छापीहेड़ा में निराश्रित गोवंश हटाने की कार्रवाई पर विवाद, किसानों और नगर परिषद कर्मचारियों के बीच हाथापाई, गुस्साए किसानों ने संडावता नाके पर किया चक्का जाम छापीहेड़ा में निराश्रित गोवंश हटाने की कार्रवाई पर विवाद, किसानों और नगर परिषद कर्मचारियों के बीच हाथापाई, गुस्साए किसानों ने संडावता नाके पर किया चक्का जाम 2 अगस्त 2026 छापीहेड़ा,राजगढ़ जिले में निराश्रित गोवंश को सड़कों से हटाने के लिए जिला प्रशासन के आदेश के बाद छापीहेड़ा नगर में बड़ा विवाद सामने आया है। नगर परिषद द्वारा सड़क से गोवंश हटाने की कार्रवाई के दौरान पास के ग्राम जटामढ़ी के किसानों और नगर परिषद कर्मचारियों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि कहासुनी हाथापाई में बदल गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सड़क से गोवंश हटाए जाने का किसानों ने विरोध किया। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हुई और मामला हाथापाई तक पहुंच गया। घटना से नाराज किसानों ने संडावता नाके पर चक्का जाम कर दिया, जिससे कुछ समय तक यातायात प्रभावित रहा। सूचना मिलते ही छापीहेड़ा थाना प्रभारी उमाशंकर मुकाती पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। जनप्रतिनिधियों और समाज के वरिष्ठ लोगों ने भी दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया। समझने के बाद सभी गुस्साए किसान थाने पहुंचे । स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आसपास के थानों से भी पुलिस बल बुलाया गया और भीड़ को नियंत्रित किया गया। हाथापाई में चोटिल हुए किसानों की शिकायत पुलिस ने दर्ज कर ली है और मामले की जांच की जा रही है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब जिला प्रशासन द्वारा निराश्रित गोवंश को सड़कों से हटाने के स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं, तो ऐसे विरोध के बीच इन आदेशों का पालन कैसे होगा? गोर करने वाली बात यह हे कि छापीहेड़ा के गोसेवक कई बार छापीहेड़ा में गोशाला की मांग कर चुके हे लेकिन उनकी आवाज भी जवाबदारों तक नहीं पहुंच रही क्या नगर परिषद छापीहेड़ा आगे भी सड़कों से निराश्रित गोवंश हटाने की कार्रवाई जारी रखेगी? या फिर प्रशासन इस पूरे मामले में कोई नई व्यवस्था लागू करेगा? इन सवालों के जवाब आने वाले दिनों में साफ होंगे।
छापीहेड़ा में निराश्रित गोवंश हटाने की कार्रवाई पर विवाद, किसानों और नगर परिषद कर्मचारियों के बीच हाथापाई, गुस्साए किसानों ने संडावता नाके पर किया चक्का जाम छापीहेड़ा में निराश्रित गोवंश हटाने की कार्रवाई पर विवाद, किसानों और नगर परिषद कर्मचारियों के बीच हाथापाई, गुस्साए किसानों ने संडावता नाके पर किया चक्का जाम 2 अगस्त 2026 छापीहेड़ा,राजगढ़ जिले में निराश्रित गोवंश को सड़कों से हटाने के लिए जिला प्रशासन के आदेश के बाद छापीहेड़ा नगर में बड़ा विवाद सामने आया है। नगर परिषद द्वारा सड़क से गोवंश हटाने की कार्रवाई के दौरान पास के ग्राम जटामढ़ी के किसानों और नगर परिषद कर्मचारियों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि कहासुनी हाथापाई में बदल गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सड़क से गोवंश हटाए जाने का किसानों ने विरोध किया। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हुई और मामला हाथापाई तक पहुंच गया। घटना से नाराज किसानों ने संडावता नाके पर चक्का जाम कर दिया, जिससे कुछ समय तक यातायात प्रभावित रहा। सूचना मिलते ही छापीहेड़ा थाना प्रभारी उमाशंकर मुकाती पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। जनप्रतिनिधियों और समाज के वरिष्ठ लोगों ने भी दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया। समझने के बाद सभी गुस्साए किसान थाने पहुंचे । स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आसपास के थानों से भी पुलिस बल बुलाया गया और भीड़ को नियंत्रित किया गया। हाथापाई में चोटिल हुए किसानों की शिकायत पुलिस ने दर्ज कर ली है और मामले की जांच की जा रही है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब जिला प्रशासन द्वारा निराश्रित गोवंश को सड़कों से हटाने के स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं, तो ऐसे विरोध के बीच इन आदेशों का पालन कैसे होगा? गोर करने वाली बात यह हे कि छापीहेड़ा के गोसेवक कई बार छापीहेड़ा में गोशाला की मांग कर चुके हे लेकिन उनकी आवाज भी जवाबदारों तक नहीं पहुंच रही क्या नगर परिषद छापीहेड़ा आगे भी सड़कों से निराश्रित गोवंश हटाने की कार्रवाई जारी रखेगी? या फिर प्रशासन इस पूरे मामले में कोई नई व्यवस्था लागू करेगा? इन सवालों के जवाब आने वाले दिनों में साफ होंगे।
- ‘*खुशियों का ओटला’ पर 90 बच्चों को वितरित की गई शिक्षण सामग्री, 30 महिलाओं को मिली नई चप्पलें*1
- सुसनेर: जो दिन में बीजेपी का गमछा डालकर रात में कांग्रेस का काम करते है ऐसे कार्यकताओं को बर्दाश्त नही किया जाएगा: जिलाध्यक्ष मालवीय मोरूखेड़ी महादेव मंदिर में भाजपा मंडल की कामकाजी बैठक संपन्न, बूथ मजबूत करने पर जोर सुसनेर। रविवार को सुसनेर भाजपा मंडल की कामकाजी बैठक मोरूखेड़ी महादेव मंदिर परिसर में आयोजित की गई। शुरुआत पं. दीनदयाल उपाध्याय और डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुई। मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा जिलाध्यक्ष ओम मालवीय उपस्थित रहे। उन्होंने कहा की हम लगातार दो विधानसभा चुनाव हारे हैं। अब हम सब कार्यकर्ताओं को शक्ति केंद्र और मतदान केंद्र को मजबूत करने में जुट जाना है। कार्यकर्ता की पीड़ा होती है, उनसे संवाद के लिए ऐसी बैठकें आवश्यक हैं। भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता देव दुर्लभ है। जो पार्टी के प्रति निष्ठावान और समर्पित है। व्यक्तिगत नाराजगी हो सकती है, लेकिन विचारधारा से नहीं, क्योंकि यह पार्टी भारत माता को परम वैभव पर ले जाने वाली विचारधारा है। राजनीतिक दल का सबसे बड़ा अभियान चुनाव होता है और वह मतदान केंद्र पर लड़ा जाता है, इसलिए प्रत्येक कार्यकर्ता मतदान केंद्र मजबूत करने का काम करे। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि जो दिन में बीजेपी का गमछा डालकर रात में कांग्रेस का काम करते है ऐसे कार्यकताओं को बर्दाश्त नही किया जाएगा। मंडल अध्यक्ष डॉ. सौरभ जैन ने स्वागत भाषण में मन की बात कार्यक्रम को बूथ स्तर पर सुनने, उसकी रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने और आगामी तिरंगा यात्रा जैसे कार्यक्रमों की जानकारी दी। साथ ही पूर्व विधायक बद्रीलाल सोनी, मंडल प्रभारी चंद्रेश शर्मा, नप अध्यक्ष प्रदीप सोनी, अजा मोर्चा जिलाध्यक्ष डॉ बीएस वर्मा ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। संचालन महामंत्री लखन सेन ने किया तथा आभार महामंत्री कालूसिंह नाहरखेड़ा ने माना। जानकारी मीडिया प्रभारी दीपक जैन ने दी।1
- लाखों की लागत से बना अतिरिक्त कक्ष उपेक्षा की भेंट, गंदगी और कांटेदार झाड़ियों से घिरा भवन; रखरखाव के अभाव में जर्जर होने की कगार पर सरकारी संपत्ति मोहन बड़ोदिया | राजेश जामलिया विकासखंड मोहन बड़ोदिया के ग्राम मोहना स्थित शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय परिसर में लाखों रुपए की लागत से निर्मित अतिरिक्त कक्ष इन दिनों विभागीय उपेक्षा का शिकार बना हुआ है। विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाए गए इस भवन के चारों ओर गंदगी का अंबार लगा हुआ है। परिसर में ऊंची घास, कांटेदार झाड़ियां और जंगली पौधे उग आने से भवन की सुंदरता पूरी तरह खत्म हो गई है। नियमित साफ-सफाई और रखरखाव नहीं होने के कारण भवन धीरे-धीरे जर्जर होने की स्थिति में पहुंचता जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार प्रत्येक वर्ष शिक्षा के क्षेत्र में करोड़ों रुपए खर्च कर नए विद्यालय भवन, अतिरिक्त कक्ष और अन्य आधारभूत सुविधाओं का निर्माण कराती है, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर वातावरण में शिक्षा मिल सके। लेकिन निर्माण कार्य पूरा होने के बाद इन भवनों के संरक्षण और रखरखाव की ओर संबंधित विभाग और विद्यालय प्रबंधन का ध्यान नहीं रहता। इसका परिणाम यह है कि लाखों रुपए की लागत से बनी सरकारी संपत्ति समय से पहले ही बदहाल होने लगती है। ग्रामीणों ने बताया कि अतिरिक्त कक्ष के आसपास लंबे समय से सफाई नहीं होने के कारण झाड़ियां इतनी घनी हो गई हैं कि भवन तक पहुंचना भी मुश्किल हो रहा है। बरसात के मौसम में इन झाड़ियों में सांप, बिच्छू और अन्य जहरीले जीव-जंतुओं के छिपे रहने की आशंका बनी रहती है, जिससे विद्यालय आने वाले बच्चों और शिक्षकों की सुरक्षा पर भी खतरा मंडरा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते भवन की साफ-सफाई, रंग-रोगन और नियमित रखरखाव नहीं कराया गया तो आने वाले समय में यह अतिरिक्त कक्ष पूरी तरह जर्जर होकर अनुपयोगी हो सकता है। इससे सरकार द्वारा खर्च की गई लाखों रुपए की राशि व्यर्थ साबित होगी। ग्रामीणों ने मांग की है कि शिक्षा विभाग तत्काल इस ओर ध्यान देकर परिसर की साफ-सफाई कराए, झाड़ियों को हटवाए तथा भवन का संरक्षण सुनिश्चित करे। सरकारी संपत्ति के संरक्षण की जिम्मेदारी तय हो ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालयों में निर्मित भवन केवल निर्माण तक सीमित नहीं रहने चाहिए, बल्कि उनका नियमित रखरखाव भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए। यदि जिम्मेदार अधिकारी समय-समय पर निरीक्षण करें और रखरखाव की व्यवस्था सुनिश्चित करें तो सरकारी भवन वर्षों तक सुरक्षित रह सकते हैं और विद्यार्थियों को उनका पूरा लाभ मिल सकेगा। क्या बोले प्राचार्य इस संबंध में शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय मोहना के प्राचार्य नंदकिशोर अंबावटीया ने बताया कि "वर्तमान में इस अतिरिक्त कक्ष का उपयोग नहीं किया जा रहा है। इसी कारण इसकी नियमित साफ-सफाई नहीं हो पा रही है।" बीआरसी ने दिया जांच का आश्वासन जब इस संबंध में भास्कर प्रतिनिधि ने बीआरसी गोकुल प्रसाद कुलमिया से चर्चा की तो उन्होंने कहा, "मुझे आपके माध्यम से इस मामले की जानकारी मिली है। मामले की जांच कराई जाएगी और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।" ग्रामीणों को उम्मीद है कि विभागीय अधिकारियों के संज्ञान में मामला आने के बाद विद्यालय परिसर की साफ-सफाई कराकर अतिरिक्त कक्ष का संरक्षण किया जाएगा, ताकि सरकारी धन से निर्मित यह भवन आने वाले वर्षों तक विद्यार्थियों के उपयोग में आ सके।1
- सुसनेर में पशुओं का आतंक: प्रमुख मार्गों में आवारा कुत्ते-सांड से बढ़ रहा दुर्घटनाओं का खतरा जिम्मेदारो से शिकायत पर भी कोई सुनवाई नही, पार्षद प्रतिनिधि पवन शर्मा ने उठाई आवाज1
- हार्दिक पांड्या ने कराया मुंडन! नया लुक देख फैंस रह गए हैरान | हार्दिक पांड्या ने आंध्र प्रदेश के तिरुमला स्थित श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में दर्शन किए। मंदिर की परंपरा के अनुसार उन्होंने केशदान यानी मुंडन भी कराया। इस दौरान उनके साथ उनकी गर्लफ्रेंड महिका शर्मा भी मौजूद रहीं। मुंडन के बाद हार्दिक का नया लुक सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और कई फैंस उन्हें पहली नजर में पहचान भी नहीं पाए।" आउट्रो: "हार्दिक पांड्या के इस नए लुक पर आपकी क्या राय है? कमेंट में जरूर बताइए। ऐसी ही ताज़ा खबरों के लिए All in One Media News को सब्सक्राइब करें।"1
- छापीहेड़ा में निराश्रित गोवंश हटाने की कार्रवाई पर विवाद, किसानों और नगर परिषद कर्मचारियों के बीच हाथापाई, गुस्साए किसानों ने संडावता नाके पर किया चक्का जाम छापीहेड़ा में निराश्रित गोवंश हटाने की कार्रवाई पर विवाद, किसानों और नगर परिषद कर्मचारियों के बीच हाथापाई, गुस्साए किसानों ने संडावता नाके पर किया चक्का जाम 2 अगस्त 2026 छापीहेड़ा,राजगढ़ जिले में निराश्रित गोवंश को सड़कों से हटाने के लिए जिला प्रशासन के आदेश के बाद छापीहेड़ा नगर में बड़ा विवाद सामने आया है। नगर परिषद द्वारा सड़क से गोवंश हटाने की कार्रवाई के दौरान पास के ग्राम जटामढ़ी के किसानों और नगर परिषद कर्मचारियों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि कहासुनी हाथापाई में बदल गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सड़क से गोवंश हटाए जाने का किसानों ने विरोध किया। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हुई और मामला हाथापाई तक पहुंच गया। घटना से नाराज किसानों ने संडावता नाके पर चक्का जाम कर दिया, जिससे कुछ समय तक यातायात प्रभावित रहा। सूचना मिलते ही छापीहेड़ा थाना प्रभारी उमाशंकर मुकाती पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। जनप्रतिनिधियों और समाज के वरिष्ठ लोगों ने भी दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया। समझने के बाद सभी गुस्साए किसान थाने पहुंचे । स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आसपास के थानों से भी पुलिस बल बुलाया गया और भीड़ को नियंत्रित किया गया। हाथापाई में चोटिल हुए किसानों की शिकायत पुलिस ने दर्ज कर ली है और मामले की जांच की जा रही है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब जिला प्रशासन द्वारा निराश्रित गोवंश को सड़कों से हटाने के स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं, तो ऐसे विरोध के बीच इन आदेशों का पालन कैसे होगा? गोर करने वाली बात यह हे कि छापीहेड़ा के गोसेवक कई बार छापीहेड़ा में गोशाला की मांग कर चुके हे लेकिन उनकी आवाज भी जवाबदारों तक नहीं पहुंच रही क्या नगर परिषद छापीहेड़ा आगे भी सड़कों से निराश्रित गोवंश हटाने की कार्रवाई जारी रखेगी? या फिर प्रशासन इस पूरे मामले में कोई नई व्यवस्था लागू करेगा? इन सवालों के जवाब आने वाले दिनों में साफ होंगे।1