारंपरिक हथकरघा उत्पाद प्रमुख हैं। इन उत्पादों में स्थानीय कला, संस्कृति एवं पारंपरिक डिजाइनों का सुंदर समावेश देखने को मिलता है, जो जिले की विशिष्ट पहचान को प्रदर्शित करता है। निरीक्षण के दौरान जिला कलक्टर ने विशेष रूप से महिलाओं द्वारा अखबार की रद्दी से हैंड बैग, मोबाइल बैग एवं अन्य उपयोगी सामग्री तैयार किए जाने की पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह कार्य पर्यावरण संरक्षण की दिशा में पुनर्चक्रण (रीसाइक्लिंग) को
बढ़ावा देने का प्रेरणादायी उदाहरण है। उन्होंने कहा कि स्थानीय संसाधनों के सदुपयोग के साथ पर्यावरण संरक्षण और रोजगार सृजन को जोड़ना सोसाइटी की दूरदर्शी सोच को दर्शाता है। जिला कलक्टर ने सोसाइटी के बुनकरों को राज्य एवं जिला स्तर पर प्राप्त सम्मान का उल्लेख करते हुए कहा कि यह संस्था की गुणवत्ता, समर्पण एवं उत्कृष्ट कार्यशैली का प्रमाण है। उन्होंने बताया कि सोसाइटी के सदस्य श्री सुजानमल को वर्ष 2025 में गागरोनी तोता साड़ी के लिए राज्य स्तरीय बुनकर पुरस्कार के अंतर्गत द्वितीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। वहीं इस वर्ष श्रीमती गीता बाई को गागरोनी तोता साड़ी के लिए प्रथम जिला स्तरीय बुनकर पुरस्कार प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि न केवल संबंधित बुनकरों के लिए, बल्कि पूरे झालावाड़ जिले की पारंपरिक हथकरघा कला के लिए गौरव का विषय है। जिला कलक्टर ने कहा कि “सांवरिया सेठ हथकरघा फाउंडेशन सोसाइटी, असनावर द्वारा पारंपरिक हथकरघा कला को प्रोत्साहन देने, ग्रामीण महिलाओं को रोजगार से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने तथा पर्यावरण संरक्षण हेतु पुनर्चक्रण को बढ़ावा देने की दिशा में किए जा रहे कार्य अत्यंत प्रशंसनीय हैं। सोसाइटी के बुनकरों को राज्य एवं जिला स्तर पर मिल रहे पुरस्कार इनके उत्कृष्ट कार्य, गुणवत्ता और निष्ठा का प्रमाण हैं। निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारी, सोसाइटी के पदाधिकारी, बुनकर एवं बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ता उपस्थित रहीं। जिला कलक्टर ने सोसाइटी द्वारा तैयार उत्पादों के विपणन, डिज़ाइन विकास तथा प्रशिक्षण गतिविधियों को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए आवश्यक प्रयास करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सोसाइटी भविष्य में झालावाड़ की पारंपरिक हथकरघा कला को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। ——००——
- चोरों ने फिर हाथ साफ किया, इस बार गोदाम से ले गए धनिए के कट्टे हरनावदाशाहजी. कस्बे में शातिर बदमाशों की कारगुजारियां थमने का नाम नही ले रही। बीती रात को भी मनोहरथाना मार्ग स्थित गल्ले के गोदाम से अज्ञात चोर करीब छह कट्टे धनिया चुराकर ले गए। चोरों के हौंसले इस कदर बढे हुए हैं कि आराम से दो बार आकर चोरी करके ले गए। जिनकी करतूत वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई हैं लेकिन मुंह पर कपडा बंधा होने से पहचान में नही आ रहे। प्राप्त जानकारी अनुसार मनोहरथाना मार्ग पर गल्ले की दुकान लगाने वाले बाबू राठौर ने बताया कि तडके करीब चार बजे बाइक से आए चोरों ने मेन गेट का ताला तोडकर चोरी की घटना को अंजाम दिया। इस दौरान अंदर गोदाम में कट्टों में रखा करीब तीस हजार कीमत का धनिया चुरा ले गए। चोरों के हौंसले इतने बढे हुए नजर आए कि सुबह होते होते चार से साढ़े चार बजे के बीच दो बार आकर सामान लेकर गए। कस्बे में चोरी की घटनाएं नही थमने एवं पुलिस की सुस्त कार्यप्रणाली के चलते आमजन में रोष बना है। इधर थानाधिकारी बीएस जाखड ने बताया कि चोरी का मामला सामने आया है। मामले में जांच की जा रही है।2
- ‘*खुशियों का ओटला’ पर 90 बच्चों को वितरित की गई शिक्षण सामग्री, 30 महिलाओं को मिली नई चप्पलें*1
- सुसनेर: जो दिन में बीजेपी का गमछा डालकर रात में कांग्रेस का काम करते है ऐसे कार्यकताओं को बर्दाश्त नही किया जाएगा: जिलाध्यक्ष मालवीय मोरूखेड़ी महादेव मंदिर में भाजपा मंडल की कामकाजी बैठक संपन्न, बूथ मजबूत करने पर जोर सुसनेर। रविवार को सुसनेर भाजपा मंडल की कामकाजी बैठक मोरूखेड़ी महादेव मंदिर परिसर में आयोजित की गई। शुरुआत पं. दीनदयाल उपाध्याय और डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुई। मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा जिलाध्यक्ष ओम मालवीय उपस्थित रहे। उन्होंने कहा की हम लगातार दो विधानसभा चुनाव हारे हैं। अब हम सब कार्यकर्ताओं को शक्ति केंद्र और मतदान केंद्र को मजबूत करने में जुट जाना है। कार्यकर्ता की पीड़ा होती है, उनसे संवाद के लिए ऐसी बैठकें आवश्यक हैं। भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता देव दुर्लभ है। जो पार्टी के प्रति निष्ठावान और समर्पित है। व्यक्तिगत नाराजगी हो सकती है, लेकिन विचारधारा से नहीं, क्योंकि यह पार्टी भारत माता को परम वैभव पर ले जाने वाली विचारधारा है। राजनीतिक दल का सबसे बड़ा अभियान चुनाव होता है और वह मतदान केंद्र पर लड़ा जाता है, इसलिए प्रत्येक कार्यकर्ता मतदान केंद्र मजबूत करने का काम करे। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि जो दिन में बीजेपी का गमछा डालकर रात में कांग्रेस का काम करते है ऐसे कार्यकताओं को बर्दाश्त नही किया जाएगा। मंडल अध्यक्ष डॉ. सौरभ जैन ने स्वागत भाषण में मन की बात कार्यक्रम को बूथ स्तर पर सुनने, उसकी रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने और आगामी तिरंगा यात्रा जैसे कार्यक्रमों की जानकारी दी। साथ ही पूर्व विधायक बद्रीलाल सोनी, मंडल प्रभारी चंद्रेश शर्मा, नप अध्यक्ष प्रदीप सोनी, अजा मोर्चा जिलाध्यक्ष डॉ बीएस वर्मा ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। संचालन महामंत्री लखन सेन ने किया तथा आभार महामंत्री कालूसिंह नाहरखेड़ा ने माना। जानकारी मीडिया प्रभारी दीपक जैन ने दी।1
- सुसनेर में पशुओं का आतंक: प्रमुख मार्गों में आवारा कुत्ते-सांड से बढ़ रहा दुर्घटनाओं का खतरा जिम्मेदारो से शिकायत पर भी कोई सुनवाई नही, पार्षद प्रतिनिधि पवन शर्मा ने उठाई आवाज1
- जेल भरो आंदोलन की तैयारी तेज, गांव-गांव चलेगा जनजागरण अभियान, चार हजार पंपलेट वितरित करने व जनसंपर्क अभियान चलाने का निर्णय -किसान सभा, सीटू और खेत ग्रामीण मजदूर यूनियन की संयुक्त बैठक सम्पन्न इटावा। अखिल भारतीय किसान सभा, निर्माण मजदूर यूनियन (सीटू) एवं अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मनरेगा मजदूर यूनियन की संयुक्त बैठक रविवार को इटावा स्थित माकपा कार्यालय में आयोजित हुई। बैठक में 10 अगस्त को प्रस्तावित जेल भरो आंदोलन को सफल बनाने के लिए व्यापक रणनीति तैयार करते हुए गांव-गांव जनजागरण अभियान चलाने का निर्णय लिया गया। मजदूर किसान भवन स्थित माकपा कार्यालय में आयोजित बैठक की संयुक्त अध्यक्षता कामरेड सूरजमल मीणा, कामरेड गोपाल लाल महावर, कामरेड मुकुट बिहारी जंगम एवं भोजराज नागर ने की। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में केंद्रीय श्रमिक संगठनों, अखिल भारतीय किसान सभा एवं अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मनरेगा मजदूर यूनियन के संयुक्त आह्वान पर 10 अगस्त को देशभर में जेल भरो आंदोलन आयोजित किया जाएगा। बैठक में आंदोलन की रूपरेखा तय करते हुए विभिन्न पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को गांव-गांव जाकर प्रचार-प्रसार की जिम्मेदारी सौंपी गई। निर्णय लिया गया कि 4 हजार पंपलेट छपवाकर आमजन के बीच वितरित किए जाएंगे। साथ ही शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में सभाओं, बैठकों और जनसंपर्क अभियान के माध्यम से आंदोलन के उद्देश्यों से लोगों को अवगत कराया जाएगा। महंगाई, बेरोजगारी, स्मार्ट मीटर सहित कई मुद्दे बैठक में वक्ताओं ने महंगाई, बेरोजगारी, स्मार्ट मीटर, मनरेगा में प्रस्तावित बदलाव, चार नए श्रम संहिताओं (लेबर कोड) तथा अमेरिका के साथ प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते सहित विभिन्न मुद्दों पर जनजागरण अभियान चलाने का निर्णय लिया। निर्णय के अनुसार 10 अगस्त को आंदोलन में शामिल होने वाले कार्यकर्ता एवं नागरिक इटावा रोडवेज डिपो स्थित न्यू बस स्टैंड (कोटा रोड) पर एकत्रित होंगे। वहां से रैली के रूप में आगे बढ़ते हुए निर्धारित कार्यक्रम के तहत जेल भरो आंदोलन में भाग लेंगे। संगठन पदाधिकारियों ने किसानों, मजदूरों, महिलाओं, युवाओं एवं आमजन से आंदोलन में अधिकाधिक भागीदारी की अपील की। आंदोलन को सफल बनाने का संकल्प बैठक में सीटू यूनियन के तहसील महामंत्री मुरारीलाल बैरवा, प्रेम पेंटर, अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मनरेगा मजदूर यूनियन के तहसील संयोजक मुकुट बिहारी जंगम, किसान सभा के तहसील सचिव बाबूलाल बलवानी सहित तीनों संगठनों के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। बैठक के अंत में सभी ने 10 अगस्त के आंदोलन को सफल बनाने का संकल्प लिया।4
- मोरूखेड़ी महादेव मंदिर में भाजपा मंडल की कामकाजी बैठक संपन्न, बूथ मजबूत करने पर जोर*1
- बैग लेस दिवस पर इको क्लब सदस्यों ने किया पौधारोपण, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश1
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को वर्चुअल माध्यम से 'नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत' अभियान का शुभारंभ किया। कोटा कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित कार्यक्रम में करीब 250 युवाओं ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का संबोधन सुना तथा नशा मुक्त भारत के निर्माण का संकल्प लिया। कोटा दक्षिण विधायक संदीप शर्मा ने युवाओं से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और नशे के खिलाफ जनजागरूकता फैलाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में जिला कलक्टर पीयूष समारिया सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। यह अभियान अगले 100 सप्ताह तक देशभर में खेल, जागरूकता रैली, सांस्कृतिक कार्यक्रम और विभिन्न सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को वर्चुअल माध्यम से 'नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत' अभियान का शुभारंभ किया। कोटा कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित कार्यक्रम में करीब 250 युवाओं ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का संबोधन सुना तथा नशा मुक्त भारत के निर्माण का संकल्प लिया। कोटा दक्षिण विधायक संदीप शर्मा ने युवाओं से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और नशे के खिलाफ जनजागरूकता फैलाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में जिला कलक्टर पीयूष समारिया सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। यह अभियान अगले 100 सप्ताह तक देशभर में खेल, जागरूकता रैली, सांस्कृतिक कार्यक्रम और विभिन्न सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करेगा।1
- छापीहेड़ा में निराश्रित गोवंश हटाने की कार्रवाई पर विवाद, किसानों और नगर परिषद कर्मचारियों के बीच हाथापाई, गुस्साए किसानों ने संडावता नाके पर किया चक्का जाम छापीहेड़ा में निराश्रित गोवंश हटाने की कार्रवाई पर विवाद, किसानों और नगर परिषद कर्मचारियों के बीच हाथापाई, गुस्साए किसानों ने संडावता नाके पर किया चक्का जाम 2 अगस्त 2026 छापीहेड़ा,राजगढ़ जिले में निराश्रित गोवंश को सड़कों से हटाने के लिए जिला प्रशासन के आदेश के बाद छापीहेड़ा नगर में बड़ा विवाद सामने आया है। नगर परिषद द्वारा सड़क से गोवंश हटाने की कार्रवाई के दौरान पास के ग्राम जटामढ़ी के किसानों और नगर परिषद कर्मचारियों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि कहासुनी हाथापाई में बदल गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सड़क से गोवंश हटाए जाने का किसानों ने विरोध किया। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हुई और मामला हाथापाई तक पहुंच गया। घटना से नाराज किसानों ने संडावता नाके पर चक्का जाम कर दिया, जिससे कुछ समय तक यातायात प्रभावित रहा। सूचना मिलते ही छापीहेड़ा थाना प्रभारी उमाशंकर मुकाती पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। जनप्रतिनिधियों और समाज के वरिष्ठ लोगों ने भी दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया। समझने के बाद सभी गुस्साए किसान थाने पहुंचे । स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आसपास के थानों से भी पुलिस बल बुलाया गया और भीड़ को नियंत्रित किया गया। हाथापाई में चोटिल हुए किसानों की शिकायत पुलिस ने दर्ज कर ली है और मामले की जांच की जा रही है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब जिला प्रशासन द्वारा निराश्रित गोवंश को सड़कों से हटाने के स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं, तो ऐसे विरोध के बीच इन आदेशों का पालन कैसे होगा? गोर करने वाली बात यह हे कि छापीहेड़ा के गोसेवक कई बार छापीहेड़ा में गोशाला की मांग कर चुके हे लेकिन उनकी आवाज भी जवाबदारों तक नहीं पहुंच रही क्या नगर परिषद छापीहेड़ा आगे भी सड़कों से निराश्रित गोवंश हटाने की कार्रवाई जारी रखेगी? या फिर प्रशासन इस पूरे मामले में कोई नई व्यवस्था लागू करेगा? इन सवालों के जवाब आने वाले दिनों में साफ होंगे।1