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बजट स्वीकृत और समय सीमा समाप्त होने के बावजूद मेगा हाइवे से डोबडा-भगवानपुरा मार्ग बदहाल, कीचड़ और जलभराव से 10-15 गांवों के लोग परेशान ​खानपुर बारां मेगा हाइवे पर सुमर और खानपुर के बीच से निकल रही डोबडा व भगवानपुरा को जोड़ने वाला लगभग 7 किलोमीटर लंबा सड़क मार्ग पिछले कई महीनों से अत्यंत दयनीय और बदहाल स्थिति में है. सड़क क्षतिग्रस्त होने पर बजट घोषणा 2025-26 के तहत नॉन पैचेबल सड़कों के निर्माण कार्य के अंतर्गत इसके दो हिस्से तय किए गए, जिसमें पहला भाग मेगा हाइवे से डोबडा लगभग 3 किमी स्वीकृत राशि 62.00 लाख तथा दूसरा भाग डोबडा से भगवानपुरा लगभग 4 किमी स्वीकृत राशि 84.05 लाख शामिल हैं, जिनकी कुल स्वीकृत राशि लगभग 146 लाख रुपये है. विभागीय बोर्ड के अनुसार इस कार्य को अक्टूबर 2025 में शुरू कर मार्च 2026 तक पूरा किया जाना था. ​लेकिन तय समय सीमा बीतने के बावजूद ठेकेदार द्वारा केवल सड़क को खोदकर और उस पर नाम मात्र की गिट्टी डालकर काम ठप कर दिया गया है. वर्तमान मानसूनी बरसात के कारण इस खुदी हुई सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं और पानी भर जाने से कीचड़ व दलदल जैसी स्थिति बन गई है. इससे दुपहिया वाहन चालकों और लगभग 10 से 15 गांवों के ग्रामीणों, स्कूली बच्चों व बुजुर्गों का पैदल निकलना भी दूभर हो गया है. इस गंभीर समस्या को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता मनोज नागर, महेश नागर, लेखराज नागर, ओमप्रकाश पोटर, मोहनलाल कुम्हार, बबलू मेहरा और बजरंग लाल गुर्जर सहित क्षेत्रवासियों में भारी रोष है और उन्होंने प्रशासन से जल्द डामरीकरण शुरू करवाने की मांग की है.

20 hrs ago
user_Pradeep Nagar
Pradeep Nagar
Local News Reporter खानपुर, झालावाड़, राजस्थान•
20 hrs ago

बजट स्वीकृत और समय सीमा समाप्त होने के बावजूद मेगा हाइवे से डोबडा-भगवानपुरा मार्ग बदहाल, कीचड़ और जलभराव से 10-15 गांवों के लोग परेशान ​खानपुर बारां मेगा हाइवे पर सुमर और खानपुर के बीच से निकल रही डोबडा व भगवानपुरा को जोड़ने वाला लगभग 7 किलोमीटर लंबा सड़क मार्ग पिछले कई महीनों से अत्यंत दयनीय और बदहाल स्थिति में है. सड़क क्षतिग्रस्त होने पर बजट घोषणा 2025-26 के तहत नॉन पैचेबल सड़कों के निर्माण कार्य के अंतर्गत इसके दो हिस्से तय किए गए, जिसमें पहला भाग मेगा हाइवे से डोबडा लगभग 3 किमी स्वीकृत राशि 62.00 लाख तथा दूसरा भाग डोबडा से भगवानपुरा लगभग 4 किमी स्वीकृत राशि 84.05 लाख शामिल हैं, जिनकी कुल स्वीकृत राशि लगभग 146 लाख रुपये है. विभागीय बोर्ड के अनुसार इस कार्य को अक्टूबर 2025 में

शुरू कर मार्च 2026 तक पूरा किया जाना था. ​लेकिन तय समय सीमा बीतने के बावजूद ठेकेदार द्वारा केवल सड़क को खोदकर और उस पर नाम मात्र की गिट्टी डालकर काम ठप कर दिया गया है. वर्तमान मानसूनी बरसात के कारण इस खुदी हुई सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं और पानी भर जाने से कीचड़ व दलदल जैसी स्थिति बन गई है. इससे दुपहिया वाहन चालकों और लगभग 10 से 15 गांवों के ग्रामीणों, स्कूली बच्चों व बुजुर्गों का पैदल निकलना भी दूभर हो गया है. इस गंभीर समस्या को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता मनोज नागर, महेश नागर, लेखराज नागर, ओमप्रकाश पोटर, मोहनलाल कुम्हार, बबलू मेहरा और बजरंग लाल गुर्जर सहित क्षेत्रवासियों में भारी रोष है और उन्होंने प्रशासन से जल्द डामरीकरण शुरू करवाने की मांग की है.

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  • बजट स्वीकृत और समय सीमा समाप्त होने के बावजूद मेगा हाइवे से डोबडा-भगवानपुरा मार्ग बदहाल, कीचड़ और जलभराव से 10-15 गांवों के लोग परेशान ​खानपुर बारां मेगा हाइवे पर सुमर और खानपुर के बीच से निकल रही डोबडा व भगवानपुरा को जोड़ने वाला लगभग 7 किलोमीटर लंबा सड़क मार्ग पिछले कई महीनों से अत्यंत दयनीय और बदहाल स्थिति में है. सड़क क्षतिग्रस्त होने पर बजट घोषणा 2025-26 के तहत नॉन पैचेबल सड़कों के निर्माण कार्य के अंतर्गत इसके दो हिस्से तय किए गए, जिसमें पहला भाग मेगा हाइवे से डोबडा लगभग 3 किमी स्वीकृत राशि 62.00 लाख तथा दूसरा भाग डोबडा से भगवानपुरा लगभग 4 किमी स्वीकृत राशि 84.05 लाख शामिल हैं, जिनकी कुल स्वीकृत राशि लगभग 146 लाख रुपये है. विभागीय बोर्ड के अनुसार इस कार्य को अक्टूबर 2025 में शुरू कर मार्च 2026 तक पूरा किया जाना था. ​लेकिन तय समय सीमा बीतने के बावजूद ठेकेदार द्वारा केवल सड़क को खोदकर और उस पर नाम मात्र की गिट्टी डालकर काम ठप कर दिया गया है. वर्तमान मानसूनी बरसात के कारण इस खुदी हुई सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं और पानी भर जाने से कीचड़ व दलदल जैसी स्थिति बन गई है. इससे दुपहिया वाहन चालकों और लगभग 10 से 15 गांवों के ग्रामीणों, स्कूली बच्चों व बुजुर्गों का पैदल निकलना भी दूभर हो गया है. इस गंभीर समस्या को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता मनोज नागर, महेश नागर, लेखराज नागर, ओमप्रकाश पोटर, मोहनलाल कुम्हार, बबलू मेहरा और बजरंग लाल गुर्जर सहित क्षेत्रवासियों में भारी रोष है और उन्होंने प्रशासन से जल्द डामरीकरण शुरू करवाने की मांग की है.
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    बजट स्वीकृत और समय सीमा समाप्त होने के बावजूद मेगा हाइवे से डोबडा-भगवानपुरा मार्ग बदहाल, कीचड़ और जलभराव से 10-15 गांवों के लोग परेशान
​खानपुर बारां मेगा हाइवे पर सुमर और खानपुर के बीच से निकल रही डोबडा व भगवानपुरा को जोड़ने वाला लगभग 7 किलोमीटर लंबा सड़क मार्ग पिछले कई महीनों से अत्यंत दयनीय और बदहाल स्थिति में है. सड़क क्षतिग्रस्त होने पर बजट घोषणा 2025-26 के तहत नॉन पैचेबल सड़कों के निर्माण कार्य के अंतर्गत इसके दो हिस्से तय किए गए, जिसमें पहला भाग मेगा हाइवे से डोबडा लगभग 3 किमी स्वीकृत राशि 62.00 लाख तथा दूसरा भाग डोबडा से भगवानपुरा लगभग 4 किमी स्वीकृत राशि 84.05 लाख शामिल हैं, जिनकी कुल स्वीकृत राशि लगभग 146 लाख रुपये है. विभागीय बोर्ड के अनुसार इस कार्य को अक्टूबर 2025 में शुरू कर मार्च 2026 तक पूरा किया जाना था. ​लेकिन तय समय सीमा बीतने के बावजूद ठेकेदार द्वारा केवल सड़क को खोदकर और उस पर नाम मात्र की गिट्टी डालकर काम ठप कर दिया गया है. वर्तमान मानसूनी बरसात के कारण इस खुदी हुई सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं और पानी भर जाने से कीचड़ व दलदल जैसी स्थिति बन गई है. इससे दुपहिया वाहन चालकों और लगभग 10 से 15 गांवों के ग्रामीणों, स्कूली बच्चों व बुजुर्गों का पैदल निकलना भी दूभर हो गया है. इस गंभीर समस्या को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता मनोज नागर, महेश नागर, लेखराज नागर, ओमप्रकाश पोटर, मोहनलाल कुम्हार, बबलू मेहरा और बजरंग लाल गुर्जर सहित क्षेत्रवासियों में भारी रोष है और उन्होंने प्रशासन से जल्द डामरीकरण शुरू करवाने की मांग की है.
    user_Pradeep Nagar
    Pradeep Nagar
    Local News Reporter खानपुर, झालावाड़, राजस्थान•
    20 hrs ago
  • तीन साल से बंद मकान में दिखा अनोखा नजारा लाइट जल रही है भूत है या चोर
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    तीन साल से बंद मकान में दिखा अनोखा नजारा लाइट जल रही है भूत है या चोर
    user_Ashish Marmat
    Ashish Marmat
    सांगोद, कोटा, राजस्थान•
    15 hrs ago
  • चोरों ने फिर हाथ साफ किया, इस बार गोदाम से ले गए धनिए के कट्टे हरनावदाशाहजी. कस्बे में शातिर बदमाशों की कारगुजारियां थमने का नाम नही ले रही। बीती रात को भी मनोहरथाना मार्ग स्थित गल्ले के गोदाम से अज्ञात चोर करीब छह कट्टे धनिया चुराकर ले गए। चोरों के हौंसले इस कदर बढे हुए हैं कि आराम से दो बार आकर चोरी करके ले गए। जिनकी करतूत वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई हैं लेकिन मुंह पर कपडा बंधा होने से पहचान में नही आ रहे। प्राप्त जानकारी अनुसार मनोहरथाना मार्ग पर गल्ले की दुकान लगाने वाले बाबू राठौर ने बताया कि तडके करीब चार बजे बाइक से आए चोरों ने मेन गेट का ताला तोडकर चोरी की घटना को अंजाम दिया। इस दौरान अंदर गोदाम में कट्टों में रखा करीब तीस हजार कीमत का धनिया चुरा ले गए। चोरों के हौंसले इतने बढे हुए नजर आए कि सुबह होते होते चार से साढ़े चार बजे के बीच दो बार आकर सामान लेकर गए। कस्बे में चोरी की घटनाएं नही थमने एवं पुलिस की सुस्त कार्यप्रणाली के चलते आमजन में रोष बना है। इधर थानाधिकारी बीएस जाखड ने बताया कि चोरी का मामला सामने आया है। मामले में जांच की जा रही है।
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    चोरों ने फिर हाथ साफ किया, 
इस बार गोदाम से ले गए धनिए के कट्टे 
हरनावदाशाहजी. कस्बे में शातिर बदमाशों की कारगुजारियां थमने का नाम नही ले रही। बीती रात को भी मनोहरथाना मार्ग स्थित गल्ले के गोदाम से अज्ञात चोर करीब छह कट्टे धनिया चुराकर ले गए। चोरों के हौंसले इस कदर बढे हुए हैं कि आराम से दो बार आकर चोरी करके ले गए। जिनकी करतूत वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई हैं लेकिन मुंह पर कपडा बंधा होने से पहचान में नही आ रहे।
प्राप्त जानकारी अनुसार मनोहरथाना मार्ग पर गल्ले की दुकान लगाने वाले बाबू  राठौर ने बताया कि तडके करीब चार बजे बाइक से आए चोरों ने मेन गेट का ताला तोडकर चोरी की घटना को अंजाम दिया। इस दौरान अंदर गोदाम में कट्टों में रखा करीब तीस हजार कीमत का धनिया चुरा ले गए। चोरों के हौंसले इतने बढे हुए नजर आए कि सुबह होते होते  चार से साढ़े चार बजे के बीच दो बार आकर सामान लेकर गए। कस्बे में चोरी की घटनाएं नही थमने एवं पुलिस की सुस्त कार्यप्रणाली के चलते आमजन में रोष बना है। इधर थानाधिकारी बीएस जाखड ने बताया कि चोरी का मामला सामने आया है। मामले में जांच की जा रही है।
    user_Pramod jain
    Pramod jain
    पत्रकार छिपाबड़ौद, बारां, राजस्थान•
    12 hrs ago
  • झालावाड़-जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक जिला परिषद सभागार में झालावाड़-बारां सांसद दुष्यन्त सिंह की अध्यक्षता में आयोजित हुई केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं तथा जिले में संचालित विकास कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। झालावाड़-जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक जिला परिषद सभागार में झालावाड़-बारां सांसद दुष्यन्त सिंह की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं तथा जिले में संचालित विकास कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। सांसद दुष्यन्त सिंह ने कहा कि विकास योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य आमजन, गरीब व किसानों को समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं पारदर्शी तरीके से लाभ पहुंचाना है। जिले के सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरती जाए तथा प्रत्येक कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किया जाए। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, जल जीवन मिशन, अमृत योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, कृषि, वीबी-जीरामजी, शिक्षा, स्वास्थ्य, विद्युत, सिंचाई तथा अन्य केंद्रीय प्रायोजित योजनाओं की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। सांसद ने कहा कि विकास कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा तथा कार्यों का नियमित निरीक्षण सुनिश्चित किया जाए। सांसद ने जल जीवन मिशन के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि जिन गांवों में पेयजल आपूर्ति प्रभावित है, वहां प्राथमिकता के आधार पर आवश्यक कार्यवाही की जाए। जिले में जल की अधिकतम उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए जल अर्पण दिवस को सफल बनाने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। साथ ही उन्होंने परवन परियोजना के कार्य की भी जानकारी ली। कृषि विभाग की योजनाओं के अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को उन्नत कृषि तकनीक, सिंचाई सुविधाओं, फसल बीमा योजना तथा कृषि संबंधी अन्य योजनाओं का अधिकतम लाभ समय पर उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कृषि से जुड़े विकास कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश भी दिए। स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा सांसद ने कहा कि जिला चिकित्सालय एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर चिकित्सकों, दवाइयों एवं आवश्यक संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच बढ़ाने पर विशेष बल दिया।
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    झालावाड़-जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक जिला परिषद सभागार में झालावाड़-बारां सांसद दुष्यन्त सिंह की अध्यक्षता में आयोजित हुई केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं तथा जिले में संचालित विकास कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
झालावाड़-जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक जिला परिषद सभागार में झालावाड़-बारां सांसद दुष्यन्त सिंह की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं तथा जिले में संचालित विकास कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
सांसद दुष्यन्त सिंह ने कहा कि विकास योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य आमजन, गरीब व किसानों को समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं पारदर्शी तरीके से लाभ पहुंचाना है। जिले के सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरती जाए तथा प्रत्येक कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किया जाए।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, जल जीवन मिशन, अमृत योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, कृषि, वीबी-जीरामजी, शिक्षा, स्वास्थ्य, विद्युत, सिंचाई तथा अन्य केंद्रीय प्रायोजित योजनाओं की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। सांसद ने कहा कि विकास कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा तथा कार्यों का नियमित निरीक्षण सुनिश्चित किया जाए।
सांसद ने जल जीवन मिशन के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि जिन गांवों में पेयजल आपूर्ति प्रभावित है, वहां प्राथमिकता के आधार पर आवश्यक कार्यवाही की जाए। जिले में जल की अधिकतम उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए जल अर्पण दिवस को सफल बनाने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। साथ ही उन्होंने परवन परियोजना के कार्य की भी जानकारी ली।
कृषि विभाग की योजनाओं के अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को उन्नत कृषि तकनीक, सिंचाई सुविधाओं, फसल बीमा योजना तथा कृषि संबंधी अन्य योजनाओं का अधिकतम लाभ समय पर उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कृषि से जुड़े विकास कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश भी दिए। 
स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा सांसद ने कहा कि जिला चिकित्सालय एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर चिकित्सकों, दवाइयों एवं आवश्यक संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच बढ़ाने पर विशेष बल दिया।
    user_HARI MOHAN CHUDAWAT
    HARI MOHAN CHUDAWAT
    Local News Reporter झालरापाटन, झालावाड़, राजस्थान•
    22 hrs ago
  • पारंपरिक हथकरघा कला को राष्ट्रीय पहचान दिलाने में सांवरिया सेठ हथकरघा फाउंडेशन सोसाइटी की सराहनीय भूमिका* झालावाड़। जिला कलक्टर अजय सिंह राठौड़ ने शुक्रवार को असनावर स्थित सांवरिया सेठ हथकरघा फाउंडेशन सोसाइटी का निरीक्षण कर सोसाइटी द्वारा पारंपरिक हथकरघा उत्पादों एवं कपड़ों पर हैंडब्लॉक प्रिंटिंग के क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों और महिला रोजगार सृजन के प्रयासों की सराहना की। निरीक्षण के दौरान जिला कलक्टर ने सोसाइटी में तैयार किए जा रहे विभिन्न हथकरघा उत्पादों का अवलोकन किया तथा बुनकरों और कार्यरत महिलाओं से संवाद कर उत्पादन प्रक्रिया, डिजाइनों की विशेषताओं एवं विपणन व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सांवरिया सेठ हथकरघा फाउंडेशन सोसाइटी जिले की पारंपरिक हथकरघा कला को संरक्षित करने के साथ-साथ उसे राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य कर रही है। जिला कलक्टर ने कहा कि सोसाइटी द्वारा लगभग 50 ग्रामीण महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है, जो महिला सशक्तिकरण का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण महिलाओं को रोजगार से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना अत्यंत सराहनीय पहल है। सोसाइटी द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों में गागरोनी तोता साड़ी, गागरोनी तोता बेडशीट, सिंगल एवं डबल खेस, सिंगल एवं डबल बेडशीट, टॉवल सहित विभिन्न पारंपरिक हथकरघा उत्पाद प्रमुख हैं। इन उत्पादों में स्थानीय कला, संस्कृति एवं पारंपरिक डिजाइनों का सुंदर समावेश देखने को मिलता है, जो जिले की विशिष्ट पहचान को प्रदर्शित करता है। निरीक्षण के दौरान जिला कलक्टर ने विशेष रूप से महिलाओं द्वारा अखबार की रद्दी से हैंड बैग, मोबाइल बैग एवं अन्य उपयोगी सामग्री तैयार किए जाने की पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह कार्य पर्यावरण संरक्षण की दिशा में पुनर्चक्रण (रीसाइक्लिंग) को बढ़ावा देने का प्रेरणादायी उदाहरण है। उन्होंने कहा कि स्थानीय संसाधनों के सदुपयोग के साथ पर्यावरण संरक्षण और रोजगार सृजन को जोड़ना सोसाइटी की दूरदर्शी सोच को दर्शाता है। जिला कलक्टर ने सोसाइटी के बुनकरों को राज्य एवं जिला स्तर पर प्राप्त सम्मान का उल्लेख करते हुए कहा कि यह संस्था की गुणवत्ता, समर्पण एवं उत्कृष्ट कार्यशैली का प्रमाण है। उन्होंने बताया कि सोसाइटी के सदस्य श्री सुजानमल को वर्ष 2025 में गागरोनी तोता साड़ी के लिए राज्य स्तरीय बुनकर पुरस्कार के अंतर्गत द्वितीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। वहीं इस वर्ष श्रीमती गीता बाई को गागरोनी तोता साड़ी के लिए प्रथम जिला स्तरीय बुनकर पुरस्कार प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि न केवल संबंधित बुनकरों के लिए, बल्कि पूरे झालावाड़ जिले की पारंपरिक हथकरघा कला के लिए गौरव का विषय है। जिला कलक्टर ने कहा कि “सांवरिया सेठ हथकरघा फाउंडेशन सोसाइटी, असनावर द्वारा पारंपरिक हथकरघा कला को प्रोत्साहन देने, ग्रामीण महिलाओं को रोजगार से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने तथा पर्यावरण संरक्षण हेतु पुनर्चक्रण को बढ़ावा देने की दिशा में किए जा रहे कार्य अत्यंत प्रशंसनीय हैं। सोसाइटी के बुनकरों को राज्य एवं जिला स्तर पर मिल रहे पुरस्कार इनके उत्कृष्ट कार्य, गुणवत्ता और निष्ठा का प्रमाण हैं। निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारी, सोसाइटी के पदाधिकारी, बुनकर एवं बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ता उपस्थित रहीं। जिला कलक्टर ने सोसाइटी द्वारा तैयार उत्पादों के विपणन, डिज़ाइन विकास तथा प्रशिक्षण गतिविधियों को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए आवश्यक प्रयास करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सोसाइटी भविष्य में झालावाड़ की पारंपरिक हथकरघा कला को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। ——००——
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    पारंपरिक हथकरघा कला को राष्ट्रीय पहचान दिलाने में सांवरिया सेठ हथकरघा फाउंडेशन सोसाइटी की सराहनीय भूमिका*
झालावाड़। जिला कलक्टर अजय सिंह राठौड़ ने शुक्रवार को असनावर स्थित सांवरिया सेठ हथकरघा फाउंडेशन सोसाइटी का निरीक्षण कर सोसाइटी द्वारा पारंपरिक हथकरघा उत्पादों एवं कपड़ों पर हैंडब्लॉक प्रिंटिंग के क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों और महिला रोजगार सृजन के प्रयासों की सराहना की।
निरीक्षण के दौरान जिला कलक्टर ने सोसाइटी में तैयार किए जा रहे विभिन्न हथकरघा उत्पादों का अवलोकन किया तथा बुनकरों और कार्यरत महिलाओं से संवाद कर उत्पादन प्रक्रिया, डिजाइनों की विशेषताओं एवं विपणन व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सांवरिया सेठ हथकरघा फाउंडेशन सोसाइटी जिले की पारंपरिक हथकरघा कला को संरक्षित करने के साथ-साथ उसे राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य कर रही है।
जिला कलक्टर ने कहा कि सोसाइटी द्वारा लगभग 50 ग्रामीण महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है, जो महिला सशक्तिकरण का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण महिलाओं को रोजगार से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना अत्यंत सराहनीय पहल है।
सोसाइटी द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों में गागरोनी तोता साड़ी, गागरोनी तोता बेडशीट, सिंगल एवं डबल खेस, सिंगल एवं डबल बेडशीट, टॉवल सहित विभिन्न पारंपरिक हथकरघा उत्पाद प्रमुख हैं। इन उत्पादों में स्थानीय कला, संस्कृति एवं पारंपरिक डिजाइनों का सुंदर समावेश देखने को मिलता है, जो जिले की विशिष्ट पहचान को प्रदर्शित करता है।
निरीक्षण के दौरान जिला कलक्टर ने विशेष रूप से महिलाओं द्वारा अखबार की रद्दी से हैंड बैग, मोबाइल बैग एवं अन्य उपयोगी सामग्री तैयार किए जाने की पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह कार्य पर्यावरण संरक्षण की दिशा में पुनर्चक्रण (रीसाइक्लिंग) को बढ़ावा देने का प्रेरणादायी उदाहरण है। उन्होंने कहा कि स्थानीय संसाधनों के सदुपयोग के साथ पर्यावरण संरक्षण और रोजगार सृजन को जोड़ना सोसाइटी की दूरदर्शी सोच को दर्शाता है।
जिला कलक्टर ने सोसाइटी के बुनकरों को राज्य एवं जिला स्तर पर प्राप्त सम्मान का उल्लेख करते हुए कहा कि यह संस्था की गुणवत्ता, समर्पण एवं उत्कृष्ट कार्यशैली का प्रमाण है। उन्होंने बताया कि सोसाइटी के सदस्य श्री सुजानमल को वर्ष 2025 में गागरोनी तोता साड़ी के लिए राज्य स्तरीय बुनकर पुरस्कार के अंतर्गत द्वितीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। वहीं इस वर्ष श्रीमती गीता बाई को गागरोनी तोता साड़ी के लिए प्रथम जिला स्तरीय बुनकर पुरस्कार प्राप्त हुआ है।
उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि न केवल संबंधित बुनकरों के लिए, बल्कि पूरे झालावाड़ जिले की पारंपरिक हथकरघा कला के लिए गौरव का विषय है।
जिला कलक्टर ने कहा कि “सांवरिया सेठ हथकरघा फाउंडेशन सोसाइटी, असनावर द्वारा पारंपरिक हथकरघा कला को प्रोत्साहन देने, ग्रामीण महिलाओं को रोजगार से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने तथा पर्यावरण संरक्षण हेतु पुनर्चक्रण को बढ़ावा देने की दिशा में किए जा रहे कार्य अत्यंत प्रशंसनीय हैं। सोसाइटी के बुनकरों को राज्य एवं जिला स्तर पर मिल रहे पुरस्कार इनके उत्कृष्ट कार्य, गुणवत्ता और निष्ठा का प्रमाण हैं।
निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारी, सोसाइटी के पदाधिकारी, बुनकर एवं बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ता उपस्थित रहीं। जिला कलक्टर ने सोसाइटी द्वारा तैयार उत्पादों के विपणन, डिज़ाइन विकास तथा प्रशिक्षण गतिविधियों को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए आवश्यक प्रयास करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सोसाइटी भविष्य में झालावाड़ की पारंपरिक हथकरघा कला को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
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    user_Jhalawar hulchal
    Jhalawar hulchal
    झालरापाटन, झालावाड़, राजस्थान•
    1 day ago
  • एन एच 52 दरा नाल में लगने वाले ज़ाम से आमजन को बड़ी राहत मिली लेकिन नाल के अन्दर बड़े बड़े गड्ढे से वाहनों में हो रही टूट फूट मोड़क क्षेत्र से निकल रहें कोटा झालावाड़ राष्ट्रीय राजमार्ग 52 पर दरा नाल में लगने वाले ज़ाम से वाहन चालकों को कुछ हद तक बड़ी राहत मिली, जिसमे दरा अभ्यारण क्षेत्र में बनी देश कि आधुनिक दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस वें 4.9 किलोमीटर लम्बी टनल कि एक साइट को शुरू कर दिया है जिससे मुंबई मध्यप्रदेश कि तरफ़ से आने वाले वाहन अब सीधे 8 लेने मुकन्दरा टनल के अन्दर से होकर कोटा दिल्ली कि तरफ़ निकलने लगें हैं जिससे दरा नाल में लगने वाले ज़ाम और वाहन कि संख्या में कमी आई , वहीं कोटा झालावाड़ राष्ट्रीय राजमार्ग 52 दरा नाल में पिछले कुछ दिनों से गहरे गड्ढों के चलते बाहर बाहर वाहन ख़राब और वाहनों में टुट फूट हों रहें जिससे आमजन को बड़ी परेशानी हो रही है फिर भी प्रशासन ध्यान नहीं दें रहा, कमलपुरा फोरलेन लेकर दरा नाल तक दोनों साइटों में गहरे गड्ढे हो गए,दरा नाल हाईवे पुलिस अपने स्तर पर हीं से 2 बाहर से अधिक बाहर जेसीबी मशीन कि मदद से दरा नाल के अन्दर गड्डे भरवा चुके, जिससे वाहनों को कुछ राहत मिली, लेकिन वापस बारिश के चलते फिर से नाल में गहरे गड्ढे होने लगेंगे हैं।
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    एन एच 52 दरा नाल में लगने वाले ज़ाम से आमजन को बड़ी राहत मिली लेकिन नाल के अन्दर बड़े बड़े गड्ढे से वाहनों में हो रही टूट फूट 
मोड़क क्षेत्र से निकल रहें कोटा झालावाड़ राष्ट्रीय राजमार्ग 52 पर दरा नाल में लगने वाले ज़ाम से वाहन चालकों को कुछ हद तक बड़ी राहत मिली, जिसमे दरा अभ्यारण क्षेत्र में बनी देश कि आधुनिक दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस वें 4.9 किलोमीटर लम्बी टनल कि एक साइट को शुरू कर दिया है जिससे मुंबई मध्यप्रदेश कि तरफ़ से आने वाले वाहन अब सीधे 8 लेने मुकन्दरा टनल के अन्दर से होकर कोटा दिल्ली कि तरफ़ निकलने लगें हैं जिससे दरा नाल में लगने वाले ज़ाम और वाहन कि संख्या में कमी आई , वहीं कोटा झालावाड़ राष्ट्रीय राजमार्ग 52 दरा नाल में पिछले कुछ दिनों से गहरे गड्ढों के चलते बाहर बाहर वाहन ख़राब और वाहनों में टुट फूट हों रहें जिससे आमजन को बड़ी परेशानी हो रही है फिर भी प्रशासन ध्यान नहीं दें रहा, कमलपुरा फोरलेन लेकर दरा नाल तक दोनों साइटों में गहरे गड्ढे हो गए,दरा नाल हाईवे पुलिस अपने स्तर पर हीं से  2 बाहर से अधिक बाहर जेसीबी मशीन कि मदद से दरा नाल के अन्दर गड्डे भरवा चुके, जिससे वाहनों को कुछ राहत मिली, लेकिन वापस बारिश के चलते फिर से नाल में गहरे गड्ढे होने लगेंगे हैं।
    user_सोनू यादव
    सोनू यादव
    रामगंज मंडी, कोटा, राजस्थान•
    13 hrs ago
  • दिल्ली जंतर मंतर पर पुलिस ने छात्रों पर लाठीचार्ज मोदी डर के भागा दिल्ली जंतर मंतर पर पुलिस ने छात्रों पर लाठीचार्ज मोदी डर के भागा
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    दिल्ली जंतर मंतर पर पुलिस ने छात्रों पर लाठीचार्ज मोदी डर के भागा
दिल्ली जंतर मंतर पर पुलिस ने छात्रों पर लाठीचार्ज मोदी डर के भागा
    user_Pradeep Kumar bairwa
    Pradeep Kumar bairwa
    Content Creator (YouTuber) कनवास, कोटा, राजस्थान•
    8 hrs ago
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