मध्य प्रदेश के सागर जिला अस्पताल से एक चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है, जिसने स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस वायरल वीडियो में एक मरीज अस्पताल के बिस्तर पर कथित तौर पर शराब पीता हुआ दिख रहा है। यह घटना तब सामने आई जब मरीज के हाथ में कुछ देर पहले तक ड्रिप लगी हुई थी, जिसका स्पष्ट निशान भी उसके हाथ पर दिखाई दे रहा है। वीडियो के अनुसार, एक नर्स द्वारा रोकने की कोशिश के बावजूद मरीज का "इलाज" शराब के साथ जारी रहा, जिससे अस्पताल परिसर में निगरानी व्यवस्था की घोर लापरवाही उजागर हुई है। इस घटना ने लोगों के बीच चर्चा छेड़ दी है कि क्या अब स्वास्थ्य व्यवस्था का नया "कॉकटेल" सामने आया है, जहाँ "एक हाथ में ड्रिप, दूसरे में पैग… मरीज रहेगा फिट या सिस्टम होगा हिट?" अस्पताल प्रबंधन की निगरानी और मरीजों की सुरक्षा पर उठे ये गंभीर सवाल व्यवस्था की पोल खोल रहे हैं।
मध्य प्रदेश के सागर जिला अस्पताल से एक चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है, जिसने स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस वायरल वीडियो में एक मरीज अस्पताल के बिस्तर पर कथित तौर पर शराब पीता हुआ दिख रहा है। यह घटना तब सामने आई जब मरीज के हाथ में कुछ देर पहले तक ड्रिप लगी हुई थी, जिसका स्पष्ट निशान भी उसके हाथ पर दिखाई दे रहा है। वीडियो के अनुसार, एक नर्स द्वारा रोकने की कोशिश के बावजूद मरीज का "इलाज" शराब के साथ जारी रहा, जिससे अस्पताल परिसर में निगरानी व्यवस्था की घोर लापरवाही उजागर हुई है। इस घटना ने लोगों के बीच चर्चा छेड़ दी है कि क्या अब स्वास्थ्य व्यवस्था का नया "कॉकटेल" सामने आया है, जहाँ "एक हाथ में ड्रिप, दूसरे में पैग… मरीज रहेगा फिट या सिस्टम होगा हिट?" अस्पताल प्रबंधन की निगरानी और मरीजों की सुरक्षा पर उठे ये गंभीर सवाल व्यवस्था की पोल खोल रहे हैं।
- सोनभद्र जिले के कोन ब्लॉक स्थित ससनयी डीह बाबा स्थल पर आदिवासी परिवारों ने जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए अपनी आवाज बुलंद की। एक महत्वपूर्ण बैठक में, ग्रामीणों ने अपने परंपरागत अधिकारों और वन संरक्षण को लेकर पुरजोर ढंग से बात रखी। इस दौरान सभी आदिवासी परिवारों ने मिलकर अपने अधिकारों की हर हाल में रक्षा करने का दृढ़ संकल्प लिया।1
- सोनभद्र जिले की ओबरा नगर पंचायत के अधिकारियों पर फर्जी निस्तरण करने और शासन को गुमराह करने का गंभीर आरोप लगाया गया है। यह मामला ओबरा नगर पंचायत के गुलाब तिराहा, गजराज वार्ड 3 से संबंधित है, जहां नागेंद्र पांडे नामक व्यक्ति द्वारा एक सार्वजनिक सड़क पर चैंबर का निर्माण किया गया है। आरोप है कि इस अवैध निर्माण पर आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, अधिकारियों ने इस मामले में केवल ऊपरी तौर पर कार्रवाई करते हुए, चैंबर के ऊपर पत्तियां, गिट्टी और मिट्टी डालकर इसे फर्जी तरीके से निस्तारित कर दिया। यह कार्यवाही केवल कागजों पर दिखावे के लिए की गई प्रतीत होती है, जबकि मौके पर स्थिति जस की तस बनी हुई है। इस पूरी घटना को नगर पंचायत अधिकारियों द्वारा जानबूझकर की गई लापरवाही और शासन को भ्रमित करने का प्रयास बताया जा रहा है।2
- सोनभद्र के ओबरा स्थित रेणुका घाट पर एक बड़ा हादसा उस समय टल गया जब ओबरा बांध से अचानक पानी छोड़े जाने के कारण 11 लोग नदी के बीच बने एक टापू में फंस गए। ये लोग घाट पर घूमने आए थे और नदी में पानी कम होने के कारण बेफिक्र होकर टापू तक पहुंच गए थे, जहां वे तस्वीरें और सेल्फी ले रहे थे। बांध से पानी छोड़ने के बाद नदी का बहाव तेजी से बढ़ा और टापू चारों तरफ से पानी से घिर गया, जिससे लोग बीच धारा में ही फंसकर रह गए। सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई और डैम प्रबंधन से संपर्क कर पानी छोड़े जाने की प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगवाई गई। हालांकि, नदी का बहाव काफी देर तक तेज बना रहा, जिससे फंसे हुए लोगों को टापू पर ही इंतजार करना पड़ा। अंधेरा होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन और भी चुनौतीपूर्ण हो गया। मौके पर पहुंची पुलिस टीम, पीआरवी के साथ नगर पंचायत के सभासद अजीत कनौजिया और स्थानीय युवकों ने मिलकर घंटों चले राहत अभियान के बाद सभी 11 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इस सफल बचाव अभियान के बाद फंसे हुए लोगों और उनके परिजनों ने राहत की सांस ली। स्थानीय लोगों का कहना है कि रेणुका घाट पर अचानक जलस्तर बढ़ने की घटनाएं पहले भी कई बार सामने आ चुकी हैं, जिनमें कई लोगों की जान भी जा चुकी है। इसके बावजूद घाट पर पर्याप्त चेतावनी बोर्ड और स्थायी सुरक्षा इंतजामों की कमी बनी हुई है। यह घटना, हालांकि बिना किसी जनहानि के समाप्त हो गई, लेकिन इसने एक बार फिर घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था और चेतावनी तंत्र की पोल खोल दी है। अब स्थानीय लोग भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए घाट पर प्रभावी चेतावनी व्यवस्था, सुरक्षा बैरिकेडिंग और स्थायी निगरानी की मांग कर रहे हैं।1
- Post by Ravi1
- सोनभद्र के चोपन थाना क्षेत्र स्थित मीतापुर में सोन नदी में तीन लड़कों के डूबने से हड़कंप मच गया है। यह घटना तब हुई जब लोग एक वैवाहिक कार्यक्रम से संबंधित ‘चौथी छुड़ाने’ के लिए नदी किनारे पहुंचे थे। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इसी दौरान दो लड़के नदी में डूब गए, जिसके बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस द्वारा भीड़ को नियंत्रित करने के प्रयास के दौरान नदी की तरफ दौड़ने वाला एक और लड़का भी डूब गया। घटना की सूचना मिलते ही एडिशनल एसपी, सीओ सहित भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। इस दौरान आक्रोशित स्थानीय लोगों की भी बड़ी भीड़ घटनास्थल पर जमा हो गई। फ़िलहाल, राज्य आपदा राहत बल (SDRF) की टीम मौके पर पहुंचकर डूबे हुए लड़कों के शवों की तलाश में जुटी हुई है।4
- विंढमगंज-कोन मार्ग पर जारी सड़क निर्माण कार्य में हो रही अत्यधिक देरी के कारण स्थानीय ग्रामीणों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर हर जगह बिखरी गिट्टी, उड़ती धूल और जगह-जगह से उखड़ी सतह के चलते आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं, जिससे आवागमन जोखिम भरा हो गया है। इसी क्रम में विंढमगंज-कोन मार्ग पर फिर एक हादसा हुआ, जहाँ एक एसयूवी खाई में पलट गई। यह घटना लगातार हो रहे हादसों की कड़ी का हिस्सा है। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि निर्माण कार्य की धीमी गति यातायात को बुरी तरह बाधित कर रही है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। लोगों ने संबंधित विभाग से पुरजोर मांग की है कि सड़क निर्माण कार्य को जल्द से जल्द पूरा किया जाए, ताकि यह मार्ग सुरक्षित हो सके और ग्रामीणों को हो रही असुविधा से मुक्ति मिल सके।2
- सोनभद्र के ओबरा तहसील में डीएस माइनिंग खदान के विरोध में आदिवासियों ने कांग्रेस के साथ मिलकर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि खदान में हो रही ब्लास्टिंग के कारण उनके घरों में दरारें आ गई हैं और उनकी जान को भी खतरा है। प्रदर्शनकारियों ने खदान को तत्काल बंद कराने की मांग की और प्रशासन को अपनी मांगों से संबंधित एक ज्ञापन भी सौंपा। आदिवासियों और कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो वे हाईवे जाम कर देंगे।1
- सोनभद्र के दुद्धी में मंगलवार शाम एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना में 18 वर्षीय छात्र विष्णु पनिका की मौत हो गई, वहीं उसका साथी शिशु मामूली रूप से घायल बताया गया। यह घटना मंगलवार शाम करीब 7:30 बजे कस्बे के बढ़नीनाला तालाब नाईं टू नाइन होटल के पास घटी, जब वे दुद्धी से बीडर की ओर जा रहे थे। जानकारी के अनुसार, विष्णु पनिका अपने साथी शिशु के साथ मोटरसाइकिल पर सवार था। सामने से आ रही एक अन्य मोटरसाइकिल से हल्की टक्कर लगने के बाद उनकी बाइक दाहिनी ओर एक गहरे गड्ढे में जा गिरी। दूसरा बाइक सवार मौके से भाग निकला। बताया गया है कि विष्णु ने हेलमेट नहीं पहना था, जिसके कारण वह सीधे पत्थरों से जा टकराया और उसके सिर पर गंभीर चोटें आईं। उसके साथी शिशु को मामूली चोटें आई थीं, जिसे सुरक्षित बताया गया है। घटना के समय पास में मुस्लिम समुदाय का मोहर्रम त्यौहार से संबंधित एक कार्यक्रम चल रहा था, जहाँ पुलिस और सुरक्षा गार्ड पहले से ही तैनात थे। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से घायलों को तुरंत नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले जाया गया, जहाँ चिकित्सक सुनील ने विष्णु को देखने के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। विष्णु अपने परिवार में सबसे बड़ा बेटा था। उसने हाल ही में इंटर की परीक्षा दी थी और आईटीआई में दाखिले के लिए आवेदन किया था। उसके पिता का निधन एक साल पहले ही हो चुका था, और बड़े बेटे की अचानक हुई मौत से माँ पूरी तरह टूट गई हैं, जिससे पूरे परिवार में कोहराम मच गया है। घटना की सूचना मिलने पर उपनिरीक्षक अमित कुमार और श्यामजी अस्पताल पहुँचे और मामले की जाँच में जुट गए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई और दुर्घटना के कारणों की आगे की पड़ताल शुरू कर दी है।4
- Post by Ravindra Kumar Dhamoli1