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आदिल राज़ नामक व्यक्ति ने अपना परिचय देते हुए सिसाई, गुमला, झारखंड में एक विशिष्ट स्थान के बारे में जानकारी माँगी।
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आदिल राज़ नामक व्यक्ति ने अपना परिचय देते हुए सिसाई, गुमला, झारखंड में एक विशिष्ट स्थान के बारे में जानकारी माँगी।
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- आदिल राज़ नामक व्यक्ति ने अपना परिचय देते हुए सिसाई, गुमला, झारखंड में एक विशिष्ट स्थान के बारे में जानकारी माँगी।1
- गुमला समाहरणालय सभागार में सांसद सुखदेव भगत की अध्यक्षता में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न विकास योजनाओं की विभागवार समीक्षा की गई, जहाँ सांसद ने अधिकारियों को योजनाओं का समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। बैठक के दौरान राष्ट्रीय उच्च पथ, एनएचएआई, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास, पेयजल, नगर परिषद, पशुपालन और मत्स्य सहित अन्य विभागों की योजनाओं की प्रगति पर विस्तृत चर्चा हुई। सांसद ने विशेष रूप से सड़क सुरक्षा, ब्लैक स्पॉट में सुधार, खनन प्रभावित क्षेत्रों में रोजगार सृजन, किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान करने और स्वयं सहायता समूहों की आजीविका बढ़ाने पर जोर दिया। इसके अतिरिक्त, नगर परिषद क्षेत्र में साफ-सफाई, अवैध वसूली एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की समीक्षा करते हुए आवश्यक निर्देश दिए गए। स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, ब्लड स्टोरेज यूनिट के संचालन तथा एंबुलेंस व्यवस्था को मजबूत बनाने पर भी विस्तृत चर्चा की गई। सांसद ने कहा कि बेहतर समन्वय, नियमित अनुश्रवण और जवाबदेही सुनिश्चित करने से जिले के विकास कार्यों को नई गति मिलेगी। उनका मानना है कि इन प्रयासों से योजनाओं का लाभ जिले के अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी ढंग से पहुंच सकेगा।3
- नगर पालिका क्षेत्र में पानी की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है, जहाँ निवासियों को भारी दिक्कतों का अनुभव हो रहा है। नगर पालिका द्वारा कोई भी आवश्यक सुविधा नहीं दी जा रही है, जिससे लोगों की परेशानी और बढ़ गई है। इसके अलावा, पानी का टैंकर भी इस क्षेत्र में नहीं आता है, जिसके कारण निवासियों को कपड़े धोने जैसे दैनिक कार्यों के लिए एक बड़े तालाब तक जाना पड़ता है।1
- आम जनता चैनल के माध्यम से लोहरदगा जिले की सभी खबरें आम जनता तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। चैनल का उद्देश्य है कि वे दर्शकों तक लोहरदगा से जुड़ी हर जानकारी पहुंचा सकें।1
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- झारखंड के गुमला जिले में ग्रामीणों ने बताया है कि उनके गांव में पीने के पानी की कोई सुविधा नहीं है। गांव के लोग अपनी प्यास बुझाने के लिए नदी के पानी पर निर्भर हैं, क्योंकि उन्हें पीने का साफ पानी उपलब्ध नहीं है।2
- NEET पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने शनिवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने मंत्री से शाम 5 बजे तक इस्तीफा देने की मांग की थी, साथ ही चेतावनी दी थी कि ऐसा न होने पर पूरे देश में प्रदर्शन किया जाएगा। CJP को जंतर-मंतर पर शाम 5 बजे तक प्रदर्शन करने की अनुमति मिली थी, लेकिन दोपहर 3:30 बजे अभिजीत दीपके की तबीयत खराब होने के कारण यह समाप्त हो गया। इसके बाद अभिजीत सोनम वांगचुक के साथ धरनास्थल से रवाना हो गए। अभिजीत दीपके सुबह ही अमेरिका से दिल्ली लौटे थे और वे हवाई अड्डे से सीधे जंतर-मंतर पहुंचे थे। वे अपने साथ अंबेडकर की आत्मकथा और संविधान की कॉपी लेकर आए थे। पार्टी ने घोषणा की है कि अगले शनिवार, यानी 13 जून को जंतर-मंतर पर फिर से प्रदर्शन किया जाएगा।1
- झारखंड के खुंटी जिले के मुरहू स्थित महर्षि मेंही आश्रम शबरी कुटिया शांतिपुरी में दो दिवसीय सत्संग कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम के पहले दिन कुप्पाघाट, भागलपुर सहित अन्य स्थानों से पधारे संतों का ढोल नगाड़े और गीत गाकर पारंपरिक तरीके से भव्य स्वागत किया गया। आश्रम में ईश स्तुति, गुरु वंदना और रामचरितमानस पाठ के साथ प्रवचन सत्र शुरू हुए। इस अवसर पर स्वामी प्रमोद जी महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि मनुष्य की सद्गति सत्संग के बिना संभव नहीं है, और संतों का सान्निध्य बड़े भाग्य से प्राप्त होता है। उन्होंने मनुष्य के जीवन पर संगति के गहरे प्रभाव को स्पष्ट करते हुए उदाहरण दिया कि कैसे साफ़ पानी भी कीचड़ में मिलकर गंदा हो जाता है, जबकि गंदा पानी भी गंगा में मिलकर गंगाजल बन जाता है। उन्होंने शाकाहारी भोजन अपनाने का आह्वान करते हुए तर्क दिया कि गाय जैसे शाकाहारी पशु कभी मांस नहीं खाते, उन्हें इस बात का ज्ञान होता है, लेकिन मनुष्य अपनी जीभ के स्वाद में भटक जाता है। स्वामी जी ने यह भी कहा कि सच्चा और उत्तम जीवन अच्छे कर्मों से ही मिलता है। वहीं, स्वामी डॉ. निर्मलानंद जी महाराज ने बताया कि गंगा स्नान से शरीर की शुद्धि होती है, जबकि सत्संग से मन के विकार और बुराइयाँ दूर होती हैं, जिससे जीवन में सुधार आता है और अंततः उद्धार होता है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि संत मन की बातों को समझते हैं और सत्संग के माध्यम से हर समस्या का निवारण प्रदान करते हैं। स्वामी लक्ष्मण जी महाराज ने जीवन को ईश्वर का वरदान बताते हुए कहा कि इसे सत्संग से मिले ज्ञान से सुखमय बनाया जा सकता है। स्वामी नरेंद्रानंद जी महाराज ने संतों की संगति को पारस मणि के समान बताया, जो मानव रूपी लोहे को सोना बना देती है। स्वामी सत्यानंद, स्वामी राजेंद्र सहित अन्य संतों ने भी सत्संग को जीवन के लिए अत्यंत कल्याणकारी बताया। इस दो दिवसीय कार्यक्रम में डॉ. डीएन तिवारी, सगुन दास, संजय सत्संगी, बीरु कुमार, जूरन मुंडा, सूरजमल प्रसाद, डॉ. रमेश वर्मा, रामहरि साव, हरिद्वार ठाकुर, सुनील रजक, संतोष गुप्ता, राजकुमार, ध्रुवेन्द्र भास्कर, अमर सिंह, अजय गुप्ता, ज्ञान कुमार सहित कई श्रद्धालु और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।1