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देश में नेताओं की भूमिका और कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। इस बात को लेकर गहरा आक्रोश जताया जा रहा है कि क्या ऐसे नेता देश को अंदर से खोखला बनाने का काम कर रहे हैं। देश के राजनीतिक माहौल पर चिंता जताते हुए यह सवाल पूछा गया है कि क्या आज देश का यही कड़वा सच बनकर रह गया है।
Shivam k jha
देश में नेताओं की भूमिका और कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। इस बात को लेकर गहरा आक्रोश जताया जा रहा है कि क्या ऐसे नेता देश को अंदर से खोखला बनाने का काम कर रहे हैं। देश के राजनीतिक माहौल पर चिंता जताते हुए यह सवाल पूछा गया है कि क्या आज देश का यही कड़वा सच बनकर रह गया है।
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- धर्मेंद्र प्रधान के वक्तव्य के बाद जंतर-मंतर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' का प्रदर्शन समाप्त हो गया है। धर्मेंद्र प्रधान के बोलने के तुरंत बाद प्रदर्शनकारियों ने जंतर-मंतर से अपने टेंट उखाड़ना शुरू कर दिए हैं और इसके साथ ही वहां साफ-सफाई का काम भी चालू हो गया है। प्रदर्शन खत्म होने और टेंट हटने के बाद कटाक्ष करते हुए कहा गया है कि शायद अब अगले 'प्रोडक्ट' की तैयारी शुरू की जा रही है। धर्मेंद्र प्रधान के वक्तव्य के बाद 'कॉकरोच जनता पार्टी' का यह प्रोटेस्ट पूरी तरह से खत्म हो गया है।1
- Post by न्यूज़ आइकॉन 241
- दिल्ली से रजनी गुप्ता की रिपोर्ट के अनुसार, 'कॉकरोच जनता पार्टी' की जीत होने के बाद मनीष सिसोदिया ने अपनी खुशियां जताई हैं।1
- आम आदमी पार्टी के संस्थापक अरविंद केजरीवाल ने 'प्रधान' के इस्तीफे पर अपनी पहली प्रतिक्रिया दी है। इस मामले में अरविंद केजरीवाल की ओर से पहली बार कोई बयान या प्रतिक्रिया सामने आई है।1
- शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर आम आदमी पार्टी ने अपनी पहली प्रतिक्रिया देते हुए इसे देश के युवाओं के आंदोलन की बड़ी जीत करार दिया है। पार्टी का कहना है कि देश के करोड़ों युवाओं ने अपने आंदोलन के बदौलत कुम्भकरण की नींद में सो रही मोदी सरकार को जगाया है और शिक्षा मंत्री का इस्तीफा लेने के लिए मजबूर कर दिया है। आम आदमी पार्टी ने कहा कि जिस ओर जवानी चलती है, उसी ओर जमाना चलता है। पेपर लीक से शुरू हुई यह लड़ाई अब रोज़गार मिलने तक जाएगी और इसके बाद अब देश में हर गलती की जवाबदेही तय होगी। पार्टी ने युवाओं को आंदोलन की इस विजय पर बधाई दी है।1
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफ़े को सिर्फ़ एक पड़ाव बताते हुए छात्रों पर दर्ज सभी मुकदमों को तुरंत वापस लेने की माँग की गई है। साफ़ तौर पर कहा गया है कि यह सिर्फ़ एक इस्तीफ़ा है, मंज़िल नहीं। 20 जुलाई और उसके बाद छात्रों पर दर्ज किए गए सभी मुकदमों को बिना किसी देरी के तुरंत वापस लिया जाना चाहिए। इसके साथ ही यह चेतावनी दी गई है कि कॉकरोच से टकराने की भूल न करें। जब केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफ़ा संभव हो गया है, तो अब छात्रों की आवाज़ को दबाने की कोई भी कोशिश कामयाब नहीं होने दी जाएगी।1
- धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा देश की शिक्षा व्यवस्था को फिर से संवारने की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम है। सड़कों पर उतरकर लोकतंत्र, संविधान और अपने भविष्य की रक्षा में डटकर खड़े होने वाले देश भर के हर एक युवा और छात्र को इसके लिए बहुत-बहुत बधाई दी गई है। आंदोलन की दो प्रमुख मांगें अभी भी बाकी हैं। पहली मांग यह है कि प्रधानमंत्री छात्रों और भारत के भविष्य का सम्मान करते हुए उनसे माफ़ी मांगें, और दूसरी मांग यह है कि छात्रों पर हुई हिंसा के जिम्मेदार दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही, किसानों, मजदूरों और गरीबों समेत समाज के उन सभी वर्गों को, जिन्हें इस सरकार द्वारा दबाया और कुचला गया है, अपने सम्मान के लिए संवैधानिक तरीके से डटकर खड़े होने का संदेश दिया गया है।1
- तेज प्रताप यादव को पटना पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने का मामला सामने आया है। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान राबड़ी देवी लालटेन लेकर नजर आईं। आखिरकार पटना पुलिस ने किस वजह से तेज प्रताप यादव को गिरफ्तार किया है, इसको लेकर सवाल खड़े किए जा रहे हैं।1