वेदांता पॉवर प्लांट हादसा,,धमाके से फट गया बॉयलर,, 9 मजदूरों कि हुई मौत...... सक्ती जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में मंगलवार को हुए भीषण बॉयलर विस्फोट ने पूरे क्षेत्र में दहशत फैला दी। अचानक हुए इस हादसे के बाद प्लांट परिसर में आग और धुएं का गुबार फैल गया, जिससे वहां काम कर रहे मजदूरों में अफरा-तफरी मच गई। विस्फोट इतना जोरदार था कि आसपास मौजूद श्रमिक जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। हादसे में 9 मजदूरों की मौत हो गई है। जानकारी के अनुसार, हादसे के समय प्लांट में बड़ी संख्या में मजदूर कार्यरत थे। हादसे में करीब 30 से मजदूरों के घायल होने की सूचना है, जिनमें कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है। घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस और राहत टीम मौके पर पहुंच गई और तत्काल बचाव कार्य शुरू किया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, विस्फोट के बाद प्लांट में भगदड़ की स्थिति बन गई थी, कई मजदूर झुलस गए, जबकि कुछ को गंभीर चोटें आई हैं। बचाव दल द्वारा घायलों को सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। प्रशासन ने घटनास्थल को घेराबंदी कर जांच शुरू कर दी है। हादसे के कारणों की जांच के लिए तकनीकी विशेषज्ञों की टीम गठित की गई है। प्रारंभिक तौर पर बॉयलर फटना कारण माना जा रहा है, लेकिन विस्तृत जांच के बाद ही वास्तविक वजह सामने आएगी। पीएम मोदी ने हादसे पर दुख जताया सक्ती जिले के पावर प्लांट में हुए हादसे को बेहद दुखद बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र ने संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने हादसे में जान गंवाने वालों के स्वजनों के प्रति शोक जताया। मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख की आर्थिक सहायता प्रधानमंत्री ने कहा कि स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों की हर संभव सहायता कर रहा है। साथ ही उन्होंने घोषणा की कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से प्रत्येक मृतक के स्वजनों को दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी, जबकि घायलों को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री ने हादसे पर दुख जताया विष्णु देव साय ने सक्ती जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में बॉयलर फटने से हुई दुर्घटना पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने इस घटना को अत्यंत पीड़ादायक और हृदय विदारक बताते हुए मृतकों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की तथा शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं प्रकट की हैं। सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल इस हादसे ने एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों और श्रमिक संगठनों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। फिलहाल प्रशासन घायलों के बेहतर उपचार और राहत कार्यों को प्राथमिकता दे रहा है। बॉयलर के ट्यूब फटने हादसा- पुलिस पुलिस अधीक्षक प्रफुल ठाकुर के अनुसार, बॉयलर के ट्यूब फटने की वजह से यह हादसा हुआ है। उन्होंने बताया कि अब तक 9 मजदूरों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि दस से अधिक मजदूर गंभीर रूप से घायल हैं। कुछ मजदूरों के अब भी प्लांट परिसर में फंसे होने की आशंका है, जिन्हें निकालने के लिए राहत एवं बचाव दल लगातार प्रयास कर रहा है। वेदांता पावर प्लांट ने जारी किया बयान वेदांता पावर प्लांट के प्रवक्ता ने कहा कि 14 अप्रैल 2026 की दोपहर हमारे पावर प्लांट के बॉयलर यूनिट में एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई, जिसमें हमारे सब-कॉन्ट्रैक्टर NGSL के कर्मचारी शामिल थे, जो इस यूनिट का संचालन और रखरखाव करते हैं। कठिन समय में प्रभावित परिवारों को साथ- वेदांता हमारी तत्काल प्राथमिकता सभी प्रभावित लोगों को सर्वोत्तम संभव चिकित्सा सहायता और उपचार सुनिश्चित करना है। हम घायलों को पूर्ण सहयोग प्रदान कर रहे हैं और चिकित्सा टीमों तथा स्थानीय प्रशासन के साथ लगातार समन्वय में हैं। हम इस घटना के सभी विवरणों का पता लगाने की प्रक्रिया में हैं और अपने सभी संबंधित अधिकारियों के साथ मिलकर एक विस्तृत जांच कर रहे है। इस कठिन समय में हमारी संवेदनाएं और गहरी सहानुभूति प्रभावित लोगों के परिवारों के साथ हैं।
वेदांता पॉवर प्लांट हादसा,,धमाके से फट गया बॉयलर,, 9 मजदूरों कि हुई मौत...... सक्ती जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में मंगलवार को हुए भीषण बॉयलर विस्फोट ने पूरे क्षेत्र में दहशत फैला दी। अचानक हुए इस हादसे के बाद प्लांट परिसर में आग और धुएं का गुबार फैल गया, जिससे वहां काम कर रहे मजदूरों में अफरा-तफरी मच गई। विस्फोट इतना जोरदार था कि आसपास मौजूद श्रमिक जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। हादसे में 9 मजदूरों की मौत हो गई है। जानकारी के अनुसार, हादसे के समय प्लांट में बड़ी संख्या में मजदूर कार्यरत थे। हादसे में करीब 30 से मजदूरों के घायल होने की सूचना है, जिनमें कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है। घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस और राहत टीम मौके पर पहुंच गई और तत्काल बचाव कार्य शुरू किया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, विस्फोट के बाद प्लांट में भगदड़ की स्थिति बन गई थी, कई मजदूर झुलस गए, जबकि कुछ को गंभीर चोटें आई हैं। बचाव दल द्वारा घायलों को सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। प्रशासन ने घटनास्थल को घेराबंदी कर जांच शुरू कर दी है। हादसे के कारणों की जांच के लिए तकनीकी विशेषज्ञों की टीम गठित की गई है। प्रारंभिक तौर पर बॉयलर फटना कारण माना जा रहा है, लेकिन विस्तृत जांच के बाद ही वास्तविक वजह सामने आएगी। पीएम मोदी ने हादसे पर दुख जताया सक्ती जिले के पावर प्लांट में हुए हादसे को बेहद दुखद बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र ने संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने हादसे में जान गंवाने वालों के स्वजनों के प्रति शोक जताया। मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख की आर्थिक सहायता प्रधानमंत्री ने कहा कि स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों की हर संभव सहायता कर रहा है। साथ ही उन्होंने घोषणा की कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से प्रत्येक मृतक के स्वजनों को दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी, जबकि घायलों को 50 हजार रुपये
की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री ने हादसे पर दुख जताया विष्णु देव साय ने सक्ती जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में बॉयलर फटने से हुई दुर्घटना पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने इस घटना को अत्यंत पीड़ादायक और हृदय विदारक बताते हुए मृतकों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की तथा शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं प्रकट की हैं। सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल इस हादसे ने एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों और श्रमिक संगठनों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। फिलहाल प्रशासन घायलों के बेहतर उपचार और राहत कार्यों को प्राथमिकता दे रहा है। बॉयलर के ट्यूब फटने हादसा- पुलिस पुलिस अधीक्षक प्रफुल ठाकुर के अनुसार, बॉयलर के ट्यूब फटने की वजह से यह हादसा हुआ है। उन्होंने बताया कि अब तक 9 मजदूरों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि दस से अधिक मजदूर गंभीर रूप से घायल हैं। कुछ मजदूरों के अब भी प्लांट परिसर में फंसे होने की आशंका है, जिन्हें निकालने के लिए राहत एवं बचाव दल लगातार प्रयास कर रहा है। वेदांता पावर प्लांट ने जारी किया बयान वेदांता पावर प्लांट के प्रवक्ता ने कहा कि 14 अप्रैल 2026 की दोपहर हमारे पावर प्लांट के बॉयलर यूनिट में एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई, जिसमें हमारे सब-कॉन्ट्रैक्टर NGSL के कर्मचारी शामिल थे, जो इस यूनिट का संचालन और रखरखाव करते हैं। कठिन समय में प्रभावित परिवारों को साथ- वेदांता हमारी तत्काल प्राथमिकता सभी प्रभावित लोगों को सर्वोत्तम संभव चिकित्सा सहायता और उपचार सुनिश्चित करना है। हम घायलों को पूर्ण सहयोग प्रदान कर रहे हैं और चिकित्सा टीमों तथा स्थानीय प्रशासन के साथ लगातार समन्वय में हैं। हम इस घटना के सभी विवरणों का पता लगाने की प्रक्रिया में हैं और अपने सभी संबंधित अधिकारियों के साथ मिलकर एक विस्तृत जांच कर रहे है। इस कठिन समय में हमारी संवेदनाएं और गहरी सहानुभूति प्रभावित लोगों के परिवारों के साथ हैं।
- जहर बनी दवाई या धोखा? धमधा में 4 एकड़ फसल बर्बाद, न्याय के लिए भटकता रहा किसान लोकेशन - धमधा रिपोर्टर -हेमंत उमरे धमधा क्षेत्र के बसनी गांव से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां किसानों ने एक कृषि केंद्र पर धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। मामला तब उजागर हुआ जब पीड़ित किसान अनुभागीय अधिकारी कार्यालय पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज कराई। बताया जा रहा है कि बसनी गांव के सरपंच पति सत कुमार निषाद की लगभग चार एकड़ धान की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई, जिससे उन्हें लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ा। किसान का आरोप है कि यह नुकसान कृषि केंद्र से खरीदी गई दवाई और सामग्री के कारण हुआ, जो या तो घटिया थी या गलत तरीके से दी गई थी। जिसमें शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई है। किसान की शिकायत पर धमधा एसडीएम सोनल डेविड ने कृषि विस्तारक अधिकारी को तत्काल जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए थे। लेकिन हैरानी की बात यह है कि इतने समय बीत जाने के बाद भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। धमधा नगर गेट के सामने संचालित गुरुद्धन कृषि केंद्र, जिसके संचालक कृष्णा साहू बताए जा रहे हैं,जीन पर कई गंभीर आरोप लगे हैं: किसानों को पक्के बिल की जगह कच्ची रसीद देना जीएसटी नियमों का उल्लंघन दवाइयों को अधिक कीमत पर बेचना नुकसान होने पर किसानों को बहला-फुसलाकर मामला दबाना किसानों का कहना है कि यह कोई पहला मामला नहीं है। कई किसान पहले भी इस कृषि केंद्र के चक्कर काट चुके हैं। कुछ को मुआवजे का आश्वासन दिया गया, तो कुछ को थोड़ी रकम देकर चुप करा दिया गया। कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मामला संज्ञान में आया है और जांच के बाद विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, किसानों का भरोसा अब प्रशासन पर से उठता जा रहा है क्योंकि अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। बढ़ता आक्रोश, आंदोलन की चेतावनी इस पूरे मामले को लेकर क्षेत्र के किसानों में भारी आक्रोश व्याप्त है। किसानों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। अब सबसे बड़ा सवाल यही है क्या किसानों को न्याय मिलेगा? क्या दोषी कृषि केंद्र संचालक पर कार्रवाई होगी, या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह ठंडे बस्ते में चला जाएगा? इस घटना ने न सिर्फ कृषि व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि किसानों की सुरक्षा और अधिकारों को लेकर भी गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं।1
- डॉ.बाबा भीमराव अंबेडकर जयंती के मौके पर मुस्लिम कुरैशी समाज द्वारा खीर एवं पानी का वितरण किया गया1
- Post by तुकाराम कंसारी नवापारा राजिम1
- सक्ती जिले के सिंहितराय गांव में वेदांता लिमिटेड बिजली संयंत्र में भीषण औद्योगिक दुर्घटना, जिसमें कम से कम नौ श्रमिकों की मौत हो गई और चालीस से अधिक अन्य घायल हो गए। यह घटना मंगलवार दोपहर को हुई जब एक बॉयलर ट्यूब में कथित तौर पर विस्फोट हो गया, जिससे एक अराजक स्थिति और श्रमिकों के बीच भगदड़ जैसी भीड़ हो गई। स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक टीमों द्वारा मलबे के नीचे फंसे श्रमिकों का पता लगाने के लिए तुरंत बचाव अभियान शुरू किया गया था। गंभीर रूप से घायलों को जिंदल फोर्टिस सहित रायगढ़ के अस्पतालों में स्थानांतरित कर दिया गया है, जबकि मुख्यमंत्री विष्णु देव साईं ने गहरी संवेदना व्यक्त की है और सुरक्षा चूक की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं।1
- पटना, 14 अप्रैल 2026: बिहार की राजनीति में आज एक नया अध्याय जुड़ गया। एनडीए विधानमंडल दल की बैठक में माननीय नेता श्री नीतीश कुमार जी के प्रस्ताव पर श्री सम्राट चौधरी जी को बिहार का नया मुख्यमंत्री चुना गया। समस्त एनडीए परिवार ने एकमत से उन पर विश्वास व्यक्त किया। मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी मिलने पर सम्राट चौधरी जी ने कहा — _"संकल्प से सिद्धि तक, विकसित बिहार की ओर हमारा दृढ़ कदम! यह विश्वास मेरे लिए केवल सम्मान नहीं, बल्कि बिहार की जनता की अपेक्षाओं को पूरा करने की एक बड़ी जिम्मेदारी भी है। इसके लिए मैं हृदय से कोटि-कोटि धन्यवाद करता हूँ।"_ उन्होंने इस अवसर पर माननीय श्री शिवराज सिंह चौहान जी, जदयू कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री संजय कुमार झा जी, श्री राजीव रंजन सिंह 'ललन सिंह' जी, श्री जीतन राम मांझी जी, श्री बी. एल. संतोष जी, श्री विनोद तावड़े जी, श्री उपेंद्र कुशवाहा जी, श्री संजय सरावगी जी तथा श्री भीखूभाई दलसानिया जी सहित सभी वरिष्ठ नेताओं का हृदय से अभिनंदन एवं आभार व्यक्त किया। "यह समर्थन हमारे सामूहिक संकल्प को और अधिक मजबूत करता है कि हम विकास, प्रगति, सुशासन और जनसेवा के मार्ग पर निरंतर आगे बढ़ते हुए बिहार को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे" — सम्राट चौधरी बिहार में NDA सरकार अब 'सुशासन, विकास और जनसेवा' के संकल्प के साथ आगे बढ़ने को तैयार है।1
- ग्राम पथरा में कोसरिया यादव समाज युवा प्रकोष्ठ का गठन, मंथीर बने अध्यक्ष, 14 अप्रैल मंगलवार को दोपहर 12 बजे मिली जानकारी अनुसार कोसरिया यादव समाज गंडई सर्किल की बैठक ग्राम पथरा में आयोजित हुई, जिसमें युवा प्रकोष्ठ का गठन किया गया। बैठक में समाज के विभिन्न पदों पर नई नियुक्तियां की गईं और नव नियुक्त पदाधिकारियों को नियुक्ति पत्र सौंपकर पदभार ग्रहण कराया गया। कार्यक्रम में वरिष्ठ पदाधिकारियों की उपस्थिति में मंथीर यादव को युवा प्रकोष्ठ का अध्यक्ष बनाया गया। इसके साथ ही उपाध्यक्ष, सचिव, सह सचिव सहित अन्य पदों पर भी युवाओं को जिम्मेदारी दी गई। समाज के वरिष्ठजनों ने नव-नियुक्त पदाधिकारियों को बधाई देते हुए समाज हित में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। बैठक में बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे।1
- ब्रेकिंग न्यूज़.... गरियाबंद जिले के ग्राम चरौदा में एक ही रात में तीन घरों में ताबड़तोड़ चोरी की वारदात। अज्ञात चोरों ने दुरेंद्र सेन, चेतन पटेल और नरेंद्र साहू के घरों को बनाया निशाना। लाखों रुपए के सोने-चांदी के गहने और नगदी पार। गांव में पहले भी चोरी और आगजनी की घटनाएं आ चुकी हैं सामने। ग्रामीणों ने अवैध शराब और गांजा बिक्री को बताया बढ़ते अपराध का कारण। पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल, आरोपियों को छोड़ने का आरोप। मामले की जांच जारी, गांव में दहशत का माहौल।3
- 14 अप्रैल भीम जयंती के अवसर पर दुर्ग शहर मे विशाल रैली निकाली गई जिसमें भारी संख्या में समाज के लोगों की उपस्थिति देखीं गई।1