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रामप्रसाद धनगर गुर्जर ने मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले के शामगढ़ से अपनी खास रिपोर्ट प्रस्तुत की है। यह रिपोर्ट रामप्रसाद धनगर गुर्जर द्वारा तैयार की गई है।
Ramprasad dhangar
रामप्रसाद धनगर गुर्जर ने मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले के शामगढ़ से अपनी खास रिपोर्ट प्रस्तुत की है। यह रिपोर्ट रामप्रसाद धनगर गुर्जर द्वारा तैयार की गई है।
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- लखनऊ में हुए अग्निकांड से जुड़ी एक झकझोर देने वाली कहानी सामने आई है। इस घटना को लेकर एक चश्मदीद ने कुछ अहम खुलासे किए हैं, जिनसे मामले की कई परतें खुलने की उम्मीद है।1
- आगर मालवा जिले के सुसनेर में माहेश्वरी समाज द्वारा महेश नवमी का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर, समाज के सदस्यों ने राधा दामोदर मंदिर से एक भव्य शोभायात्रा निकाली, जो पर्व के पारंपरिक उल्लास का प्रतीक थी।1
- मध्य प्रदेश हेड ब्यूरो मंगल देव राठौर की एक खास रिपोर्ट में लोगों से एक 'एकदम मस्त वीडियो' देखने का आग्रह किया गया है। इस रिपोर्ट के अनुसार, असल में बहू ही परिवार का अभिमान, स्वाभिमान और मालकिन होती है।1
- अगर मालवा जिले के सुसनेर में मां कलिका मंदिर का स्थापना दिवस बड़े ही धूमधाम से मनाया गया। इस विशेष अवसर पर दक्ष प्रजापति आर्मी संगठन के पदाधिकारियों का भव्य स्वागत किया गया, जिससे कार्यक्रम में उत्साह का माहौल बन गया।1
- राजस्थान के कोटा जिले के खैराबाद स्थित कुरैशी मोहल्ले में, मोहर्रम के पवित्र महीने के अवसर पर दलीम तैयार कर उसका वितरण किया गया।1
- मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में स्थित तोलाखेड़ी चंदवासा से रामप्रसाद धनगर गुर्जर का उल्लेख किया गया है।1
- मध्य प्रदेश हेड ब्यूरो मंगल देव राठौर की एक खास रिपोर्ट के मुताबिक, इंदौर के शिशुकुंज स्कूल में सैकड़ों बच्चे अचानक बीमार पड़ गए हैं। इस घटना की जानकारी मिलते ही अभिभावक बड़ी संख्या में स्कूल पहुँच गए।1
- झालावाड़ शहर में नेशनल हाईवे-52 पर कृषि विज्ञान केंद्र से सहकार भवन, झालरापाटन रोड तक सड़क किनारे बने नालों की टूटी और खुली स्लैबें राहगीरों के लिए लगातार गंभीर खतरा बनी हुई हैं। कई स्थानों पर स्लैब अपनी जगह से खिसकी हुई हैं, जिससे नाले का बड़ा हिस्सा खुला पड़ा है और किसी भी वक्त गंभीर हादसा होने की आशंका बनी रहती है। यह स्थिति पैदल चलने वाले लोगों, दोपहिया वाहन चालकों और बुजुर्गों के लिए बेहद जोखिमपूर्ण है, खासकर यह देखते हुए कि यह मार्ग शहर के प्रमुख और व्यस्त मार्गों में से एक है जहां दिनभर लोगों और वाहनों की आवाजाही रहती है। शहर के निर्भय सिंह सर्किल पर इसी तरह के एक खुले नाले के कारण कुछ वर्ष पहले एक युवक की दर्दनाक मौत भी हो चुकी है। इस गंभीर घटना के बावजूद, समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि हादसे के बाद भी संबंधित विभाग ने पर्याप्त सुरक्षा उपाय नहीं किए, जिससे कई स्थानों पर अभी भी सीमेंट की स्लैब टूटकर झुक गई हैं और नाले का हिस्सा पूरी तरह खुला है। नागरिकों ने आशंका जताई है कि यदि खुले नालों की जल्द मरम्मत नहीं की गई तो फिर कोई और हादसा हो सकता है। इसे देखते हुए, लोगों ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, नगर परिषद और अन्य संबंधित विभागों से तत्काल मांग की है कि इन खुले नालों की मरम्मत कर मजबूत स्लैब लगाई जाएं, साथ ही चेतावनी बोर्ड और सुरक्षा बैरिकेड भी लगाए जाएं।1