कुक कम हेल्पर संघर्ष समिति के संघर्ष का परिणाम: राज्य सरकार ने 1 अप्रैल से बढ़ाया कुक कम हेल्पर का मानदेय कुक कम हेल्पर संघर्ष समिति उदयपुर, कुक कम हेल्पर को न्यूनतम मजदूरी अधिनियम के अनुसार कुशल श्रमिक की मजदूरी देने, सभी कुक कम हेल्पर को नियुक्ति पत्र देने, प्रत्येक 50 विद्यार्थियों पर एक कुक लगाने, वर्तमान में सेवारत कुक कम हेल्परों को चपरासी के पद पर स्थाई करने . पंजाब की तरह राजस्थान के कुक कम हेल्पर को भी 180 दिन का सवेतनिक प्रसूति अवकाश, 20 दिन का आकस्मिक अवकाश और 10 दिन मेडिकल अवकाश देने, बाल गोपाल योजना में दूध गरम करने का वेतन बढ़ाने, कुक के पेट पर लात मारने वाले केंद्रीकृत रसोईघर से पोषाहार पकाने को बंद करने, छुट्टियों का वेतन न काट कर 12 माह का पूरा वेतन देने, कुक कम हेल्पर को अतिरिक्त काम का अतिरिक्त भुगतान कराने, सभी कुक का बीमा कराने, पीएफ व ईएसआई, पेंशन व ग्रेच्युटी की सुविधा देने आदि 13 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। बाद में कुक ने शहीद स्मारक पर कुक कम हेल्पर संघर्ष समिति की राज्य स्तरीय सभा व रैली में भागीदारी की। कुक कम हेल्पर संघर्ष समिति उदयपुर के सलाहकार नाना भगत ने बताया कि कुक कम हेल्पर को केरल में 12000 रूपए, पांडिचेरी में 10000 रुपए, तमिलनाडु में 4100 से 12500 रुपए हरियाणा में 7000 रुपए, दमन दीव में 4400 रुपए, कर्नाटक में में 3700 रुपए, हिमाचल प्रदेश में 3500 रुपए , चंडीगढ़ में 3300 रुपए, दिए जाते है। पंजाब केसरी के दिनांक 27/7/2023 की खबर के अनुसार पंजाब में साल भर में 180 दिन सवैतनिक प्रसूति अवकाश, वेतन सहित 20 सीएल, 10 एम एल व भी दिया जाता है जबकि राजस्थान में सबसे कम आज भी कुक को केवल 2297 रुपए मासिक वेतन दिया जा रहा है तथा कोई अवकाश भी नहीं मिलता। कुक कम हेल्पर संघर्ष समिति नयागांव की संयोजक हिना परमार ने बताया कि परिवार में मरण मौत अथवा अन्य कोई जरूरी काम होने पर घर का कोई अन्य सदस्य स्कूल जाता है और पोषाहार पका कर बच्चों को खिलाता है पर बच्चों को पोषाहार से वंचित नहीं होने देते। बिंदु ने बताया कि राज्य सरकार समय-समय पर नगण्य सा अपना अंशदान बढ़ाती रही है पर केंद्र सरकार ने 2009 के अपना अंशदान नहीं बढ़ाया है। केंद्र सरकार आज भी कुक को केवल 600 रुपया मासिक मानदेय देती है। करीब 25 साल से ज्यादा समय से कुक कम हेल्पर पूरा दिन खपने के बाद विद्यालय छुट्टी होने के बाद ताला लगाकर घर जाते हैं फिर भी कुक को सरकार तय न्यूनतम मजदूरी नही देकर वेट बेगार करा रही है। जनवादी मजदूर यूनियन के सचिव जयंतीलाल ने बताया कि उदयपुर में 280 विद्यालयों में केंद्रीयकृत रसोईघर अक्षय पात्र के मार्फत पोषाहार देना शुरू किया गया है जिससे करीब 500 से ज्यादा कुक कम हेल्पर के रोजगार पर संकट आ गया है। उन्होंने बताया कि पूरा जीवन बच्चों की सेवा में समर्पित कर चुके कुक को पेंशन, ग्रेच्युटी या कोई लाभ दिये बिना हटाने का षड्यंत्र चल रहा है। कुक पारू बाई ने बताया कि मिड डे मिल योजना में राजस्थान के 67018 स्कुलो में 1 लाख 9 हजार 922 कुक मात्र 67 रुपए दैनिक वेतन पर काम कर रहे है जिसमें से 98 हजार 387 महिलाएं है। इसमें भी ज्यादातर विधवा महिलाएं हैं जो पोषाहार के मानदेय से अपना परिवार पालती है। राजस्थान के समस्त कोक को एक अप्रैल 2026 से 2477 रुपया मासिक मानदेय मिलेगा।
कुक कम हेल्पर संघर्ष समिति के संघर्ष का परिणाम: राज्य सरकार ने 1 अप्रैल से बढ़ाया कुक कम हेल्पर का मानदेय कुक कम हेल्पर संघर्ष समिति उदयपुर, कुक कम हेल्पर को न्यूनतम मजदूरी अधिनियम के अनुसार कुशल श्रमिक की मजदूरी देने, सभी कुक कम हेल्पर को नियुक्ति पत्र देने, प्रत्येक 50 विद्यार्थियों पर एक कुक लगाने, वर्तमान में सेवारत कुक कम हेल्परों को चपरासी के पद पर स्थाई करने . पंजाब की तरह राजस्थान के कुक कम हेल्पर को भी 180 दिन का सवेतनिक प्रसूति अवकाश, 20 दिन का आकस्मिक अवकाश और 10 दिन मेडिकल अवकाश देने, बाल गोपाल योजना में दूध गरम करने का वेतन बढ़ाने, कुक के पेट पर लात मारने वाले केंद्रीकृत रसोईघर से पोषाहार पकाने को बंद करने, छुट्टियों का वेतन न काट कर 12 माह का पूरा वेतन देने, कुक कम हेल्पर को अतिरिक्त काम का अतिरिक्त भुगतान कराने, सभी कुक का बीमा कराने, पीएफ व ईएसआई, पेंशन व ग्रेच्युटी की सुविधा देने आदि 13 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। बाद में कुक ने शहीद स्मारक पर कुक कम हेल्पर संघर्ष समिति की राज्य स्तरीय सभा व रैली में भागीदारी की। कुक कम हेल्पर संघर्ष समिति उदयपुर के सलाहकार नाना भगत ने बताया कि कुक कम हेल्पर को केरल में 12000 रूपए, पांडिचेरी में 10000 रुपए, तमिलनाडु में 4100 से 12500 रुपए हरियाणा में 7000 रुपए, दमन दीव में 4400 रुपए, कर्नाटक में में 3700 रुपए, हिमाचल प्रदेश में 3500 रुपए , चंडीगढ़ में 3300 रुपए, दिए जाते है। पंजाब केसरी के दिनांक 27/7/2023 की खबर के अनुसार पंजाब में साल भर में 180 दिन सवैतनिक प्रसूति अवकाश, वेतन सहित 20 सीएल, 10 एम एल व भी दिया जाता है जबकि राजस्थान में सबसे कम आज
भी कुक को केवल 2297 रुपए मासिक वेतन दिया जा रहा है तथा कोई अवकाश भी नहीं मिलता। कुक कम हेल्पर संघर्ष समिति नयागांव की संयोजक हिना परमार ने बताया कि परिवार में मरण मौत अथवा अन्य कोई जरूरी काम होने पर घर का कोई अन्य सदस्य स्कूल जाता है और पोषाहार पका कर बच्चों को खिलाता है पर बच्चों को पोषाहार से वंचित नहीं होने देते। बिंदु ने बताया कि राज्य सरकार समय-समय पर नगण्य सा अपना अंशदान बढ़ाती रही है पर केंद्र सरकार ने 2009 के अपना अंशदान नहीं बढ़ाया है। केंद्र सरकार आज भी कुक को केवल 600 रुपया मासिक मानदेय देती है। करीब 25 साल से ज्यादा समय से कुक कम हेल्पर पूरा दिन खपने के बाद विद्यालय छुट्टी होने के बाद ताला लगाकर घर जाते हैं फिर भी कुक को सरकार तय न्यूनतम मजदूरी नही देकर वेट बेगार करा रही है। जनवादी मजदूर यूनियन के सचिव जयंतीलाल ने बताया कि उदयपुर में 280 विद्यालयों में केंद्रीयकृत रसोईघर अक्षय पात्र के मार्फत पोषाहार देना शुरू किया गया है जिससे करीब 500 से ज्यादा कुक कम हेल्पर के रोजगार पर संकट आ गया है। उन्होंने बताया कि पूरा जीवन बच्चों की सेवा में समर्पित कर चुके कुक को पेंशन, ग्रेच्युटी या कोई लाभ दिये बिना हटाने का षड्यंत्र चल रहा है। कुक पारू बाई ने बताया कि मिड डे मिल योजना में राजस्थान के 67018 स्कुलो में 1 लाख 9 हजार 922 कुक मात्र 67 रुपए दैनिक वेतन पर काम कर रहे है जिसमें से 98 हजार 387 महिलाएं है। इसमें भी ज्यादातर विधवा महिलाएं हैं जो पोषाहार के मानदेय से अपना परिवार पालती है। राजस्थान के समस्त कोक को एक अप्रैल 2026 से 2477 रुपया मासिक मानदेय मिलेगा।
- डूंगरपुर जिले के आसपुर थाना क्षेत्र के गोल गांव में बुधवार दोपहर 3 बजे एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां निर्माणाधीन भवन की छत गिरने से एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि ठेकेदार गंभीर रूप से घायल हो गया।आसपुर थाना क्षेत्र के गोल गांव में निर्माणाधीन भवन की छत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे के समय नीचे काम कर रहे मजदूर और ठेकेदार मलबे में दब गए। सूचना मिलते ही आसपुर पुलिस मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू करते हुए दोनों को मलबे से बाहर निकाला। घायलों को तुरंत आसपुर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद मजदूर लक्ष्मण को मृत घोषित कर दिया। शव को अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है। वहीं हादसे में गंभीर रूप से घायल ठेकेदार सूरजमल पुत्र टीकम मीणा निवासी विजयमाता खेड़ा को प्राथमिक उपचार के बाद डूंगरपुर जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहां उसका इलाज जारी है। वीडियो निर्माणाधीन भवन गिरी छत व घायल ठेकेदार का अस्पताल चलता इलाज1
- Post by Dhruv Banjara1
- डूंगरपुर। जिले में सकल जैन समाज की ओर से भगवान महावीर की जयंती बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाई जा रही है | इसी के तहत डूंगरपुर शहर में सकल जैन समाज की ओर से भगवान महावीर की जयंती मनाई गई | इस दौरान जैन समाज की ओर से प्रभात फेरी निकालने के बाद भगवान महावीर की शोभायात्रा निकाली गई जिसमे भगवान महावीर के जयकारो से शहर गूंज उठा | इधर इस मौके पर अन्य कई कार्यक्रम भी आयोजित किये गए |1
- राजस्थान ब्रेकिंग न्यूज़ पब्लिक एप का यह। अंक आज ओसवाल समाज के भगवान महावीर जी के जन्म उत्सव पर जयंती पर उनके चरणों में समर्पित। आज दादाबाड़ी के आंगन में भगवान महावीर का जन्मोत्सव बहुत धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कोटा उत्तर के विधायक शांति धारीवाल थे। और अध्यक्ष का भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता और पूर्व खादी बोर्ड के बाईस चेयरमैन पंकज मेहता कर रहे थे। आज महान विभूतियों को दादावाड़ी की कार्य समिति के अध्यक्ष नरेंद्र लोडा और उपाध्यक्ष अनिल दक महामंत्री सुरेश कुमार अध्यक्ष हर्षवर्धन सिंह खजांची और उनकी कार्यकारिणी ने बहूमान किया सम्मान किया। और उन्हें साल श्री फल देकर प्रोत्साहित किया गया। देहदान तपस्या शिक्षा अन्य क्षेत्रों में उपलब्धि करने वालों को पुरस्कार से नवाजा गया। सबसे बड़ी सबसे गौरव की उपलब्धि आज उस बहन को सम्मानित किया गया। जो कोटा की माटी की रज है। माटी की बेटी है बहन है। और उसने शादी के बाद कठिन परिश्रम कर आरपीएससी की परीक्षा पास कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रदेश गुजरात में अपना मजिस्ट्रेट का सफर शुरू किया है। आज उस बहन टीना को भी समाज ने शाल श्रीफल प्रशंसा पत्र देकर बहुमान किया है। सम्मान किया है। समाज को उसे समय हल्का सा बुरा जरूर लगा। जब शांति धारीवाल ओसवाल समाज की भरी संसद में अपने दो शब्द आशीष वचन के भगवान महावीर स्वामी के बताएं पद माग के धर्मसंसद में माता और बहनों और तरुणाई को नहीं देकर चल दिए। वही अध्यक्ष श्री मंच से उदगार व्यक्त करते हुए पंकज मेहता ने आज सबसे महत्वपूर्ण समाज के लोगों से विनम्र अपील की है। कि जो लोग धनाढय समाज के भामाशाह धन-धन है। और जो लोग गरीबों की मार झेल रहे हैं। गरीबों की रेखा से नीचे हैं। उन पर भी समाज ध्यान दें उनके बच्चों को पढ़ाई बीमार होने पर दवाई आर्थिक तंगी होने पर उन्हें धंधा रोजगार देने के लिए या तो कोई फंड बनाएं जाये या एक-एक भामाशाह एक-एक गरीब परिवार को गोद ले ले। करतल ध्वनि से हजारों ओसवाल समाज के बुजुर्ग माता-पिता भाई बहनों ने कर्ततल ध्वनि से पंकज जी के प्रस्ताव का अनुमोदन किया।1
- गोगला में हनुमान जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में 24 घंटे का अखंड राम कीर्तन आयोजित किया जा रहा है। इस पावन अवसर पर श्रद्धालु भक्ति भाव से शामिल होकर राम नाम का संकीर्तन कर रहे हैं। आयोजन समिति ने सभी भक्तजनों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इस धार्मिक कार्यक्रम का आनंद लेने की अपील की है।1
- फिर एक और वीडियो1
- खोडनिया रहे चौरासी विधानसभा क्षेत्र के दौरे पर रहे इस दौरान शोकाकुल कांग्रेस परिवारो से मिलकर संवेदना व्यक्त की, कांग्रेस नेता पूर्व जिला अध्यक्ष एआईसीसी सदस्य पूर्व राज्य मंत्री खोड़निया ने पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष मनोहरसिंह जी के स्वर्गीय पिता श्री, एवं शांतिलाल जी पाटीदार की धर्मपत्नी स्वर्गीय श्रीमती मातोश्री और नागेन्द्र सिंह पीठ के स्वर्गीय पिता श्री के निधन पर aicc सदस्य दिनेश जी खोड़निया पार्टी प्रत्याशी कैलाश जी रोत, आसपुर प्रत्याशी राकेश जी रोत, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष नरेंद्र जी, ब्लॉक अध्यक्ष गजेंद्र सिंह जी सागवाड़ा ,अध्यक्ष धीरज जी मेहता गलियाकोट, लोकेश जी पाटीदार ,नगर अध्यक्ष ललित जी पांचाल, पूर्व सेवादल अध्यक्ष गौतम जी पंड्या, जिला परिषद सदस्य हरीश अहारी, मंडल अध्यक्ष सुरेश दादा , प्रदेश पदाधिकारी अजीत सिंह,चोरासी से वरिष्ठ नेता कारीलाल जी सालेडा, समाज सेवी दिनेश चंद्र अहारी, प्रीतम ननोमा , संजय रोत , नरेश डोडियार रोहित पाटीदार, पुष्पेंद्र सिंह जी हितेश जी सिंगाड़ा मनोज जी पाटीदार सालमपुरा अंकित जी दर्जी गैंजि पिंटू जी कटारा वैंजा ने शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर संवेदना प्रकट की।4
- डूंगरपुर। जिले के सदर थाना क्षेत्र के नवाघरा रोड पर एक तेज रफ़्तार बाइक ने अन्य बाइक को टक्कर मार दी | हादसे में एक बाइक सवार की मौत हो गई | पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौप दिया है | वही मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है|1