उत्तर प्रदेश के वाराणसी में, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के पावन अवसर पर मोहम्मद वसीम, जो उत्तर प्रदेश के पूर्व मीडिया प्रभारी और भारतीय फ़न ए सिपहगिरी एसोसिएशन, उत्तर प्रदेश से जुड़े एक सक्रिय सामाजिक व्यक्तित्व हैं, योग करते हुए दिखाई दिए। उनका यह प्रयास समाज को एक सकारात्मक और प्रेरणादायक संदेश देता है, जिसका मुख्य उद्देश्य शारीरिक, मानसिक और आत्मिक संतुलन को बढ़ावा देना है। मोहम्मद वसीम का दृढ़ विश्वास है कि योग केवल शारीरिक व्यायाम तक सीमित नहीं, बल्कि यह एक संपूर्ण जीवन पद्धति है। उनका मत है कि नियमित योग अभ्यास से व्यक्ति न केवल शारीरिक रूप से स्वस्थ रहता है, बल्कि मानसिक तनाव, चिंता और नकारात्मकता से भी स्वयं को दूर रख पाता है। इस अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर योगासन करते हुए उन्होंने यह महत्वपूर्ण संदेश दिया कि आज की तेज़ी से भागती ज़िंदगी में योग को अपनाना अत्यंत आवश्यक है। वे भारतीय फ़न ए सिपहगिरी एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के माध्यम से भी युवाओं और समाज को अनुशासन, आत्मरक्षा, शारीरिक फिटनेस और आत्मबल के लिए लगातार प्रेरित करते आ रहे हैं। उनका मानना है कि योग, फ़न ए सिपहगिरी और आत्मरक्षा जैसी विधाएं व्यक्ति के भीतर आत्मविश्वास, धैर्य और संयम जैसे गुणों को विकसित करती हैं। इस अवसर पर मोहम्मद वसीम ने रेखांकित किया कि "योग भारतीय संस्कृति की एक अमूल्य धरोहर है। इसे केवल एक दिन मनाने तक सीमित न रखकर, रोज़मर्रा के जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाना चाहिए, क्योंकि एक स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का वास होता है।" उनका यह संदेश विशेष रूप से आज के युवाओं के लिए अत्यंत प्रेरक है, जो मोबाइल के अत्यधिक उपयोग, तनाव और असंतुलित जीवनशैली जैसी चुनौतियों से जूझ रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर उनका स्वयं योग करते हुए सामने आना इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि वास्तविक नेतृत्व केवल बातों से नहीं, बल्कि अपने कार्यों और आचरण से भी किया जाता है। अंततः, यह कहा जा सकता है कि मोहम्मद वसीम जैसे सक्रिय और समर्पित व्यक्तित्वों के प्रयास समाज में योग, स्वास्थ्य और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उनका सच्चा संदेश यही है कि योग को अपनाएं, स्वस्थ रहें और एक संतुलित जीवन की ओर कदम बढ़ाएं, क्योंकि हर वर्ष 21 जून को मनाया जाने वाला अंतरराष्ट्रीय योग दिवस न केवल शारीरिक स्वास्थ्य का, बल्कि मानसिक और आत्मिक संतुलन का भी प्रतीक है।
उत्तर प्रदेश के वाराणसी में, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के पावन अवसर पर मोहम्मद वसीम, जो उत्तर प्रदेश के पूर्व मीडिया प्रभारी और भारतीय फ़न ए सिपहगिरी एसोसिएशन, उत्तर प्रदेश से जुड़े एक सक्रिय सामाजिक व्यक्तित्व हैं, योग करते हुए दिखाई दिए। उनका यह प्रयास समाज को एक सकारात्मक और प्रेरणादायक संदेश देता है, जिसका मुख्य उद्देश्य शारीरिक, मानसिक और आत्मिक संतुलन को बढ़ावा देना है। मोहम्मद वसीम का दृढ़ विश्वास है कि योग केवल शारीरिक व्यायाम तक सीमित नहीं, बल्कि यह एक संपूर्ण जीवन पद्धति है। उनका मत है कि नियमित योग अभ्यास से व्यक्ति न केवल शारीरिक रूप से स्वस्थ रहता है, बल्कि मानसिक तनाव, चिंता और नकारात्मकता से भी स्वयं को दूर रख पाता है। इस अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर योगासन करते हुए उन्होंने यह महत्वपूर्ण संदेश दिया कि आज की तेज़ी से भागती ज़िंदगी में योग को अपनाना अत्यंत आवश्यक है। वे भारतीय फ़न ए सिपहगिरी एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के माध्यम से भी युवाओं और समाज को अनुशासन, आत्मरक्षा, शारीरिक फिटनेस और आत्मबल के लिए लगातार प्रेरित करते आ रहे हैं। उनका मानना है कि योग, फ़न ए सिपहगिरी और आत्मरक्षा जैसी विधाएं व्यक्ति के भीतर आत्मविश्वास, धैर्य और संयम जैसे गुणों को विकसित करती हैं। इस अवसर पर मोहम्मद वसीम ने रेखांकित किया कि "योग भारतीय संस्कृति की एक अमूल्य धरोहर है। इसे केवल एक दिन मनाने तक सीमित न रखकर, रोज़मर्रा के जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाना चाहिए, क्योंकि एक स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का वास होता है।" उनका यह संदेश विशेष रूप से आज के युवाओं के लिए अत्यंत प्रेरक है, जो मोबाइल के अत्यधिक उपयोग, तनाव और असंतुलित जीवनशैली जैसी चुनौतियों से जूझ रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर उनका स्वयं योग करते हुए सामने आना इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि वास्तविक नेतृत्व केवल बातों से नहीं, बल्कि अपने कार्यों और आचरण से भी किया जाता है। अंततः, यह कहा जा सकता है कि मोहम्मद वसीम जैसे सक्रिय और समर्पित व्यक्तित्वों के प्रयास समाज में योग, स्वास्थ्य और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उनका सच्चा संदेश यही है कि योग को अपनाएं, स्वस्थ रहें और एक संतुलित जीवन की ओर कदम बढ़ाएं, क्योंकि हर वर्ष 21 जून को मनाया जाने वाला अंतरराष्ट्रीय योग दिवस न केवल शारीरिक स्वास्थ्य का, बल्कि मानसिक और आत्मिक संतुलन का भी प्रतीक है।
- आम आदमी पार्टी (AAP) वाराणसी ने रविवार, 21 जून 2026 को बेनियाबाग से गोदौलिया क्षेत्र तक एक 'भिक्षाटन' कार्यक्रम आयोजित किया, जिसमें राम मंदिर के नाम पर श्रद्धालुओं के दान और चढ़ावे में हुई कथित लूट तथा राम भक्तों की आस्था के साथ हो रहे खिलवाड़ का तीव्र विरोध किया गया। AAP उत्तर प्रदेश के प्रभारी संजय सिंह के आह्वान पर हुए इस प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने हाथों में कटोरे और तख्तियां लेकर "चंदा चोरों गद्दी छोड़ो", "राम भक्तों का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान" और "श्रीराम के नाम पर भ्रष्टाचार बंद करो" जैसे नारे लगाए। उन्होंने दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष जांच और कठोर कार्रवाई की मांग करते हुए चंपत राय को ₹420 का एक प्रतीकात्मक चेक भी भेजा। इस विरोध प्रदर्शन में प्रदेश प्रवक्ता मनीष गुप्ता ने भाजपा और आरएसएस पर सीधा हमला करते हुए कहा कि प्रभु श्रीराम हम सभी की आस्था के सर्वोच्च प्रतीक हैं, और उनके भव्य मंदिर निर्माण के लिए करोड़ों श्रद्धालुओं ने अपनी गाढ़ी कमाई समर्पित की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि धर्म का ठेकेदार बताने वाले आरएसएस और भाजपा के पदाधिकारियों द्वारा ही इस पवित्र चंदे में लूट की जा रही है, जो करोड़ों रामभक्तों की भावनाओं के साथ बड़ा विश्वासघात है। मनीष गुप्ता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर इस पूरे तंत्र को संरक्षण देने और भ्रष्टाचार पर मौन साधने का आरोप लगाते हुए तीखे शब्दों में कहा कि "महमूद गजनवी ने सोमनाथ मंदिर को लूटा और भाजपा-आरएसएस ने राम मंदिर को लूटा है।" उन्होंने यह भी जोड़ा कि यदि भाजपा, आरएसएस या उनके लोगों के पास पैसों की कमी है, तो वे सीधे मांग लें; आम आदमी पार्टी जनता से पैसा इकट्ठा कर उन्हें दे देगी, लेकिन भगवान के घर में यह हेराफेरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिलाध्यक्ष कैलाश पटेल ने AAP के यूपी प्रभारी व राज्यसभा सांसद संजय सिंह द्वारा हाल ही में किए गए 'चंदा चोरी' और राम मंदिर के आसपास की जमीन की खरीद-फरोख्त में हुए कथित सबसे बड़े भ्रष्टाचार के सनसनीखेज खुलासों का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि सांसद संजय सिंह ने आधिकारिक सरकारी व रजिस्ट्री के दस्तावेजों को सार्वजनिक करते हुए उजागर किया कि चंपत राय ने शाहनवाज़पुर माझा में स्थित 117 बिस्वा जमीन को ₹55 करोड़ 47 लाख 31 हजार 800 में खरीदा, जबकि इसकी वास्तविक मालियत केवल ₹9 करोड़ थी। पटेल ने पहले भी हुई ऐसी 'लूट' का उदाहरण देते हुए कहा कि कैसे ₹2 करोड़ की जमीन ₹18.5 करोड़ में और ₹3 करोड़ की जमीन ₹24 करोड़ में खरीदी गई, जिसमें क्रमशः ₹16.5 करोड़ और ₹21 करोड़ का भ्रष्टाचार हुआ। उन्होंने सवाल उठाया कि इस खुली लूट का माल आखिर किसके-किसके हिस्से में जा रहा है और इसकी जांच क्यों नहीं हो रही, जबकि इतने सबूत होने पर भी कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। आम आदमी पार्टी की ओर से जिलाध्यक्ष कैलाश पटेल ने इस पूरे मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में समयबद्ध जांच की मांग की, और चंपत राय सहित सभी बेईमानों को तत्काल गिरफ्तार कर जेल भेजने की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि साल 2020 से 2024 तक ट्रस्ट में प्रधानमंत्री मोदी के प्रतिनिधि रहे नौकरशाह ज्ञानेश कुमार की भी इस कथित लूट में भूमिका की जांच होनी चाहिए। इस विरोध प्रदर्शन में जिला मीडिया प्रभारी घनश्याम पांडे, महिला विंग महासचिव रेखा जायसवाल, वरिष्ठ साथी अब्दुल्ला खान, शारदा टंडन, सरोज शर्मा, मोहम्मद आकिब खान, गुलाब सिंह राठौर, नेयाज अहमद, विवेक गुप्ता, ओम कुमार, नीतू कनौजिया, इमरान खान, बजले रहीम, सौरव यादव, राजेश कुमार वर्मा, अरविंद यादव, कांता प्रसाद, चेत सिंह, गुलाब प्रजापति, सतीश पटेल, जुबेर अंसारी सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।4
- उत्तर प्रदेश सरकार माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी1
- वाराणसी में किशोर रोटी बैंक के अध्यक्ष आलोक सिंह के साथ Rapido कार सेवा में हुए एक वाकये ने ऑनलाइन कैब सेवाओं की पारदर्शिता और यात्रियों के अधिकारों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आलोक सिंह अपनी बीमार बेटी को लेकर सुंदरपुर से सामनेघाट जाने के लिए Rapido बुक कर रहे थे, जहाँ ड्राइवर को बेटी की खराब तबीयत के कारण करीब 8 मिनट 12 सेकंड तक इंतजार करना पड़ा, जिसे उन्होंने अपनी गलती मानकर स्वीकार भी किया। यात्रा के दौरान बीमार बच्ची को उल्टी हो गई, जिसके बाद परिजनों का कहना है कि उन्होंने तुरंत गाड़ी साफ कर दी थी। हालांकि, विवाद तब गहराया जब यात्रा समाप्त होने पर ऐप में राइड का किराया ₹154 दिखाया गया, जबकि चालक ने उनसे ₹200 किराया और ₹200 क्लीनिंग चार्ज के नाम पर कुल ₹400 नकद वसूल लिए। इस घटना के बाद आलोक सिंह ने कई सवाल उठाए हैं, जैसे क्या ₹154 की राइड के बदले ₹200 लेना उचित है, क्या उल्टी होने पर ₹200 क्लीनिंग चार्ज Rapido की आधिकारिक नीति है, और क्या अतिरिक्त शुल्क लेने से पहले यात्री को इसकी जानकारी देना जरूरी नहीं है। आलोक सिंह का स्पष्ट कहना है कि यह मामला केवल पैसों का नहीं, बल्कि व्यवहार और पारदर्शिता से जुड़ा है। उन्होंने Rapido से इस पूरे मामले की गहन जांच करने और क्लीनिंग चार्ज संबंधी अपनी नीति को सार्वजनिक करने की मांग की है। यह घटना अब सोशल मीडिया पर भी बहस का विषय बन गई है, जहाँ लोग यह मांग कर रहे हैं कि यदि अतिरिक्त शुल्क की कोई नीति है तो उसे ऐप पर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में यात्रियों, विशेषकर बीमार बच्चों के साथ यात्रा कर रहे अभिभावकों को ऐसी अप्रत्याशित स्थिति का सामना न करना पड़े।1
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के पावन अवसर पर, वाराणसी के नगवा वार्ड स्थित रविदास मंदिर परिसर में सामाजिक संस्था 'नई सुबह एक उम्मीद' ने दो दिवसीय योग एवं आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर का सफलतापूर्वक आयोजन किया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं को शारीरिक व मानसिक रूप से सशक्त बनाकर आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर करना था। प्रशिक्षण के दौरान, योग प्रशिक्षक विजय कुमार सिंह ने प्रतिभागी बालिकाओं को सूर्य नमस्कार, ताड़ासन, वृक्षासन, भुजंगासन, वज्रासन, अनुलोम-विलोम, कपालभाति और प्राणायाम जैसे महत्वपूर्ण योगासनों का सैद्धांतिक व प्रायोगिक ज्ञान प्रदान किया। साथ ही, उन्हें विपरीत परिस्थितियों में स्वयं की सुरक्षा हेतु आधुनिक सेल्फ-डिफेंस तकनीकें भी सिखाई गईं। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि नगवा वार्ड पार्षद माधुरी सिंह और पूर्व पार्षद रविंद्र सिंह ने उपस्थित होकर बेटियों का उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम के अंत में, पूर्व सभासद रविंद्र सिंह ने अपने कर-कमलों से सभी प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र वितरित कर उनके उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद प्रदान किया। इस अवसर पर, संस्था अध्यक्ष ममता ने अपने वक्तव्य में कहा कि उनका लक्ष्य हर वार्ड की बेटी तक पहुँचना है, क्योंकि जब तक बेटियाँ शारीरिक व मानसिक रूप से सशक्त नहीं होंगी, वे स्वयं की सुरक्षा भी सुनिश्चित नहीं कर पाएंगी। उन्होंने बताया कि योग उन्हें स्वस्थ रखेगा और सेल्फ-डिफेंस उन्हें निडर बनाएगा, और 'नई सुबह एक उम्मीद' का यह अभियान निरंतर जारी रहेगा। इस दो दिवसीय शिविर को सफल बनाने में संस्था के विजय कुमार, मोहम्मद अनीस, रवि कुमार, सुमित बिंद, राजश्री साहनी तथा सुषमा आर्य ने सराहनीय योगदान दिया। सुषमा आर्य, कोमल, काजल, शिवानी, अंजलि, कृतिका, रितिका, परिधि, लवली, सरस्वती, जन्नत, अर्पिता, संजना, प्रिया और अन्वेशा सहित दर्जनों बालिकाओं ने इसमें उत्साहपूर्वक भाग लिया।1
- वाराणसी जिले के ग्राम पंचायत भवानीपुर, पोस्ट बभनियाँव स्थित एक सरकारी तालाब पर कुछ लोगों द्वारा अवैध रूप से कब्जा किया जा रहा है। अत्यंत खेद का विषय है कि इस सरकारी तालाब को पटवा कर उस पर लगातार अतिक्रमण किया जा रहा है, जिससे उसका अस्तित्व समाप्त होने की कगार पर है। इस अवैध कब्जे के कारण क्षेत्र का भूजल स्तर भी बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। क्षेत्र के लोगों ने योगी सरकार से तत्काल इस तालाब को कब्जे से मुक्त कराने और उसकी साफ-सफाई करवाने की मांग की है।1
- विधायक रमेश जायसवाल ने नारायणपुर पंप कैनाल का दौरा किया, जहाँ उन्होंने पंप चालू कराया। पंप के शुरू होने के बाद नहर में पानी छोड़ा गया।1
- जितेंद्र पटेल की गोली मारकर हत्या कर दी गई है।1
- Mirzapur to Chennai Mukesh Kumar BJP BJP brahmanvad post manganj1