सुदीप जैस्वाल एडवोकेट्स फाउंडेशन की स्थापना की घोषणा – एड. सतीश उके सुदीप जैस्वाल एडवोकेट्स फाउंडेशन की स्थापना की घोषणा – एड. सतीश उके नागपूर :- स्वर्गीय एडवोकेट सुदीप जैस्वाल का वकील मित्र परिवार बहुत बड़ा था। उन्होंने अपनी आय का अधिकांश हिस्सा वकीलों के आंदोलन और उनके कल्याण के लिए खर्च किया। सुदीप जैस्वाल ने वकीलों पर दबाव बनाने और शक्ति का दुरुपयोग करने वालों का विरोध किया, जिसके लिए उन्हें व्यक्तिगत नुकसान भी उठाना पड़ा और उनके खिलाफ मामले भी दर्ज हुए। उन्होंने वकीलों में अन्याय के खिलाफ लड़ने का साहस और आत्मविश्वास पैदा किया। उनका कार्य इतिहास में सदैव अमर रहेगा। सुदीप जैस्वाल एडवोकेट्स फाउंडेशन की स्थापना स्वर्गीय एड. सुदीप जैस्वाल की स्मृति में की जा रही है, ताकि वकीलों के अधिकारों के लिए उनके द्वारा किए गए कार्य आगे भी जारी रह सकें। अपने जीवनकाल में उन्होंने कुछ वकील साथियों के साथ मिलकर एक संस्था शुरू करने का प्रयास किया था, लेकिन “Central India” शब्द होने के कारण धर्मादाय आयुक्त कार्यालय ने उसकी नोंदणी अस्वीकार कर दी थी। अब उनकी इच्छा के अनुसार नागपुर सहित विदर्भ के वकीलों और उनके परिवारों के लिए कार्य आगे बढ़ाया जाएगा। यह संस्था पूर्णतः गैर-लाभकारी (Non-Profit) आधार पर कार्य करेगी। इसके प्रमुख उद्देश्यों में शामिल हैं: टाइम बैंक की शुरुआत – यदि कोई वकील बीमार हो या बाहर गया हो, तो अन्य सदस्य उसके आवेदन को न्यायालय में पहुंचाएंगे और यह समय उनके खाते में जमा होगा, जिसे वे भविष्य में उपयोग कर सकेंगे। वकील भवन, जिमखाना और रिक्रिएशन क्लब – नागपुर में वकीलों के लिए सुविधाओं का अभाव है, इसे दूर करने के लिए ऐसे केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जहां रियायती दरों पर सुविधाएं मिलेंगी। क्रिकेट ग्राउंड और इंफ्रास्ट्रक्चर – नागपुर ग्रामीण क्षेत्र में 7 एकड़ जमीन पर क्रिकेट ग्राउंड और क्लब बनाने की योजना है। “Advocates 11” टीम को भी पुनः मजबूत किया जाएगा। डेटा बेस निर्माण – भ्रष्ट, अयोग्य और कामचोर अधिकारियों के खिलाफ जानकारी का डेटाबेस तैयार किया जाएगा, जिससे वकीलों को मदद मिल सके। वकीलों के परिवार को सहायता – किसी वकील के साथ दुर्भाग्यपूर्ण घटना होने पर उसके परिवार को नि:शुल्क कानूनी सहायता प्रदान की जाएगी। सदस्य सहयोग – सदस्य दान, श्रमदान और सहयोग से संस्था के कार्यों को आगे बढ़ाएंगे। अन्याय के खिलाफ आवाज – वकीलों और न्याय क्षेत्र के ईमानदार अधिकारियों पर होने वाले अन्याय के खिलाफ आवाज उठाई जाएगी। न्यायालय में कार्यप्रणाली सुधार – वकीलों को लंबे समय तक खड़े रहने की बाध्यता को लेकर सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट में सुधार के लिए प्रस्ताव दिया जाएगा, ताकि आवश्यकतानुसार बैठकर बहस की अनुमति मिल सके। कानूनी संरक्षण – वकीलों पर हमले और झूठी शिकायतों के खिलाफ कड़े कानून बनाने के लिए सरकार से मांग की जाएगी। इस पत्रकार परिषद में एड. कमल सतुजा, एड. तरुण परमार, एड. सतीश उके, एड. वैभव जगताप, एड. लूबेश मेश्राम, एड. कौशल त्रिवेदी, एड. नकुल परमार और सुनील चोखारे सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
सुदीप जैस्वाल एडवोकेट्स फाउंडेशन की स्थापना की घोषणा – एड. सतीश उके सुदीप जैस्वाल एडवोकेट्स फाउंडेशन की स्थापना की घोषणा – एड. सतीश उके नागपूर :- स्वर्गीय एडवोकेट सुदीप जैस्वाल का वकील मित्र परिवार बहुत बड़ा था। उन्होंने अपनी आय का अधिकांश हिस्सा वकीलों के आंदोलन और उनके कल्याण के लिए खर्च किया। सुदीप जैस्वाल ने वकीलों पर दबाव बनाने और शक्ति का दुरुपयोग करने वालों का विरोध किया, जिसके लिए उन्हें व्यक्तिगत नुकसान भी उठाना पड़ा और उनके खिलाफ मामले भी दर्ज हुए। उन्होंने वकीलों में अन्याय के खिलाफ लड़ने का साहस और आत्मविश्वास पैदा किया। उनका कार्य इतिहास में सदैव अमर रहेगा। सुदीप जैस्वाल एडवोकेट्स फाउंडेशन की स्थापना स्वर्गीय एड. सुदीप जैस्वाल की स्मृति में की जा रही है, ताकि वकीलों के अधिकारों के लिए उनके द्वारा किए गए कार्य आगे भी जारी रह सकें। अपने जीवनकाल में उन्होंने कुछ वकील साथियों के साथ मिलकर एक संस्था शुरू करने का प्रयास किया था, लेकिन “Central India” शब्द होने के कारण धर्मादाय आयुक्त कार्यालय ने उसकी नोंदणी अस्वीकार कर दी थी। अब उनकी इच्छा के अनुसार नागपुर सहित विदर्भ के वकीलों और उनके परिवारों के लिए कार्य आगे बढ़ाया जाएगा। यह संस्था पूर्णतः गैर-लाभकारी (Non-Profit) आधार पर कार्य करेगी। इसके प्रमुख उद्देश्यों में शामिल हैं: टाइम बैंक की शुरुआत – यदि कोई वकील बीमार हो या बाहर गया हो, तो अन्य सदस्य उसके आवेदन को न्यायालय में पहुंचाएंगे और यह समय उनके खाते में जमा होगा, जिसे वे भविष्य में उपयोग कर सकेंगे। वकील भवन, जिमखाना और रिक्रिएशन क्लब – नागपुर में वकीलों के लिए सुविधाओं का अभाव है, इसे दूर करने के लिए ऐसे केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जहां रियायती दरों पर सुविधाएं मिलेंगी। क्रिकेट ग्राउंड और इंफ्रास्ट्रक्चर – नागपुर ग्रामीण क्षेत्र में 7 एकड़ जमीन पर क्रिकेट ग्राउंड और क्लब बनाने की योजना है। “Advocates 11” टीम को भी पुनः मजबूत किया जाएगा। डेटा बेस निर्माण – भ्रष्ट, अयोग्य और कामचोर अधिकारियों के खिलाफ जानकारी का डेटाबेस तैयार किया जाएगा, जिससे वकीलों को मदद मिल सके। वकीलों के परिवार को सहायता – किसी वकील के साथ दुर्भाग्यपूर्ण घटना होने पर उसके परिवार को नि:शुल्क कानूनी सहायता प्रदान की जाएगी। सदस्य सहयोग – सदस्य दान, श्रमदान और सहयोग से संस्था के कार्यों को आगे बढ़ाएंगे। अन्याय के खिलाफ आवाज – वकीलों और न्याय क्षेत्र के ईमानदार अधिकारियों पर होने वाले अन्याय के खिलाफ आवाज उठाई जाएगी। न्यायालय में कार्यप्रणाली सुधार – वकीलों को लंबे समय तक खड़े रहने की बाध्यता को लेकर सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट में सुधार के लिए प्रस्ताव दिया जाएगा, ताकि आवश्यकतानुसार बैठकर बहस की अनुमति मिल सके। कानूनी संरक्षण – वकीलों पर हमले और झूठी शिकायतों के खिलाफ कड़े कानून बनाने के लिए सरकार से मांग की जाएगी। इस पत्रकार परिषद में एड. कमल सतुजा, एड. तरुण परमार, एड. सतीश उके, एड. वैभव जगताप, एड. लूबेश मेश्राम, एड. कौशल त्रिवेदी, एड. नकुल परमार और सुनील चोखारे सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
- सुदीप जैस्वाल एडवोकेट्स फाउंडेशन की स्थापना की घोषणा – एड. सतीश उके नागपूर :- स्वर्गीय एडवोकेट सुदीप जैस्वाल का वकील मित्र परिवार बहुत बड़ा था। उन्होंने अपनी आय का अधिकांश हिस्सा वकीलों के आंदोलन और उनके कल्याण के लिए खर्च किया। सुदीप जैस्वाल ने वकीलों पर दबाव बनाने और शक्ति का दुरुपयोग करने वालों का विरोध किया, जिसके लिए उन्हें व्यक्तिगत नुकसान भी उठाना पड़ा और उनके खिलाफ मामले भी दर्ज हुए। उन्होंने वकीलों में अन्याय के खिलाफ लड़ने का साहस और आत्मविश्वास पैदा किया। उनका कार्य इतिहास में सदैव अमर रहेगा। सुदीप जैस्वाल एडवोकेट्स फाउंडेशन की स्थापना स्वर्गीय एड. सुदीप जैस्वाल की स्मृति में की जा रही है, ताकि वकीलों के अधिकारों के लिए उनके द्वारा किए गए कार्य आगे भी जारी रह सकें। अपने जीवनकाल में उन्होंने कुछ वकील साथियों के साथ मिलकर एक संस्था शुरू करने का प्रयास किया था, लेकिन “Central India” शब्द होने के कारण धर्मादाय आयुक्त कार्यालय ने उसकी नोंदणी अस्वीकार कर दी थी। अब उनकी इच्छा के अनुसार नागपुर सहित विदर्भ के वकीलों और उनके परिवारों के लिए कार्य आगे बढ़ाया जाएगा। यह संस्था पूर्णतः गैर-लाभकारी (Non-Profit) आधार पर कार्य करेगी। इसके प्रमुख उद्देश्यों में शामिल हैं: टाइम बैंक की शुरुआत – यदि कोई वकील बीमार हो या बाहर गया हो, तो अन्य सदस्य उसके आवेदन को न्यायालय में पहुंचाएंगे और यह समय उनके खाते में जमा होगा, जिसे वे भविष्य में उपयोग कर सकेंगे। वकील भवन, जिमखाना और रिक्रिएशन क्लब – नागपुर में वकीलों के लिए सुविधाओं का अभाव है, इसे दूर करने के लिए ऐसे केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जहां रियायती दरों पर सुविधाएं मिलेंगी। क्रिकेट ग्राउंड और इंफ्रास्ट्रक्चर – नागपुर ग्रामीण क्षेत्र में 7 एकड़ जमीन पर क्रिकेट ग्राउंड और क्लब बनाने की योजना है। “Advocates 11” टीम को भी पुनः मजबूत किया जाएगा। डेटा बेस निर्माण – भ्रष्ट, अयोग्य और कामचोर अधिकारियों के खिलाफ जानकारी का डेटाबेस तैयार किया जाएगा, जिससे वकीलों को मदद मिल सके। वकीलों के परिवार को सहायता – किसी वकील के साथ दुर्भाग्यपूर्ण घटना होने पर उसके परिवार को नि:शुल्क कानूनी सहायता प्रदान की जाएगी। सदस्य सहयोग – सदस्य दान, श्रमदान और सहयोग से संस्था के कार्यों को आगे बढ़ाएंगे। अन्याय के खिलाफ आवाज – वकीलों और न्याय क्षेत्र के ईमानदार अधिकारियों पर होने वाले अन्याय के खिलाफ आवाज उठाई जाएगी। न्यायालय में कार्यप्रणाली सुधार – वकीलों को लंबे समय तक खड़े रहने की बाध्यता को लेकर सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट में सुधार के लिए प्रस्ताव दिया जाएगा, ताकि आवश्यकतानुसार बैठकर बहस की अनुमति मिल सके। कानूनी संरक्षण – वकीलों पर हमले और झूठी शिकायतों के खिलाफ कड़े कानून बनाने के लिए सरकार से मांग की जाएगी। इस पत्रकार परिषद में एड. कमल सतुजा, एड. तरुण परमार, एड. सतीश उके, एड. वैभव जगताप, एड. लूबेश मेश्राम, एड. कौशल त्रिवेदी, एड. नकुल परमार और सुनील चोखारे सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।1
- Post by Samachar king digital1
- ब्रेकिंग गडचिरोली ........ गडचिरोली पोलिसांची दमदार कामगीरी गडचिरोली: येथील एका युवकाला उच्च पदाच्या नाेकरीचे आमिष दाखवून दोन कोटींचा गंडा पोलिसांनी आरोपींना केली अटक*........गडचिरोली पोलिसांची दमदार कामगीरी1
- नागपुर के झांसी रानी चौक स्थित पेट्रोल पंप पर उस वक्त हड़कंप मच गया जब *दो लड़कियां आपस में भिड़ गईं।* मामूली विवाद ने अचानक हिंसक रूप ले लिया और दोनों के बीच जमकर हातापाई हुई।1
- Post by Ammar haider (ezaan)1
- (नागपूर ग्रामीण) प्रतिनिधी:काटोल एकीकडे शरीराची व्याधी आणि दुसरीकडे निसर्गाची किंवा परिस्थितीची अवकृपा... अशा दुहेरी संकटात मोहगाव (भदाडे) येथील शेतकरी नामदेवराव कामडी सापडले आहेत. नरखेड तालुक्यातील मौजा खुटखैरी शिवारातील त्यांच्या गोठ्याला लागलेल्या भीषण आगीत सुमारे **३ लाख रुपयांचे साहित्य जळून खाक** झाले असून, या घटनेने संपूर्ण परिसरात हळहळ व्यक्त केली जात आहे. *दुःखाचा डोंगर: शस्त्रक्रिया आणि आर्थिक संकट* शेतकरी नामदेवराव कामडी यांची परिस्थिती सध्या अत्यंत हलाखीची आहे. नुकतेच त्यांच्यावर दवाखान्यात **मोठे ऑपरेशन** झाले आहे. शस्त्रक्रियेच्या वेदनांतून ते सावरत असतानाच, नियतीने त्यांच्यावर हा भीषण आघात केला. ज्या गोठ्यातून संसाराचा गाडा हाकण्याची उमेद होती, तोच गोठा आगीच्या भक्ष्यस्थानी पडल्याने नामदेवराव पूर्णपणे हतबल झाले आहेत. "शरीर साथ देत नाही आणि आता डोळ्यादेखत आयुष्यभराची कमाई जळून खाक झाली," अशी भावना त्यांच्या डोळ्यांतील अश्रूंनी व्यक्त होत होती. ### **नेमकी घटना काय?** मिळालेल्या माहितीनुसार, शेत सर्वे नंबर १६ मधील गोठ्याला अचानक आग लागली. आगीचे स्वरूप इतके भीषण होते की बघता बघता संपूर्ण गोठा आगीच्या विळख्यात सापडला. यात गोठ्यातील शेती उपयोगी साहित्य आणि चारा जळून भस्मसात झाला. या आगीचे कारण अद्याप स्पष्ट झाले नसले तरी, ग्रामस्थांनी ही घटना **संशयास्पद** असल्याची चर्चा सुरू केली आहे. ### **प्रशासनाकडून मदतीची अपेक्षा** घटनेची माहिती मिळताच नरखेड तहसीलदारांशी संपर्क साधण्यात आला. त्यांनी तत्परतेने दखल घेत, उद्या पटवारी व कोतवाल यांना घटनास्थळी पाठवून **पंचनामा** करण्याचे आश्वासन दिले आहे. > **ग्रामस्थांची आर्त हाक:** > "नामदेवराव आधीच आजारपणामुळे खचले आहेत. त्यात या आगीने त्यांचे कंबरडे मोडले आहे. शासनाने केवळ कागदी घोडे न नाचवता, तातडीने आर्थिक मदत देऊन या कुटुंबाला आधार द्यावा." > **एक शेतकरी जेव्हा उभा राहण्याचा प्रयत्न करतो, तेव्हा अशा घटना त्याला पुन्हा अंधारात ढकलतात. आता प्रतीक्षा आहे ती केवळ शासकीय मदतीची, जेणेकरून नामदेवरावांच्या आयुष्यातील ही 'आग' विझवून त्यांना पुन्हा उभारी घेता येईल.**1
- -नेत्याने दोनदा या गावात अंधारात साजरा केला होता वाढदिवस - भिवापूर । उमरेड भिवापूर पासून ३५ किमी अंतरावर थुटानबोरी गाव आहे. यांच गट ग्रामपंचायती मध्ये तुकूमबोरी (रिठी ) हे गाव पण येते. थुटानबोरी चे पुर्नवसन झाले परंतु तुकूमबोरीचे पुर्नवसन झाले नाही. घराचा भुखंड, शेतजमीनी मोबदला, पुर्नवसन जागी भुखंड मिळाला नाही. त्यामुळे ३०० नागरीक प्राथमिक सुविधा नसलेल्या व विद्युत पुरवठा बंद असलेल्या ठिकाणी अंधारांच्या साम्राज्यात जिवन जगत असून माजी सरपंच डुबराज गुरपुडे यांच्या नेतृत्वात शासनाशी विविध प्रश्नावर लढा देत आहे आहे. मात्र शासना प्रमाणे राजकीय नेत्यांनी त्याचा वापर व्होट बॅक म्हणून वापर केला परंतु त्यांच्या समस्या जैसे थे आहे. उमरेड विधान सभा क्षेत्रातील एका नेत्याने दोन वर्षे आपला वाढदिवस येथील नागरीक सोबत अंधारात साजरा करून गावातील प्रकल्पग्रस्ता च्या समस्या व योग्य न्याय देण्याच्या आश्वासनाचे गाजर त्यांना त्यावेळी दिले होते. परंतू हा नेता २०१९ मध्ये आमदार झाल्यानंतर जुने गावठाण थुटानबोरी गावाचा विसर पडल्याचा आरोप माजी सरपंच डुबराज गुरपुडे, गणेश घोशीकर, गिता रावसाहेब घोशीकर, नामदेव जागोजी फटे, विजय सहादेव शेंडे यांनी प्रतिनिधी बोलतांना हा आरोप केला असल्याने हा नेता कोई मिल गया या हिंदी चित्रपटातील जादु सारखा गायब झाल्याची चर्चा गावात रंगत आहे. त्यामुळे या नेत्याच्या कार्यपद्धतीवर या नागरीकांचा कमालीचा रोष असून त्यांनी दोन वर्षापूर्वी झालेल्या लोकसभा च्या निवडणूकीत गाकऱ्यांनी एकत्र येत निवडणूकीवर बहिष्कार टाकला होता. तुकूमबोरी (रिठी ) गाव पुन्हा चर्चेत तालुक्यातील जुने थुटानबोरी गावठाणातील प्रकल्पग्रस्ताच्या समस्या करीता प्रहार जनशक्ती पक्षाचे सदस्य इजाज अली सय्यद यांनी तहसिल कार्यालया समोर एक दिवसीय निर्जला रोजा आमरण उपोषण सुरू करून स्थानिक प्रशासनाचे लक्ष वेधल्याने जुने थुटानबोरी हे गाव चर्चेत आले आहे. सदरचे उपोषणाची माहिती मिळताच कामात सुस्त असलेला हा गोसेखुर्द पुर्नवसन विभाग खळबळून जागा झाला. उपविभागीय अभियंता प्रमोद वैरागडे, रेशमा निकम यांच्या नेतृत्वात उपोषण कर्त्याशी गावातील विविध समस्यावर चर्चा केली. व जुने गावठाण थुटानबोरी येथे जावून माजी सरपंच डुबराज गुरपुडे व इतराशी चर्चा केली. गावातील समस्या शासकीय स्तरावर मांडण्याचे आश्वासन वरीष्ट अधिकाऱ्यांनी दिले. त्यानंतर उपोषणकर्ते इजाज अली सय्यद यांनी उपोषण मागे घेतले आहे. शासन व प्रशासन सुस्त ! जुन्या थुटानबोरी गावालगत गोसेखुर्द प्रकल्पाचे पाणी गावालगत आल्याने काही मंडळी या तलावात मासेमारी करीत असतात. मागील सात वर्षापूर्वी मासेमारी करण्यासाठी गेलेल्या अरविंद लेकुरवाडे हा युवक या तलावात बेपत्ता झाला होता. मात्र बेपत्ता झालेल्या युवकाचा शोध घेतला शोध लागला नाही. मात्र या युवकाचे मृत्युचे प्रमाणपत्र व शासकीय मोबादला अजूनपर्यंत प्राप्त झाला नाही. अशाच ५ एप्रिल म मासेमारी करीता गेलेल्या अमृत लेकुरवाडे हा पाण्यात तोल गेल्याने मृत्यु झाल्याच्या दोन घटना होवूनही पिडित परिवाराला मुख्यमंत्री सहाय्यता निधीतून कोणतीही मदत प्राप्त न झाल्याने शासन व प्रशासनाच्या भुमिकेवर प्रश्न चिन्ह उपस्थित होत आहे.1
- नागपुरात थरार! 3 दिवसांपासून मिसिंग… अखेर सापडली बॉडी | बोरीत मृतदेह सापडल्याने खळबळ!" नागपुरात पुन्हा एकदा धक्कादायक घटना समोर आली आहे!झिंगाबाई टाकळी परिसरातील एक युवक मागील 2-3 दिवसांपासून बेपत्ता होता. कुटुंबीयांनी पोलीस स्टेशनमध्ये त्याच्या बेपत्ता होण्याची तक्रार दाखल केली होती… पण आता या प्रकरणाने घेतला आहे एक भयानक वळण! बोरीत भरलेली मृतदेह सापडल्याने संपूर्ण परिसरात खळबळ उडाली आहे… ही हत्या आहे का अपघात? की काहीतरी वेगळंच रहस्य दडलंय?पोलीस तपास सुरू असून या घटनेमुळे नागपुरात भीतीचं वातावरण निर्माण झालं आहे… संपूर्ण सत्य जाणून घेण्यासाठी व्हिडिओ शेवटपर्यंत नक्की पाहा! #BreakingNews #NagpurNews #CrimeAlert #ZingabaiTakli #MissingCase #DeadBodyFound #MaharashtraNews #ShockNews #Jb Sharma1