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सोनभद्र जिले की ओबरा नगर पंचायत के अधिकारियों पर फर्जी निस्तरण करने और शासन को गुमराह करने का गंभीर आरोप लगाया गया है। यह मामला ओबरा नगर पंचायत के गुलाब तिराहा, गजराज वार्ड 3 से संबंधित है, जहां नागेंद्र पांडे नामक व्यक्ति द्वारा एक सार्वजनिक सड़क पर चैंबर का निर्माण किया गया है। आरोप है कि इस अवैध निर्माण पर आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, अधिकारियों ने इस मामले में केवल ऊपरी तौर पर कार्रवाई करते हुए, चैंबर के ऊपर पत्तियां, गिट्टी और मिट्टी डालकर इसे फर्जी तरीके से निस्तारित कर दिया। यह कार्यवाही केवल कागजों पर दिखावे के लिए की गई प्रतीत होती है, जबकि मौके पर स्थिति जस की तस बनी हुई है। इस पूरी घटना को नगर पंचायत अधिकारियों द्वारा जानबूझकर की गई लापरवाही और शासन को भ्रमित करने का प्रयास बताया जा रहा है।
Biru Keshari
सोनभद्र जिले की ओबरा नगर पंचायत के अधिकारियों पर फर्जी निस्तरण करने और शासन को गुमराह करने का गंभीर आरोप लगाया गया है। यह मामला ओबरा नगर पंचायत के गुलाब तिराहा, गजराज वार्ड 3 से संबंधित है, जहां नागेंद्र पांडे नामक व्यक्ति द्वारा एक सार्वजनिक सड़क पर चैंबर का निर्माण किया गया है। आरोप है कि इस अवैध निर्माण पर आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, अधिकारियों ने इस मामले में केवल ऊपरी तौर पर कार्रवाई करते हुए, चैंबर के ऊपर पत्तियां, गिट्टी और मिट्टी डालकर इसे फर्जी तरीके से निस्तारित कर दिया। यह कार्यवाही केवल कागजों पर दिखावे के लिए की गई प्रतीत होती है, जबकि मौके पर स्थिति जस की तस बनी हुई है। इस पूरी घटना को नगर पंचायत अधिकारियों द्वारा जानबूझकर की गई लापरवाही और शासन को भ्रमित करने का प्रयास बताया जा रहा है।
More news from Sonbhadra and nearby areas
- सोनभद्र के ओबरा स्थित रेणुका घाट पर एक बड़ा हादसा उस समय टल गया जब ओबरा बांध से अचानक पानी छोड़े जाने के कारण 11 लोग नदी के बीच बने एक टापू में फंस गए। ये लोग घाट पर घूमने आए थे और नदी में पानी कम होने के कारण बेफिक्र होकर टापू तक पहुंच गए थे, जहां वे तस्वीरें और सेल्फी ले रहे थे। बांध से पानी छोड़ने के बाद नदी का बहाव तेजी से बढ़ा और टापू चारों तरफ से पानी से घिर गया, जिससे लोग बीच धारा में ही फंसकर रह गए। सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई और डैम प्रबंधन से संपर्क कर पानी छोड़े जाने की प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगवाई गई। हालांकि, नदी का बहाव काफी देर तक तेज बना रहा, जिससे फंसे हुए लोगों को टापू पर ही इंतजार करना पड़ा। अंधेरा होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन और भी चुनौतीपूर्ण हो गया। मौके पर पहुंची पुलिस टीम, पीआरवी के साथ नगर पंचायत के सभासद अजीत कनौजिया और स्थानीय युवकों ने मिलकर घंटों चले राहत अभियान के बाद सभी 11 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इस सफल बचाव अभियान के बाद फंसे हुए लोगों और उनके परिजनों ने राहत की सांस ली। स्थानीय लोगों का कहना है कि रेणुका घाट पर अचानक जलस्तर बढ़ने की घटनाएं पहले भी कई बार सामने आ चुकी हैं, जिनमें कई लोगों की जान भी जा चुकी है। इसके बावजूद घाट पर पर्याप्त चेतावनी बोर्ड और स्थायी सुरक्षा इंतजामों की कमी बनी हुई है। यह घटना, हालांकि बिना किसी जनहानि के समाप्त हो गई, लेकिन इसने एक बार फिर घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था और चेतावनी तंत्र की पोल खोल दी है। अब स्थानीय लोग भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए घाट पर प्रभावी चेतावनी व्यवस्था, सुरक्षा बैरिकेडिंग और स्थायी निगरानी की मांग कर रहे हैं।1
- सोनभद्र के दुद्धी में मंगलवार शाम एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना में 18 वर्षीय छात्र विष्णु पनिका की मौत हो गई, वहीं उसका साथी शिशु मामूली रूप से घायल बताया गया। यह घटना मंगलवार शाम करीब 7:30 बजे कस्बे के बढ़नीनाला तालाब नाईं टू नाइन होटल के पास घटी, जब वे दुद्धी से बीडर की ओर जा रहे थे। जानकारी के अनुसार, विष्णु पनिका अपने साथी शिशु के साथ मोटरसाइकिल पर सवार था। सामने से आ रही एक अन्य मोटरसाइकिल से हल्की टक्कर लगने के बाद उनकी बाइक दाहिनी ओर एक गहरे गड्ढे में जा गिरी। दूसरा बाइक सवार मौके से भाग निकला। बताया गया है कि विष्णु ने हेलमेट नहीं पहना था, जिसके कारण वह सीधे पत्थरों से जा टकराया और उसके सिर पर गंभीर चोटें आईं। उसके साथी शिशु को मामूली चोटें आई थीं, जिसे सुरक्षित बताया गया है। घटना के समय पास में मुस्लिम समुदाय का मोहर्रम त्यौहार से संबंधित एक कार्यक्रम चल रहा था, जहाँ पुलिस और सुरक्षा गार्ड पहले से ही तैनात थे। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से घायलों को तुरंत नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले जाया गया, जहाँ चिकित्सक सुनील ने विष्णु को देखने के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। विष्णु अपने परिवार में सबसे बड़ा बेटा था। उसने हाल ही में इंटर की परीक्षा दी थी और आईटीआई में दाखिले के लिए आवेदन किया था। उसके पिता का निधन एक साल पहले ही हो चुका था, और बड़े बेटे की अचानक हुई मौत से माँ पूरी तरह टूट गई हैं, जिससे पूरे परिवार में कोहराम मच गया है। घटना की सूचना मिलने पर उपनिरीक्षक अमित कुमार और श्यामजी अस्पताल पहुँचे और मामले की जाँच में जुट गए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई और दुर्घटना के कारणों की आगे की पड़ताल शुरू कर दी है।4
- सिंगरौली जिले की चितरंगी तहसील के करथुआ पोस्ट में स्थित हिग्राम खमरिया कला के बैरिहवा टोला में एक हैंडपंप पिछले दो साल से बंद पड़ा है।1
- प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में विस्तार के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। इस पहल के अंतर्गत, कुल 315 हाई स्कूलों और 214 हायर सेकेंडरी विद्यालयों को उन्नत किया जाएगा।1
- जनपद चंदौली के नौगढ़ ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत बरबसपुर में सरकारी धन से हो रहे निर्माण कार्यों की हकीकत पर सवाल खड़े हो गए हैं। जहाँ एक भवन के भीतर बड़े जोर-शोर से टाइल्स लगाने का काम चल रहा है, वहीं इसी भवन का बाहरी हिस्सा बेहद चिंताजनक स्थिति में है। भवन की बाहरी दीवार पर बड़ी-बड़ी दरारें साफ देखी जा सकती हैं, जो किसी बड़े हादसे को न्योता दे रही हैं। इतना ही नहीं, भवन के बाहर गंदगी और कूड़े का अंबार लगा हुआ है, जो सरकारी दावों की पोल खोलता दिख रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि एक तरफ टाइल्स जैसी सुविधाओं पर खर्च किया जा रहा है, वहीं बुनियादी सुरक्षा और साफ-सफाई को पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया गया है। यह गंभीर गंदगी और दीवारों की जर्जर स्थिति प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा रही है। अब यह देखना बाकी है कि स्थानीय प्रशासन और संबंधित अधिकारी इस ओर कब ध्यान देते हैं और इन खामियों को कब तक ठीक किया जाता है।1
- मध्य प्रदेश के सागर जिला अस्पताल से एक चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है, जिसने स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस वायरल वीडियो में एक मरीज अस्पताल के बिस्तर पर कथित तौर पर शराब पीता हुआ दिख रहा है। यह घटना तब सामने आई जब मरीज के हाथ में कुछ देर पहले तक ड्रिप लगी हुई थी, जिसका स्पष्ट निशान भी उसके हाथ पर दिखाई दे रहा है। वीडियो के अनुसार, एक नर्स द्वारा रोकने की कोशिश के बावजूद मरीज का "इलाज" शराब के साथ जारी रहा, जिससे अस्पताल परिसर में निगरानी व्यवस्था की घोर लापरवाही उजागर हुई है। इस घटना ने लोगों के बीच चर्चा छेड़ दी है कि क्या अब स्वास्थ्य व्यवस्था का नया "कॉकटेल" सामने आया है, जहाँ "एक हाथ में ड्रिप, दूसरे में पैग… मरीज रहेगा फिट या सिस्टम होगा हिट?" अस्पताल प्रबंधन की निगरानी और मरीजों की सुरक्षा पर उठे ये गंभीर सवाल व्यवस्था की पोल खोल रहे हैं।1
- सोनभद्र के ओबरा तहसील में डीएस माइनिंग खदान के विरोध में आदिवासियों ने कांग्रेस के साथ मिलकर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि खदान में हो रही ब्लास्टिंग के कारण उनके घरों में दरारें आ गई हैं और उनकी जान को भी खतरा है। प्रदर्शनकारियों ने खदान को तत्काल बंद कराने की मांग की और प्रशासन को अपनी मांगों से संबंधित एक ज्ञापन भी सौंपा। आदिवासियों और कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो वे हाईवे जाम कर देंगे।1
- ग्राम पंचायत गरला में पूनम कुमारी द्वारा बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार किया जा रहा है। पोस्ट के अनुसार, यह भ्रष्टाचार NMMS के माध्यम से हो रहा है, जिसमें फर्जी NMMS का इस्तेमाल किया जा रहा है।2
- चंदौली के जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने जनता की समस्याओं के त्वरित और मौके पर निस्तारण के उद्देश्य से विकास खंड सकलडीहा की ग्राम पंचायत फगुइया में एक जन चौपाल का आयोजन किया। इस चौपाल में उन्होंने ग्रामीणों की एक-एक कर शिकायतें सुनीं और संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध तथा गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए कड़े निर्देश दिए। जन चौपाल के दौरान मुख्य रूप से बिजली, पानी, सड़क, साफ-सफाई, पेंशन, खतौनी और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़े मामले सामने आए। जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने मौके पर मौजूद बिजली विभाग के अभियंता को ग्रामीण क्षेत्रों में मानक रहित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने और जर्जर तारों व लो-वोल्टेज की समस्या को तत्काल दूर करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही, उन्होंने ग्राम पंचायत सचिव और एडीओ पंचायत को गांव में स्वच्छता अभियान को गति देने तथा विकास कार्यों में पारदर्शिता बरतने की हिदायत भी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता की समस्याओं के समाधान में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी विभाग आपसी समन्वय बनाकर शिकायतों का ससमय निस्तारण सुनिश्चित करें। जन चौपाल के समापन के बाद, जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने ग्राम पंचायत फगुइया में स्थित ग्राम सचिवालय और वहाँ बनी लाइब्रेरी का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीण व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने लाइब्रेरी में किताबों के रख-रखाव, छात्र-छात्राओं के बैठने की व्यवस्था, प्रकाश और पेयजल जैसी सुविधाओं का अवलोकन किया। जिलाधिकारी ने ग्राम प्रधान और सचिव को निर्देशित किया कि लाइब्रेरी में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं और बच्चों के लिए उपयोगी व ज्ञानवर्धक पुस्तकें अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि लाइब्रेरी नियमित रूप से तय समय पर खुले ताकि ग्रामीण युवा इसका पूरा लाभ उठा सकें, साथ ही सचिवालय और लाइब्रेरी परिसर में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाए। जिलाधिकारी ने जोर दिया कि ग्राम सचिवालयों में बनी लाइब्रेरी ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं के भविष्य को संवारने में मील का पत्थर साबित होंगी और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस अवसर पर उप जिलाधिकारी सकलडीहा कुंदन राज कपूर, खंड विकास अधिकारी, एडीओ पंचायत, ग्राम प्रधान सहित बिजली व अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी, कर्मचारी और भारी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।1