गुमला जिले के डुमरी स्थित उदनी पंचायत के औरापाठ माचाडीपा गांव में आदिम जनजाति परिवार भीषण पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। शनिवार दोपहर मिली जानकारी के अनुसार, जिला प्रशासन द्वारा गोद लिए गए आकांक्षी प्रखंड डुमरी में लगभग तेरह लाख बयालीस हजार एक सौ चौरासी रुपये (₹13,42,184) की लागत से बनी एक सोलर आधारित पेयजल आपूर्ति योजना निर्माण के कुछ ही समय बाद बंद हो गई है, जिससे यह पूरी तरह से सफेद हाथी साबित हो रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि यह योजना पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल गुमला के तहत जिला अनाबद्ध निधि से बनाई गई थी। गांव के बुजुर्ग मानु कोरवा समेत अन्य ग्रामीणों ने बताया कि जलापूर्ति योजना शुरू होने के लगभग एक माह बाद ही पूरी तरह ठप पड़ गई। ग्रामीणों ने संवेदक पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसमें कुएं का निर्माण सही स्थान पर न कराना, बारिश के दौरान नाली का गंदा पानी कुएं में जाने की आशंका, कुएं को पर्याप्त गहराई तक न खोदना और निर्माण कार्य में बड़े पैमाने पर अनियमितता बरतना शामिल है। पेयजल की सुविधा ठप होने के कारण इन आदिम जनजाति परिवारों को प्रतिदिन लगभग एक किलोमीटर दूर जंगल के रास्ते से पानी लाने को मजबूर होना पड़ रहा है। शाम और रात के समय पानी लाने के दौरान उन्हें जंगली जानवरों के हमले का भी खतरा बना रहता है, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ गई है। ग्रामीणों ने अब जिला प्रशासन से इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने, दोषी व्यक्तियों पर कड़ी कार्रवाई करने और जल्द से जल्द गांव में स्थायी पेयजल सुविधा बहाल करने की पुरजोर मांग की है। इस दौरान दुर्गा कोरवा, अश्मिता देवी, संध्या बाई, मनु कोरवा, राकेश कोरवा, मदन कोरवा, भैरव कोरवा, आनंद कोरवा और रामदयाल कोरवा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
गुमला जिले के डुमरी स्थित उदनी पंचायत के औरापाठ माचाडीपा गांव में आदिम जनजाति परिवार भीषण पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। शनिवार दोपहर मिली जानकारी के अनुसार, जिला प्रशासन द्वारा गोद लिए गए आकांक्षी प्रखंड डुमरी में लगभग तेरह लाख बयालीस हजार एक सौ चौरासी रुपये (₹13,42,184) की लागत से बनी एक सोलर आधारित पेयजल आपूर्ति योजना निर्माण के कुछ ही समय बाद बंद हो गई है, जिससे यह पूरी तरह से सफेद हाथी साबित हो रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि यह योजना पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल गुमला के तहत जिला अनाबद्ध निधि से बनाई गई थी। गांव के बुजुर्ग मानु कोरवा समेत अन्य ग्रामीणों ने बताया कि जलापूर्ति योजना शुरू होने के लगभग एक माह बाद ही पूरी तरह ठप पड़ गई। ग्रामीणों ने संवेदक पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसमें कुएं का निर्माण सही स्थान पर न कराना, बारिश के दौरान नाली का गंदा पानी कुएं में जाने की आशंका, कुएं को पर्याप्त गहराई तक न खोदना और निर्माण कार्य में बड़े पैमाने पर अनियमितता बरतना शामिल है। पेयजल की सुविधा ठप होने के कारण इन आदिम जनजाति परिवारों को प्रतिदिन लगभग एक किलोमीटर दूर जंगल के रास्ते से पानी लाने को मजबूर होना पड़ रहा है। शाम और रात के समय पानी लाने के दौरान उन्हें जंगली जानवरों के हमले का भी खतरा बना रहता है, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ गई है। ग्रामीणों ने अब जिला प्रशासन से इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने, दोषी व्यक्तियों पर कड़ी कार्रवाई करने और जल्द से जल्द गांव में स्थायी पेयजल सुविधा बहाल करने की पुरजोर मांग की है। इस दौरान दुर्गा कोरवा, अश्मिता देवी, संध्या बाई, मनु कोरवा, राकेश कोरवा, मदन कोरवा, भैरव कोरवा, आनंद कोरवा और रामदयाल कोरवा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
- NEET पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने शनिवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने मंत्री से शाम 5 बजे तक इस्तीफा देने की मांग की थी, साथ ही चेतावनी दी थी कि ऐसा न होने पर पूरे देश में प्रदर्शन किया जाएगा। CJP को जंतर-मंतर पर शाम 5 बजे तक प्रदर्शन करने की अनुमति मिली थी, लेकिन दोपहर 3:30 बजे अभिजीत दीपके की तबीयत खराब होने के कारण यह समाप्त हो गया। इसके बाद अभिजीत सोनम वांगचुक के साथ धरनास्थल से रवाना हो गए। अभिजीत दीपके सुबह ही अमेरिका से दिल्ली लौटे थे और वे हवाई अड्डे से सीधे जंतर-मंतर पहुंचे थे। वे अपने साथ अंबेडकर की आत्मकथा और संविधान की कॉपी लेकर आए थे। पार्टी ने घोषणा की है कि अगले शनिवार, यानी 13 जून को जंतर-मंतर पर फिर से प्रदर्शन किया जाएगा।1
- झारखंड के लोहरदगा जिले में स्थित पाखर सरना पाठ क्षेत्र में पिछले दो-तीन महीनों से बिजली आपूर्ति बाधित है। यह समस्या बिजली ट्रांसफार्मर के खराब होने के कारण उत्पन्न हुई है, जिसके चलते क्षेत्र में लंबे समय से बिजली नहीं आ रही है।1
- आंगनबाड़ी केंद्रों की मौजूदा हकीकत सामने आने के बाद यह गंभीर चिंता जताई गई है कि ऐसी स्थिति में गरीब बच्चे अपनी पढ़ाई कैसे कर पाएंगे। इस वास्तविकता को देखने के बाद, मूल प्रश्न यही है कि जब आंगनबाड़ी की यही असलियत है, तो गरीब पृष्ठभूमि के बच्चों की शिक्षा कैसे संभव होगी।1
- आदिल राज़ नामक व्यक्ति ने अपना परिचय देते हुए सिसाई, गुमला, झारखंड में एक विशिष्ट स्थान के बारे में जानकारी माँगी।1
- नगर पालिका क्षेत्र में पानी की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है, जहाँ निवासियों को भारी दिक्कतों का अनुभव हो रहा है। नगर पालिका द्वारा कोई भी आवश्यक सुविधा नहीं दी जा रही है, जिससे लोगों की परेशानी और बढ़ गई है। इसके अलावा, पानी का टैंकर भी इस क्षेत्र में नहीं आता है, जिसके कारण निवासियों को कपड़े धोने जैसे दैनिक कार्यों के लिए एक बड़े तालाब तक जाना पड़ता है।1
- झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की लातेहार इकाई द्वारा आज टाउन हॉल में एक बूथ स्तरीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष लाल मोती नाथ शाहदेव ने की, जिसमें झामुमो के केंद्रीय महासचिव विनोद पांडेय मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थित रहे। प्रशिक्षण के दौरान, केंद्रीय महासचिव विनोद पांडेय ने पार्टी कार्यकर्ताओं को एसआईआर और बीएलओ टू से संबंधित महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने इस आयोजित प्रशिक्षण के उद्देश्यों पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। शिविर की शुरुआत में, विनोद पांडेय का पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भव्य स्वागत किया। इसके अतिरिक्त, प्रशिक्षण का शुभारंभ स्व. गुरु जी के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित करने और दीप प्रज्वलित करने के साथ हुआ। इस अवसर पर केंद्रीय उपाध्यक्ष वैद्यनाथ राम और जिलाध्यक्ष लाल मोती नाथ शाहदेव सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद थे।3
- लोहरदगा जिले से संबंधित अब तक की सभी खबरों को पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।1
- झारखंड के लोहरदगा जिले में ग्रामीणों ने मुस्लिम समुदाय पर एक विद्यालय की सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करने का गंभीर आरोप लगाया है। ग्रामीणों के अनुसार, विद्यालय से संबंधित इस सरकारी जमीन पर घर बना लिया गया है। यह पूरा मामला अब जांच का विषय बन गया है।1
- लातेहार के भाजपा नेता राजन तिवारी ने झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के बैजनाथ राम को राज्यसभा प्रत्याशी बनाए जाने पर हार्दिक बधाई दी है। यह शुभकामना राजन तिवारी ने बैजनाथ राम को राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद व्यक्त की।1