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सोनभद्र जिले के कोन ब्लॉक स्थित ससनयी डीह बाबा स्थल पर आदिवासी परिवारों ने जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए अपनी आवाज बुलंद की। एक महत्वपूर्ण बैठक में, ग्रामीणों ने अपने परंपरागत अधिकारों और वन संरक्षण को लेकर पुरजोर ढंग से बात रखी। इस दौरान सभी आदिवासी परिवारों ने मिलकर अपने अधिकारों की हर हाल में रक्षा करने का दृढ़ संकल्प लिया।
Buro chief Sonbhadra Kameshwar Buro Chief
सोनभद्र जिले के कोन ब्लॉक स्थित ससनयी डीह बाबा स्थल पर आदिवासी परिवारों ने जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए अपनी आवाज बुलंद की। एक महत्वपूर्ण बैठक में, ग्रामीणों ने अपने परंपरागत अधिकारों और वन संरक्षण को लेकर पुरजोर ढंग से बात रखी। इस दौरान सभी आदिवासी परिवारों ने मिलकर अपने अधिकारों की हर हाल में रक्षा करने का दृढ़ संकल्प लिया।
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- करगारा मितlपुर गाँव में शादी के बाद 'चौथु छुड़ाने' की रस्म के दौरान एक दर्दनाक हादसा हो गया। इस घटना में दो लड़के और एक लड़की नदी में डूब गए, जिससे तीनों की मौत हो गई।1
- सोनभद्र के जुड़वरिया ग्राम पंचायत के ग्रामीणों ने चकरोड की मांग को लेकर प्रदर्शन किया है। ग्रामीणों ने अधिकारियों पर उनकी अनदेखी का आरोप लगाया है, उनका कहना है कि दो साल से शिकायत के बाद भी उनकी समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ है। प्रदर्शनकारी ग्रामीणों की मांग है कि बरसात का मौसम शुरू होने से पहले ही इस रास्ते को दुरुस्त कराया जाए।1
- सोनभद्र में सोन नदी एक दर्दनाक हादसे की गवाह बनी, जहाँ शादी की पारंपरिक रस्म के तहत स्नान करने पहुँचे लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई। नहाने के दौरान दो किशोर गहरे पानी में समा गए और उन्हें बचाने की कोशिशें नाकाम रहीं, जिसके बाद वे लापता हो गए। इस घटना के बाद मौके पर भारी भीड़ जुट गई और हालात और बिगड़ गए। चोपन थाना क्षेत्र के मीतापुर ग्राम पंचायत स्थित सोन नदी में शादी के बाद होने वाली पारंपरिक स्नान की रस्म के दौरान परिवार के लोग नदी में उतरे थे। परिजनों के अनुसार, नहाते समय दो किशोर अचानक गहरे पानी की ओर चले गए और देखते ही देखते नदी में डूब गए। आसपास मौजूद महिलाओं और परिजनों ने उन्हें बचाने का हरसंभव प्रयास किया लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। मृतक के चाचा सुखनंदन ने भी इस दर्दनाक हादसे का विवरण दिया। जानकारी मिलते ही परिजन, ग्रामीण और आसपास के लोग बड़ी संख्या में नदी तट पर पहुँच गए, जिससे भारी भीड़ जमा हो गई। सूचना पर पहुँची पुलिस टीम ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों ने आरोप लगाया कि भीड़ को नियंत्रित करने के दौरान पुलिस ने बल प्रयोग किया, जिससे मौके पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। इसी अफरा-तफरी के बीच जब लोग नदी के रास्ते बाहर निकलने लगे, तभी एक और युवक गहरे पानी में समा गया। इसके बाद लापता लोगों की संख्या बढ़कर तीन हो गई, जिससे मौके पर मौजूद लोगों की चिंता और बढ़ गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए तत्काल उच्चाधिकारियों को सूचना दी गई। एडिशनल एसपी, पुलिस फोर्स, पीएसी के जवान और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुँचकर स्थिति की निगरानी में जुट गए। एनडीआरएफ को भी सूचना भेजी गई है और नदी में लगातार सर्च ऑपरेशन चलाकर स्थानीय गोताखोरों की सहायता से तीनों युवकों की तलाश की जा रही है। सोन नदी किनारे मातम और बेचैनी का माहौल है, जहाँ परिजनों की निगाहें राहत एवं बचाव दलों पर टिकी हैं। प्रशासन लापता युवकों को खोजने के लिए हरसंभव प्रयास करने का दावा कर रहा है। फिलहाल पूरे क्षेत्र में घटना को लेकर शोक और तनाव का माहौल बना हुआ है।2
- सोनभद्र जिले की ओबरा नगर पंचायत के अधिकारियों पर फर्जी निस्तरण करने और शासन को गुमराह करने का गंभीर आरोप लगाया गया है। यह मामला ओबरा नगर पंचायत के गुलाब तिराहा, गजराज वार्ड 3 से संबंधित है, जहां नागेंद्र पांडे नामक व्यक्ति द्वारा एक सार्वजनिक सड़क पर चैंबर का निर्माण किया गया है। आरोप है कि इस अवैध निर्माण पर आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, अधिकारियों ने इस मामले में केवल ऊपरी तौर पर कार्रवाई करते हुए, चैंबर के ऊपर पत्तियां, गिट्टी और मिट्टी डालकर इसे फर्जी तरीके से निस्तारित कर दिया। यह कार्यवाही केवल कागजों पर दिखावे के लिए की गई प्रतीत होती है, जबकि मौके पर स्थिति जस की तस बनी हुई है। इस पूरी घटना को नगर पंचायत अधिकारियों द्वारा जानबूझकर की गई लापरवाही और शासन को भ्रमित करने का प्रयास बताया जा रहा है।2
- विंढमगंज-कोन मार्ग पर जारी सड़क निर्माण कार्य में हो रही अत्यधिक देरी के कारण स्थानीय ग्रामीणों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर हर जगह बिखरी गिट्टी, उड़ती धूल और जगह-जगह से उखड़ी सतह के चलते आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं, जिससे आवागमन जोखिम भरा हो गया है। इसी क्रम में विंढमगंज-कोन मार्ग पर फिर एक हादसा हुआ, जहाँ एक एसयूवी खाई में पलट गई। यह घटना लगातार हो रहे हादसों की कड़ी का हिस्सा है। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि निर्माण कार्य की धीमी गति यातायात को बुरी तरह बाधित कर रही है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। लोगों ने संबंधित विभाग से पुरजोर मांग की है कि सड़क निर्माण कार्य को जल्द से जल्द पूरा किया जाए, ताकि यह मार्ग सुरक्षित हो सके और ग्रामीणों को हो रही असुविधा से मुक्ति मिल सके।2
- सोनभद्र के दुद्धी में मंगलवार शाम एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना में 18 वर्षीय छात्र विष्णु पनिका की मौत हो गई, वहीं उसका साथी शिशु मामूली रूप से घायल बताया गया। यह घटना मंगलवार शाम करीब 7:30 बजे कस्बे के बढ़नीनाला तालाब नाईं टू नाइन होटल के पास घटी, जब वे दुद्धी से बीडर की ओर जा रहे थे। जानकारी के अनुसार, विष्णु पनिका अपने साथी शिशु के साथ मोटरसाइकिल पर सवार था। सामने से आ रही एक अन्य मोटरसाइकिल से हल्की टक्कर लगने के बाद उनकी बाइक दाहिनी ओर एक गहरे गड्ढे में जा गिरी। दूसरा बाइक सवार मौके से भाग निकला। बताया गया है कि विष्णु ने हेलमेट नहीं पहना था, जिसके कारण वह सीधे पत्थरों से जा टकराया और उसके सिर पर गंभीर चोटें आईं। उसके साथी शिशु को मामूली चोटें आई थीं, जिसे सुरक्षित बताया गया है। घटना के समय पास में मुस्लिम समुदाय का मोहर्रम त्यौहार से संबंधित एक कार्यक्रम चल रहा था, जहाँ पुलिस और सुरक्षा गार्ड पहले से ही तैनात थे। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से घायलों को तुरंत नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले जाया गया, जहाँ चिकित्सक सुनील ने विष्णु को देखने के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। विष्णु अपने परिवार में सबसे बड़ा बेटा था। उसने हाल ही में इंटर की परीक्षा दी थी और आईटीआई में दाखिले के लिए आवेदन किया था। उसके पिता का निधन एक साल पहले ही हो चुका था, और बड़े बेटे की अचानक हुई मौत से माँ पूरी तरह टूट गई हैं, जिससे पूरे परिवार में कोहराम मच गया है। घटना की सूचना मिलने पर उपनिरीक्षक अमित कुमार और श्यामजी अस्पताल पहुँचे और मामले की जाँच में जुट गए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई और दुर्घटना के कारणों की आगे की पड़ताल शुरू कर दी है।4
- सिंगरौली जिले की चितरंगी तहसील के करथुआ पोस्ट में स्थित हिग्राम खमरिया कला के बैरिहवा टोला में एक हैंडपंप पिछले दो साल से बंद पड़ा है।1
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