गुरु पूर्णिमा पर रामनगरी में उमड़ा आस्था का सैलाब, लाखों श्रद्धालुओं ने किए दर्शन-पूजन अयोध्या। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर रामनगरी अयोध्या श्रद्धा और भक्ति के रंग में सराबोर नजर आई। सुबह से ही श्रीराम जन्मभूमि, हनुमानगढ़ी, कनक भवन, नागेश्वरनाथ सहित प्रमुख मंदिरों में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे लाखों श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीराम, माता सीता, बजरंगबली एवं अपने आराध्य देवों के दर्शन-पूजन कर सुख, समृद्धि और मंगल की कामना की। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर श्रद्धालुओं ने अपने गुरुजनों का पूजन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। विभिन्न आश्रमों, मठों एवं धार्मिक संस्थानों में गुरु वंदना, सत्संग, भजन-कीर्तन तथा धार्मिक प्रवचनों का आयोजन किया गया। संत-महात्माओं ने गुरु के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गुरु ही वह मार्गदर्शक हैं जो मनुष्य को अज्ञान के अंधकार से निकालकर ज्ञान और सत्य के पथ पर अग्रसर करते हैं। पूरे दिन रामनगरी के घाटों, मंदिरों और प्रमुख मार्गों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस एवं प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। यातायात संचालन, भीड़ प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए गए। गुरु पूर्णिमा के इस पावन पर्व पर रामनगरी में भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला, जिससे अयोध्या का धार्मिक वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो उठा।
गुरु पूर्णिमा पर रामनगरी में उमड़ा आस्था का सैलाब, लाखों श्रद्धालुओं ने किए दर्शन-पूजन अयोध्या। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर रामनगरी अयोध्या श्रद्धा और भक्ति के रंग में सराबोर नजर आई। सुबह से ही श्रीराम जन्मभूमि, हनुमानगढ़ी, कनक भवन, नागेश्वरनाथ सहित प्रमुख मंदिरों में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे लाखों श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीराम, माता सीता, बजरंगबली एवं अपने आराध्य देवों के दर्शन-पूजन कर सुख, समृद्धि और मंगल की कामना की। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर श्रद्धालुओं ने अपने गुरुजनों का पूजन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। विभिन्न आश्रमों, मठों एवं धार्मिक संस्थानों में गुरु वंदना, सत्संग, भजन-कीर्तन तथा धार्मिक प्रवचनों का आयोजन किया गया। संत-महात्माओं ने गुरु के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गुरु ही वह मार्गदर्शक हैं जो मनुष्य को अज्ञान के अंधकार से निकालकर ज्ञान और सत्य के पथ पर अग्रसर करते हैं। पूरे दिन रामनगरी के घाटों, मंदिरों और प्रमुख मार्गों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस एवं प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। यातायात संचालन, भीड़ प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए गए। गुरु पूर्णिमा के इस पावन पर्व पर रामनगरी में भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला, जिससे अयोध्या का धार्मिक वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो उठा।
- आज अयोध्या जिला में अंधाधुन बारिश हुई है और मौसम ठण्डक आनंद मय रहा बाराबांकी जिला में बिलकुल भी बारिश नहीं हुई है रिपोर्टिंग Lal Chand Soni।। ।।आज सुबह टाइम्स टीम लखनऊ ।।। आज अयोध्या जिला में अंधाधुन बारिश हुई है और मौसम ठण्डक आनंद मय रहा बाराबांकी जिला में बिलकुल भी बारिश नहीं हुई है रिपोर्टिंग Lal Chand Soni।। ।।आज सुबह टाइम्स टीम लखनऊ ।।।1
- 2 मीटर की सरकारी नाली आखिर 7 मीटर चौड़ी कैसे बनी "तहसील की पैमाइश पर उठे बड़े सवाल, बुजुर्ग किसान ने लेखपाल-कानूनगो पर लगाए गंभीर आरोप? (#बीकापुर अयोध्या) जनपद की चर्चित बीकापुर तहसील एक बार फिर सवालों के घेरे में इस बार मामला सरकारी नाली से जुड़ा है। जहां एक बुजुर्ग किसान ने राजस्व विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि महज 2 मीटर चौड़ी सरकारी नाली को कागजों में 7 मीटर चौड़ी दिखाकर उसकी जमीन हड़पने की कोशिश की जा रही है। मामला ग्राम पंचायत हथिगो, मजरे पूरे राम आनंद राय का है। जहां के पीड़ित हौसला प्रसाद राय, पुत्र स्वर्गीय राम दुलारे राय ने अपने ज्येष्ठ पुत्र के साथ पत्रकारों के सामने अपनी पीड़ा बयां करते हुए कहा कि वह कई महीनों से तहसील के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन न्याय मिलने के बजाय उन पर ही दबाव बनाया जा रहा है। पीड़ित का आरोप है कि विपक्षी राघव राम शुक्ला ,पूरे पराग मिश्र हथिगो को लाभ पहुंचाने के लिए लेखपाल और कानूनगो की कथित मिली भगत से अब तक तीन बार पैमाइश कराई गई। निशान देही के नाम पर कथित रूप से खूंटे भी गाड़ दिए गए, जबकि मौके पर मौजूद सरकारी नाली की वास्तविक चौड़ाई सिर्फ 2 मीटर है। सबसे चौंकाने वाला आरोप यह है कि 25 मई 2026 को लेखपाल द्वारा भेजी गई रिपोर्ट में क्षेत्रफल का हवाला देकर 2 मीटर की नाली को 7 मीटर चौड़ा मान लिया गया। पीड़ित का कहना है कि यदि इसी आधार पर पैमाइश की गई तो उसकी बहुमूल्य कृषि भूमि का बड़ा हिस्सा चला जाएगा और विपक्षी को सीधा फायदा मिलेगा। अब सवाल यह उठता है कि जब सरकारी नाली नक्शे में 2 मीटर की है, तो आखिर 7 मीटर चौड़ाई किस नियम और किस आधार पर तय कर दी गई ? क्या यह महज तकनीकी भूल है या फिर किसी को लाभ पहुंचाने के लिए सरकारी अभिलेखों से खेल किया जा रहा है? पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि तहसील और पुलिस प्रशासन की ओर से लगातार उन पर दबाव बनाया जा रहा है, जबकि उनकी शिकायतों पर निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हो रही। अब निगाहें तहसील प्रशासन और जिला प्रशासन पर टिकी हैं। क्या पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होगी? क्या पैमाइश में गड़बड़ी करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होगी? या फिर एक बुजुर्ग किसान न्याय के लिए यूं ही दफ्तरों की चौखट नापता रहेगा? यदि लगाए गए आरोपों में सच्चाई पाई जाती है, तो यह मामला केवल एक किसान की जमीन का नहीं, बल्कि राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली और पारदर्शिता पर भी बड़ा सवाल खड़ा करता है। ब्यूरो रिपोर्ट4
- ये देश के सामने संवैधानिक मुसीबत खड़ी करना चाहते हैसुप्रीम कोर्ट से भी बड़े हो गए हैं1
- प्रभारी उपनिदेशक फायर सर्विस परिक्षेत्र लखनऊ /अयोध्या एम पी सिंह से खास मुलाकात अयोध्या।सावन मेला एवं कांवड़ यात्रा के दौरान हजारों की संख्या में सावन मेले व कावड़िये व श्रद्धालु अयोध्या आते है।इस दौरान श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी ना हो इसके लिए कमिश्नर राजेश कुमार डीआईजी सोमेन वर्मा डीएम शशांक त्रिपाठी एसएसपी डॉक्टर गौरव ग्रोवर बैठक कर संबंधित अधिकारियों को दिशा निर्देश दे रहे हैं।वही श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर अग्निशमन विभाग ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं।यह जानकारी देते हुए प्रभारी उपनिदेशक फायर सर्विस परिक्षेत्र लखनऊ/अयोध्या एमपी सिंह ने बताया कि सावन झूला 15 अगस्त से शुरू हो रहा है और 28 अगस्त को खत्म होगा।सावन मेला और कावड़ और कांवड़ यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की अग्नि दुर्घटना से बचाव के लिए विशेष सतर्कता बरतना अत्यंत आवश्यक है।बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रमुख स्थलों पर टेंट,मेला आयोजकों, मंदिर समितियों से अपील करते हुए कहा कि सभी अस्थायी टेंट अग्निशमन सुरक्षा मानकों के अनुरूप ही लगाए जाएं।टेंट में खुले या लटकते बिजली के तारों का प्रयोग न करें तथा घटिया या ओवरलोड विद्युत उपकरणों से बचें।उन्होंने कहा कि टेंट की संरचना में लोहे की रॉड के स्थान पर सुरक्षित एवं मानक सामग्री का उपयोग किया जाए।कहा कि भी कहा कि गैस सिलेंडर, जनरेटर एवं ज्वलनशील पदार्थों का उपयोग पूरी सावधानी के साथ करें।टेंटों में अग्निशमन यंत्र एवं पानी की पर्याप्त व्यवस्था अवश्य रखें तथा आपातकालीन निकास मार्ग हमेशा खुला रखें।1
- गांव की समस्या को लेकर पीड़ित ने CM पोर्टल पर चार बार की शिकायत फर्जी आख्या लगाकर अधिकारी कर रहे गुमराह आज तक नहीं हुआ निस्तारण चार बार मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत, फिर भी नहीं टूटी चुप्पी, अलग-अलग आख्या लगाकर निस्तारण, पीथीपुर के ग्रामीण आज भी जलभराव से बेहाल प्रतापगढ़। कुंडा तहसील के बिहार विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत पीथीपुर में जल निकासी की गंभीर समस्या लंबे समय से ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। आरोप है कि सड़क के नीचे लगी जल निकासी पाइप पूरी तरह क्षतिग्रस्त होने के कारण कई महीनों से सड़क पर गंदा पानी जमा रहता है। इससे मार्ग कीचड़ में तब्दील हो गया है और स्कूली बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों सहित राहगीरों को रोजाना भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि कई लोग फिसलकर चोटिल भी हो चुके हैं, जबकि जलभराव के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ने से डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा भी मंडरा रहा है। गांव निवासी एवं शिकायतकर्ता नितिन द्विवेदी का आरोप है कि उन्होंने पहले ग्राम प्रधान और स्थानीय अधिकारियों से कई बार समस्या के समाधान की मांग की, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर चार बार शिकायत दर्ज कराई। उपलब्ध शिकायत संख्या 40017325037205, 40017325014674 और 92617300024214 सहित अन्य शिकायतों के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि प्रत्येक बार अलग-अलग आख्या लगाकर शिकायतों का निस्तारण कर दिया गया, जबकि मौके पर आज भी टूटी पाइप, जलभराव और गंदगी की स्थिति जस की तस बनी हुई है। इससे ग्रामीणों में प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर असंतोष बढ़ता जा रहा है। उनका कहना है कि यदि वास्तविक स्थिति का निष्पक्ष निरीक्षण कराया जाए तो सच्चाई स्वतः सामने आ जाएगी। ग्रामीणों ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, मौके का सत्यापन कराया जाए और यदि बिना समाधान के शिकायतों का निस्तारण किया गया है तो जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाए, ताकि पीथीपुर के लोगों को वर्षों पुरानी इस समस्या से स्थायी राहत मिल सके।2
- कानपुर में वलीमा समारोह में हाईवोल्टेज ड्रामा! पहली पत्नी पुलिस लेकर पहुंची, दूल्हे को बताया अपना पति कानपुर में एक वलीमा समारोह उस समय हंगामे में बदल गया, जब एक महिला पुलिस के साथ शादी समारोह में पहुंची और दूल्हे को अपना पति बताते हुए दावा किया कि उनका अब तक कानूनी तौर पर तलाक नहीं हुआ है। महिला ने आरोप लगाया कि उसके पति ने पहली शादी समाप्त किए बिना दूसरी शादी कर ली। समारोह में मौजूद लोगों के सामने हुई इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में जानिए पूरा मामला, पहली पत्नी के आरोप, दूसरी शादी को लेकर उठे कानूनी सवाल, पुलिस की कार्रवाई और पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी। आखिर पुलिस ने इस मामले पर क्या कहा और आगे क्या कार्रवाई हो सकती है? पूरी रिपोर्ट देखें और अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं। #Kanpur #KanpurNews #Walima #SecondMarriage #BreakingNews #UPNews #Police #ViralVideo #MarriageDispute #FirstWife #Nikah #HindiNews #LatestNews #UttarPradesh #E24 #NewsUpdate #TrendingNews #Viral #MarriageControversy #LawNews1
- अयोध्या *पहली बारिश में ही बेनकाब हुआ करोड़ों का राम पथ, सड़क पर बहा नालियों का पानी,श्रद्धालु गंदे पानी से गुजरने को मजबूर* अयोध्या में हल्की बारिश ने ही नगर निगम की तैयारियों और करोड़ों रुपये की लागत से बने राम पथ की हकीकत कर दी उजागर बारिश के बाद राम पथ के कई हिस्सों में हुआ जलभराव जगह सीवर चोक होने से नालियों का गंदा पानी सड़कों पर लगा बहने हालात ऐसे हैं कि रामलला के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को गंदे पानी के बीच से होकर गुजरने को मजबूर हर साल बरसात में यही स्थिति बनती है, लेकिन स्थायी समाधान के नाम पर अब तक सिर्फ किए गए दावे करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद ड्रेनेज व्यवस्था सवालों के घेरे में धार्मिक नगरी की प्रमुख सड़क का यह हाल व्यवस्था पर गंभीर सवाल करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद आखिर राम पथ की जल निकासी व्यवस्था इतनी लचर क्यों अयोध्या *पहली बारिश में ही बेनकाब हुआ करोड़ों का राम पथ, सड़क पर बहा नालियों का पानी,श्रद्धालु गंदे पानी से गुजरने को मजबूर* अयोध्या में हल्की बारिश ने ही नगर निगम की तैयारियों और करोड़ों रुपये की लागत से बने राम पथ की हकीकत कर दी उजागर बारिश के बाद राम पथ के कई हिस्सों में हुआ जलभराव जगह सीवर चोक होने से नालियों का गंदा पानी सड़कों पर लगा बहने हालात ऐसे हैं कि रामलला के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को गंदे पानी के बीच से होकर गुजरने को मजबूर हर साल बरसात में यही स्थिति बनती है, लेकिन स्थायी समाधान के नाम पर अब तक सिर्फ किए गए दावे करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद ड्रेनेज व्यवस्था सवालों के घेरे में धार्मिक नगरी की प्रमुख सड़क का यह हाल व्यवस्था पर गंभीर सवाल करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद आखिर राम पथ की जल निकासी व्यवस्था इतनी लचर क्यों1
- (#रामनगरी अयोध्या) प्रेस वार्ता में राष्ट्रीय अध्यक्ष ने सरकार की नीतियों पर साधा निशाना, संसद घेराव और राम मंदिर प्रकरण को लेकर भी रखी बात अखंड हिन्दू राष्ट्र मोर्चा ने आज मंगलवार को आयोजित प्रेस वार्ता में केंद्र सरकार और भाजपा की नीतियों पर तीखा हमला बोलते हुए कई गंभीर सवाल उठाए। राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. गंगाराम तिवारी ने आरोप लगाया कि देश के ज्वलंत मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए नए-नए विवाद खड़े किए जा रहे हैं, जबकि भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और जनहित से जुड़े मुद्दों की अनदेखी हो रही है। प्रेस वार्ता के दौरान डॉ. तिवारी ने राम मंदिर से जुड़े विवाद, कथित भ्रष्टाचार, संसद घेराव के आह्वान तथा केंद्र सरकार की कार्यप्रणाली पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सरकार को जनता के मूलभूत मुद्दों पर जवाब देना चाहिए, न कि राजनीतिक घटनाक्रमों के जरिए जनभावनाओं को प्रभावित करने का प्रयास करना चाहिए। मोर्चा ने आगामी राजनीतिक घटनाओं को लेकर भी अपनी चिंता जाहिर करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता की आवाज़ को दबाने के बजाय उसे सुना जाना चाहिए। संगठन ने अपने समर्थकों से जनहित के मुद्दों पर एकजुट होकर आवाज़ बुलंद करने की अपील भी की। ब्यूरो रिपोर्ट1
- अयोध्या (कोतवाली अयोध्या) बच्ची की मृत्यु के बाद पोस्टमार्टम के बाद आई बच्ची के शव के बाद जनता का हंगामा लगे पुलिस मुर्दाबाद के नारे आखिर क्यों नहीं दर्ज हुआ मुक़दमा गिरफ्तारी की मांग घटना के बाद नशे की हालत में पकड़ा गया था ड्राइवर और गाड़ी कोतवाली अयोध्या के रानोपाली चौकी अंतर्गत भीखापुर का मामला अयोध्या (कोतवाली अयोध्या) बच्ची की मृत्यु के बाद पोस्टमार्टम के बाद आई बच्ची के शव के बाद जनता का हंगामा लगे पुलिस मुर्दाबाद के नारे आखिर क्यों नहीं दर्ज हुआ मुक़दमा गिरफ्तारी की मांग घटना के बाद नशे की हालत में पकड़ा गया था ड्राइवर और गाड़ी कोतवाली अयोध्या के रानोपाली चौकी अंतर्गत भीखापुर का मामला1