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श्रीगंगानगर नगर परिषद में एक शहरी शिविर चल रहा है। श्रीगंगानगर, राजस्थान से मिली जानकारी के अनुसार, जगदीश ने बताया है कि नगर परिषद शहरी शिविर जारी है।
जगदीश श्री गंगानगर
श्रीगंगानगर नगर परिषद में एक शहरी शिविर चल रहा है। श्रीगंगानगर, राजस्थान से मिली जानकारी के अनुसार, जगदीश ने बताया है कि नगर परिषद शहरी शिविर जारी है।
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- उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले से आकर लालगढ़ जाटान क्षेत्र में ईंट भट्ठे पर मजदूरी करने वाले आले अली के परिवार की 15 वर्षीय बेटी सोनम पिछले एक माह 10 दिन से लापता है। सोनम 30 मई की रात बुधरावाली स्थित ईंट भट्ठे से अचानक गायब हो गई थी, जिसके बाद से उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया है। पीड़ित पिता ने आरोप लगाया है कि रूपलाल पुत्र श्रीभगवान सिंह निवासी चक अबोरिया ढाणी उनकी बेटी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। परिजनों के अनुसार, घटना के तुरंत बाद लालगढ़ जाटान थाने में मुकदमा दर्ज नहीं किया गया था। बाद में 6 जून को परिवार ने श्रीगंगानगर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में गुहार लगाई, जिसके उपरांत मामला दर्ज किया गया और इसकी जांच लालगढ़ जाटान थाने के एसआई रामभगत को सौंपी गई। नाबालिग के लापता होने के इतने समय बाद भी कोई जानकारी न मिलने से व्यथित परिवार ने आज श्रीगंगानगर में एक प्रेस वार्ता कर पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। परिवार का कहना है कि लगातार अधिकारियों से गुहार के बावजूद बेटी का पता नहीं चला है, जिससे पूरा परिवार गहरे सदमे और चिंता में है। प्रेस वार्ता में भीम आर्मी ने भी पीड़ित परिवार को अपना पूर्ण समर्थन दिया। भीम आर्मी के पदाधिकारियों ने बताया कि लगभग एक सप्ताह पूर्व संगठन पीड़ित परिवार को लेकर हरिशंकर से मिला था, जहाँ पुलिस अधीक्षक ने दो दिन के भीतर बच्ची को बरामद करने का आश्वासन दिया था। इसी आश्वासन के आधार पर भीम आर्मी ने उस समय परिवार को शांत रहने और पुलिस को समय देने के लिए राजी किया था, लेकिन आठ दिन बीत जाने के बाद भी सोनम की बरामदगी नहीं हुई। संगठन के पदाधिकारियों ने प्रेस वार्ता के दौरान एसआई रामभगत से भी बात की, जिन्होंने नाबालिग को बरामद करने के लिए दो दिन का और समय मांगा है। भीम आर्मी ने चेतावनी दी है कि यदि इस दो दिन की समय-सीमा के भीतर सोनम की बरामदगी नहीं होती है तो भीषण गर्मी में पीड़ित परिवार के साथ बीकानेर स्थित आईजी कार्यालय तक पैदल मार्च निकाला जाएगा। भीम आर्मी और पीड़ित परिवार ने प्रशासन से तत्काल नाबालिग सोनम को सकुशल बरामद करने और इस मामले में जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। संगठन ने स्पष्ट किया कि यदि तय समय में कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा तथा न्याय की मांग को लेकर आईजी बीकानेर कार्यालय तक पैदल मार्च किया जाएगा।1
- रोटरी बालाजी मंदिर में श्री महेश मंडली द्वारा एक भव्य सुंदरकांड पाठ का सफल आयोजन सम्पन्न हुआ है। इस आयोजन के दौरान, मंदिर परिसर में सुंदरकांड की मधुर गूंज सुनाई दी।1
- रायसिंहनगर स्थित श्री राम डेयरी पर आम जन के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए शुद्धता का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। डेयरी अपनी सेवाओं में विशेष रूप से शुद्धता बनाए रखने पर केंद्रित है।2
- राजस्थान के हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर जिलों से एक बेहद विचलित करने वाली और बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ प्रशासन के ढुलमुल रवैये से तंग आकर एक दलित परिवार ने इच्छा मृत्यु की मांग की है। यह मामला 44 बीघा जमीन पर रसूखदार भू-माफिया द्वारा किए गए जानलेवा हमले और उसके बाद पुलिस द्वारा कार्रवाई न होने से जुड़ा है। नवरतन भारत के अनुसार, भू-माफिया के खिलाफ दो-दो बार गिरफ्तारी के आदेश दिए जाने के बावजूद पुलिस के हाथ अब तक खाली हैं। एक तरफ जहाँ सरकारें दलितों और वंचितों के अधिकारों की रक्षा का दावा करती हैं, वहीं हनुमानगढ़ में यह पीड़ित परिवार इंसाफ की आस में दर-दर भटक रहा है। पीड़ित मेजर सिंह अपनी मांगों को लेकर 20 अप्रैल से तपती धूप में धरना दिए हुए हैं। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 12 जुलाई तक दोषियों की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो वे 13 जुलाई को अपने पूरे परिवार सहित इच्छा मृत्यु कर लेंगे।1
- अनूपगढ़ के चराया परिवार ने एक नेक पहल करते हुए अपने बच्चों का जन्मदिन वृद्धाश्रम में रह रहे वृद्धजनों के साथ मनाया। परिवार ने अनूपगढ़ स्थित वृद्धाश्रम में देवतुल्य वृद्धजनों की मौजूदगी में खुशियाँ बांटी और इस विशेष अवसर को यादगार बनाया।1
- पार्षद राजेश सिंहमार ने उकलाना गांव के वार्ड 13, 14 और 16 के तीनों राशन डिपो का मौके पर निरीक्षण किया, जहां वितरित किए जा रहे गेहूं की गुणवत्ता असंतोषजनक पाई गई। निरीक्षण में पता चला कि गेहूं में फफूंदी, घुन (सुरसी) और काले दाने मौजूद थे, जिससे वह उपभोग के योग्य नहीं लग रही थी। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, पार्षद ने तुरंत DFCI के संबंधित अधिकारियों और ठेकेदार से बात कर खराब गेहूं के वितरण को रोकने और उसे बदलने की मांग की। ठेकेदार ने फिलहाल इस गेहूं का वितरण रोकने की बात कही है। यह गेहूं जानवरों के खाने लायक भी नहीं बताया गया है, फिर भी इंसानों को दिया जा रहा था, जिससे ग्रामीणों में भारी रोष है। जनहित को सर्वोपरि बताते हुए, पार्षद ने क्षेत्रवासियों को गुणवत्तापूर्ण राशन उपलब्ध कराने को अपनी प्राथमिकता बताया और कहा कि जब तक उचित गुणवत्ता का गेहूं उपलब्ध नहीं होता, तब तक इस मामले की लगातार निगरानी की जाएगी। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि उकलाना के डिपो में खराब गेहूं की शिकायतें पहले भी आती रही हैं। सरकार से मांग की गई है कि ऐसे ठेकेदारों और अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, जो अपनी ड्यूटी में लापरवाही कर लोगों की जान से खिलवाड़ करते हैं।2
- श्रीगंगानगर जिले के लालगढ़ जाटान क्षेत्र में एक ईंट भट्ठे पर मजदूरी करने वाले आले अली की 15 वर्षीय बेटी सोनम 30 मई की रात से लापता है, लेकिन एक माह 10 दिन बाद भी उसका कोई सुराग नहीं मिला है। पीड़ित परिवार ने आज श्रीगंगानगर में एक प्रेस वार्ता कर पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं और भीम आर्मी ने इस मामले में पुलिस को दो दिन का अल्टीमेटम दिया है। लापता सोनम, जो उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले की निवासी है, बुधरावाली स्थित ईंट भट्ठे से गायब हुई थी। पिता आले अली ने आरोप लगाया है कि रूपलाल पुत्र श्रीभगवान सिंह निवासी चक अबोरिया ढाणी उनकी बेटी को बहला-फुसलाकर ले गया है। परिजनों का कहना है कि घटना के तत्काल बाद लालगढ़ जाटान थाने में मुकदमा दर्ज नहीं किया गया था। बाद में 6 जून को परिवार ने श्रीगंगानगर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर गुहार लगाई, जिसके बाद मामला दर्ज किया गया और जांच लालगढ़ जाटान थाने के एसआई रामभगत को सौंपी गई। लगातार अधिकारियों से गुहार लगाने के बावजूद बेटी का पता न चलने से पूरा परिवार गहरे सदमे और चिंता में है। प्रेस वार्ता में भीम आर्मी ने पीड़ित परिवार को अपना समर्थन दिया। संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि उनकी एसआई रामभगत से बातचीत हुई, जिन्होंने नाबालिग को बरामद करने के लिए दो दिन का समय मांगा है। भीम आर्मी ने स्पष्ट किया कि यदि दो दिन के भीतर सोनम की बरामदगी नहीं होती है, तो पीड़ित परिवार के साथ भीषण गर्मी में बीकानेर स्थित आईजी कार्यालय तक पैदल मार्च निकाला जाएगा। संगठन ने यह भी बताया कि लगभग एक सप्ताह पहले वे परिवार को लेकर हरिशंकर से मिले थे, जहाँ पुलिस अधीक्षक ने दो दिन के भीतर बच्ची को बरामद करने का आश्वासन दिया था। इसी आश्वासन के आधार पर भीम आर्मी ने तब परिवार को शांत रहने के लिए राजी किया था, लेकिन आठ दिन बीत जाने के बाद भी बच्ची की बरामदगी न होने पर आज यह प्रेस वार्ता आयोजित की गई है। भीम आर्मी और पीड़ित परिवार ने प्रशासन से मांग की है कि नाबालिग सोनम को जल्द से जल्द सकुशल बरामद किया जाए और मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि तय समय में कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा, जिसमें आईजी बीकानेर कार्यालय तक पैदल मार्च कर न्याय की मांग की जाएगी।1
- चार घंटे की कड़ी मेहनत के बाद एक मासूम को उसके परिवार से सफलतापूर्वक मिला दिया गया। इस प्रयास के फलस्वरूप मासूम अपने परिवार से मिल सका।1
- देश के महत्वाकांक्षी दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे परियोजना के निर्माण कार्य की गति और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से हाल ही में इसके कई महत्वपूर्ण खंडों का गहन निरीक्षण किया गया है। अधिकारियों ने दिल्ली, राजस्थान और मध्य प्रदेश में चल रहे विभिन्न पैकेजों की प्रगति का बारीकी से जायजा लिया, ताकि इस बहुप्रतीक्षित सड़क परियोजना को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जा सके। निरीक्षण के दौरान, दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में कनेक्टिविटी सुधारने वाले डीएनडी-सोहना एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे के शुरुआती खंड की समीक्षा की गई। इसके अतिरिक्त, दिल्ली-वडोदरा एक्सप्रेसवे के पैकेज 2, 3, 4 और 5 के निर्माण कार्यों की भी सघन जांच की गई। राजस्थान से गुजरने वाले एक्सप्रेसवे के बड़े हिस्से का भी मुआयना हुआ, जिसमें दिल्ली-वडोदरा एक्सप्रेसवे के पैकेज 6 से 15 तक शामिल थे। इस खंड में सबसे खास 8-लेन वाली मुकुंदरा सड़क सुरंग (ट्विन टनल) रही, जिसकी इंजीनियरिंग बारीकियों और निर्माण कार्य का विशेष रूप से मूल्यांकन किया गया, इसे वन्यजीवों की सुरक्षा और सुगम यातायात का उत्कृष्ट उदाहरण बताया गया है। वहीं, मध्य प्रदेश की सीमा में आने वाले दिल्ली-वडोदरा एक्सप्रेसवे के पैकेज 16, 17 और 18 के कार्यों का भी मौके पर जाकर निरीक्षण किया गया। इन लगातार हो रहे निरीक्षणों से यह स्पष्ट है कि इस विश्वस्तरीय एक्सप्रेसवे के कार्य को जल्द से जल्द पूर्ण करने पर पूरा ध्यान केंद्रित है। इस एक्सप्रेसवे के पूरी तरह चालू हो जाने से दिल्ली और मुंबई के बीच यात्रा का समय घटकर आधा रह जाएगा, जिससे न केवल यात्रियों को सुविधा होगी, बल्कि हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश और गुजरात जैसे राज्यों के आर्थिक और औद्योगिक विकास को भी नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।1