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*19 जनवरी से गुप्त नवरात्रि प्रांरभ, दस महाविद्याओ की साधना होगी* 【ज्योतिषाचार्य पं. नरेन्द्र कृष्ण शास्त्री】 मो.- 9993652408 =========================== ✍🏻गुप्त नवरात्रि माघ मास शुक्ल पक्ष से प्रारंभ हो रहे हैं (19 जनवरी 2026 सोमवार से 27 जनवरी 2026 मंगलवार तक) *✍🏻गुप्त नवरात्र के दौरान कई साधक महाविद्या के लिए मां काली, तारा देवी, त्रिपुर सुंदरी, भुवनेश्वरी, माता छिन्नमस्ता, त्रिपुर भैरवी, मां ध्रूमावती, माँ बगलामुखी देवी, मातंगी और कमला देवी की पूजा करते हैं।* ज्योतिषाचार्य पं. नरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने बताया कि गुप्त नवरात्रि पर्व में माँ दुर्गा जी के दस महाविद्या के सरूप में आराधना की जाती है, समस्त मनोकामनाएं पूर्ण करने के लिए माँ की गुप्त रूप से साधना होती है, बर्ष में 2 गुप्त नवरात्रि आती है जिनमे साधक तंत्रिक पूजन से भी माँ भगवती की आराधना करके प्रशन्न करते है, अनेक प्रकार की तांत्रिक साधनाये भी की जाति है, इस विषय मे अधिक जानकारी के लिए पं. नरेन्द्र कृष्ण शास्त्री से संपर्क करे..... कुछ वैदिक अनुष्ठान से यह कार्य भी लाभदायक रहते हैं जैसे......... *पति प्राप्ति के लिये मन्त्र-* कात्यायनी महामाये महायोगिन्यधीश्वरि ! नंदगोपसुतम् देवि पतिम् मे कुरुते नम:!! यह मंत्र दुर्गा सप्तशती का संपुटित पाठ किसी योग्य ब्राहमण से करवाऐ माता से प्रार्थना करें हे माँ मै आपकी शरण में आ गयी मुझे शीघ्र अति शीघ्र सौभाग्य की प्राप्ति हो और मेरी मनोकामना शीघ्र पुरी हो माँ भगवती कि कृपा से अवश्य सफलता प्राप्त होगी। *पत्नी प्राप्ति के मंत्र* पत्नीं मनोरमां देहि मनोवृत्तानु सारिणीम्। तारिणींदुर्गसंसारसागरस्य कुलोद्भवाम.!! माँ दुर्गा सप्तशती का संपुटित पाठ किसी योग्य ब्राह्मण से करवाऐ आपकी मनोकामना शीघ्र पूरी होगी.!! *शत्रु पर विजय ओर शांति प्राप्ति के लिए* सर्वाबाधा प्रशमनं त्रैलोक्यस्याखिलेश्वरि। एवमेव त्वया कार्यमस्मद्दैरिविनाशनम्.!! *बाधा मुक्ति एवं धन-पुत्रादि प्राप्ति के लिएः* सर्वाबाधा विनिर्मुक्तो धन-धान्य सुतान्वितः। मनुष्यों मत्प्रसादेन भवष्यति न संशय..!! *"ज्योतिष शास्त्र, वास्तुशास्त्र, श्रीमद्भागवत कथा, वैदिक अनुष्ठान व समस्त धार्मिक कार्यो के लिए संपर्क करें:-* *✍🏻ज्योतिषाचार्य- पं. नरेन्द्र कृष्ण शास्त्री, संपर्क सूत्र:- 9993652408, 7828289428 Phone Pe, Google Pay, Paytm No.- 9993652408*

10 hrs ago
user_JHVP BHARAT NEWS
JHVP BHARAT NEWS
Journalist महाराजगंज, सीवान, बिहार•
10 hrs ago
8162abe8-d953-44d9-8020-b4f12c9671c4

*19 जनवरी से गुप्त नवरात्रि प्रांरभ, दस महाविद्याओ की साधना होगी* 【ज्योतिषाचार्य पं. नरेन्द्र कृष्ण शास्त्री】 मो.- 9993652408 =========================== ✍🏻गुप्त नवरात्रि माघ मास शुक्ल पक्ष से प्रारंभ हो रहे हैं (19 जनवरी 2026 सोमवार से 27 जनवरी 2026 मंगलवार तक) *✍🏻गुप्त नवरात्र के दौरान कई साधक महाविद्या के लिए मां काली, तारा देवी, त्रिपुर सुंदरी, भुवनेश्वरी, माता छिन्नमस्ता, त्रिपुर भैरवी, मां ध्रूमावती, माँ बगलामुखी देवी, मातंगी और कमला देवी की पूजा करते हैं।* ज्योतिषाचार्य पं. नरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने बताया कि गुप्त नवरात्रि पर्व में माँ दुर्गा जी के दस महाविद्या के सरूप में आराधना की जाती है, समस्त मनोकामनाएं पूर्ण करने के लिए माँ की गुप्त रूप से साधना होती है, बर्ष में 2 गुप्त नवरात्रि आती है जिनमे साधक तंत्रिक पूजन से भी माँ भगवती की आराधना करके प्रशन्न करते है, अनेक प्रकार की तांत्रिक साधनाये भी की जाति है, इस विषय मे अधिक जानकारी के लिए पं. नरेन्द्र कृष्ण शास्त्री से संपर्क करे.....

कुछ वैदिक अनुष्ठान से यह कार्य भी लाभदायक रहते हैं जैसे......... *पति प्राप्ति के लिये मन्त्र-* कात्यायनी महामाये महायोगिन्यधीश्वरि ! नंदगोपसुतम् देवि पतिम् मे कुरुते नम:!! यह मंत्र दुर्गा सप्तशती का संपुटित पाठ किसी योग्य ब्राहमण से करवाऐ माता से प्रार्थना करें हे माँ मै आपकी शरण में आ गयी मुझे शीघ्र अति शीघ्र सौभाग्य की प्राप्ति हो और मेरी मनोकामना शीघ्र पुरी हो माँ भगवती कि कृपा से अवश्य सफलता प्राप्त होगी। *पत्नी प्राप्ति के मंत्र* पत्नीं मनोरमां देहि मनोवृत्तानु सारिणीम्। तारिणींदुर्गसंसारसागरस्य कुलोद्भवाम.!! माँ दुर्गा सप्तशती का संपुटित पाठ किसी योग्य ब्राह्मण से करवाऐ आपकी मनोकामना शीघ्र पूरी होगी.!! *शत्रु पर विजय ओर शांति प्राप्ति के लिए* सर्वाबाधा प्रशमनं त्रैलोक्यस्याखिलेश्वरि। एवमेव त्वया कार्यमस्मद्दैरिविनाशनम्.!! *बाधा मुक्ति एवं धन-पुत्रादि प्राप्ति के लिएः* सर्वाबाधा विनिर्मुक्तो धन-धान्य सुतान्वितः। मनुष्यों मत्प्रसादेन भवष्यति न संशय..!! *"ज्योतिष शास्त्र, वास्तुशास्त्र, श्रीमद्भागवत कथा, वैदिक अनुष्ठान व समस्त धार्मिक कार्यो के लिए संपर्क करें:-* *✍🏻ज्योतिषाचार्य- पं. नरेन्द्र कृष्ण शास्त्री, संपर्क सूत्र:- 9993652408, 7828289428 Phone Pe, Google Pay, Paytm No.- 9993652408*

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  • पलायन के कारण अंतिम बार अपने पिता को नहीं देख सका यह बेटा। यह दुख बिहार के हर परिवार का है।
    1
    पलायन के कारण अंतिम बार अपने पिता को नहीं देख सका यह बेटा। यह दुख बिहार के हर परिवार का है।
    user_जनसत्ता NEWS@
    जनसत्ता NEWS@
    Journalist Daraundha, Siwan•
    4 hrs ago
  • *19 जनवरी से गुप्त नवरात्रि प्रांरभ, दस महाविद्याओ की साधना होगी* 【ज्योतिषाचार्य पं. नरेन्द्र कृष्ण शास्त्री】 मो.- 9993652408 =========================== ✍🏻गुप्त नवरात्रि माघ मास शुक्ल पक्ष से प्रारंभ हो रहे हैं (19 जनवरी 2026 सोमवार से 27 जनवरी 2026 मंगलवार तक) *✍🏻गुप्त नवरात्र के दौरान कई साधक महाविद्या के लिए मां काली, तारा देवी, त्रिपुर सुंदरी, भुवनेश्वरी, माता छिन्नमस्ता, त्रिपुर भैरवी, मां ध्रूमावती, माँ बगलामुखी देवी, मातंगी और कमला देवी की पूजा करते हैं।* ज्योतिषाचार्य पं. नरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने बताया कि गुप्त नवरात्रि पर्व में माँ दुर्गा जी के दस महाविद्या के सरूप में आराधना की जाती है, समस्त मनोकामनाएं पूर्ण करने के लिए माँ की गुप्त रूप से साधना होती है, बर्ष में 2 गुप्त नवरात्रि आती है जिनमे साधक तंत्रिक पूजन से भी माँ भगवती की आराधना करके प्रशन्न करते है, अनेक प्रकार की तांत्रिक साधनाये भी की जाति है, इस विषय मे अधिक जानकारी के लिए पं. नरेन्द्र कृष्ण शास्त्री से संपर्क करे..... कुछ वैदिक अनुष्ठान से यह कार्य भी लाभदायक रहते हैं जैसे......... *पति प्राप्ति के लिये मन्त्र-* कात्यायनी महामाये महायोगिन्यधीश्वरि ! नंदगोपसुतम् देवि पतिम् मे कुरुते नम:!! यह मंत्र दुर्गा सप्तशती का संपुटित पाठ किसी योग्य ब्राहमण से करवाऐ माता से प्रार्थना करें हे माँ मै आपकी शरण में आ गयी मुझे शीघ्र अति शीघ्र सौभाग्य की प्राप्ति हो और मेरी मनोकामना शीघ्र पुरी हो माँ भगवती कि कृपा से अवश्य सफलता प्राप्त होगी। *पत्नी प्राप्ति के मंत्र* पत्नीं मनोरमां देहि मनोवृत्तानु सारिणीम्। तारिणींदुर्गसंसारसागरस्य कुलोद्भवाम.!! माँ दुर्गा सप्तशती का संपुटित पाठ किसी योग्य ब्राह्मण से करवाऐ आपकी मनोकामना शीघ्र पूरी होगी.!! *शत्रु पर विजय ओर शांति प्राप्ति के लिए* सर्वाबाधा प्रशमनं त्रैलोक्यस्याखिलेश्वरि। एवमेव त्वया कार्यमस्मद्दैरिविनाशनम्.!! *बाधा मुक्ति एवं धन-पुत्रादि प्राप्ति के लिएः* सर्वाबाधा विनिर्मुक्तो धन-धान्य सुतान्वितः। मनुष्यों मत्प्रसादेन भवष्यति न संशय..!! *"ज्योतिष शास्त्र, वास्तुशास्त्र, श्रीमद्भागवत कथा, वैदिक अनुष्ठान व समस्त धार्मिक कार्यो के लिए संपर्क करें:-* *✍🏻ज्योतिषाचार्य- पं. नरेन्द्र कृष्ण शास्त्री, संपर्क सूत्र:- 9993652408, 7828289428 Phone Pe, Google Pay, Paytm No.- 9993652408*
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    *19 जनवरी से गुप्त नवरात्रि प्रांरभ, दस महाविद्याओ की साधना होगी*
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मो.-  9993652408
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✍🏻गुप्त नवरात्रि माघ मास शुक्ल पक्ष से प्रारंभ हो रहे हैं (19 जनवरी 2026 सोमवार से 27 जनवरी 2026 मंगलवार तक)
*✍🏻गुप्त नवरात्र के दौरान कई साधक महाविद्या के लिए मां काली, तारा देवी, त्रिपुर सुंदरी, भुवनेश्वरी, माता छिन्नमस्ता, त्रिपुर भैरवी, मां ध्रूमावती, माँ बगलामुखी देवी, मातंगी और कमला देवी की पूजा करते हैं।*
ज्योतिषाचार्य पं. नरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने बताया कि गुप्त नवरात्रि पर्व में माँ दुर्गा जी के दस महाविद्या के सरूप में आराधना की जाती है, समस्त मनोकामनाएं पूर्ण करने के लिए माँ की गुप्त रूप से साधना होती है, बर्ष में 2 गुप्त नवरात्रि आती है जिनमे साधक तंत्रिक पूजन से भी माँ भगवती की आराधना करके प्रशन्न करते है, अनेक प्रकार की तांत्रिक साधनाये भी की जाति है, इस विषय मे अधिक जानकारी के लिए पं. नरेन्द्र कृष्ण शास्त्री से संपर्क करे..... 
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*पति प्राप्ति के लिये मन्त्र-*
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यह मंत्र दुर्गा सप्तशती का संपुटित पाठ किसी योग्य ब्राहमण से करवाऐ माता से प्रार्थना करें हे माँ मै आपकी शरण में आ गयी मुझे शीघ्र अति शीघ्र सौभाग्य की प्राप्ति हो और मेरी मनोकामना शीघ्र पुरी हो माँ भगवती कि कृपा से अवश्य सफलता प्राप्त होगी।
*पत्नी प्राप्ति के मंत्र*
पत्नीं मनोरमां देहि मनोवृत्तानु सारिणीम्। 
तारिणींदुर्गसंसारसागरस्य कुलोद्भवाम.!!
माँ दुर्गा सप्तशती का संपुटित पाठ किसी योग्य ब्राह्मण से करवाऐ आपकी मनोकामना शीघ्र पूरी होगी.!!
*शत्रु पर विजय ओर शांति प्राप्ति के लिए*
सर्वाबाधा प्रशमनं त्रैलोक्यस्याखिलेश्वरि। 
एवमेव त्वया कार्यमस्मद्दैरिविनाशनम्.!!
*बाधा मुक्ति एवं धन-पुत्रादि प्राप्ति के लिएः* 
सर्वाबाधा विनिर्मुक्तो धन-धान्य सुतान्वितः। 
मनुष्यों मत्प्रसादेन भवष्यति न संशय..!!
*"ज्योतिष शास्त्र, वास्तुशास्त्र, श्रीमद्भागवत कथा, वैदिक अनुष्ठान व समस्त धार्मिक कार्यो के लिए संपर्क करें:-*
*✍🏻ज्योतिषाचार्य- पं. नरेन्द्र कृष्ण शास्त्री, संपर्क सूत्र:- 9993652408, 7828289428 Phone Pe, Google Pay, Paytm No.- 9993652408*
    user_JHVP BHARAT NEWS
    JHVP BHARAT NEWS
    Journalist महाराजगंज, सीवान, बिहार•
    10 hrs ago
  • सिवान में प्रतिभाओं का सम्मान: टीम अनमोल समिति हेल्पर ग्रुप की ऐतिहासिक पहल, 1500 बच्चों को मिला मंच सिवान में टीम अनमोल समिति हेल्पर ग्रुप द्वारा एक सराहनीय और प्रेरणादायक पहल के तहत लगभग 1500 बच्चों को सम्मानित किया गया। इस आयोजन ने साबित कर दिया कि सिवान की धरती प्रतिभाओं से भरी हुई है, जहाँ एक से बढ़कर एक हुनर छिपा है। बच्चों के आत्मविश्वास और उज्ज्वल भविष्य को मजबूती देने वाली यह पहल समाज के लिए एक सकारात्मक संदेश बनकर उभरी। हैशटैग: #SiwanNews #TeamAnmol #AnmolSamiti #TalentOfSiwan #SiwanPride #YouthPower #BiharTalent #EducationForAll #Inspiration #SocialWork #जिलाधिकारीसिवान #सिवानएडमिनिस्ट्रेशन
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    सिवान में प्रतिभाओं का सम्मान: टीम अनमोल समिति हेल्पर ग्रुप की ऐतिहासिक पहल, 1500 बच्चों को मिला मंच 
सिवान में टीम अनमोल समिति हेल्पर ग्रुप द्वारा एक सराहनीय और प्रेरणादायक पहल के तहत लगभग 1500 बच्चों को सम्मानित किया गया। इस आयोजन ने साबित कर दिया कि सिवान की धरती प्रतिभाओं से भरी हुई है, जहाँ एक से बढ़कर एक हुनर छिपा है। बच्चों के आत्मविश्वास और उज्ज्वल भविष्य को मजबूती देने वाली यह पहल समाज के लिए एक सकारात्मक संदेश बनकर उभरी।
हैशटैग:
#SiwanNews #TeamAnmol #AnmolSamiti #TalentOfSiwan #SiwanPride #YouthPower #BiharTalent #EducationForAll #Inspiration #SocialWork
#जिलाधिकारीसिवान #सिवानएडमिनिस्ट्रेशन
    user_Aakash Srivastava
    Aakash Srivastava
    Journalist सिवान, सीवान, बिहार•
    20 hrs ago
  • युवा दिवस विशेष। स्वामी विवेकानंद जी की जयंती एवं राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर छपरा प्रेक्षा गृह में युवा संगम सह प्रतिभा सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, छपरा इकाई द्वारा किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. याज्ञवल्क्य शुक्ल , क्षेत्रीय संगठन मंत्री, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद बिहार–झारखंड क्षेत्र ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका सर्वोपरि है। उन्होंने युवाओं से स्वामी विवेकानंद जी के आदर्शों को अपनाते हुए शिक्षा, सेवा और संगठन के माध्यम से राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करने का आह्वान किया। मुख्य वक्ता जयप्रकाश विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. परमेंद्र कुमार बाजपेई ने कहा कि स्वामी विवेकानंद का जीवन दर्शन आज के विद्यार्थियों के लिए मार्गदर्शक है, जो उन्हें आत्मनिर्भर, चरित्रवान और राष्ट्रनिष्ठ बनने की प्रेरणा देता है। कार्यक्रम में चंदन जी (विभाग प्रचारक, सारण विभाग, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ), डॉ. जया पांडेय (नगर अध्यक्ष), सुश्री आदिति कुमारी (प्रांत कार्यकारिणी सदस्य) एवं आशीष कुमार(नगर मंत्री) की गरिमामय उपस्थिति रही। समारोह के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया, जिससे युवाओं में उत्साह और प्रेरणा का संचार हुआ। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। आयोजन ने युवाओं को स्वामी विवेकानंद जी के विचारों पर चलकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संदेश दिया। #follwer #CrimeNews #follwers #localnewspaper #2026 #NewsUpdate #BBN #bbnmedialive #nonfollowers #bbnaijaupdates #BiharNews #news
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    युवा दिवस विशेष।
स्वामी विवेकानंद जी की जयंती एवं राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर छपरा प्रेक्षा गृह में युवा संगम सह प्रतिभा सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, छपरा इकाई द्वारा किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. याज्ञवल्क्य शुक्ल , क्षेत्रीय संगठन मंत्री, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद बिहार–झारखंड क्षेत्र ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका सर्वोपरि है। उन्होंने युवाओं से स्वामी विवेकानंद जी के आदर्शों को अपनाते हुए शिक्षा, सेवा और संगठन के माध्यम से राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करने का आह्वान किया।
मुख्य वक्ता जयप्रकाश विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. परमेंद्र कुमार बाजपेई ने कहा कि स्वामी विवेकानंद का जीवन दर्शन आज के विद्यार्थियों के लिए मार्गदर्शक है, जो उन्हें आत्मनिर्भर, चरित्रवान और राष्ट्रनिष्ठ बनने की प्रेरणा देता है।
कार्यक्रम में चंदन जी (विभाग प्रचारक, सारण विभाग, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ), डॉ. जया पांडेय (नगर अध्यक्ष), सुश्री आदिति कुमारी (प्रांत कार्यकारिणी सदस्य) एवं आशीष कुमार(नगर मंत्री) की गरिमामय उपस्थिति रही। समारोह के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया, जिससे युवाओं में उत्साह और प्रेरणा का संचार हुआ।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। आयोजन ने युवाओं को स्वामी विवेकानंद जी के विचारों पर चलकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संदेश दिया।
#follwer #CrimeNews #follwers #localnewspaper #2026 #NewsUpdate #BBN #bbnmedialive #nonfollowers #bbnaijaupdates #BiharNews #news
    user_BBN MEDIA LIVE NEWS Network
    BBN MEDIA LIVE NEWS Network
    News Anchor छपरा, सारण, बिहार•
    4 hrs ago
  • choti pr bibad tum yadaw ho choti nhi rakh sakte
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    choti pr bibad tum yadaw ho choti nhi rakh sakte
    user_Mr Zakir Husain
    Mr Zakir Husain
    Gopalganj, Bihar•
    6 hrs ago
  • ब्रेकिंग न्यूज : गोपालगंज में अनियंत्रित बाइक डिवाइडर से टकराई,एक युवक की मौत,दूसरा गंभीर रूप से घायल गोपालगंज के मांझागढ थाना क्षेत्र के भोजपुरवा गांव के समीप एनएच 27 पर सडक दुर्घटना में बाइक सवार युवक की मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। अनियंत्रित बाइक डिवाइडर से टकराने के कारण यह हादसा हुआ। स्थानीय लोगों की मदद से दोनों घायलों को मॉडल अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद एक युवक को मृत घोषित कर दिया, जबकि दूसरे की नाजुक स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए गोरखपुर रेफर कर दिया गया। मृतक की पहचान मांझागढ थाना क्षेत्र के कोइनी गांव निवासी शशि राम के पुत्र बबलू राम के रूप में हुई है। वहीं, घायल युवक इसी गांव के राज कपूर राम का पुत्र अश्वनी राम बताया गया है। पुलिस के अनुसार, बबलू और अश्वनी रविवार देर रात शहर के पुरानी चौक नोनिया टोली मोहल्ले में अपने दोस्तों से मिलने गए थे। वापस घर लौटते समय भोजपुरवा गांव के पास उनकी बाइक बेकाबू होकर डिवाङडर से टकरा गई, जिससे यह हादसा हुआ...
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    ब्रेकिंग न्यूज  : गोपालगंज में अनियंत्रित बाइक डिवाइडर से टकराई,एक युवक की मौत,दूसरा गंभीर रूप से घायल  
गोपालगंज के मांझागढ थाना क्षेत्र के भोजपुरवा गांव के समीप एनएच 27 पर सडक दुर्घटना में बाइक सवार युवक की मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। अनियंत्रित बाइक डिवाइडर से टकराने के कारण यह हादसा हुआ। स्थानीय लोगों की मदद से दोनों घायलों को मॉडल अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद एक युवक को मृत घोषित कर दिया, जबकि दूसरे की नाजुक स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए गोरखपुर रेफर कर दिया गया। मृतक की पहचान मांझागढ थाना क्षेत्र के कोइनी गांव निवासी शशि राम के पुत्र बबलू राम के रूप में हुई है।
वहीं, घायल युवक इसी गांव के राज कपूर राम का पुत्र अश्वनी राम बताया गया है। पुलिस के अनुसार, बबलू और अश्वनी रविवार देर रात शहर के पुरानी चौक नोनिया टोली मोहल्ले में अपने दोस्तों से मिलने गए थे। वापस घर लौटते समय भोजपुरवा गांव के पास उनकी बाइक बेकाबू होकर डिवाङडर से टकरा गई, जिससे यह हादसा हुआ...
    user_Gopalganj Local News
    Gopalganj Local News
    मैं डीबी एडिटोरियल में काम करता हूं। Gopalganj, Bihar•
    23 hrs ago
  • जलाभिषेक के बाद शिवलिंग को ढकने की खबर ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या आस्था को ढकना समाधान है या व्यवस्था सुधारना ज़रूरी? #ViratRamayanMandir #WorldLargestShivling #18JanuaryDecision #ShivlingAastha #TempleManagementFail #BiharAdministration #VyavasthaParSawal #ShraddhaluonKiAwaaz #जनहित #धार्मिक_आस्था #निष्पक्ष_ख़बरें_अब_तक_बिहार #Ankesh_Thakur
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    जलाभिषेक के बाद शिवलिंग को ढकने की खबर ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्या आस्था को ढकना समाधान है या व्यवस्था सुधारना ज़रूरी?
#ViratRamayanMandir #WorldLargestShivling #18JanuaryDecision #ShivlingAastha #TempleManagementFail #BiharAdministration #VyavasthaParSawal #ShraddhaluonKiAwaaz #जनहित #धार्मिक_आस्था #निष्पक्ष_ख़बरें_अब_तक_बिहार #Ankesh_Thakur
    user_Ankesh Thakur
    Ankesh Thakur
    News Anchor Kalyanpur, Purbi Champaran•
    6 hrs ago
  • लोहड़ी त्यौहार मनाने का मुख्य उद्देश्य जानकारों ने अलग-अलग उद्देश्यों से दर्शाया है प्रस्तुत हैं पुराणों के अनुसार कुछ मुख्य अंश ज्योतिष के अनुसार 13 जनवरी 2026 को लोहड़ी पर्व मनाया जा रहा है दिन मंगलवार दोपहर 3:13 बजे भद्रा तिथि होगी मकर संक्रांति स्नान सुबह 9:03 से 10:48 तक रहेगा 14 जनवरी 2026 को सूर्य देव धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करेंगे इस दिन मकर संक्रांति मनाई जाएगी लोहड़ी पर्व हर वर्ष मकर संक्रांति से 1 दिन पहले मनाया जाता है मकर संक्रांति का त्योहार 14 जनवरी 2026 के दिन बुधवार को मनाया जाएगा 13 जनवरी को लोहड़ी मनाने की बहुत सारी खास वजह होती हैं इस अवसर पर नई फसल की पूजा की जाती है लोहड़ी माता की पूजा होती है मुख्य रुप से सिक्स समुदाय लोहड़ी पर्व मनाते हैं मकर संक्रांति से पहली वाली रात को सूर्यास्त के बाद मनाया जाने वाला पर्व लोहाडी का अर्थ -ल( लकड़ी )+ओह (सूखे उपले)+ डी (रेवड़ी) इस पर्व के 20- 25 दिन पहले ही लोग लोहडी के लोकगीत गाकर लकड़ी और उपले इकट्ठे करते हैं फिर एकत्रित की गई सामग्री को चौराहे- मोहल्ले के किसी खुले स्थान पर आग जलाते हैं इस उत्सव को सिख समाज बहुत ही जोश खरोश से मनाते हैं गोबर के उपलों की माला बनाकर मन्नत पूरी होने की खुशी में लोहड़ी के समय जलती हुई अग्नि में उन्हें भेंट किया जाता है इसे चरखा चढ़ाना कहते हैं वैसे तो पूरे भारत में हर्षोल्लास से मनाया जाता है लेकिन लोहड़ी उत्तर भारत का एक लोकप्रिय त्योहार है. इसे खास तौर पर पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में मकर संक्रांति की पूर्व संध्या पर मुख्य रूप से फसल की कटाई व बुवाई के रूप में मनाया जाता है लोहड़ी . खुशियों की सौगात देने वाला ये त्योहार हर किसी को बहुत पसंद होता है. लोहड़ी मनाने वाले किसान इस दिन को अपने लिए नए साल की शुरुआत मानते हैं. बहुत से लोग लोहड़ी को साल का सबसे छोटा दिन और रात सबसे लंबी के तौर पर मनाते हैं. लोहड़ी के दिन खासतौर पर सुना जाता है जैसे दुल्ला भट्टी , होलिका और लोहड़ी की कहानी आदि लेखों में पौराणिक इतिहास के पन्नों में दर्ज है इन दिनों पुरे देश में पतंगों का ताता लगा रहता हैं. लोहड़ी की संध्या पर सभी एक साथ त्योहार को मनाते हैं. इस दौरान सभी जमकर लोहड़ी के गीत गाकर खुशियां मनाते हैं. लोहड़ी की रात खुली जगह पर आग जलाई जाती है. लोग लोकगीत गाते हुए नए धान के लावे के साथ खील, मक्का, गुड़, रेवड़ी, मूंगफली आदि उस आग को अर्पित कर परिक्रमा करते हैं. लोहड़ी मनाने वाले किसान इस मौके पर फसल की पूजा भी करते हैं. गन्ने की कटाई के बाद उससे बने गुड़ को इस त्योहार में इस्तेमाल किया जाता है पंजाबी समाज में इस पर्व की तैयारी कई दिनों पहले ही शुरू हो जाती है. इसका संबंध मन्नत से जोड़ा गया है अर्थात जिस घर में नई बहू आई होती है या घर में संतान का जन्म हुआ होता है, तो उस परिवार की ओर से खुशी बांटते हुए लोहड़ी मनाई जाती है. सगे-संबंधी और रिश्तेदार उन्हें इस दिन विशेष सौगात के साथ बधाइयां देते हैं पुराणों के अनुसार लोहड़ी को सती के त्याग के रूप में प्रतिवर्ष मनाया जाता हैं. कथानुसार जब प्रजापति दक्ष ने अपनी पुत्री सती के पति महादेव शिव का तिरस्कार किया था और अपने जामाता को यज्ञ में शामिल ना करने से उनकी पुत्री ने अपनी आपको को अग्नि में समर्पित कर दिया था. उसी दिन को एक पश्चाताप के रूप में प्रति वर्ष लोहड़ी पर्व मनाया जाता हैं और इसी कारण घर की विवाहित बेटी को इस दिन तोहफे दिये जाते हैं और भोजन पर आमंत्रित कर उसका मान सम्मान किया जाता हैं. इसी ख़ुशी में श्रृंगार का सामान सभी विवाहित महिलाओ को बाँटा जाता हैं लोहड़ी त्यौहार मनाने के पीछे एक और एतिहासिक कथा भी हैं जिसे दुल्ला भट्टी के नाम से जाना जाता हैं. यह कथा अकबर के शासनकाल की हैं उन दिनों दुल्ला भट्टी पंजाब प्रान्त का सरदार था, इसे पंजाब का नायक कहा जाता था. उन दिनों संदलबार नामक एक जगह थी, जो अब पाकिस्तान का हिस्सा हैं. वहाँ लड़कियों की बाजारों में बोली लगा कर बेचा जाता था तब दुल्ला भट्टी ने इस का विरोध किया और लड़कियों को सम्मानपूर्वक इस दुष्कर्म से बचाया और सामाजिक तथा उनकी इच्छा अनुसार शादी करवाकर उन्हें सम्मानित जीवन दिया. इस विजय के दिन को लोहड़ी के गीतों में गाया जाता हैं और दुल्ला भट्टी को याद किया जाता हैं. फसल काटने के बाद किसानों की जो आमदनी होती है और इनके घर में खुशियां आती हैं. पारंपरिक मान्यता के अनुसार, लोहड़ी फसल की कटाई और बुआई के तौर पर मनाई जाती है. लोहड़ी को लेकर एक मान्यता ये भी है कि इस दिन लोहड़ी का जन्म होलिका की बहन के रूप में हुआ था. बेशक होलिका का दहन हो गया था. किसान लोहड़ी के दिन को नए साल की आर्थिक शुरुआत के रूप में भी मनाते पंजाबियों के विशेष त्यौहार हैं लोहड़ी जिसे वे धूमधाम से मनाते हैं. नाच, गाना और ढोल तो पंजाबियों की शान होते हैं और इसके बिना इनके त्यौहार अधूरे हैं. लोहड़ी मनाने के लिए लकड़ियों की ढेरी पर सूखे उपले भी रखे जाते हैं. समूह के साथ लोहड़ी पूजन करने के बाद उसमें तिल, गुड़, रेवड़ी एवं मूंगफली का भोग लगाया जाता है. इस अवसर पर ढोल की थाप के साथ गिद्दा और भांगड़ा नृत्य विशेष आकर्षण का केंद्र होते हैं. लोहड़ी आने के कई दिनों पहले ही युवा एवम बच्चे लोहड़ी के गीत गाते हैं. पन्द्रह दिनों पहले गीत गाना शुरू कर दिया जाता हैं जिन्हें घर-घर जाकर गया जाता हैं. इन गीतों में वीर शहीदों को याद किया जाता हैं जिनमे दुल्ला भट्टी के नाम विशेष रूप से लिया जाता है लोहड़ी त्योहार के पीछे धार्मिक आस्थाएं भी जुड़ी हुई हैं. लोहड़ी पर आग जलाने को लेकर मान्यता है कि यह आग राजा दक्ष की पुत्री सती की याद में जलाई जाती है. बहुत से लोगों का मानना है कि लोहड़ी का नाम संत कबीर की पत्नी लोही के नाम पर पड़ा. पंजाब के कुछ ग्रामीण इलाकों में इसे लोई भी कहा जाता है. लोहड़ी को पहले कई जगहों पर लोह भी बोला जाता था. लोह का मतलब होता है लोहा. इसे त्योहार से जोड़ने के पीछे बताया जाता है कि फसल कटने के बाद उससे मिले अनाज की रोटियां तवे पर सेकी जाती हैं. तवा लोहे का होता है. इस तरह फसल के उत्सव के रूप में मनाई जाने वाली लोहड़ी का नाम लोहे से पड़ा. पौराणिक कथाओं में बताया गया है कि लोहड़ी होलिका की बहन थीं. लोहड़ी अच्छी प्रवृत्ति वाली थीं. इसलिए उनकी पूजा होती है और उन्हीं के नाम पर त्योहार मनाया जाता है. कई स्थानों पर लोहड़ी को तिलोड़ी के तौर पर भी जाना जाता था. यह शब्द तिल और रोड़ी यानी गुड़ से मिलकर बना है. बाद में तिलोड़ी को ही लोहड़ी कहा जाने लगा. लोहड़ी के त्यौहार को वसंत ऋतु के आगमन के तौर पर भी मनाया जाता है. इसलिए रबी की फसलों से उपजे अन्न को अग्नि में समर्पित करते हैं, नई फसलों का भोग लगाकर देवताओं से धन और संपन्नता की प्रार्थना करते है सभी देशवासियों को हृदय की गहराइयों से लोहड़ी पर्व व मकर संक्रांति पवित्र त्योहार के उपलक्ष में हृदय की गहराइयों से हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं चौ0 शौकत अली चेची राष्ट्रीय उपाध्यक्ष किसान एकता (संघ) एवं पिछड़ा वर्ग उ0 प्र0 सचिव (सपा)
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    लोहड़ी त्यौहार मनाने का मुख्य उद्देश्य जानकारों ने अलग-अलग उद्देश्यों से दर्शाया है  प्रस्तुत हैं पुराणों के अनुसार  कुछ मुख्य अंश
ज्योतिष के अनुसार 13 जनवरी 2026 को लोहड़ी पर्व मनाया जा रहा है  दिन मंगलवार दोपहर 3:13 बजे भद्रा तिथि होगी मकर संक्रांति स्नान सुबह 9:03 से 10:48 तक रहेगा 14 जनवरी 2026 को सूर्य देव धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करेंगे इस दिन मकर संक्रांति मनाई जाएगी लोहड़ी पर्व हर वर्ष मकर संक्रांति से 1 दिन पहले मनाया जाता है मकर संक्रांति का त्योहार 14 जनवरी 2026 के दिन बुधवार को मनाया जाएगा 
13 जनवरी को 
लोहड़ी मनाने की बहुत सारी खास वजह होती हैं इस अवसर पर नई फसल की पूजा की जाती है लोहड़ी माता की पूजा होती है मुख्य रुप से सिक्स समुदाय लोहड़ी पर्व मनाते हैं 
मकर संक्रांति से पहली वाली रात को सूर्यास्त के बाद मनाया जाने वाला पर्व लोहाडी का अर्थ -ल( लकड़ी )+ओह (सूखे उपले)+ डी (रेवड़ी) इस पर्व के 20- 25 दिन पहले ही लोग लोहडी के लोकगीत गाकर लकड़ी और उपले इकट्ठे  करते हैं फिर एकत्रित की गई सामग्री को चौराहे- मोहल्ले के किसी खुले स्थान पर आग जलाते हैं
इस उत्सव को सिख  समाज बहुत ही जोश खरोश से मनाते हैं गोबर के उपलों की माला बनाकर मन्नत पूरी होने की खुशी में लोहड़ी के समय जलती हुई अग्नि में उन्हें भेंट किया जाता है इसे चरखा चढ़ाना कहते हैं
वैसे तो पूरे भारत में हर्षोल्लास से मनाया जाता है लेकिन लोहड़ी उत्तर भारत का एक लोकप्रिय त्योहार है. इसे खास तौर पर पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में मकर संक्रांति की पूर्व संध्या पर मुख्य रूप से फसल की कटाई व बुवाई के  रूप में मनाया जाता है
लोहड़ी . खुशियों की सौगात देने वाला ये त्योहार हर किसी को बहुत पसंद होता है.  लोहड़ी मनाने वाले किसान इस दिन को अपने लिए नए साल की शुरुआत मानते हैं.
बहुत से लोग लोहड़ी को साल का सबसे छोटा दिन और रात सबसे लंबी के तौर पर मनाते हैं.  लोहड़ी के दिन खासतौर पर सुना जाता है जैसे दुल्ला भट्टी , होलिका और लोहड़ी की कहानी आदि लेखों में पौराणिक इतिहास के पन्नों में दर्ज है
इन दिनों पुरे देश में पतंगों का ताता लगा रहता हैं. लोहड़ी की संध्या पर सभी एक साथ त्योहार को मनाते हैं. इस दौरान सभी जमकर लोहड़ी के गीत गाकर खुशियां मनाते हैं. लोहड़ी की रात खुली जगह पर आग जलाई जाती है. लोग लोकगीत गाते हुए नए धान के लावे के साथ खील, मक्का, गुड़, रेवड़ी, मूंगफली आदि उस आग को अर्पित कर परिक्रमा करते हैं. लोहड़ी मनाने वाले  किसान इस मौके पर फसल की पूजा भी करते हैं. गन्ने की कटाई के बाद उससे बने गुड़ को इस त्योहार में इस्तेमाल किया जाता है
पंजाबी समाज में इस पर्व की तैयारी कई दिनों पहले ही शुरू हो जाती है. इसका संबंध मन्नत से जोड़ा गया है अर्थात जिस घर में नई बहू आई होती है या घर में संतान का जन्म हुआ होता है, तो उस परिवार की ओर से खुशी बांटते हुए लोहड़ी मनाई जाती है. सगे-संबंधी और रिश्तेदार उन्हें इस दिन विशेष सौगात के साथ बधाइयां  देते हैं
पुराणों के अनुसार लोहड़ी को सती के त्याग के रूप में प्रतिवर्ष मनाया जाता हैं. कथानुसार जब प्रजापति दक्ष ने अपनी पुत्री सती के पति महादेव शिव का तिरस्कार किया था और अपने जामाता को यज्ञ में शामिल ना करने से उनकी पुत्री ने अपनी आपको को अग्नि में समर्पित कर दिया था. उसी दिन को एक पश्चाताप के रूप में प्रति वर्ष लोहड़ी पर्व मनाया जाता हैं और इसी कारण घर की विवाहित बेटी को इस दिन तोहफे दिये जाते हैं और भोजन पर आमंत्रित कर उसका मान सम्मान किया जाता हैं. इसी ख़ुशी में श्रृंगार का सामान सभी विवाहित महिलाओ को बाँटा जाता हैं
लोहड़ी त्यौहार मनाने के पीछे एक और एतिहासिक कथा भी हैं जिसे दुल्ला भट्टी के नाम से जाना जाता हैं. यह कथा अकबर के शासनकाल की हैं उन दिनों दुल्ला भट्टी पंजाब प्रान्त का सरदार था, इसे पंजाब का नायक कहा जाता था. उन दिनों संदलबार नामक एक जगह थी, जो अब पाकिस्तान का हिस्सा हैं. वहाँ लड़कियों की बाजारों में बोली लगा कर बेचा जाता था तब दुल्ला भट्टी ने इस का विरोध किया और लड़कियों को सम्मानपूर्वक इस दुष्कर्म से बचाया और सामाजिक तथा उनकी इच्छा अनुसार  शादी करवाकर उन्हें सम्मानित जीवन दिया. इस विजय के दिन को लोहड़ी के गीतों में गाया जाता हैं और दुल्ला भट्टी को याद किया जाता हैं.
फसल काटने के बाद किसानों की जो आमदनी होती है और इनके घर में खुशियां आती हैं. पारंपरिक मान्यता के अनुसार, लोहड़ी फसल की कटाई और बुआई के तौर पर मनाई जाती है. लोहड़ी को लेकर एक मान्यता ये भी है कि इस दिन लोहड़ी का जन्म होलिका की बहन के रूप में हुआ था. बेशक होलिका का दहन हो गया था. किसान लोहड़ी के दिन को नए साल की आर्थिक शुरुआत के रूप में भी मनाते
पंजाबियों के विशेष त्यौहार हैं लोहड़ी जिसे वे धूमधाम से मनाते हैं. नाच, गाना और ढोल तो पंजाबियों की शान होते हैं और इसके बिना इनके त्यौहार अधूरे हैं. लोहड़ी मनाने के लिए लकड़ियों की ढेरी पर सूखे उपले भी रखे जाते हैं. समूह के साथ लोहड़ी पूजन करने के बाद उसमें तिल, गुड़, रेवड़ी एवं मूंगफली का भोग लगाया जाता है. इस अवसर पर ढोल की थाप के साथ गिद्दा और भांगड़ा नृत्य विशेष आकर्षण का केंद्र होते हैं.
लोहड़ी आने के कई दिनों पहले ही युवा एवम बच्चे लोहड़ी के गीत गाते हैं. पन्द्रह दिनों पहले  गीत गाना शुरू कर दिया जाता हैं जिन्हें घर-घर जाकर गया जाता हैं. इन गीतों में वीर शहीदों को याद किया जाता हैं जिनमे दुल्ला भट्टी के नाम विशेष रूप से लिया जाता है
लोहड़ी त्योहार के पीछे धार्मिक आस्थाएं भी जुड़ी हुई हैं. लोहड़ी पर आग जलाने को लेकर मान्यता है कि यह आग राजा दक्ष की पुत्री सती की याद में जलाई जाती है.
बहुत से लोगों का मानना है कि लोहड़ी का नाम संत कबीर की पत्नी लोही के नाम पर पड़ा. पंजाब के कुछ ग्रामीण इलाकों में इसे लोई भी कहा जाता है.
लोहड़ी को पहले कई जगहों पर लोह भी बोला जाता था. लोह का मतलब होता है लोहा. इसे त्योहार से जोड़ने के पीछे बताया जाता है कि फसल कटने के बाद उससे मिले अनाज की रोटियां तवे पर सेकी जाती हैं. तवा लोहे का होता है. इस तरह फसल के उत्सव के रूप में मनाई जाने वाली लोहड़ी का नाम लोहे से पड़ा.
पौराणिक कथाओं में बताया गया है कि लोहड़ी होलिका की बहन थीं. लोहड़ी अच्छी प्रवृत्ति वाली थीं. इसलिए उनकी पूजा होती है और उन्हीं के नाम पर त्योहार मनाया जाता है.
कई स्थानों पर लोहड़ी को तिलोड़ी के तौर पर भी जाना जाता था. यह शब्द तिल और रोड़ी यानी गुड़ से मिलकर बना है. बाद में तिलोड़ी को ही लोहड़ी कहा जाने लगा.
लोहड़ी के त्यौहार को वसंत ऋतु के आगमन के तौर पर भी मनाया जाता है. इसलिए रबी की फसलों से उपजे अन्न को अग्नि में समर्पित करते हैं, नई फसलों का भोग लगाकर देवताओं से धन और संपन्नता की प्रार्थना करते है
सभी देशवासियों को हृदय की गहराइयों से  लोहड़ी पर्व व मकर संक्रांति  पवित्र त्योहार के उपलक्ष में  हृदय की गहराइयों से हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं
चौ0 शौकत अली चेची 
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष
किसान एकता (संघ) एवं
पिछड़ा वर्ग उ0 प्र0 सचिव (सपा)
    user_JHVP BHARAT NEWS
    JHVP BHARAT NEWS
    Journalist महाराजगंज, सीवान, बिहार•
    20 hrs ago
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