• संभागायुक्त ने कोठरी और जताखेड़ा में किया अमरूद एवं सीताफल की खेती का निरीक्षण • किसानों को उद्यानिकी फसलों को अपनाने के लिए किया प्रोत्साहित • अधिक से अधिक पात्र किसानों को दिलाया जाए उद्यानिकी विभाग की योजनाओं का लाभ - संभागायुक्त श्री सिंह भोपाल संभागायुक्त श्री संजीव सिंह ने उद्यानिकी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के उद्देश्य से सीहोर जिले के ग्राम जताखेड़ा एवं कोठरी का भ्रमण कर किसानों द्वारा की जा रही उद्यानिकी फसलों का निरीक्षण किया। इस दौरान कलेक्टर श्री बालागुरू के. ने जिले में संचालित उद्यानिकी योजनाओं तथा उनके माध्यम से किसानों को मिल रहे लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। निरीक्षण के दौरान संभागायुक्त श्री सिंह ने ग्राम जताखेड़ा में किसान श्रीमती रूपा सिंह द्वारा वीएनआर तकनीक से की जा रही अमरूद की खेती का निरीक्षण किया। उन्होंने इस उन्नत उत्पादन तकनीक की विशेषताओं और लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की। साथ ही ड्रिप इरिगेशन सिस्टम एवं फार्म पोंड की प्लास्टिक लाइनिंग के माध्यम से जल संरक्षण एवं उसके प्रभावी उपयोग पर भी चर्चा की। इसी क्रम में संभागायुक्त श्री सिंह ने आष्टा के ग्राम कोठरी में किसान श्री प्रमोद कासनियां द्वारा की जा रही वीएनआर अमरूद, एनएमके गोल्डन सुपर सीताफल तथा ड्रिप मल्चिंग तकनीक से उत्पादित खीरा फसल का निरीक्षण किया। उन्होंने आधुनिक तकनीकों के उपयोग से बढ़ती उत्पादकता और बेहतर गुणवत्ता की सराहना करते हुए किसानों को उद्यानिकी फसलों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। संभागायुक्त श्री सिंह ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले के अधिक से अधिक पात्र किसानों को उद्यानिकी विभाग की योजनाओं से लाभान्वित किया जाए, ताकि क्षेत्र में उद्यानिकी फसलों का विस्तार हो और किसानों की आय में वृद्धि हो सके। निरीक्षण के दौरान संयुक्त संभागायुक्त श्री विनोद यादव, सहायक संचालक श्री जगदीश सिंह मुजाल्दा सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे
• संभागायुक्त ने कोठरी और जताखेड़ा में किया अमरूद एवं सीताफल की खेती का निरीक्षण • किसानों को उद्यानिकी फसलों को अपनाने के लिए किया प्रोत्साहित • अधिक से अधिक पात्र किसानों को दिलाया जाए उद्यानिकी विभाग की योजनाओं का लाभ - संभागायुक्त श्री सिंह भोपाल संभागायुक्त श्री संजीव सिंह ने उद्यानिकी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के उद्देश्य से सीहोर जिले के
ग्राम जताखेड़ा एवं कोठरी का भ्रमण कर किसानों द्वारा की जा रही उद्यानिकी फसलों का निरीक्षण किया। इस दौरान कलेक्टर श्री बालागुरू के. ने जिले में संचालित उद्यानिकी योजनाओं तथा उनके माध्यम से किसानों को मिल रहे लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। निरीक्षण के दौरान संभागायुक्त श्री सिंह ने ग्राम जताखेड़ा में किसान श्रीमती रूपा सिंह द्वारा
वीएनआर तकनीक से की जा रही अमरूद की खेती का निरीक्षण किया। उन्होंने इस उन्नत उत्पादन तकनीक की विशेषताओं और लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की। साथ ही ड्रिप इरिगेशन सिस्टम एवं फार्म पोंड की प्लास्टिक लाइनिंग के माध्यम से जल संरक्षण एवं उसके प्रभावी उपयोग पर भी चर्चा की। इसी क्रम में संभागायुक्त श्री सिंह ने
आष्टा के ग्राम कोठरी में किसान श्री प्रमोद कासनियां द्वारा की जा रही वीएनआर अमरूद, एनएमके गोल्डन सुपर सीताफल तथा ड्रिप मल्चिंग तकनीक से उत्पादित खीरा फसल का निरीक्षण किया। उन्होंने आधुनिक तकनीकों के उपयोग से बढ़ती उत्पादकता और बेहतर गुणवत्ता की सराहना करते हुए किसानों को उद्यानिकी फसलों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। संभागायुक्त श्री सिंह ने संबंधित
अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले के अधिक से अधिक पात्र किसानों को उद्यानिकी विभाग की योजनाओं से लाभान्वित किया जाए, ताकि क्षेत्र में उद्यानिकी फसलों का विस्तार हो और किसानों की आय में वृद्धि हो सके। निरीक्षण के दौरान संयुक्त संभागायुक्त श्री विनोद यादव, सहायक संचालक श्री जगदीश सिंह मुजाल्दा सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे
- शुजालपुर शेयर शुजालपुर में बुधवार को 32 में से 8 ग्रामीण पेट्रोल और डीजल पंप सूख गए। इसके कारण लोग शुजालपुर शहर के पंपों पर ईंधन खरीदने के लिए वाहनों की लंबी कतारों में खड़े देखे गए। प्रशासन ने लोगों से संयम बनाए रखने और आवश्यकता से अधिक ईंधन न खरीदने की अपील की है। खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी रविन्द्र कुमार राठौड़ ने 18 पेटोल पंपों का निरीक्षण कर स्टॉक की स्थिति काजायजा लिया। उन्होंने बताया कि ईंधन की कोई किल्लत नहीं है और लोगों को घबराहट में आकर अधिक ईंधन नहीं खरीदना चाहिए। अत्यधिक ज्वलनशील बीच में इंडियन ऑयल मील अधिकारी ने पुष्टि की कि 8 ग्रामीण पंप सूखे हैं,लेकिन कंपनी सेल्स प्रबंधन ने जल्द ही आपूर्ति भेजने का आश्वासन दिया है। शुजालपुर मंडी बस स्टैंड स्थित राजपाल फ्यूल और रिलायंस के राठी फ्यूल पंप पर वाहनों की सबसे लंबी कतारें देखी गईं। पेट्रोल पंप संचालक चिंटू राजपाल ने बताया कि डिपो से पर्याप्त आपूर्ति शुरू हो गई है और अब किल्लत जैसी कोई स्थिति नहीं है। हालांकि, वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वाहन चालक रहीम ने बताया कि उन्हें इंदौर जाना था, लेकिन केवल 500 रुपये का पेट्रोल दिया गया। एक अन्य वाहन चालक संजय शर्मा ने बताया कि उन्हें अपनी टू-व्हीलर में पेट्रोल भरवाने के लिए एक घंटे तक कतार में इंतजार करना पड़ा। एसडीएम राजकुमार हलधर ने कुप्पी या बोतल में ईंधन न देने के निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने आम जनता से अफवाहों पर ध्यान न देने और आवश्यकता से अधिक ईंधन का भंडारण न करने की अपील की है। बुधवार को अधिकारियों ने शुजालपुर के सभी पंपों पर लगभग 20 हजार लीटर का स्टॉक उपलब्ध होने की जानकारी दी।1
- जानवी गैस एजेंसी भोपाल एयरपोर्ट रोड़ आशाराम बापू आश्रम का नजारा1
- *मोहन सरकार में बिजली बिल वसूली जोरों पर ?* *सिस्टम की दबंगई और किसान की लाचारी पर सवाल* मध्यप्रदेश में इन दिनों बिजली बिल वसूली को लेकर जो हालात बन रहे हैं, वे आम जनता, खासकर किसानों के लिए चिंता का विषय बनते जा रहे हैं। हाल ही में राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा की विधानसभा क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया, जिसने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि बिजली बिल बकाया होने पर विभाग ने एक किसान का ट्रैक्टर जब्त कर लिया वह ट्रैक्टर, जो उसके जीवनयापन का मुख्य साधन था। यह घटना सिर्फ एक किसान की परेशानी नहीं, बल्कि उस मानसिकता का प्रतीक बनती जा रही है जिसमें वसूली को सेवा से ज्यादा प्राथमिकता दी जा रही है। किसान, जो पहले से ही मौसम, लागत और बाजार की मार झेल रहा है, अब सरकारी तंत्र की सख्ती के सामने भी लाचार नजर आ रहा है। क्या अब गरीबों को अपने घर के बर्तन-भांडे भी छुपाकर रखने होंगे? क्या वसूली का दायरा इतना बढ़ जाएगा कि इंसान की गरिमा भी कुर्की की सूची में शामिल हो जाए? यह सवाल इसलिए भी उठता है क्योंकि ऐसी घटनाएं जनता के मन में डर और अविश्वास पैदा करती हैं। सरकार का तर्क होता है कि राजस्व वसूली जरूरी है, ताकि व्यवस्था चल सके। लेकिन सवाल यह है कि क्या यह वसूली मानवीय संवेदनाओं को दरकिनार करके की जाएगी? क्या कोई वैकल्पिक समाधान नहीं हो सकता जैसे किस्तों में भुगतान, सब्सिडी, या विशेष राहत योजना? आज जरूरत है संतुलन की जहाँ सरकार अपनी जिम्मेदारी निभाए, वहीं जनता के हालात को भी समझे। किसान केवल उपभोक्ता नहीं है, वह देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। यदि वही असुरक्षित महसूस करेगा, तो विकास की सारी बातें खोखली साबित होंगी। यह मामला एक चेतावनी है सिस्टम को अपनी कार्यशैली पर पुनर्विचार करना होगा, वरना “वसूली” और “विकास” के बीच की खाई और गहरी होती जाएगी।1
- Post by Naved khan1
- Post by शाहिद खान रिपोर्टर1
- *🛑बांग्लादेश में एक बड़ा हादसा हो गया. एक बस गहरी नदी में गिरने से 23 यात्रियों की मौत हो गई.* ये बस करीब 40 लोगों को लेकर जा रही थी, जिनमें कई बच्चे भी शामिल थे. जानकारी के मुताबिक, बस सवार लोग ईद की छुट्टियां मनाकर ढाका वापस लौट रहे थे. उसी दौरान ये दर्दनाक हादसा हो गया. राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है. कई लोग अब तक लापता बताए जा रहे हैं. मरने वालों का आंकड़ा बढ़ सकता है. ये हादसा बुधवार शाम लगभग 5.15 बजे के आसपास हुआ.हादसे के बाद क्रेन की मदद से बस को नदी से बाहर निकाला गया. हालात बहुत ही मुश्किल थे. खराब मौसम के बीच रेस्क्यू आसान नहीं था. बस को नदी से बाहर निकालने में करीब 6 घंटे लगे. जानकारी के मुताबिक, एक फेरी (नाव) पर चढ़ने की कोशिश करते समय बस संतुलन खोकर पदमा नदी में जा गिरी. हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई. सेना, पुलिस, फायर ब्रिगेड, तटरक्षक बल की टीमें मिलकर रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं. दरअसल बस फेरी (नाव) पर चढ़ने की कोशिश करते समय नदी में जा गिरी. लापता यात्रियों को ढूढने की कोशिश जारी है. वहीं मृतकों के शव नदी से बाहर निकाले जा रहे हैं. अधिकारियों के मुताबिक, यह दुर्घटना दक्षिण-पश्चिमी राजबारी में दौलाडिया टर्मिनल पर बुधवार शाम लगभग 5.15 बजे हुई, जब बस पद्मा नदी में जा गिरी. घटनास्थल पर मौजूद एक अधिकारी ने बताया कि ढाका जा रही बस में 40 यात्री सवार थे. वह (दौलाडिया) टर्मिनल पर नौका पर चढ़ते समय नदी में गिर गई. प्रत्यक्षदर्शियों ने भी बताया कि 40 यात्रियों से भरी बस जैसे ही फेरी की ओर बढ़ी, तभी एक छोटी नाव से टकरा गई. इस टक्कर की वजह से बस का बैलेंस बिगड़ गया और सीधे गहरी नदी में जा गिरी.1
- शीघ्र ही संगम तट पर बनेगा सुव्यवस्थित घाट, रेस्ट हाउस के पीछे बनेगी 30 दुकाने नपाध्यक्ष, पार्षद एवं समाजसेवियों ने किया निर्माण कार्यो का भूमिपूजन आष्टा। आज का दिन हम सभी के लिए अत्यंत हर्ष और गौरव का विषय है। आज इस पावन संगम तट पर जहां श्रद्धा और शांति का वास है, वहीं हम एक नए संकल्प की नींव रखने जा रहे हैं। संगम मंदिर के समीप स्थित इस प्राचीन घाट के जीर्णाेद्धार एवं सौंदर्यीकरण कार्य का भूमिपूजन मात्र एक निर्माण कार्य नहीं, बल्कि हमारी विरासत को सहेजने और उसे भव्य रूप देने का एक पवित्र प्रयास है। वहीं आज हमारे शहर के विकास की यात्रा में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ने जा रहा है। रेस्ट हाउस के पीछे रिक्त भूमि पर नगरपालिका द्वारा दुकानों का निर्माण कराया जाएगा, जिसका भी भूमिपूजन आज संपन्न हुआ है। इस आशय के विचार नपाध्यक्ष प्रतिनिधि रायसिंह मेवाड़ा ने वार्ड क्रमांक 18 स्थित प्राचीन श्री पशुपतिनाथ मंदिर संगम तट पर नवीन घाट निर्माण एवं वार्ड क्रमांक 3 रेस्ट हाउस के पीछे रिक्त भूमि पर दुकानों के निर्माण कार्य के भूमिपूजन अवसर पर व्यक्त किए। उक्त कार्यो का भूमिपूजन नपाध्यक्ष श्रीमती हेमकुंवर मेवाड़ा, भाजपा नेता एवं नपाध्यक्ष प्रतिनिधि रायसिंह मेवाड़ा, भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष अंजनी चौरसिया, नपाउपाध्यक्ष प्रतिनिधि भूरू खां, वार्ड पार्षद श्रीमती लता तेजपाल मुकाती सहित पार्षदों एवं वरिष्ठ समाजसेवियों, गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति में किया गया। भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नपाध्यक्ष प्रतिनिधि रायसिंह मेवाड़ा ने कहा कि नगर में स्थित वर्षो पुराने मंदिर, तालाब या नदी यह हमारी विरासत है, इन विरासतों का सम्मान और नगर विकास के संकल्प के साथ ही भाजपा की नगर सरकार निर्माण और विकास कार्य लगातार करा रही है। नदियां और उनके घाट हमारी संस्कृति के दर्पण होते हैं। संगम का यह तट सदियों से आस्था का केंद्र रहा है। समय के साथ यहां की संरचनाओं को नवीनता की आवश्यकता थी, उसी आवश्यकता की पूर्ति के लिए परिषद ने नवीन घाट निर्माण का संकल्प लिया जो शीघ्र ही साकार होने की ओर है। श्री मेवाड़ा ने कहा कि घाट के निर्माण से जहां श्रद्धालुओं को सुविधा होगी, वहीं आधुनिक और सुरक्षित घाट के निर्माण होने से सांस्कृतिक संरक्षण, मंदिर की मर्यादा और प्राचीनता को ध्यान में रखते हुए घाट को नया स्वरूप भी मिलेगा। नपाध्यक्ष प्रतिनिधि श्री मेवाड़ा ने नगरवासियों एवं श्रद्धालुओं से अपील करते हुए कहा कि इस घाट के बन जाने के बाद इसे स्वच्छ रखना और इसकी गरिमा बनाए रखना हमारा सामूहिक कर्तव्य होगा। रेस्ट हाउस के समीप 30 दुकानों का होगा निर्माण - नपाध्यक्ष प्रतिनिधि रायसिंह मेवाड़ा ने जानकारी देते हुए कहा कि रेस्ट हाउस के समीप रिक्त भूमि पर दुकानों का निर्माण किया जाना नगरपालिका द्वारा प्रस्तावित है, उसका भी आज भूमिपूजन संपन्न हुआ है। श्री मेवाड़ा ने कहा कि जहां विकास और विरासत साथ चलते हैं, वहीं प्रगति का असली उजाला होता है। इन दुकानों के बनने से हमारे स्थानीय युवाओं और छोटे व्यापारियों को व्यापार के लिए एक उचित और व्यवस्थित स्थान मिलेगा। निर्माण कार्य का शुभारंभ केवल ईंट और पत्थर का ढांचा खड़ा करना नहीं है, बल्कि यह हमारे शहर की आर्थिक उन्नति और स्थानीय व्यापारियों को सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। मुख्य नगरपालिका अधिकारी विनोदकुमार प्रजापति ने जानकारी देते हुए बताया कि संगम मंदिर स्थित घाट का निर्माण जल संवर्धन योजना के तहत 1 करोड़ 7 लाख रूपये की लागत से पूर्ण होगा, जिसमें पाथवे, गार्डनिंग, विद्युत पोल, पहुंच मार्ग का निर्माण होगा। वहीं रेस्ट हाउस के पीछे लगभग 30 दुकानों का निर्माण 1 करोड़ 87 लाख रूपये की लागत से होगा। श्री प्रजापति ने कहा कि परिषद निरंतर प्रयास कर रही है कि शहर के हर कोने का सुव्यवस्थित विकास हो। रेस्ट हाउस के पीछे इस कमर्शियल कॉम्प्लेक्स का निर्माण गुणवत्ता के साथ समय सीमा के भीतर पूरा किया जाएगा, ताकि शीघ्र ही इसका लाभ जनता को मिल सके। यह स्थान भविष्य में हमारे शहर का एक प्रमुख व्यापारिक केंद्र बनकर उभरेगा। इस अवसर पर पार्षद डॉ. सलीम खान, अरशद अली, मेहमूद अंसारी, सुभाष नामदेव, तेजसिंह राठौर, हिउस अध्यक्ष नारायण भूरू मुकाती, सकल समाज अध्यक्ष नरेन्द्र कुशवाह, वरिष्ठ पत्रकार सुशील संचेती, जनपद अध्यक्ष प्रतिनिधि सोनू गुणवान, पूर्व मार्केटिंग अध्यक्ष कृपालसिंह पटाड़ा, नगीनचंद्र जैन, कल्याणसिंह ठाकुर, बाबूलाल ठाकुर, प्रदीप धाड़ीवाल, कैलाश सोनी पांचम, गोविंद सोनी, प्रदीप राठौर, नगर महामंत्री धनरूपमल जैन, हरिनारायण शर्मा, संजय सोनी बंटू, प्रेमनारायण जायसवाल, राजेश सोनी, गिरजा कुशवाह, भगवती सोनी, सुषमा कटारिया, जुगलकिशोर मालवीय, मनीष धारवां, पवन वर्मा, दशरथ मेवाड़ा, बबलू सुराना, राधेश्याम अलेरिया, ललित सुराना, चेतन छाजेड़, तेजसिंह ठाकुर, सुरेन्द्रसिंह ठाकुर, सहायक यंत्री आकाश गुयतर, उपयंत्री अनिल धुर्वे, गबू सोनी, नवीन शर्मा, लखन वर्मा, राजेश राठौर, दीनानाथ परमार, पूरण मेवाड़ा, विजय मेवाड़ा, मनीष किल्लौदिया सहित नपा कर्मचारीगण मौजूद थे।1
- समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन 1 अप्रैल से 5 मई: सीहोर में कलेक्टर ने अवैध परिवहन रोकने के सख्त निर्देश दिए सीहोर 8 घंटे पहले अब उपज मंडी समिति सीहोर मप्र 0:29 शेयर सीहोर जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन का कार्य 1 अप्रैल से 5 मई तक चलेगा। इस दौरान पड़ोसी जिलों से गेहूं के अवैध परिवहन और बिक्री को रोकने के लिए कलेक्टर बालागुरू के. ने कड़ी चेतावनी और निर्देश जारी किए हैं। कलेक्टर ने जिले के सभी एसडीएम और तहसीलदारों को अपने-अपने क्षेत्रों में बाहर से आने वाले गेहूं की निगरानी करने का आदेश दिया है। मंडियों औरउप-मंडियों में गेहूं की आवक और बिक्री पर भी कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। यदि कोई अवैध परिवहन करता पाया गया तो संबंधित के खिलाफ नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई होगी। कलेक्टर ने नाप-तौल उपकरणों और धर्मकांटों के सत्यापन और प्रमाणीकरण को सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए हैं। यह सभी सेवा सहकारी समितियों, विपणन समितियों, स्व-सहायता समूहों, ग्राम संगठनों, कृषि उपज मंडियों, उप-मंडियों, उपार्जन केंद्रों और भंडारण केंद्रों के लिए हैं। इसके साथ ही उन्होंने उपार्जन कार्य शुरू होने से पहले सभी धर्मकांटों का कैलिब्रेशन करवाकर उनके सीपीयू को सील करने के आदेश भी दिए हैं।1
- Post by Naved khan1