भैयाथान में धान खरीदी व्यवस्था फेल! 7 केन्द्रों के निरीक्षण में उजागर हुआ बड़ा स भैयाथान में धान खरीदी व्यवस्था फेल! 7 केन्द्रों के निरीक्षण में उजागर हुआ बड़ा सच भैयाथान | जिला सूरजपुर सरकार के “हर किसान का एक-एक दाना खरीदी” के दावे की भैयाथान क्षेत्र में पोल खुलती नजर आ रही है। आज भैयाथान क्षेत्र के 7 धान खरीदी केन्द्रों का औचक निरीक्षणRaju Kumar Gupta, सभापति – सहकारिता एवं उद्योग विकास विभाग, जनपद पंचायत भैयाथान, जिला सूरजपुर द्वारा किया गया, जिसमें धान खरीदी की गंभीर खामियां सामने आईं। निरीक्षण के दौरान किसानों से सीधे संवाद में यह चौंकाने वाला तथ्य उजागर हुआ कि आज भी सैकड़ों किसान टोकन न कटने के कारण खरीदी व्यवस्था से बाहर हैं। किसी केन्द्र में 40 किसान, कहीं 150, तो कहीं 200 किसान ऐसे हैं, जिनका धान अब तक नहीं खरीदा गया और फसल आज भी घरों में सड़ने की कगार पर है। यह स्थिति प्रशासनिक लापरवाही या फिर जानबूझकर की जा रही उपेक्षा की ओर इशारा करती है। सवाल यह है कि जब सरकार हर किसान का धान खरीदने का दावा कर रही है, तो फिर भैयाथान के किसान क्यों दर-दर भटकने को मजबूर हैं? टोकन न कटने से किसान मानसिक तनाव, आर्थिक बदहाली और सामाजिक अपमान झेल रहे हैं। कई किसान कर्ज़ में डूब चुके हैं, तो कईयों के सामने परिवार चलाने तक का संकट खड़ा हो गया है। सभापति Raju Kumar Gupta ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह स्थिति किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही व्यवस्था दुरुस्त कर सभी किसानों का धान नहीं खरीदा गया, तो किसानों के हक़ में आंदोलनात्मक कदम उठाने से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप कर टोकन व्यवस्था सुधारने, लंबित किसानों की सूची सार्वजनिक करने और खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या सरकार का दावा सिर्फ कागजों तक सीमित है? क्या भैयाथान के किसान अपने ही हक़ के लिए संघर्ष करते रहेंगे? जब तक किसानों को न्याय नहीं मिलेगा, यह मुद्दा शांत नहीं होगा।
भैयाथान में धान खरीदी व्यवस्था फेल! 7 केन्द्रों के निरीक्षण में उजागर हुआ बड़ा स भैयाथान में धान खरीदी व्यवस्था फेल! 7 केन्द्रों के निरीक्षण में उजागर हुआ बड़ा सच भैयाथान | जिला सूरजपुर सरकार के “हर किसान का एक-एक दाना खरीदी” के दावे की भैयाथान क्षेत्र में पोल खुलती नजर आ रही है। आज भैयाथान क्षेत्र के 7 धान खरीदी केन्द्रों का औचक निरीक्षणRaju Kumar Gupta, सभापति – सहकारिता एवं उद्योग विकास विभाग, जनपद पंचायत भैयाथान, जिला सूरजपुर द्वारा किया गया, जिसमें धान खरीदी की गंभीर खामियां सामने आईं। निरीक्षण के दौरान किसानों से सीधे संवाद में यह चौंकाने वाला तथ्य उजागर हुआ कि आज भी सैकड़ों किसान टोकन न कटने के कारण खरीदी व्यवस्था से बाहर हैं। किसी केन्द्र में 40 किसान, कहीं 150, तो कहीं 200 किसान ऐसे हैं, जिनका धान अब तक नहीं खरीदा गया और फसल आज भी घरों में सड़ने की कगार पर है। यह स्थिति प्रशासनिक लापरवाही या फिर जानबूझकर की जा रही उपेक्षा की ओर इशारा करती है। सवाल यह है कि जब
सरकार हर किसान का धान खरीदने का दावा कर रही है, तो फिर भैयाथान के किसान क्यों दर-दर भटकने को मजबूर हैं? टोकन न कटने से किसान मानसिक तनाव, आर्थिक बदहाली और सामाजिक अपमान झेल रहे हैं। कई किसान कर्ज़ में डूब चुके हैं, तो कईयों के सामने परिवार चलाने तक का संकट खड़ा हो गया है। सभापति Raju Kumar Gupta ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह स्थिति किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही व्यवस्था दुरुस्त कर सभी किसानों का धान नहीं खरीदा गया, तो किसानों के हक़ में आंदोलनात्मक कदम उठाने से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप कर टोकन व्यवस्था सुधारने, लंबित किसानों की सूची सार्वजनिक करने और खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या सरकार का दावा सिर्फ कागजों तक सीमित है? क्या भैयाथान के किसान अपने ही हक़ के लिए संघर्ष करते रहेंगे? जब तक किसानों को न्याय नहीं मिलेगा, यह मुद्दा शांत नहीं होगा।
- भैयाथान में धान खरीदी व्यवस्था फेल! 7 केन्द्रों के निरीक्षण में उजागर हुआ बड़ा सच भैयाथान | जिला सूरजपुर सरकार के “हर किसान का एक-एक दाना खरीदी” के दावे की भैयाथान क्षेत्र में पोल खुलती नजर आ रही है। आज भैयाथान क्षेत्र के 7 धान खरीदी केन्द्रों का औचक निरीक्षणRaju Kumar Gupta, सभापति – सहकारिता एवं उद्योग विकास विभाग, जनपद पंचायत भैयाथान, जिला सूरजपुर द्वारा किया गया, जिसमें धान खरीदी की गंभीर खामियां सामने आईं। निरीक्षण के दौरान किसानों से सीधे संवाद में यह चौंकाने वाला तथ्य उजागर हुआ कि आज भी सैकड़ों किसान टोकन न कटने के कारण खरीदी व्यवस्था से बाहर हैं। किसी केन्द्र में 40 किसान, कहीं 150, तो कहीं 200 किसान ऐसे हैं, जिनका धान अब तक नहीं खरीदा गया और फसल आज भी घरों में सड़ने की कगार पर है। यह स्थिति प्रशासनिक लापरवाही या फिर जानबूझकर की जा रही उपेक्षा की ओर इशारा करती है। सवाल यह है कि जब सरकार हर किसान का धान खरीदने का दावा कर रही है, तो फिर भैयाथान के किसान क्यों दर-दर भटकने को मजबूर हैं? टोकन न कटने से किसान मानसिक तनाव, आर्थिक बदहाली और सामाजिक अपमान झेल रहे हैं। कई किसान कर्ज़ में डूब चुके हैं, तो कईयों के सामने परिवार चलाने तक का संकट खड़ा हो गया है। सभापति Raju Kumar Gupta ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह स्थिति किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही व्यवस्था दुरुस्त कर सभी किसानों का धान नहीं खरीदा गया, तो किसानों के हक़ में आंदोलनात्मक कदम उठाने से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप कर टोकन व्यवस्था सुधारने, लंबित किसानों की सूची सार्वजनिक करने और खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या सरकार का दावा सिर्फ कागजों तक सीमित है? क्या भैयाथान के किसान अपने ही हक़ के लिए संघर्ष करते रहेंगे? जब तक किसानों को न्याय नहीं मिलेगा, यह मुद्दा शांत नहीं होगा।2
- Post by Dhanpati Singh1
- Post by Vikash Tirkey1
- अंबिकापुर जिला न्यायालय को बम से उड़ने की धमकी ईमेल मिलते ही मचा हड़कंप अम्बिकापुर. छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिला मुख्यालय अम्बिकापुर स्थित जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया. न्यायालय के आधिकारिक ईमेल आईडी पर धमकी भरा मेल प्राप्त होते ही प्रशासन और पुलिस महकमा सतर्क हो गया. सूचना के बाद न्यायालय परिसर और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. न्यायालय आने-जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति की सघन जांच की जा रही है. पुलिस कर्मियों द्वारा बाइक, कार, बैग सहित आगंतुकों की बारीकी से तलाशी ली जा रही है. परिसर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है, वहीं पीटीएस की टीम भी मौके पर मौजूद रहकर लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है. इस मामले में सरगुजा एसएसपी एवं डीआईजी राजेश कुमार अग्रवाल ने बताया कि न्यायालय को ईमेल के जरिए धमकी मिलने की सूचना के बाद तत्काल पुलिस बल तैनात किया गया है. पीटीएस की टीम द्वारा पूरे परिसर की जांच की जा रही है. उन्होंने कहा कि जो ईमेल प्राप्त हुआ है, उसे गंभीरता से संज्ञान में लिया गया है और यह पता लगाया जा रहा है कि मेल कहां से और किसने भेजा है, साथ ही उसके पीछे का उद्देश्य क्या है. फिलहाल जांच के दौरान कोई भी संदिग्ध वस्तु या व्यक्ति नहीं मिला है, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह से मजबूत की गई है और लगातार चेकिंग जारी है. उन्होंने बताया कि यह मेल आउटलुक से भेजा गया है और उसकी तकनीकी जांच की जा रही है. बता दें कि, कुछ दिन पहले जिला न्यायालय परिसर से लगे एक बड़े भूभाग पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई थी. इस दौरान न्यायालय से सटे क्षेत्र में करीब एक दर्जन से अधिक परिवारों और गुलाब कॉलोनी क्षेत्र में बुलडोजर चलाकर कब्जा हटाया गया था. गौरतलब है कि इससे पहले भी छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव और बिलासपुर जिलों में न्यायालयों को बम से उड़ाने की धमकी भरे मेल मिल चुके हैं. हालांकि उन मामलों में पुलिस की सघन तलाशी के बाद कोई भी संदिग्ध वस्तु नहीं मिली थी. बावजूद इसके, पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है और अम्बिकापुर न्यायालय परिसर की सुरक्षा में किसी भी तरह की चूक नहीं बरती जा रही है.1
- Post by Men of jharkhand1
- #dudhi #sonbhadra1
- ग्राम पंचायत कार्यालय बंद, जिम्मेदारी किसकी—सरपंच या सचिव?1
- Post by Dhanpati Singh1