कर्ज दाता पर सारा दोष उड़ेल देना,अन्याय,पूरे कारोबार का आधार ही होता है आपसी लेन देन एक किसी एक पर कार्यवाही से फैल रहा है भय और अविश्वास का वातावरण कोई किसी की मदद के लिए तैयार नहीं हर एक,एक दूसरे को देख रहा है शक की नजर से रिपोर्ट/रवि सरकार वर्तमान में किरंदुल नगर का सबसे चर्चित और सनसनीखेज विषय है,सूदखोरी मतलब ब्याज में पैसा लगातार समाचार प्रसारित किए जा रहें हैं कर्ज दाता को खलनायक की तरह पेश किया जा रहा है और कर्ज लेने वाले को महा पीड़ित व मासूम की तरह,कुछ समाचार तो इस तरह से प्रेषित किए गए हैं जो यह संदेश देते हैं और ऐसा प्रतीत कराते हैं कि जैसे कर्ज देने वाले ने धमकी देकर या जबरन पैसा देकर सामने वाले को अपना कर्जदार बना लिया हो लगभग हर व्यक्ति को समाज में रहते हुए अनेक कठिनाइयों और विषमताओं से गुजरना पड़ता है,कभी आकस्मिक जरूरतें कभी व्यावसायिक आवश्यकता कभी बच्चों की शिक्षा,शादी ब्याह और कभी मेडिकल इमरजेंसी तब बैंक या सरकारी एजेंसी का मकड़जाल व औपचारिकताएं व्यक्ति को कोई तात्कालिक राहत नहीं दे पाते परिणामतः व्यक्ति के पास कोई विकल्प नहीं रह जाता और ऐसे ही वक्त पर काम आते हैं वह लोग जिन्हें समाज में सूदखोर का दर्जा दिया जाता है और समाज उनके प्रति नकारात्मक भाव रखता है ऐसी विषम परिस्थितियों में व्यापारियों का यही वर्ग व्यक्ति को राहत देता है,नियम व शर्तें तय होती हैं और कर्ज लेने वाले व्यक्ति के पास पूर्ण रूप से यह अधिकार सुरक्षित रहता है कि वह इस पेशकश को स्वीकार या अस्वीकार कर दे सत्य तो यह है कि जब हम अपनी आवश्यकता के लिए किसी के पास कर्ज मांगने जाते हैं तो प्राथमिक तौर पर वह आसानी से सहमत ही नहीं होता तब उसे तरह तरह से विश्वास दिलाया जाता है वादा किया जाता है गारंटी दी जाती है कि पैसा समय से लौटा दिया जाएगा अथवा समय से वह इस कर्ज के एवज में हर माह पैसों की भरपाई करेगा इसे ही सूदखोरी या ब्याज खोरी का तमगा समाज ने दिया हुआ है सत्य तो यह है कि लेने देने की इस व्यवस्था से ही सारा कारोबार संचालित है और आज तक ऐसा एक भी उदाहरण समाज में नहीं आया है कि किसी व्यापारी या व्यक्ति ने धमकी देकर या जबरन किसी को अपना कर्जदार बनाया हो सच तो यह है कि कर्ज देने वाले व्यक्ति को यह भी पता नहीं होता है कि अमुक व्यक्ति उस पैसे का उपयोग किन कार्यों के लिए कर रहा है वह किन अनैतिक कार्यों में पैसे का निवेश कर रहा है असल समस्या तो तब आती है जब कर्जदाता को समय से पैसा मिलना बंद हो जाता है या सामने वाला देने से ही मुकर जाता है तब स्वाभाविक रूप से तनाव निर्मित होता है एवं कर्जदाता अपना पैसा डूब जाने के भय से तकाजा करने लगता है और दबाव बढ़ाने लगता है और इसी की परिणीति कभी कभार अपना जीवन समाप्त करने के रूप में सामने आती है,और तब सारा दोष कर्ज देने वाले पर उड़ेल दिया जाता है,सूद खोर ब्याज खोर आदि उपाधि देकर भयंकर खलनायक की तरह समाज के सामने परोसने की अनवरत प्रक्रिया प्रारंभ हो जाती है,जहां तक कर्ज के बोझ से आत्महत्या की बात है तो हजारों लोग बैंक से कर्ज लेकर भी यह कदम उठा चुकें हैं और भविष्य में भी यह होता ही रहेगा यदि समाज को सही और गलत का फैसला देना ही है तो दोनों पक्षों को ध्यान में रखना चाहिए न कि एक पक्ष को मासूम व पीड़ित घोषित कर दूसरे पक्ष को खलनायक घोषित करने में ही अपनी सारी लेखनी उड़ेल देनी चाहिए,आत्महत्या करने की गुंजाइश और खतरा तो उसके लिए भी है जिसने अपना पैसा कर्ज देकर खो दिया है,फिलहाल तो नगर में ऐसा भय का वातावरण बन चुका है कि आज यदि किसी को आवश्यकता पड़ जाए या इमरजेंसी हो तो कोई किसी कीमत पर मदद करने को तैयार नहीं है भय का वातावरण निर्मित हो चुका है,थाना किरंदुल द्वारा दो व्यापारियों पर की गई कार्यवाही के बाद अफवाहों का बाजार भी गर्म है कोई कह रहा है कि किश्तों में कार्यवाही की जाएगी खैर पुलिस की कार्यवाही का तो पुलिस ही जाने किन्तु नगर में लोग एक दूसरे पर कार्यवाही करने में लगे हुए हैं,अफवाहों का बाजार अपने चरम पर है कोई दो व्यापारियों को जेल भेजने का क्रेडिट ले रहा है तो कोई और भी लोगों को निशाने पर लेने की बात कर रहा है,अब इन सब पर विराम कौन लगाएगा यह जनता ही तय करे
कर्ज दाता पर सारा दोष उड़ेल देना,अन्याय,पूरे कारोबार का आधार ही होता है आपसी लेन देन एक किसी एक पर कार्यवाही से फैल रहा है भय और अविश्वास का वातावरण कोई किसी की मदद के लिए तैयार नहीं हर एक,एक दूसरे को देख रहा है शक की नजर से रिपोर्ट/रवि सरकार वर्तमान में किरंदुल नगर का सबसे चर्चित और सनसनीखेज विषय है,सूदखोरी मतलब ब्याज में पैसा लगातार समाचार प्रसारित किए जा रहें हैं कर्ज दाता को खलनायक की तरह पेश किया जा रहा है और कर्ज लेने वाले को महा पीड़ित व मासूम की तरह,कुछ समाचार तो इस तरह से प्रेषित किए गए हैं जो यह संदेश देते हैं और ऐसा प्रतीत कराते हैं कि जैसे कर्ज देने वाले ने धमकी देकर या जबरन पैसा देकर सामने वाले को अपना कर्जदार बना लिया हो लगभग हर व्यक्ति को समाज में रहते हुए अनेक कठिनाइयों और विषमताओं से गुजरना पड़ता है,कभी आकस्मिक जरूरतें कभी व्यावसायिक आवश्यकता कभी बच्चों की शिक्षा,शादी ब्याह और कभी मेडिकल इमरजेंसी तब बैंक या सरकारी एजेंसी का मकड़जाल व औपचारिकताएं व्यक्ति को कोई तात्कालिक राहत नहीं दे पाते परिणामतः व्यक्ति के पास कोई विकल्प नहीं रह जाता और ऐसे ही वक्त पर काम आते हैं वह लोग जिन्हें समाज में सूदखोर का दर्जा दिया जाता है और समाज उनके प्रति नकारात्मक भाव रखता है ऐसी विषम परिस्थितियों में व्यापारियों का यही वर्ग व्यक्ति को राहत देता है,नियम व शर्तें तय होती हैं और कर्ज लेने वाले व्यक्ति के पास पूर्ण रूप से यह अधिकार सुरक्षित रहता है कि वह इस पेशकश को स्वीकार या अस्वीकार कर दे सत्य तो यह है कि जब हम अपनी आवश्यकता के लिए किसी के पास कर्ज मांगने जाते हैं तो प्राथमिक तौर पर वह आसानी से सहमत ही नहीं होता तब उसे तरह तरह से विश्वास दिलाया जाता है वादा किया जाता है गारंटी दी जाती है कि पैसा समय से लौटा दिया जाएगा अथवा समय से वह इस कर्ज के एवज में हर माह पैसों की भरपाई करेगा इसे ही सूदखोरी या ब्याज खोरी का तमगा समाज ने दिया हुआ है सत्य तो यह है कि लेने देने की इस व्यवस्था से ही सारा कारोबार संचालित है और आज तक ऐसा एक भी उदाहरण समाज में नहीं आया है कि किसी व्यापारी या व्यक्ति ने धमकी देकर या जबरन किसी को अपना कर्जदार बनाया हो सच तो यह है कि कर्ज देने वाले व्यक्ति को यह भी पता नहीं होता है कि अमुक व्यक्ति उस पैसे का उपयोग किन कार्यों के लिए कर रहा है वह किन अनैतिक कार्यों में पैसे का निवेश कर रहा है असल समस्या तो तब आती है जब कर्जदाता को समय से पैसा मिलना बंद हो जाता है या सामने वाला देने से ही मुकर जाता है तब स्वाभाविक रूप से तनाव निर्मित होता है एवं कर्जदाता अपना पैसा डूब जाने के भय से तकाजा करने लगता है और दबाव बढ़ाने लगता है और इसी की परिणीति कभी कभार अपना जीवन समाप्त करने के रूप में सामने आती है,और तब सारा दोष कर्ज देने वाले पर उड़ेल दिया जाता है,सूद खोर ब्याज खोर आदि उपाधि देकर भयंकर खलनायक की तरह समाज के सामने परोसने की अनवरत प्रक्रिया प्रारंभ हो जाती है,जहां तक कर्ज के बोझ से आत्महत्या की बात है तो हजारों लोग बैंक से कर्ज लेकर भी यह कदम उठा चुकें हैं और भविष्य में भी यह होता ही रहेगा यदि समाज को सही और गलत का फैसला देना ही है तो दोनों पक्षों को ध्यान में रखना चाहिए न कि एक पक्ष को मासूम व पीड़ित घोषित कर दूसरे पक्ष को खलनायक घोषित करने में ही अपनी सारी लेखनी उड़ेल देनी चाहिए,आत्महत्या करने की गुंजाइश और खतरा तो उसके लिए भी है जिसने अपना पैसा कर्ज देकर खो दिया है,फिलहाल तो नगर में ऐसा भय का वातावरण बन चुका है कि आज यदि किसी को आवश्यकता पड़ जाए या इमरजेंसी हो तो कोई किसी कीमत पर मदद करने को तैयार नहीं है भय का वातावरण निर्मित हो चुका है,थाना किरंदुल द्वारा दो व्यापारियों पर की गई कार्यवाही के बाद अफवाहों का बाजार भी गर्म है कोई कह रहा है कि किश्तों में कार्यवाही की जाएगी खैर पुलिस की कार्यवाही का तो पुलिस ही जाने किन्तु नगर में लोग एक दूसरे पर कार्यवाही करने में लगे हुए हैं,अफवाहों का बाजार अपने चरम पर है कोई दो व्यापारियों को जेल भेजने का क्रेडिट ले रहा है तो कोई और भी लोगों को निशाने पर लेने की बात कर रहा है,अब इन सब पर विराम कौन लगाएगा यह जनता ही तय करे
- Darbhanga mein senior vakil hue girftar case mein 😱1
- *04 से अधिक सशस्त्र नक्सलियों ने आज सुबह लांजी पुलिस थाने के देवरबेली चौकी में किया आत्मसमर्पण,आईजी बालाघाट संजय कुमार सिंह एंव पुलिस अधीक्षक बालाघाट आदित्य मिश्रा के नेतृत्व में सुरक्षा बलों को लगातार मिल रही है सफलता*1
- पाइल्स यानी बवासीर कितना भी पुराना हो या ब्लडी हो यह दर्द हो या मत हो किसी भी प्रकार का कोई भी समस्या हो बवासीर का तो बिल्कुल आप संपर्क कर सकते हो कवर्धा बस स्टैंड रमन मेडिकल के सामने प्रतिदिन सुबह 8:00 से लेकर रात्रि 8:00 बजे तक खुला रहती है स्थाई क्लिनिक1
- 18 वर्ष पूर्ण होते हैं यूवती ने प्रेमी संघ मंदिर में रचाई शादी परिजनों के समझाने के बाद भी नहीं माने यूवक यूवती चकरभाठा थाना क्षेत्र का मामला रविवार की रात 11:00 बजे चकरभाठा पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार रविवार की रात 9.50 बजे चकरभाटा थाना क्षेत्र की यूवती जिसकी उम्र शनिवार को 18 वर्ष पूर्ण होने पर उसने रविवार को गांव के ही प्रेमी जिसकी उम्र 23 वर्ष के करीब होगी उससे प्रेम विवाह कर लिया यह प्रेम विवाह दोनों ने मां महामाया मंदिर रतनपुर में किया लड़की पक्ष के परिजनों को जब इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने लड़की को बहुत समझाने का प्रयास किया क्योंकि उन्हें वह लड़का पसंद नहीं है लड़की पक्ष के लोगों का कहना है कि जिस लड़का से उनकी लड़की ने शादी रचाई है वह लड़का दिखने में सुंदर नहीं है साथ ही मवाली किसम का लड़का है जो चौक चौराहा में बैठकर गांजा बड़ी पिता रहता है इसलिए हमें वह लड़का पसंद नहीं है परिजनों ने लड़की को बहुत समझाने का प्रयास किया लेकिन लड़की अपने घर परिवार के साथ वापस जाने को राजी नहीं हुई इस संबंध में परिजन शिकायत लेकर थाना चकरभाटा पहुंचे जहां पुलिस कर्मियों ने भी लड़की और लड़के को समझने का प्रयास किया लेकिन दोनों नहीं माने चुकी लड़की का परिवार संपन्न हैं और उन्होंने अपने लड़की की शादी के कई ख्वाब देखे थे जिसे उनकी लड़की ने एक लड़के के प्रेम जाल में फंसकर शादी कर के पानी फेर दिया लड़की 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुकी है इसलिए अब वह बालिका यूवती की श्रेणी में आती है जिसे अब अपने जिंदगी का स्वयं निर्णय लेने का अधिकार प्राप्त हो चुका है वह अपना भला बुरा खुद सोच सकती हैं जिसका फायदा उठाते हुए यूवती ने अपने गांव के प्रेमी संग प्रेम विवाह कर लिया है और अंत में यूवती अपने प्रेमी युवक के साथ उसके घर चली गई क्योंकि यूवक मवाली किसम का हैं जो अपने घर के लोगों को डरा कर रखा हुआ है इसलिए युवक के घर के लोग भी यूवती को अपनाने से मना नहीं कर पाए इस घटना से एक चीज तो साफ है कि युवक युति दोनों को पता था कि अगर यूवती 18 वर्ष से पहले अपने प्रेमी संग भाग जाती तो उसके प्रेमी को नाबालिक बालिका को बहला फुसलाकर भगाकर ले जाकर बलात्कार के जुर्म में जेल की हवा खानी पड़ती इसलिए दोनों युवक यूवती ने समझदारी दिखाते हुए 18 वर्ष पूर्ण होने के अगले दिन प्रेम विवाह रचा ली अक्सर देखा जाता है कि नाबालिक बालिका जो अपने घर परिवार से परेशान होती है वह अपने प्रेमी को दबाव पूर्वक भागने को राजी कर लेते हैं और दोनों भाग जाते हैं लेकिन पकड़ने जाने के बाद यूवती तो अपने घर परिवार के साथ जिंदगी जी लेती है लेकिन युवक को जेल की हवा खानी पड़ती है. और उसे अपने किये पर पछताना पड़ता है1
- एक साधारण रेखा ने पूरे विश्व मानचित्र को एक खेलती हुई बिल्ली के रूप में बदल दिया। हैरानी की बात यह है कि ऑस्ट्रेलिया बिल्कुल ऐसे दिखाई देता है, जैसे बिल्ली उसके साथ गेंद की तरह खेल रही हो। यह दृश्य भ्रम दिखाता है कि रचनात्मकता कैसे सामान्य चीज़ों में भी अदृश्य पैटर्न सामने ला सकती है। नया दृष्टिकोण अक्सर दुनिया को बिल्कुल अलग तरीके से दिखाता है। कॉपीराइट नोट: यह वीडियो/दृश्य इसके मूल मालिकों का है और केवल शैक्षणिक एवं जानकारी साझा करने के उद्देश्य से प्रस्तुत किया गया है। #interestingfacts #viralreels #opticalillusion #worldmap #explorepage #trendingnow1
- *पटवारी कार्यालय बना सीमेंट गोदाम* लोकेशन -- बांकी/सिवनी संवाददाता - मोहित यादव जिला ब्यूरो चीफ़ सिवनी *9584667143* *ग्राम पंचायत बांकी में सरकारी कार्यालय में निर्माण सामग्री का भंडारण — ग्रामीणों में नाराज़गी बढ़ी* *सिवनी*।सिवनी जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत बांकी में इन दिनों एक अनोखी और चिंताजनक स्थिति सामने आई है। यहां का पटवारी कार्यालय हल्का क्रमांक 24, जो कि ग्रामीणों के राजस्व संबंधी कार्यों का प्रमुख केंद्र है, पिछले कई दिनों से सीमेंट गोदाम बनकर रह गया है।जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत भवन निर्माण कार्य के लिए लाई गई सीमेंट और अन्य निर्माण सामग्री को सीधे पटवारी कार्यालय में जमा कर दिया गया है। इससे न केवल कार्यालय की सामान्य कार्यप्रणाली प्रभावित हो रही है, बल्कि ग्रामीणों और अधिकारियों के बीच असंतोष का माहौल भी बन गया है।कई ग्रामीणों ने बताया कि राजस्व विभाग के दैनिक कामकाज में गंभीर बाधा उत्पन्न हो रही है। रिकॉर्ड रखने, भूमि संबंधित दस्तावेज तैयार कराने और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए आने वाले लोगों को असुविधा झेलनी पड़ रही है। कार्यालय में रखे सीमेंट के बोरे जगह घेरने के साथ-साथ कर्मचारियों के बैठने और काम करने की क्षमता पर भी असर डाल रहे हैं।स्थानीय लोग यह भी सवाल उठा रहे हैं कि जब पंचायत भवन निर्माण के लिए सामग्री लाई गई, तो उसे सुरक्षित और निर्धारित स्थान पर रखने के बजाय सरकारी कार्यालय का उपयोग क्यों किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह की लापरवाही से सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुँचने का खतरा भी है तथा विभागीय कार्यकुशलता पर भी नकारात्मक असर पड़ रहा है ।ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि निर्माण सामग्री को तत्काल हटाकर पटवारी कार्यालय को सामान्य स्थिति में बहाल किया जाए, ताकि राजस्व सेवाओं में प्रभावित हो रही बाधाओं को दूर किया जा सके। स्थानीय लोग उम्मीद कर रहे हैं कि संबंधित विभाग शीघ्र कार्रवाई कर स्थिति को सुचारू करेगा।1
- सरकारी पोर्टल की गड़बड़ी बनी जानलेवा! टोकन नहीं कट पाने से परेशान किसान ने आत्महत्या का प्रयास किया। किसानों की समस्याएँ कौन सुनेगा? #किसान #TokenProblem #SystemFail1
- Congress Ne dekha chai bechne wale Modi ko pakad liya range hath social media per Kiya upload 😱😱😱 share video 😱1
- इन्ही फारेस्ट गार्ड ने 10 ईनामी नक्सलियों से करवाया सशस्त्र आत्मसर्मपण सुनिये नक्सलियों के आत्मसर्मपण की पूरी कहानी,फारेस्टर की जुबानी*1