logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

कानपुर में वलीमा समारोह में हाईवोल्टेज ड्रामा! पहली पत्नी पुलिस लेकर पहुंची, दूल्हे को बताया अपना पति कानपुर में एक वलीमा समारोह उस समय हंगामे में बदल गया, जब एक महिला पुलिस के साथ शादी समारोह में पहुंची और दूल्हे को अपना पति बताते हुए दावा किया कि उनका अब तक कानूनी तौर पर तलाक नहीं हुआ है। महिला ने आरोप लगाया कि उसके पति ने पहली शादी समाप्त किए बिना दूसरी शादी कर ली। समारोह में मौजूद लोगों के सामने हुई इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में जानिए पूरा मामला, पहली पत्नी के आरोप, दूसरी शादी को लेकर उठे कानूनी सवाल, पुलिस की कार्रवाई और पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी। आखिर पुलिस ने इस मामले पर क्या कहा और आगे क्या कार्रवाई हो सकती है? पूरी रिपोर्ट देखें और अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं। #Kanpur #KanpurNews #Walima #SecondMarriage #BreakingNews #UPNews #Police #ViralVideo #MarriageDispute #FirstWife #Nikah #HindiNews #LatestNews #UttarPradesh #E24 #NewsUpdate #TrendingNews #Viral #MarriageControversy #LawNews

4 hrs ago
user_"India Vision 24*7 News
"India Vision 24*7 News
Local News Reporter गोंडा, गोंडा, उत्तर प्रदेश•
4 hrs ago

कानपुर में वलीमा समारोह में हाईवोल्टेज ड्रामा! पहली पत्नी पुलिस लेकर पहुंची, दूल्हे को बताया अपना पति कानपुर में एक वलीमा समारोह उस समय हंगामे में बदल गया, जब एक महिला पुलिस के साथ शादी समारोह में पहुंची और दूल्हे को अपना पति बताते हुए दावा किया कि उनका अब तक कानूनी तौर पर तलाक नहीं हुआ है। महिला ने आरोप लगाया कि उसके पति ने पहली शादी समाप्त किए बिना दूसरी शादी कर ली। समारोह में मौजूद लोगों के सामने हुई इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में जानिए पूरा मामला, पहली पत्नी के आरोप, दूसरी शादी को लेकर उठे कानूनी सवाल, पुलिस की कार्रवाई और पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी। आखिर पुलिस ने इस मामले पर क्या कहा और आगे क्या कार्रवाई हो सकती है? पूरी रिपोर्ट देखें और अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं। #Kanpur #KanpurNews #Walima #SecondMarriage #BreakingNews #UPNews #Police #ViralVideo #MarriageDispute #FirstWife #Nikah #HindiNews #LatestNews #UttarPradesh #E24 #NewsUpdate #TrendingNews #Viral #MarriageControversy #LawNews

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • गुरु पूर्णिमा पर रामनगरी में उमड़ा आस्था का सैलाब, लाखों श्रद्धालुओं ने किए दर्शन-पूजन अयोध्या। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर रामनगरी अयोध्या श्रद्धा और भक्ति के रंग में सराबोर नजर आई। सुबह से ही श्रीराम जन्मभूमि, हनुमानगढ़ी, कनक भवन, नागेश्वरनाथ सहित प्रमुख मंदिरों में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे लाखों श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीराम, माता सीता, बजरंगबली एवं अपने आराध्य देवों के दर्शन-पूजन कर सुख, समृद्धि और मंगल की कामना की। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर श्रद्धालुओं ने अपने गुरुजनों का पूजन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। विभिन्न आश्रमों, मठों एवं धार्मिक संस्थानों में गुरु वंदना, सत्संग, भजन-कीर्तन तथा धार्मिक प्रवचनों का आयोजन किया गया। संत-महात्माओं ने गुरु के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गुरु ही वह मार्गदर्शक हैं जो मनुष्य को अज्ञान के अंधकार से निकालकर ज्ञान और सत्य के पथ पर अग्रसर करते हैं। पूरे दिन रामनगरी के घाटों, मंदिरों और प्रमुख मार्गों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस एवं प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। यातायात संचालन, भीड़ प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए गए। गुरु पूर्णिमा के इस पावन पर्व पर रामनगरी में भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला, जिससे अयोध्या का धार्मिक वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो उठा।
    1
    गुरु पूर्णिमा पर रामनगरी में उमड़ा आस्था का सैलाब, लाखों श्रद्धालुओं ने किए दर्शन-पूजन
अयोध्या। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर रामनगरी अयोध्या श्रद्धा और भक्ति के रंग में सराबोर नजर आई। सुबह से ही श्रीराम जन्मभूमि, हनुमानगढ़ी, कनक भवन, नागेश्वरनाथ सहित प्रमुख मंदिरों में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे लाखों श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीराम, माता सीता, बजरंगबली एवं अपने आराध्य देवों के दर्शन-पूजन कर सुख, समृद्धि और मंगल की कामना की।
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर श्रद्धालुओं ने अपने गुरुजनों का पूजन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। विभिन्न आश्रमों, मठों एवं धार्मिक संस्थानों में गुरु वंदना, सत्संग, भजन-कीर्तन तथा धार्मिक प्रवचनों का आयोजन किया गया। संत-महात्माओं ने गुरु के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गुरु ही वह मार्गदर्शक हैं जो मनुष्य को अज्ञान के अंधकार से निकालकर ज्ञान और सत्य के पथ पर अग्रसर करते हैं।
पूरे दिन रामनगरी के घाटों, मंदिरों और प्रमुख मार्गों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस एवं प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। यातायात संचालन, भीड़ प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए गए।
गुरु पूर्णिमा के इस पावन पर्व पर रामनगरी में भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला, जिससे अयोध्या का धार्मिक वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो उठा।
    user_पत्रकार एडवोकेट संजय प्रजापति
    पत्रकार एडवोकेट संजय प्रजापति
    Lawyer तरबगंज, गोंडा, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • खाद्यपदार्थ पर एक्सपायरी डेट को लेकर हो रहा बड़ा खेल, वीडियो वायरल : गोण्डा गोण्डा : खाद्यपदार्थ पर एक्सपायरी डेट को लेकर हो रहा बड़ा खेल, वीडियो वायरल वीडियो ने उठाए खाद्य सुरक्षा अधिकारियों पर गंभीर सवाल, अधिकारियों को पुष्टि का इंतजार संघाई एजेंसी नवीन गल्ला मंडी रोड, मोहिनी कृषि यंत्र के पास खाने-पीने की वस्तुओं पर एक्सपायरी डेट बदलकर बेचने का बड़ा दावा
    1
    खाद्यपदार्थ पर एक्सपायरी  डेट को लेकर हो रहा बड़ा खेल, वीडियो वायरल : गोण्डा
गोण्डा  : खाद्यपदार्थ पर एक्सपायरी  डेट को लेकर हो रहा बड़ा खेल, वीडियो वायरल 
वीडियो ने उठाए खाद्य सुरक्षा अधिकारियों पर गंभीर सवाल, अधिकारियों को पुष्टि का इंतजार
संघाई एजेंसी नवीन गल्ला मंडी रोड, मोहिनी कृषि यंत्र के पास खाने-पीने की वस्तुओं  पर एक्सपायरी डेट बदलकर बेचने का बड़ा दावा
    user_आकाश कुमार सोनी
    आकाश कुमार सोनी
    Salesperson गोंडा, गोंडा, उत्तर प्रदेश•
    18 hrs ago
  • आस्था और श्रद्धा के महासागर में डूबी रामनगरी, गुरु पूर्णिमा पर सरयू तट से मंदिरों तक उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब। मोनू अयोध्या। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की पावन नगरी अयोध्या में गुरु पूर्णिमा का पावन पर्व बुधवार को श्रद्धा, भक्ति और सनातन परंपरा की गरिमा के साथ मनाया गया। ब्रह्ममुहूर्त से ही रामनगरी का वातावरण आध्यात्मिक उल्लास से सराबोर हो उठा। हजारों श्रद्धालु पवित्र सरयू नदी के घाटों पर पहुंचे और विधि-विधान से स्नान कर दान-पुण्य किया। हर-हर महादेव और जय श्रीराम के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।सरयू स्नान के उपरांत श्रद्धालुओं ने श्रीराम जन्मभूमि, हनुमानगढ़ी, कनक भवन सहित विभिन्न मंदिरों और आश्रमों में दर्शन-पूजन कर अपने परिवार की सुख-समृद्धि और लोककल्याण की कामना की। नगर के मठों, मंदिरों और आश्रमों में दिनभर भजन-कीर्तन, सत्संग, वेदपाठ, हवन और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन होता रहा, जिससे पूरी रामनगरी आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत दिखाई दी। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर शिष्यों ने अपने गुरुजनों का पूजन-अर्चन कर उनके चरण पखारे तथा पुष्प, फल, वस्त्र और दक्षिणा अर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त किया।संत-महात्माओं ने अपने प्रवचनों में गुरु की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि गुरु ही अज्ञान रूपी अंधकार को दूर कर ज्ञान का प्रकाश प्रदान करते हैं। सनातन संस्कृति में गुरु को ईश्वर से भी श्रेष्ठ स्थान दिया गया है, क्योंकि गुरु ही जीव को सत्य और मोक्ष का मार्ग दिखाते हैं।महंतों और संतों ने बताया कि गुरु पूर्णिमा के दिन पवित्र नदियों में स्नान, दान, जप-तप और गुरु सेवा का विशेष महत्व है। इस दिन किए गए पुण्य कर्मों का फल कई गुना बढ़कर प्राप्त होता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से गुरु के बताए मार्ग पर चलकर धर्म, सत्य और मानव सेवा का पालन करने का संदेश दिया।धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गुरु पूर्णिमा महर्षि वेदव्यास की जयंती के रूप में भी मनाई जाती है। महर्षि वेदव्यास ने वेदों का विभाजन, महाभारत की रचना तथा अनेकों पुराणों की रचना कर सनातन ज्ञान परंपरा को समृद्ध किया। इसी कारण इस दिन उन्हें आदिगुरु के रूप में स्मरण कर श्रद्धापूर्वक नमन किया जाता है।गुरु पूर्णिमा के अवसर पर अयोध्या की धर्मनगरी एक बार फिर भक्ति, श्रद्धा और गुरु-शिष्य परंपरा की अनुपम छटा से आलोकित दिखाई दी। श्रद्धालुओं ने गुरु कृपा और भगवान श्रीराम का आशीर्वाद प्राप्त कर अपने जीवन में सुख, शांति और आध्यात्मिक उन्नति की कामना की।
    4
    आस्था और श्रद्धा के महासागर में डूबी रामनगरी, गुरु पूर्णिमा पर सरयू तट से मंदिरों तक उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब।
मोनू 
अयोध्या।
मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की पावन नगरी अयोध्या में गुरु पूर्णिमा का पावन पर्व बुधवार को श्रद्धा, भक्ति और सनातन परंपरा की गरिमा के साथ मनाया गया। ब्रह्ममुहूर्त से ही रामनगरी का वातावरण आध्यात्मिक उल्लास से सराबोर हो उठा। हजारों श्रद्धालु पवित्र सरयू नदी के घाटों पर पहुंचे और विधि-विधान से स्नान कर दान-पुण्य किया। हर-हर महादेव और जय श्रीराम के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।सरयू स्नान के उपरांत श्रद्धालुओं ने श्रीराम जन्मभूमि, हनुमानगढ़ी, कनक भवन सहित विभिन्न मंदिरों और आश्रमों में दर्शन-पूजन कर अपने परिवार की सुख-समृद्धि और लोककल्याण की कामना की। नगर के मठों, मंदिरों और आश्रमों में दिनभर भजन-कीर्तन, सत्संग, वेदपाठ, हवन और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन होता रहा, जिससे पूरी रामनगरी आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत दिखाई दी। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर शिष्यों ने अपने गुरुजनों का पूजन-अर्चन कर उनके चरण पखारे तथा पुष्प, फल, वस्त्र और दक्षिणा अर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त किया।संत-महात्माओं ने अपने प्रवचनों में गुरु की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि गुरु ही अज्ञान रूपी अंधकार को दूर कर ज्ञान का प्रकाश प्रदान करते हैं। सनातन संस्कृति में गुरु को ईश्वर से भी श्रेष्ठ स्थान दिया गया है, क्योंकि गुरु ही जीव को सत्य और मोक्ष का मार्ग दिखाते हैं।महंतों और संतों ने बताया कि गुरु पूर्णिमा के दिन पवित्र नदियों में स्नान, दान, जप-तप और गुरु सेवा का विशेष महत्व है। इस दिन किए गए पुण्य कर्मों का फल कई गुना बढ़कर प्राप्त होता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से गुरु के बताए मार्ग पर चलकर धर्म, सत्य और मानव सेवा का पालन करने का संदेश दिया।धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गुरु पूर्णिमा महर्षि वेदव्यास की जयंती के रूप में भी मनाई जाती है। महर्षि वेदव्यास ने वेदों का विभाजन, महाभारत की रचना तथा अनेकों पुराणों की रचना कर सनातन ज्ञान परंपरा को समृद्ध किया। इसी कारण इस दिन उन्हें आदिगुरु के रूप में स्मरण कर श्रद्धापूर्वक नमन किया जाता है।गुरु पूर्णिमा के अवसर पर अयोध्या की धर्मनगरी एक बार फिर भक्ति, श्रद्धा और गुरु-शिष्य परंपरा की अनुपम छटा से आलोकित दिखाई दी। श्रद्धालुओं ने गुरु कृपा और भगवान श्रीराम का आशीर्वाद प्राप्त कर अपने जीवन में सुख, शांति और आध्यात्मिक उन्नति की कामना की।
    user_Tvnews Media
    Tvnews Media
    Media company फैजाबाद, अयोध्या, उत्तर प्रदेश•
    30 min ago
  • गुरु पूर्णिमा पर जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि आलोक सिंह रोहित ने संत-महात्माओं से लिया आशीर्वाद अयोध्या। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि आलोक सिंह रोहित ने रामनगरी अयोध्या के विभिन्न मठों एवं मंदिरों में पहुंचकर संत-महात्माओं और अपने गुरुओं का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान उन्होंने गुरु परंपरा के महत्व को नमन करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोच्च है। गुरु ही व्यक्ति के जीवन को सही दिशा प्रदान करते हैं और ज्ञान के प्रकाश से अज्ञान रूपी अंधकार को दूर करते हैं। आलोक सिंह रोहित ने कहा कि "गुरु के बिना जीवन अधूरा है। माता-पिता हमें जन्म देते हैं, लेकिन गुरु हमें जीवन जीने की सही राह दिखाते हैं। गुरु का आशीर्वाद ही व्यक्ति की सबसे बड़ी पूंजी होता है।" उन्होंने कहा कि भारत की सनातन परंपरा में गुरु-शिष्य संबंध सदियों से हमारी संस्कृति की पहचान रहा है। भगवान श्रीराम से लेकर भगवान श्रीकृष्ण तक ने भी गुरु का सम्मान कर समाज को आदर्श संदेश दिया। गुरु पूर्णिमा का पर्व हमें अपने गुरुओं के प्रति श्रद्धा, सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने की प्रेरणा देता है। इस अवसर पर उन्होंने अयोध्या के विभिन्न मंदिरों और आश्रमों में जाकर संतों का आशीर्वाद लिया तथा प्रदेश और देशवासियों के सुख, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। संत-महात्माओं ने भी उन्हें आशीर्वचन देते हुए समाज सेवा और जनकल्याण के कार्यों में निरंतर आगे बढ़ने की शुभकामनाएं दीं।
    1
    गुरु पूर्णिमा पर जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि आलोक सिंह रोहित ने संत-महात्माओं से लिया आशीर्वाद
अयोध्या। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि आलोक सिंह रोहित ने रामनगरी अयोध्या के विभिन्न मठों एवं मंदिरों में पहुंचकर संत-महात्माओं और अपने गुरुओं का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान उन्होंने गुरु परंपरा के महत्व को नमन करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोच्च है। गुरु ही व्यक्ति के जीवन को सही दिशा प्रदान करते हैं और ज्ञान के प्रकाश से अज्ञान रूपी अंधकार को दूर करते हैं।
आलोक सिंह रोहित ने कहा कि "गुरु के बिना जीवन अधूरा है। माता-पिता हमें जन्म देते हैं, लेकिन गुरु हमें जीवन जीने की सही राह दिखाते हैं। गुरु का आशीर्वाद ही व्यक्ति की सबसे बड़ी पूंजी होता है।"
उन्होंने कहा कि भारत की सनातन परंपरा में गुरु-शिष्य संबंध सदियों से हमारी संस्कृति की पहचान रहा है। भगवान श्रीराम से लेकर भगवान श्रीकृष्ण तक ने भी गुरु का सम्मान कर समाज को आदर्श संदेश दिया। गुरु पूर्णिमा का पर्व हमें अपने गुरुओं के प्रति श्रद्धा, सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने की प्रेरणा देता है।
इस अवसर पर उन्होंने अयोध्या के विभिन्न मंदिरों और आश्रमों में जाकर संतों का आशीर्वाद लिया तथा प्रदेश और देशवासियों के सुख, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। संत-महात्माओं ने भी उन्हें आशीर्वचन देते हुए समाज सेवा और जनकल्याण के कार्यों में निरंतर आगे बढ़ने की शुभकामनाएं दीं।
    user_Arvind Kumar yadav
    Arvind Kumar yadav
    Media company फैजाबाद, अयोध्या, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • गौ सम्मान आह्वान अभियान अयोध्या चलो! ​"गौ माता को मिले सेवा, सुरक्षा और सम्मान — बने राष्ट्र माता, बने केंद्रीय कानून गौ सम्मान आह्वान अभियान अयोध्या चलो! ​"गौ माता को मिले सेवा, सुरक्षा और सम्मान — बने राष्ट्र माता, बने केंद्रीय कानून!" ​सूर्यकुंड में संतों की बैठक में बड़ा निर्णय ​26 जुलाई को सूर्यकुंड, दर्शन नगर में पूज्य संतों की उपस्थिति में आगामी रणनीति तय की गई। ​राष्ट्रीय लक्ष्य: पूरे भारत से 40 करोड़ हस्ताक्षर एकत्र कर जिलाधिकारियों के माध्यम से सरकार तक पहुँचाना। अयोध्या में उपलब्धि: अयोध्या जिले में 5 लाख से अधिक हस्ताक्षर पूरे हो चुके हैं! द्वितीय चरण (पदयात्रा): सूर्यकुंड, दर्शन नगर से लेकर जिलाधिकारी कार्यालय (अयोध्या) तक विशाल पैदल यात्रा निकाली जाएगी। ज्ञापन समर्पण: 27 जुलाई को 50,000+ गौभक्त एवं साधु-संत अयोध्या जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपेंगे। ​(नोट: प्रथम चरण में तहसील स्तर पर उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा जा चुका है।) ​अभियान की 3 प्रमुख माँगें ​सेवा: गौ माता के पालन-पोषण हेतु उचित अनुदान एवं व्यवस्था मिले। ​सुरक्षा: भारत में गौ हत्या पूरी तरह समाप्त हो और कड़ा केंद्रीय कानून बने। ​सम्मान: गौ माता को आधिकारिक रूप से 'राष्ट्र माता' का दर्जा दिया जाए। ​अभियान के अटूट नियम एवं मर्यादा ​कोई पोस्टर/फ़ोटो नहीं: बैनर और होल्डिंग पर किसी संत, नेता या कार्यकर्ता का चित्र नहीं होगा—केवल श्री नंदी महाराज एवं गौ माता का चित्र रहेगा। ​कोई मंच या माइक नहीं: भाषणबाजी नहीं होगी; केवल हरि संकीर्तन, पदयात्रा और प्रार्थना पत्र से बात रखी जाएगी। कोई व्यक्तिगत नेतृत्व नहीं: अभियान किसी संस्था या झंडे के तले नहीं है। सभी गौ प्रेमी, संत और कार्यकर्ता समान रूप से सेवा करेंगे। पूर्णतः अहिंसक एवं गैर-राजनीतिक: यह अभियान संविधान के दायरे में, शांतिपूर्ण तथा किसी दल या सरकार के विरोध में न होकर केवल गौ माता के अधिकार के लिए है। ​ समस्त सनातनियों से नम्र अपील ​"आपका थोड़ा सा समय, गौ माता को दिला सकता है न्याय!" ​भारतीय परंपरा के सभी आचार्य, पूज्य संत, गोरक्षक, गोसेवक, गोपालक और समस्त सनातनी भाई-बहन 27 जुलाई को प्रातः समय निकालकर अयोध्या जिलाधिकारी कार्यालय अवश्य पहुँचें। ​जय गोमाता! जय गोपाल
    1
    गौ सम्मान आह्वान अभियान अयोध्या चलो! 
​"गौ माता को मिले सेवा, सुरक्षा और सम्मान — बने राष्ट्र माता, बने केंद्रीय कानून
गौ सम्मान आह्वान अभियान अयोध्या चलो! 
​"गौ माता को मिले सेवा, सुरक्षा और सम्मान — बने राष्ट्र माता, बने केंद्रीय कानून!"
​सूर्यकुंड में संतों की बैठक में बड़ा निर्णय
​26 जुलाई को सूर्यकुंड, दर्शन नगर में पूज्य संतों की उपस्थिति में आगामी रणनीति तय की गई।
​राष्ट्रीय लक्ष्य: पूरे भारत से 40 करोड़ हस्ताक्षर एकत्र कर जिलाधिकारियों के माध्यम से सरकार तक पहुँचाना।
अयोध्या में उपलब्धि: अयोध्या जिले में 5 लाख से अधिक हस्ताक्षर पूरे हो चुके हैं!
द्वितीय चरण (पदयात्रा): सूर्यकुंड, दर्शन नगर से लेकर जिलाधिकारी कार्यालय (अयोध्या) तक विशाल पैदल यात्रा निकाली जाएगी।
ज्ञापन समर्पण: 27 जुलाई को 50,000+ गौभक्त एवं साधु-संत अयोध्या जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपेंगे।
​(नोट: प्रथम चरण में तहसील स्तर पर उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा जा चुका है।)
​अभियान की 3 प्रमुख माँगें
​सेवा: गौ माता के पालन-पोषण हेतु उचित अनुदान एवं व्यवस्था मिले।
​सुरक्षा: भारत में गौ हत्या पूरी तरह समाप्त हो और कड़ा केंद्रीय कानून बने।
​सम्मान: गौ माता को आधिकारिक रूप से 'राष्ट्र माता' का दर्जा दिया जाए।
​अभियान के अटूट नियम एवं मर्यादा
​कोई पोस्टर/फ़ोटो नहीं: बैनर और होल्डिंग पर किसी संत, नेता या कार्यकर्ता का चित्र नहीं होगा—केवल श्री नंदी महाराज एवं गौ माता का चित्र रहेगा।
​कोई मंच या माइक नहीं: भाषणबाजी नहीं होगी; केवल हरि संकीर्तन, पदयात्रा और प्रार्थना पत्र से बात रखी जाएगी।
कोई व्यक्तिगत नेतृत्व नहीं: अभियान किसी संस्था या झंडे के तले नहीं है। सभी गौ प्रेमी, संत और कार्यकर्ता समान रूप से सेवा करेंगे।
पूर्णतः अहिंसक एवं गैर-राजनीतिक: यह अभियान संविधान के दायरे में, शांतिपूर्ण तथा किसी दल या सरकार के विरोध में न होकर केवल गौ माता के अधिकार के लिए है।
​ समस्त सनातनियों से नम्र अपील
​"आपका थोड़ा सा समय, गौ माता को दिला सकता है न्याय!"
​भारतीय परंपरा के सभी आचार्य, पूज्य संत, गोरक्षक, गोसेवक, गोपालक और समस्त सनातनी भाई-बहन 27 जुलाई को प्रातः समय निकालकर अयोध्या जिलाधिकारी कार्यालय अवश्य पहुँचें।
​जय गोमाता! जय गोपाल
    user_Varun kumar
    Varun kumar
    Local News Reporter Faizabad, Ayodhya•
    2 hrs ago
  • किसान ने लगाया लेखपाल पर बड़ा आरोप नाली को लेकर बढ़ा विवाद अयोध्या बीकापुर तहसील से का मामले से रूबरू कराने जा रहे हैं, जिसने राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या 2 मीटर चौड़ी सरकारी नाली को कागजों में 7 मीटर चौड़ा दिखाया जा सकता है? आखिर ऐसा कैसे हुआ? यही सवाल उठा रहे हैं एक बुजुर्ग किसान। मामला ग्राम पंचायत हथिगो, मजरा पूरे राम आनंद राय का है। यहां के निवासी हौसला प्रसाद राय का आरोप है कि उनकी कृषि भूमि को प्रभावित करने के लिए सरकारी नाली की चौड़ाई को गलत तरीके से दर्ज किया गया है। पीड़ित का कहना है कि कई महीनों से वह न्याय की उम्मीद में तहसील के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन समाधान मिलने के बजाय उन्हें लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उनका आरोप है कि विपक्षी को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से लेखपाल और कानूनगो की कथित मिलीभगत से तीन बार पैमाइश कराई गई। इतना ही नहीं, निशानदेही के नाम पर मौके पर खूंटे भी गाड़ दिए गए। सबसे बड़ा सवाल 25 मई 2026 की उस रिपोर्ट पर उठ रहा है, जिसमें क्षेत्रफल के आधार पर नाली की चौड़ाई 7 मीटर मानी गई। जबकि किसान का दावा है कि मौके पर मौजूद सरकारी नाली लगभग 2 मीटर चौड़ी है। यदि पीड़ित के आरोप सही साबित होते हैं, तो इससे उनकी कृषि भूमि का बड़ा हिस्सा प्रभावित हो सकता है। यही वजह है कि अब यह मामला केवल एक खेत या एक किसान तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि राजस्व अभिलेखों की पारदर्शिता और पैमाइश की प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े कर रहा है। अब सभी की निगाहें तहसील और जिला प्रशासन पर हैं। क्या पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होगी? क्या पैमाइश की दोबारा सत्यापन कराया जाएगा? और यदि किसी स्तर पर अनियमितता मिलती है, तो क्या जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होगी फिलहाल, ये सभी आरोप शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए हैं। इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि या जांच का अंतिम निष्कर्ष अभी सामने नहीं आया है
    1
    किसान ने लगाया लेखपाल पर बड़ा आरोप नाली को लेकर बढ़ा विवाद 
अयोध्या  बीकापुर तहसील से का मामले से रूबरू कराने जा रहे हैं, जिसने राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्या 2 मीटर चौड़ी सरकारी नाली को कागजों में 7 मीटर चौड़ा दिखाया जा सकता है? आखिर ऐसा कैसे हुआ? यही सवाल उठा रहे हैं एक बुजुर्ग किसान।
मामला ग्राम पंचायत हथिगो, मजरा पूरे राम आनंद राय का है। यहां के निवासी हौसला प्रसाद राय का आरोप है कि उनकी कृषि भूमि को प्रभावित करने के लिए सरकारी नाली की चौड़ाई को गलत तरीके से दर्ज किया गया है।
पीड़ित का कहना है कि कई महीनों से वह न्याय की उम्मीद में तहसील के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन समाधान मिलने के बजाय उन्हें लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उनका आरोप है कि विपक्षी को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से लेखपाल और कानूनगो की कथित मिलीभगत से तीन बार पैमाइश कराई गई। इतना ही नहीं, निशानदेही के नाम पर मौके पर खूंटे भी गाड़ दिए गए।
सबसे बड़ा सवाल 25 मई 2026 की उस रिपोर्ट पर उठ रहा है, जिसमें क्षेत्रफल के आधार पर नाली की चौड़ाई 7 मीटर मानी गई। जबकि किसान का दावा है कि मौके पर मौजूद सरकारी नाली लगभग 2 मीटर चौड़ी है।
यदि पीड़ित के आरोप सही साबित होते हैं, तो इससे उनकी कृषि भूमि का बड़ा हिस्सा प्रभावित हो सकता है। यही वजह है कि अब यह मामला केवल एक खेत या एक किसान तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि राजस्व अभिलेखों की पारदर्शिता और पैमाइश की प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े कर रहा है।
अब सभी की निगाहें तहसील और जिला प्रशासन पर हैं। क्या पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होगी? क्या पैमाइश की दोबारा सत्यापन कराया जाएगा? और यदि किसी स्तर पर अनियमितता मिलती है, तो क्या जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होगी
फिलहाल, ये सभी आरोप शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए हैं। इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि या जांच का अंतिम निष्कर्ष अभी सामने नहीं आया है
    user_Awadh Speed news
    Awadh Speed news
    Faizabad, Ayodhya•
    6 hrs ago
  • 34 दिन तक मौत से लड़ता रहा भानु प्रताप, आखिर हार गई जिंदगी: मगरमच्छ के हमले से ज्यादा सिस्टम की बेरुखी ने ली मजदूर की जान? सब हेडिंग: 24 जून को घाघरा नदी में मगरमच्छ के हमले में गंभीर रूप से घायल हुआ था मजदूर, लखनऊ मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान मौत; परिजनों ने समय पर बेहतर इलाज, आर्थिक सहायता और सरकारी सहयोग न मिलने के लगाए गंभीर आरोप। Description: गोंडा के उमरी बेगमगंज क्षेत्र के निश्चित पुरवा निवासी भानु प्रताप की मगरमच्छ हमले के 34 दिन बाद लखनऊ मेडिकल कॉलेज में मौत हो गई। परिजनों ने इलाज में लापरवाही और सरकारी सहायता न मिलने के गंभीर आरोप लगाए। गोंडा। 24 जून 2026... यह तारीख गोंडा के उमरी बेगमगंज थाना क्षेत्र के निश्चित पुरवा गांव के लिए कभी न भूलने वाला दिन बन गई। रोज की तरह मजदूरी कर अपने परिवार का पेट पालने वाला भानु प्रताप जब घाघरा नदी के किनारे पहुंचा तो शायद उसे भी अंदाजा नहीं था कि कुछ ही पलों में उसकी जिंदगी हमेशा के लिए बदल जाएगी। नदी के पानी में अचानक हुए मगरमच्छ के भीषण हमले ने उसके शरीर ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार की खुशियों को भी लहूलुहान कर दिया। मगरमच्छ ने भानु प्रताप के बाएं पैर को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। स्थानीय लोगों ने जान जोखिम में डालकर उसे मगरमच्छ के चंगुल से बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया। उस समय यह खबर सिर्फ गोंडा या उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं रही, बल्कि राष्ट्रीय मीडिया की सुर्खियां बनी। हर किसी ने भानु प्रताप की बहादुरी और उसकी जिंदगी बचाने की दुआ की। लेकिन 34 दिनों तक मौत से लड़ने के बाद आखिरकार लखनऊ मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान भानु प्रताप ने अंतिम सांस ले ली। भानु प्रताप की मौत के साथ सिर्फ एक मजदूर की जिंदगी खत्म नहीं हुई, बल्कि उसके परिवार का सहारा भी हमेशा के लिए छिन गया। पत्नी की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं, बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया है और बूढ़े माता-पिता का सहारा भी चला गया। पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। राष्ट्रीय सुर्खियां बनी थी घटना, लेकिन धीरे-धीरे सब भूल गए 24 जून को जब मगरमच्छ के हमले की तस्वीरें और वीडियो सामने आए थे, तब हर कोई इस घटना को लेकर चिंतित था। सोशल मीडिया से लेकर राष्ट्रीय समाचार चैनलों तक इस घटना की चर्चा हुई। लोगों ने प्रशासन से बेहतर इलाज और सरकारी सहायता की मांग भी उठाई। लेकिन जैसे-जैसे दिन बीतते गए, खबरें बदलती रहीं और भानु प्रताप अस्पताल के बिस्तर पर दर्द से कराहता रहा। परिजनों का आरोप है कि शुरुआत में अगर बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाती और गंभीर संक्रमण को रोकने के लिए समय रहते विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में इलाज होता, तो शायद आज भानु प्रताप जिंदा होता। रिश्तेदारों से कर्ज लेकर चलता रहा इलाज भानु प्रताप का परिवार आर्थिक रूप से बेहद कमजोर है। मजदूरी ही उनकी आय का एकमात्र साधन थी। मगरमच्छ के हमले के बाद इलाज का खर्च लगातार बढ़ता गया। परिजनों का कहना है कि उन्होंने रिश्तेदारों और परिचितों से कर्ज लेकर इलाज कराया। अस्पतालों के चक्कर, दवाइयों का खर्च और लगातार बढ़ते इलाज के बीच परिवार पूरी तरह आर्थिक संकट में डूब गया। परिवार का आरोप है कि उन्हें समय पर पर्याप्त सरकारी आर्थिक सहायता नहीं मिली। यदि प्रशासन और संबंधित विभाग समय रहते मदद करते तो इलाज और बेहतर तरीके से कराया जा सकता था। संक्रमण ने छीनी जिंदगी परिजनों के मुताबिक मगरमच्छ के हमले में घायल हुआ पैर धीरे-धीरे संक्रमण की चपेट में आ गया। हालत इतनी बिगड़ गई कि शरीर में सेप्टिसीमिया (Septicemia) फैल गया। 34 दिनों तक जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करने के बाद आखिरकार भानु प्रताप की सांसें थम गईं। परिजनों का कहना है कि यदि संक्रमण को समय रहते नियंत्रित कर लिया जाता और उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा तुरंत मिल जाती, तो शायद स्थिति इतनी गंभीर नहीं होती। परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप भानु प्रताप के परिजनों का आरोप है कि इलाज में लापरवाही बरती गई। उनका कहना है कि प्रशासन ने केवल शुरुआती औपचारिकताएं निभाईं, लेकिन उसके बाद परिवार को अपने हाल पर छोड़ दिया गया। आर्थिक सहायता, बेहतर इलाज और प्रशासनिक सहयोग के लिए कई बार गुहार लगाने के बावजूद अपेक्षित मदद नहीं मिली। परिवार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि किसी अन्य गरीब परिवार को ऐसी पीड़ा न झेलनी पड़े। गांव में पसरा मातम भानु प्रताप की मौत की खबर जैसे ही गांव पहुंची, पूरे निश्चित पुरवा में शोक की लहर दौड़ गई। जिन लोगों ने 24 जून को मगरमच्छ से उसे बचाने की कोशिश की थी, वे भी इस खबर से स्तब्ध हैं। गांव के लोगों का कहना है कि भानु प्रताप मेहनतकश और मिलनसार व्यक्ति था। उसकी मौत ने पूरे गांव को झकझोर दिया है। प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार फिलहाल इस पूरे मामले में प्रशासन की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। यदि जांच में इलाज में लापरवाही, सहायता में देरी या प्रशासनिक स्तर पर किसी प्रकार की चूक सामने आती है, तो यह मामला स्वास्थ्य व्यवस्था और आपदा पीड़ितों को मिलने वाली सरकारी सहायता पर गंभीर सवाल खड़े करेगा। एक बड़ा सवाल... भानु प्रताप मगरमच्छ के हमले से बच गया था, लेकिन क्या वह व्यवस्था की धीमी रफ्तार, आर्थिक मजबूरी और समय पर पर्याप्त मदद न मिलने के कारण जिंदगी की जंग हार गया? इस सवाल का जवाब अब जांच और प्रशासनिक कार्रवाई ही दे पाएगी। लेकिन इतना जरूर है कि एक गरीब मजदूर के परिवार की दुनिया उजड़ चुकी है और उसकी मौत ने स्वास्थ्य व्यवस्था, आपदा प्रबंधन और मानवीय संवेदनाओं पर नई बहस छेड़ दी है। #IndiaVisiontvchanne #IndiaVisionNews #भारत24x7न्यूज़ #हरखबर24x7 #IndiaVisionTV #IndiaVisionTVChannel #IndiaVision24x7 #shortvideo #viralvideo #latestnews #aajtakdigital #breakingnews #UPNews #Aninewslive #HindiNews #IndiaNews #NationalNews #NewsUpdate #LiveNews #HindiKhabar #DigitalNews #Journalism #NewsChannel #GondaNews #BhanuPratap #CrocodileAttack #GhaghraRiver #LucknowMedicalCollege #UttarPradeshNews #BreakingNews #HindiNews #IndiaVisionNews #Septicemia #HealthSystem #GroundReport #Gonda #UPNews #JusticeForBhanuPratap #MigrantWorker #HospitalNegligence #LatestNews #CrimeNews #ViralNews Gonda Crocodile Attack Bhanu Pratap Death Gonda News Hindi Ghaghra River Crocodile Attack Uttar Pradesh News Lucknow Medical College मगरमच्छ हमला गोंडा भानु प्रताप मौत घाघरा नदी हादसा गोंडा ताजा खबर
    2
    34 दिन तक मौत से लड़ता रहा भानु प्रताप, आखिर हार गई जिंदगी: मगरमच्छ के हमले से ज्यादा सिस्टम की बेरुखी ने ली मजदूर की जान?
सब हेडिंग:
24 जून को घाघरा नदी में मगरमच्छ के हमले में गंभीर रूप से घायल हुआ था मजदूर, लखनऊ मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान मौत; परिजनों ने समय पर बेहतर इलाज, आर्थिक सहायता और सरकारी सहयोग न मिलने के लगाए गंभीर आरोप।
Description:
गोंडा के उमरी बेगमगंज क्षेत्र के निश्चित पुरवा निवासी भानु प्रताप की मगरमच्छ हमले के 34 दिन बाद लखनऊ मेडिकल कॉलेज में मौत हो गई। परिजनों ने इलाज में लापरवाही और सरकारी सहायता न मिलने के गंभीर आरोप लगाए।
गोंडा।
24 जून 2026... यह तारीख गोंडा के उमरी बेगमगंज थाना क्षेत्र के निश्चित पुरवा गांव के लिए कभी न भूलने वाला दिन बन गई। रोज की तरह मजदूरी कर अपने परिवार का पेट पालने वाला भानु प्रताप जब घाघरा नदी के किनारे पहुंचा तो शायद उसे भी अंदाजा नहीं था कि कुछ ही पलों में उसकी जिंदगी हमेशा के लिए बदल जाएगी। नदी के पानी में अचानक हुए मगरमच्छ के भीषण हमले ने उसके शरीर ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार की खुशियों को भी लहूलुहान कर दिया।
मगरमच्छ ने भानु प्रताप के बाएं पैर को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। स्थानीय लोगों ने जान जोखिम में डालकर उसे मगरमच्छ के चंगुल से बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया। उस समय यह खबर सिर्फ गोंडा या उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं रही, बल्कि राष्ट्रीय मीडिया की सुर्खियां बनी। हर किसी ने भानु प्रताप की बहादुरी और उसकी जिंदगी बचाने की दुआ की। लेकिन 34 दिनों तक मौत से लड़ने के बाद आखिरकार लखनऊ मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान भानु प्रताप ने अंतिम सांस ले ली।
भानु प्रताप की मौत के साथ सिर्फ एक मजदूर की जिंदगी खत्म नहीं हुई, बल्कि उसके परिवार का सहारा भी हमेशा के लिए छिन गया। पत्नी की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं, बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया है और बूढ़े माता-पिता का सहारा भी चला गया। पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।
राष्ट्रीय सुर्खियां बनी थी घटना, लेकिन धीरे-धीरे सब भूल गए
24 जून को जब मगरमच्छ के हमले की तस्वीरें और वीडियो सामने आए थे, तब हर कोई इस घटना को लेकर चिंतित था। सोशल मीडिया से लेकर राष्ट्रीय समाचार चैनलों तक इस घटना की चर्चा हुई। लोगों ने प्रशासन से बेहतर इलाज और सरकारी सहायता की मांग भी उठाई। लेकिन जैसे-जैसे दिन बीतते गए, खबरें बदलती रहीं और भानु प्रताप अस्पताल के बिस्तर पर दर्द से कराहता रहा।
परिजनों का आरोप है कि शुरुआत में अगर बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाती और गंभीर संक्रमण को रोकने के लिए समय रहते विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में इलाज होता, तो शायद आज भानु प्रताप जिंदा होता।
रिश्तेदारों से कर्ज लेकर चलता रहा इलाज
भानु प्रताप का परिवार आर्थिक रूप से बेहद कमजोर है। मजदूरी ही उनकी आय का एकमात्र साधन थी। मगरमच्छ के हमले के बाद इलाज का खर्च लगातार बढ़ता गया। परिजनों का कहना है कि उन्होंने रिश्तेदारों और परिचितों से कर्ज लेकर इलाज कराया। अस्पतालों के चक्कर, दवाइयों का खर्च और लगातार बढ़ते इलाज के बीच परिवार पूरी तरह आर्थिक संकट में डूब गया।
परिवार का आरोप है कि उन्हें समय पर पर्याप्त सरकारी आर्थिक सहायता नहीं मिली। यदि प्रशासन और संबंधित विभाग समय रहते मदद करते तो इलाज और बेहतर तरीके से कराया जा सकता था।
संक्रमण ने छीनी जिंदगी
परिजनों के मुताबिक मगरमच्छ के हमले में घायल हुआ पैर धीरे-धीरे संक्रमण की चपेट में आ गया। हालत इतनी बिगड़ गई कि शरीर में सेप्टिसीमिया (Septicemia) फैल गया। 34 दिनों तक जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करने के बाद आखिरकार भानु प्रताप की सांसें थम गईं।
परिजनों का कहना है कि यदि संक्रमण को समय रहते नियंत्रित कर लिया जाता और उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा तुरंत मिल जाती, तो शायद स्थिति इतनी गंभीर नहीं होती।
परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
भानु प्रताप के परिजनों का आरोप है कि इलाज में लापरवाही बरती गई। उनका कहना है कि प्रशासन ने केवल शुरुआती औपचारिकताएं निभाईं, लेकिन उसके बाद परिवार को अपने हाल पर छोड़ दिया गया। आर्थिक सहायता, बेहतर इलाज और प्रशासनिक सहयोग के लिए कई बार गुहार लगाने के बावजूद अपेक्षित मदद नहीं मिली।
परिवार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि किसी अन्य गरीब परिवार को ऐसी पीड़ा न झेलनी पड़े।
गांव में पसरा मातम
भानु प्रताप की मौत की खबर जैसे ही गांव पहुंची, पूरे निश्चित पुरवा में शोक की लहर दौड़ गई। जिन लोगों ने 24 जून को मगरमच्छ से उसे बचाने की कोशिश की थी, वे भी इस खबर से स्तब्ध हैं। गांव के लोगों का कहना है कि भानु प्रताप मेहनतकश और मिलनसार व्यक्ति था। उसकी मौत ने पूरे गांव को झकझोर दिया है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार
फिलहाल इस पूरे मामले में प्रशासन की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। यदि जांच में इलाज में लापरवाही, सहायता में देरी या प्रशासनिक स्तर पर किसी प्रकार की चूक सामने आती है, तो यह मामला स्वास्थ्य व्यवस्था और आपदा पीड़ितों को मिलने वाली सरकारी सहायता पर गंभीर सवाल खड़े करेगा।
एक बड़ा सवाल...
भानु प्रताप मगरमच्छ के हमले से बच गया था, लेकिन क्या वह व्यवस्था की धीमी रफ्तार, आर्थिक मजबूरी और समय पर पर्याप्त मदद न मिलने के कारण जिंदगी की जंग हार गया? इस सवाल का जवाब अब जांच और प्रशासनिक कार्रवाई ही दे पाएगी। लेकिन इतना जरूर है कि एक गरीब मजदूर के परिवार की दुनिया उजड़ चुकी है और उसकी मौत ने स्वास्थ्य व्यवस्था, आपदा प्रबंधन और मानवीय संवेदनाओं पर नई बहस छेड़ दी है।
#IndiaVisiontvchanne
#IndiaVisionNews
#भारत24x7न्यूज़ #हरखबर24x7
#IndiaVisionTV #IndiaVisionTVChannel #IndiaVision24x7
#shortvideo #viralvideo #latestnews #aajtakdigital #breakingnews #UPNews
#Aninewslive  #HindiNews  #IndiaNews  #NationalNews #NewsUpdate #LiveNews #HindiKhabar #DigitalNews #Journalism #NewsChannel
#GondaNews #BhanuPratap #CrocodileAttack #GhaghraRiver #LucknowMedicalCollege #UttarPradeshNews #BreakingNews #HindiNews #IndiaVisionNews #Septicemia #HealthSystem #GroundReport #Gonda #UPNews #JusticeForBhanuPratap #MigrantWorker #HospitalNegligence #LatestNews #CrimeNews #ViralNews
Gonda Crocodile Attack
Bhanu Pratap Death
Gonda News Hindi
Ghaghra River Crocodile Attack
Uttar Pradesh News
Lucknow Medical College
मगरमच्छ हमला गोंडा
भानु प्रताप मौत
घाघरा नदी हादसा
गोंडा ताजा खबर
    user_"India Vision 24*7 News
    "India Vision 24*7 News
    Local News Reporter गोंडा, गोंडा, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.