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विंढमगंज-कोन मार्ग पर जारी सड़क निर्माण कार्य में हो रही अत्यधिक देरी के कारण स्थानीय ग्रामीणों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर हर जगह बिखरी गिट्टी, उड़ती धूल और जगह-जगह से उखड़ी सतह के चलते आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं, जिससे आवागमन जोखिम भरा हो गया है। इसी क्रम में विंढमगंज-कोन मार्ग पर फिर एक हादसा हुआ, जहाँ एक एसयूवी खाई में पलट गई। यह घटना लगातार हो रहे हादसों की कड़ी का हिस्सा है। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि निर्माण कार्य की धीमी गति यातायात को बुरी तरह बाधित कर रही है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। लोगों ने संबंधित विभाग से पुरजोर मांग की है कि सड़क निर्माण कार्य को जल्द से जल्द पूरा किया जाए, ताकि यह मार्ग सुरक्षित हो सके और ग्रामीणों को हो रही असुविधा से मुक्ति मिल सके।
OM PRAKASH RAWAT
विंढमगंज-कोन मार्ग पर जारी सड़क निर्माण कार्य में हो रही अत्यधिक देरी के कारण स्थानीय ग्रामीणों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर हर जगह बिखरी गिट्टी, उड़ती धूल और जगह-जगह से उखड़ी सतह के चलते आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं, जिससे आवागमन जोखिम भरा हो गया है। इसी क्रम में विंढमगंज-कोन मार्ग पर फिर एक हादसा हुआ, जहाँ एक एसयूवी खाई में पलट गई। यह घटना लगातार हो रहे हादसों की कड़ी का हिस्सा है। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि निर्माण कार्य की धीमी गति यातायात को बुरी तरह बाधित कर रही है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। लोगों ने संबंधित विभाग से पुरजोर मांग की है कि सड़क निर्माण कार्य को जल्द से जल्द पूरा किया जाए, ताकि यह मार्ग सुरक्षित हो सके और ग्रामीणों को हो रही असुविधा से मुक्ति मिल सके।
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- सोनभद्र जिले के कोन ब्लॉक स्थित ससनयी डीह बाबा स्थल पर आदिवासी परिवारों ने जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए अपनी आवाज बुलंद की। एक महत्वपूर्ण बैठक में, ग्रामीणों ने अपने परंपरागत अधिकारों और वन संरक्षण को लेकर पुरजोर ढंग से बात रखी। इस दौरान सभी आदिवासी परिवारों ने मिलकर अपने अधिकारों की हर हाल में रक्षा करने का दृढ़ संकल्प लिया।1
- सोनभद्र के ओबरा स्थित रेणुका घाट पर एक बड़ा हादसा उस समय टल गया जब ओबरा बांध से अचानक पानी छोड़े जाने के कारण 11 लोग नदी के बीच बने एक टापू में फंस गए। ये लोग घाट पर घूमने आए थे और नदी में पानी कम होने के कारण बेफिक्र होकर टापू तक पहुंच गए थे, जहां वे तस्वीरें और सेल्फी ले रहे थे। बांध से पानी छोड़ने के बाद नदी का बहाव तेजी से बढ़ा और टापू चारों तरफ से पानी से घिर गया, जिससे लोग बीच धारा में ही फंसकर रह गए। सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई और डैम प्रबंधन से संपर्क कर पानी छोड़े जाने की प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगवाई गई। हालांकि, नदी का बहाव काफी देर तक तेज बना रहा, जिससे फंसे हुए लोगों को टापू पर ही इंतजार करना पड़ा। अंधेरा होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन और भी चुनौतीपूर्ण हो गया। मौके पर पहुंची पुलिस टीम, पीआरवी के साथ नगर पंचायत के सभासद अजीत कनौजिया और स्थानीय युवकों ने मिलकर घंटों चले राहत अभियान के बाद सभी 11 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इस सफल बचाव अभियान के बाद फंसे हुए लोगों और उनके परिजनों ने राहत की सांस ली। स्थानीय लोगों का कहना है कि रेणुका घाट पर अचानक जलस्तर बढ़ने की घटनाएं पहले भी कई बार सामने आ चुकी हैं, जिनमें कई लोगों की जान भी जा चुकी है। इसके बावजूद घाट पर पर्याप्त चेतावनी बोर्ड और स्थायी सुरक्षा इंतजामों की कमी बनी हुई है। यह घटना, हालांकि बिना किसी जनहानि के समाप्त हो गई, लेकिन इसने एक बार फिर घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था और चेतावनी तंत्र की पोल खोल दी है। अब स्थानीय लोग भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए घाट पर प्रभावी चेतावनी व्यवस्था, सुरक्षा बैरिकेडिंग और स्थायी निगरानी की मांग कर रहे हैं।1
- चिनिया थाना क्षेत्र के राजबास गांव स्थित करियई माटी के पास एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया, जब रंका मुख्यालय के पांच लोग बोलेरो वाहन से अपने घर लौटते समय दुर्घटनाग्रस्त हो गए। धुरकी-चिनिया मुख्य सड़क मार्ग से गुजरते हुए राजबास गांव के समीप वाहन अचानक अनियंत्रित हो गया। यह बोलेरो सड़क से करीब 50 फीट दूर जा गिरी और सीधे एक मिट्टी के घर में जा घुसी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि वाहन इतनी तेज रफ्तार में था कि वह सड़क छोड़कर उछलते हुए सीधे घर की दीवार तोड़कर अंदर चला गया। हादसे की तेज आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण तत्काल मौके पर पहुंचे और बिना देर किए राहत एवं बचाव कार्य में जुट गए। गनीमत रही कि वाहन में सवार सभी पांचों लोग, जो रंका मुख्यालय के निवासी बताए जा रहे हैं, सुरक्षित बच गए और किसी को भी गंभीर चोट नहीं आई। जिस मिट्टी के घर में बोलेरो घुसी थी, वहां भी किसी तरह की जनहानि नहीं हुई। इस घटना के बाद कुछ देर के लिए इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया था। सूचना मिलने पर चिनिया थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची और ग्रामीणों के सहयोग से स्थिति का जायजा लेते हुए आवश्यक कार्रवाई शुरू की। यह घटना एक बार फिर सड़क सुरक्षा और वाहन चलाते समय सावधानी बरतने की आवश्यकता को रेखांकित करती है। स्थानीय लोगों ने कहा कि थोड़ी सी चूक एक बड़े हादसे का कारण बन सकती थी, लेकिन सौभाग्य से इस दुर्घटना में सभी की जान बच गई।1
- नागालैंड के दिग्गज कलाकार गुरु संगयुसांग पोंगेनर को देश के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म श्री से सम्मानित किया गया है। उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान कला और संस्कृति, विशेषकर नागा लोक कला और संगीत के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रदान किया गया है। यह सम्मान वर्ष 2026 के पद्म श्री पुरस्कारों के तहत दिया गया है। सम्मान समारोह के दौरान, गुरु संगयुसांग पोंगेनर की पारंपरिक वेशभूषा में एंट्री ने हॉल को तालियों से गूंज दिया, जिससे नागा लोक परंपरा की एक विशेष झलक देखने को मिली। नागालैंड के मुख्यमंत्री ने उन्हें इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए कहा कि पोंगेनर के छह दशकों के काम ने नागालैंड की लोक विरासत को भावी पीढ़ियों के लिए संरक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।1
- प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में विस्तार के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। इस पहल के अंतर्गत, कुल 315 हाई स्कूलों और 214 हायर सेकेंडरी विद्यालयों को उन्नत किया जाएगा।1
- सोनभद्र के ओबरा तहसील में डीएस माइनिंग खदान के विरोध में आदिवासियों ने कांग्रेस के साथ मिलकर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि खदान में हो रही ब्लास्टिंग के कारण उनके घरों में दरारें आ गई हैं और उनकी जान को भी खतरा है। प्रदर्शनकारियों ने खदान को तत्काल बंद कराने की मांग की और प्रशासन को अपनी मांगों से संबंधित एक ज्ञापन भी सौंपा। आदिवासियों और कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो वे हाईवे जाम कर देंगे।1
- कल्याणपुर बिरसा मुंडा पार्क में रिपोर्टिंग करते समय पत्रकार मो. मोस्ताक अंसारी गिर गए।1
- गढ़वा विधानसभा क्षेत्र के विधायक माननीय श्री सतेंद्र नाथ तिवारी जी ने अपने क्षेत्र के लोगों की समस्याओं के समाधान हेतु एक सार्वजनिक बैठक की योजना बनाई और उसकी समीक्षा की। यह समीक्षा 20 जून 2026 को हुई।1
- छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के ग्राम बटारा में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ बतरा डेम में पानी में नहाने के दौरान डूबने से दो युवकों की दर्दनाक मौत हो गई है। इस बड़े हादसे के बाद इलाके में शोक का माहौल है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम तुरंत मौके पर पहुँच गई। जानकारी के अनुसार, अभी भी एक अन्य व्यक्ति की तलाश जारी है और बचाव एवं खोज अभियान युद्धस्तर पर चलाया जा रहा है। प्रशासन ने लोगों से गहरे पानी में जाने से बचने और सावधानी बरतने की अपील की है ताकि भविष्य में ऐसे हादसों से बचा जा सके।1