राजस्थान के टोंक जिले के टोडा रायसिंह गांव से एक बेहद चौंकाने वाली और रहस्यमयी घटना सामने आई है। बैरवा समाज में जन्मे एक आठ वर्षीय बालक कान्हा राम ने दावा किया है कि वह अपने पूर्वजन्म में आम्बेर का राजा मानसिंह था। बताया जा रहा है कि जब यह बच्चा मात्र अढ़ाई वर्ष का था और उसमें थोड़ी समझ विकसित हुई, तभी उसने अपने ही घर का खाना खाने से इनकार कर दिया। उसका कहना था कि वह एक राजपूत है और इसलिए वह इस घर का खाना नहीं खा सकता। यह दावा सुनकर परिवार और गांव के लोग हैरान रह गए। जैसे-जैसे बच्चा बड़ा हुआ, वह बार-बार अपने पिछले जन्म की बातें दोहराने लगा और खुद को आमेर का राजा मानसिंह मिर्जा बताने लगा। हल्दीघाटी का युध्द लड़ने, शिलादेवी की मूर्ति को बंगाल से लाकर आमेर में प्रतिष्ठित करने और नर बलि देने का दावा भी उसके द्वारा किया जाता है। वह कहता है कि एक बार नर के स्थान पर बकरे की बलि देने से देवीमूर्ति ने नाराज होकर गर्दन टेढ़ी कर ली। वह यह भी बताता है कि उसके दो रानिया थी तीन भाई भी थे। आमेर के किले का निर्माण भी उसने ही करवाया था। सच क्या है यह कहना मुश्किल है किंतु यह बालक चर्चा का विषय जरूर बना हुआ है।आपको क्या लगता है
राजस्थान के टोंक जिले के टोडा रायसिंह गांव से एक बेहद चौंकाने वाली और रहस्यमयी घटना सामने आई है। बैरवा समाज में जन्मे एक आठ वर्षीय बालक कान्हा राम ने दावा किया है कि वह अपने पूर्वजन्म में आम्बेर का राजा मानसिंह था। बताया जा रहा है कि जब यह बच्चा मात्र अढ़ाई वर्ष का था और उसमें थोड़ी समझ विकसित हुई, तभी उसने अपने ही घर का खाना खाने से इनकार कर दिया। उसका कहना था कि वह एक राजपूत है और इसलिए वह इस घर का खाना नहीं खा सकता। यह दावा सुनकर परिवार और गांव के लोग हैरान रह गए। जैसे-जैसे बच्चा बड़ा हुआ, वह बार-बार अपने पिछले जन्म की बातें दोहराने लगा और खुद को आमेर का राजा मानसिंह मिर्जा बताने लगा। हल्दीघाटी का युध्द लड़ने, शिलादेवी की मूर्ति को बंगाल से लाकर आमेर में प्रतिष्ठित करने और नर बलि देने का दावा भी उसके द्वारा किया जाता है। वह कहता है कि एक बार नर के स्थान पर बकरे की बलि देने से देवीमूर्ति ने नाराज होकर गर्दन टेढ़ी कर ली। वह यह भी बताता है कि उसके दो रानिया थी तीन भाई भी थे। आमेर के किले का निर्माण भी उसने ही करवाया था। सच क्या है यह कहना मुश्किल है किंतु यह बालक चर्चा का विषय जरूर बना हुआ है।आपको क्या लगता है
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- करौली जिले के सपोटरा में उपखंड अधिकारी पंकज बडगूजर की अध्यक्षता में अटल जन सेवा शिविर के तहत त्रिस्तरीय जनसुनवाई कार्यक्रम का आयोजन हुआ जिसमें लोगों की समस्याओं को सुनकर उनका निस्तारण किया गया। इस दौरान तहसीलदार दिलीप कुमार अग्रवाल अधिशासी अधिकारी दीपक चौहान सहित सभी विभागों के उपखंड स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।1
- दिहोली पुलिस ने महिला का खोया हुआ मोबाइल तत्परता से रिकवर कर किया सुपुर्द:— धौलपुर। पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान के निर्देशन व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वैभव शर्मा एवं सीओ मनिया खलील अहमद के सुपरविजन में SHO दिहोली सुखराम विश्नोई प्रोबेशनर आरपीएस के नेतृत्व में दिहोली पुलिस की कार्रवाई। पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान के निर्देशन में जिले में पुलिस अपराधियों एवं असामाजिक तत्वों की धरपकड़ और अवैध गतिविधियों की रोकथाम में निरंतर कार्रवाई कर रही है। इसके साथ ही आमजन एवं पीड़ित को न्याय दिलाने एवं मदद करने में भी पीछे नहीं है। थानाधिकारी दिहोली सुखराम विश्नोई के नेतृत्व में दिहोली पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए एक पीड़ित महिला का खोया हुआ मोबाइल महज एक घंटे में दस्तयाब कर सकुशल सुपुर्द किया है। दोपहर करीब 2 बजे के करीब एक महिला श्रीमती मधु शर्मा निवासी हनुमानपुरा थाना दिहोली अपने परिजनों के साथ राजाखेड़ा से धौलपुर रोड पर बाइक से जा रही तो रास्ते में मछरिया के पास उसका मोबाइल कहीं गिर गया। इसके बाद महिला ने वहां पर तलाश किया और नहीं मिलने पर करीब दोपहर 3 बजे दिहोली पुलिस को सूचना दी। इस पर थानाधिकारी थाना दिहोली सुखराम विश्नोई प्रोबेशनर आरपीएस ने ड्यूटी अधिकारी लोकेश शर्मा हैंड कानि के नेतृत्व में पुलिस टीम को तत्परता से रवाना किया। पुलिस टीम ने तत्काल से तकनीकी सहायता से मोबाइल को मछरिया के पास से रिकवर कर पीड़ित महिला को सकुशल सुपुर्द किया है। पुलिस की त्वरित एवं संवेदनशील कार्रवाई के लिए महिला एवं उसके परिजनों ने पुलिस टीम को धन्यवाद दिया है।2
- गुढ़ाचन्द्रजी के पास घाटोली-तिमावा के बीच वन विभाग की पहाड़ी की तलहटी में स्थित जंगलों में अज्ञात कारणों से भीषण आग लग गई।शुक्रवार दोपहर 2 बजे घाटोली गांव की पहाड़ी के जंगल से लपटें और धुएं के गुबार उठते देख ग्रामीणों ने तुरंत गुढ़ाचन्द्रजी वन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही वन विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त टीम बुलाई गई।ग्रामीण राजेंद्र तिमावा ने बताया कि आग बुझाने में आसपास के लोगों ने और विशेष रूप से महिलाओं ने नलकूप से पानी लाकर आग बुझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।हालांकि आग बुझने के बाद फिर भडक गई।सैकड़ों ग्रामीणों ने पहाड़ी पर चढ़कर आग बुझाने के काम में लगे रहे।करीब दो से ढाई घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया।वन संरक्षक राजेंद्र के अनुसार, इस आग से वन संपदा को अधिक नुकसान नहीं हुआ है। हालांकि, ग्रामीणों को आशंका है कि यह आग जानबूझकर लगाई जाती है। उनका कहना है कि पास की सरकारी भूमि पर कब्जे की नीयत से कुछ लोग हर साल आग लगाने का प्रयास करते हैं, ताकि पेड़-पौधे जलकर जमीन खाली हो जाए और उस पर कब्जा किया जा सके।1
- मेगा ट्रेड फेयर मेले का कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के जिलाध्यक्ष एवं असम विधानसभा चुनाव में जिला बारपेटा के चुनाव प्रभारी खान ने किया अवलोकन हिंडौन सिटी। शहर के बयाना रोड स्थित अभय भारत पेट्रोल पंप के पास चल रहे राजस्थान मेगा ट्रेड फेयर मेले का शुक्रवार रात्रि को कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग करौली के जिलाध्यक्ष एवं असम विधानसभा चुनाव में जिला बारपेटा के चुनाव प्रभारी एडवोकेट अब्दुल मुगनी खान ने अवलोकन किया है। जहां मेला आयोजन कमेटी के रिंकू यादव, प्रकाश सिंह बेनीवाल, धीरज बिंदल आदि ने उनका और उनकी पूरी टीम का साफा माला पहनाकर जोरदार स्वागत किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एडवोकेट अब्दुल मोदी खान ने कहा कि मेला राजस्थान की मुख्य पहचान है। ऐसे आयोजन समय-समय पर होते रहने चाहिए।जिससे हमारी संस्कृति जीवित रह सके। इस दौरान जिलाध्यक्ष खान सहित अल्पसंख्यक विभाग करौली के जिला महासचिव इमरान, कुरैशी समाज के जिलाध्यक्ष सद्दाम कुरैशी,अल्पसंख्यक विभाग के मीडिया प्रभारी रफीक खान, कुरैशी समाज के जिला उपाध्यक्ष आमिर कुरैशी,अज़हर काजी, निक्की पठान पत्रकार राजेंद्र जांगिड़ आदि गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।1
- हिंडौन भारत पेट्रोल पंप के पास चल रहे मेले में आयोजन कमेटी ने पत्रकार और असम प्रभारी का किया स्वागत सम्मान देखें वीडियो में4
- लखनऊ विकासनगर आग: लपटों में जिंदा जल गई दो मासूम बहनें, राख के बीच मिले जले हुए शव, 250 परिवार बेघर Lucknow Vikasnagar fire accident: लखनऊ में विकासनगर के रिंग रोड किनारे झुग्गी बस्ती में लगी भीषण आग में दो मासूम बहनों की दर्दनाक मौत हो गई। आग बुझने के बाद उनके जले हुए शव बरामद किए गए। लखनऊ: राजधानी लखनऊ में विकासनगर के रिंग रोड किनारे स्थित झुग्गी बस्ती में लगी भीषण आग ने एक बार फिर प्रशासनिक व्यवस्थाओं और सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस हादसे में दो मासूम बहनों की जिंदा जलकर मौत हो गई, जबकि सैकड़ों लोग बेघर हो गए और उनकी जीवन भर की जमा पूंजी भी राख में बदल गई। आग बुझने के बाद हुए सर्च ऑपरेशन में बच्चों के शव मिलने से पूरे इलाके में मातम पसर गया। घटना के बाद प्रशासन ने राहत और मुआवजे की प्रक्रिया शुरू करते हुए करीब 250 प्रभावित लोगों की सूची तैयार की है, वहीं मृतक परिवार को आर्थिक सहायता भी दी गई आग ने ली दो मासूमों की जान घटना उस समय हुई जब बाराबंकी के काशीपुर निवासी सतीश अपनी झोपड़ी में रहते थे। आग लगने के वक्त झोपड़ी में उनकी तीन बेटियां मौजूद थीं, पूहू (4), स्वाति उर्फ श्रुति (2) और आयुषी (2 माह)। आग फैलने पर बड़ी बेटी पूहू किसी तरह बाहर निकल आई, लेकिन घबराहट में वह अपनी छोटी बहनों की स्थिति नहीं बता सकी। देर रात आग पर काबू पाने के बाद सर्च ऑपरेशन में स्वाति और आयुषी के जले हुए शव बरामद किए गए, जिससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। #LucknowFire #LucknowNews #VikasNagarFire #BreakingNews #FireAccident #UPNews #SlumFire #CylinderBlast #PrayForLucknow #IndiaNews #DisasterNews #FireTragedy #LatestNews #Emergency #ReliefWork1
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