*चीनी 80 रुपये किलो, त्योहार की मिठास पर महंगाई की मार - दिनारा के गौ सेवक कल्लू महाराज ने उठाई गरीबों की आवाज* दिनारा, त्योहारों का सीजन दरवाजे पर है और बाजार में शक्कर के दामों ने आम आदमी के मुंह का स्वाद ही फीका कर दिया है। दिनारा सहित पूरे क्षेत्र में चीनी 70 से 80 रुपये किलो तक बिक रही है। इस गंभीर मुद्दे को लेकर दिनारा क्षेत्र के प्रसिद्ध गौ सेवक कल्लू महाराज ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। गौ सेवा के लिए समर्पित कल्लू महाराज हमेशा से ही गरीब और आम जनता के मुद्दों को उठाते रहे हैं। इस बार उन्होंने त्योहार से ठीक पहले बढ़े शक्कर के दामों को लेकर सरकार को घेरा है। *गौ सेवक कल्लू महाराज बोले - ये गरीबों पर अत्याचार है* गौ सेवक कल्लू महाराज ने कहा, "चीनी के दाम अभी नहीं बढ़ने थे। अभी तो त्योहार की मिठाई का शुरुआती सीजन है, और सरकार ने शुरुआत में ही सीजन बिगाड़ दिया। त्योहार को दो-तीन दिन ही बचे हैं, ऐसे में रोज-रोज दाम बढ़ना गरीबों के साथ सरासर अत्याचार है। महंगाई की मार कैसे झेलेगा गरीब आदमी?" कल्लू महाराज ने बताया कि वे लगातार गौशाला और क्षेत्र के भ्रमण पर रहते हैं, हर जगह जनता एक ही शिकायत कर रही है - शक्कर बहुत महंगी हो गई है। मिठाई बनाना तो दूर, चाय बनाना भी मुश्किल हो गया है। कल्लू महाराज के इस बयान के बाद पूरे दिनारा में लोगों का समर्थन उन्हें मिल रहा है। *कल्लू महाराज के साथ समाजसेवी भी आए* गौ सेवक कल्लू महाराज द्वारा यह जनहित का मुद्दा उठाने के बाद समाजसेवी पुष्पेंद्र तिवारी और अर्जुन पंडित भी उनके समर्थन में आ गए। पुष्पेंद्र तिवारी ने कहा, "गौ सेवक कल्लू महाराज ने जो आवाज उठाई है, वो हर गरीब की आवाज है। मध्य प्रदेश और केंद्र सरकार को त्योहार को देखते हुए तुरंत दाम कम करने चाहिए थे।" अर्जुन पंडित ने कहा, "कल्लू महाराज सही कह रहे हैं, सभी जनता परेशान है। प्रतिदिन बढ़ रहे दामों से लोगों का बजट बिगड़ गया है।" *कल्लू महाराज ने पूछा - कांग्रेस क्यों है खामोश?* गौ सेवक कल्लू महाराज ने इस दौरान विपक्ष पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि जब जनता महंगाई से त्रस्त है तो कांग्रेस क्यों नहीं बोल रही है। कल्लू महाराज ने कहा, "शक्कर के ऊपर कांग्रेस क्यों नहीं बोली? क्या बीजेपी और कांग्रेस दोनों चाहते हैं कि महंगाई हो और गरीब जनता परेशान हो? ऐसा जनता भविष्य में कभी भी बर्दाश्त नहीं करेगी।" *सरकार के लिए बड़ी चुनौती बनेगा आंदोलन - कल्लू महाराज* अंत में गौ सेवक कल्लू महाराज ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर सरकार ने जल्द ही शक्कर के दाम कम नहीं किए तो यह मुद्दा मध्य प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार के लिए बड़ी चुनौती बन जाएगा। कल्लू महाराज ने कहा, "मैं गौ सेवक हूं, दिन-रात गौ माता की सेवा के साथ जनता के बीच रहता हूं। मैं देख रहा हूं गरीब कैसे परेशान है। अगर दाम कम नहीं हुए तो पूरे भारत में गरीब और अमीर सभी बड़ा आंदोलन करेंगे। सरकार को गरीबों के त्योहार का ध्यान रखना चाहिए।" फिलहाल गौ सेवक कल्लू महाराज की इस मुहिम को क्षेत्र में खूब समर्थन मिल रहा है। बाजार में मिठाई की दुकानों पर सन्नाटा है और उपभोक्ता महंगी चीनी के कारण मिठाई खरीदने से कतरा रहे हैं। *चीनी 80 रुपये किलो, त्योहार की मिठास पर महंगाई की मार - दिनारा के गौ सेवक कल्लू महाराज ने उठाई गरीबों की आवाज* दिनारा, त्योहारों का सीजन दरवाजे पर है और बाजार में शक्कर के दामों ने आम आदमी के मुंह का स्वाद ही फीका कर दिया है। दिनारा सहित पूरे क्षेत्र में चीनी 70 से 80 रुपये किलो तक बिक रही है। इस गंभीर मुद्दे को लेकर दिनारा क्षेत्र के प्रसिद्ध गौ सेवक कल्लू महाराज ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। गौ सेवा के लिए समर्पित कल्लू महाराज हमेशा से ही गरीब और आम जनता के मुद्दों को उठाते रहे हैं। इस बार उन्होंने त्योहार से ठीक पहले बढ़े शक्कर के दामों को लेकर सरकार को घेरा है। *गौ सेवक कल्लू महाराज बोले - ये गरीबों पर अत्याचार है* गौ सेवक कल्लू महाराज ने कहा, "चीनी के दाम अभी नहीं बढ़ने थे। अभी तो त्योहार की मिठाई का शुरुआती सीजन है, और सरकार ने शुरुआत में ही सीजन बिगाड़ दिया। त्योहार को दो-तीन दिन ही बचे हैं, ऐसे में रोज-रोज दाम बढ़ना गरीबों के साथ सरासर अत्याचार है। महंगाई की मार कैसे झेलेगा गरीब आदमी?" कल्लू महाराज ने बताया कि वे लगातार गौशाला और क्षेत्र के भ्रमण पर रहते हैं, हर जगह जनता एक ही शिकायत कर रही है - शक्कर बहुत महंगी हो गई है। मिठाई बनाना तो दूर, चाय बनाना भी मुश्किल हो गया है। कल्लू महाराज के इस बयान के बाद पूरे दिनारा में लोगों का समर्थन उन्हें मिल रहा है। *कल्लू महाराज के साथ समाजसेवी भी आए* गौ सेवक कल्लू महाराज द्वारा यह जनहित का मुद्दा उठाने के बाद समाजसेवी पुष्पेंद्र तिवारी और अर्जुन पंडित भी उनके समर्थन में आ गए। पुष्पेंद्र तिवारी ने कहा, "गौ सेवक कल्लू महाराज ने जो आवाज उठाई है, वो हर गरीब की आवाज है। मध्य प्रदेश और केंद्र सरकार को त्योहार को देखते हुए तुरंत दाम कम करने चाहिए थे।" अर्जुन पंडित ने कहा, "कल्लू महाराज सही कह रहे हैं, सभी जनता परेशान है। प्रतिदिन बढ़ रहे दामों से लोगों का बजट बिगड़ गया है।" *कल्लू महाराज ने पूछा - कांग्रेस क्यों है खामोश?* गौ सेवक कल्लू महाराज ने इस दौरान विपक्ष पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि जब जनता महंगाई से त्रस्त है तो कांग्रेस क्यों नहीं बोल रही है। कल्लू महाराज ने कहा, "शक्कर के ऊपर कांग्रेस क्यों नहीं बोली? क्या बीजेपी और कांग्रेस दोनों चाहते हैं कि महंगाई हो और गरीब जनता परेशान हो? ऐसा जनता भविष्य में कभी भी बर्दाश्त नहीं करेगी।" *सरकार के लिए बड़ी चुनौती बनेगा आंदोलन - कल्लू महाराज* अंत में गौ सेवक कल्लू महाराज ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर सरकार ने जल्द ही शक्कर के दाम कम नहीं किए तो यह मुद्दा मध्य प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार के लिए बड़ी चुनौती बन जाएगा। कल्लू महाराज ने कहा, "मैं गौ सेवक हूं, दिन-रात गौ माता की सेवा के साथ जनता के बीच रहता हूं। मैं देख रहा हूं गरीब कैसे परेशान है। अगर दाम कम नहीं हुए तो पूरे भारत में गरीब और अमीर सभी बड़ा आंदोलन करेंगे। सरकार को गरीबों के त्योहार का ध्यान रखना चाहिए।" फिलहाल गौ सेवक कल्लू महाराज की इस मुहिम को क्षेत्र में खूब समर्थन मिल रहा है। बाजार में मिठाई की दुकानों पर सन्नाटा है और उपभोक्ता महंगी चीनी के कारण मिठाई खरीदने से कतरा रहे हैं।
*चीनी 80 रुपये किलो, त्योहार की मिठास पर महंगाई की मार - दिनारा के गौ सेवक कल्लू महाराज ने उठाई गरीबों की आवाज* दिनारा, त्योहारों का सीजन दरवाजे पर है और बाजार में शक्कर के दामों ने आम आदमी के मुंह का स्वाद ही फीका कर दिया है। दिनारा सहित पूरे क्षेत्र में चीनी 70 से 80 रुपये किलो तक बिक रही है। इस गंभीर मुद्दे को लेकर दिनारा क्षेत्र के प्रसिद्ध गौ सेवक कल्लू महाराज ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। गौ सेवा के लिए समर्पित कल्लू महाराज हमेशा से ही गरीब और आम जनता के मुद्दों को उठाते रहे हैं। इस बार उन्होंने त्योहार से ठीक पहले बढ़े शक्कर के दामों को लेकर सरकार को घेरा है। *गौ सेवक कल्लू महाराज बोले - ये गरीबों पर अत्याचार है* गौ सेवक कल्लू महाराज ने कहा, "चीनी के दाम अभी नहीं बढ़ने थे। अभी तो त्योहार की मिठाई का शुरुआती सीजन है, और सरकार ने शुरुआत में ही सीजन बिगाड़ दिया। त्योहार को दो-तीन दिन ही बचे हैं, ऐसे में रोज-रोज दाम बढ़ना गरीबों के साथ सरासर अत्याचार है। महंगाई की मार कैसे झेलेगा गरीब आदमी?" कल्लू महाराज ने बताया कि वे लगातार गौशाला और क्षेत्र के भ्रमण पर रहते हैं, हर जगह जनता एक ही शिकायत कर रही है - शक्कर बहुत महंगी हो गई है। मिठाई बनाना तो दूर, चाय बनाना भी मुश्किल हो गया है। कल्लू महाराज के इस बयान के बाद पूरे दिनारा में लोगों का समर्थन उन्हें मिल रहा है। *कल्लू महाराज के साथ समाजसेवी भी आए* गौ सेवक कल्लू महाराज द्वारा यह जनहित का मुद्दा उठाने के बाद समाजसेवी पुष्पेंद्र तिवारी और अर्जुन पंडित भी उनके समर्थन में आ गए। पुष्पेंद्र तिवारी ने कहा, "गौ सेवक कल्लू महाराज ने जो आवाज उठाई है, वो हर गरीब की आवाज है। मध्य प्रदेश और केंद्र सरकार को त्योहार को देखते हुए तुरंत दाम कम करने चाहिए थे।" अर्जुन पंडित ने कहा, "कल्लू महाराज सही कह रहे हैं, सभी जनता परेशान है। प्रतिदिन बढ़ रहे दामों से लोगों का बजट बिगड़ गया है।" *कल्लू महाराज ने पूछा - कांग्रेस क्यों है खामोश?* गौ सेवक कल्लू महाराज ने इस दौरान विपक्ष पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि जब जनता महंगाई से त्रस्त है तो कांग्रेस क्यों नहीं बोल रही है। कल्लू महाराज ने कहा, "शक्कर के ऊपर कांग्रेस क्यों नहीं बोली? क्या बीजेपी और कांग्रेस दोनों चाहते हैं कि महंगाई हो और गरीब जनता परेशान हो? ऐसा जनता भविष्य में कभी भी बर्दाश्त नहीं करेगी।" *सरकार के लिए बड़ी चुनौती बनेगा आंदोलन - कल्लू महाराज* अंत में गौ सेवक कल्लू महाराज ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर सरकार ने जल्द ही शक्कर के दाम कम नहीं किए तो यह मुद्दा मध्य प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार के लिए बड़ी चुनौती बन जाएगा। कल्लू महाराज ने कहा, "मैं गौ सेवक हूं, दिन-रात गौ माता की सेवा के साथ जनता के बीच रहता हूं। मैं देख रहा हूं गरीब कैसे परेशान है। अगर दाम कम नहीं हुए तो पूरे भारत में गरीब और अमीर सभी बड़ा आंदोलन करेंगे। सरकार को गरीबों के त्योहार का ध्यान रखना चाहिए।" फिलहाल गौ सेवक कल्लू महाराज की इस मुहिम को क्षेत्र में खूब समर्थन मिल रहा है। बाजार में मिठाई की दुकानों पर सन्नाटा है और उपभोक्ता महंगी चीनी के कारण मिठाई खरीदने से कतरा रहे हैं। *चीनी 80 रुपये किलो, त्योहार की मिठास पर महंगाई की मार - दिनारा के गौ सेवक कल्लू महाराज ने उठाई गरीबों की आवाज* दिनारा, त्योहारों का सीजन दरवाजे पर है और बाजार में शक्कर के दामों ने आम आदमी के मुंह का स्वाद ही फीका कर दिया है। दिनारा सहित पूरे क्षेत्र में चीनी 70 से 80 रुपये किलो तक बिक रही है। इस गंभीर मुद्दे को लेकर दिनारा क्षेत्र के प्रसिद्ध गौ सेवक कल्लू महाराज ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। गौ सेवा के लिए समर्पित कल्लू महाराज हमेशा से ही गरीब और आम जनता के मुद्दों को उठाते रहे हैं। इस बार उन्होंने त्योहार से ठीक पहले बढ़े शक्कर के दामों को लेकर सरकार को घेरा है। *गौ सेवक कल्लू महाराज बोले - ये गरीबों पर अत्याचार है* गौ सेवक कल्लू महाराज ने कहा, "चीनी के दाम अभी नहीं बढ़ने थे। अभी तो त्योहार की मिठाई का शुरुआती सीजन है, और सरकार ने शुरुआत में ही सीजन बिगाड़ दिया। त्योहार को दो-तीन दिन ही बचे हैं, ऐसे में रोज-रोज दाम बढ़ना गरीबों के साथ सरासर अत्याचार है। महंगाई की मार कैसे झेलेगा गरीब आदमी?" कल्लू महाराज ने बताया कि वे लगातार गौशाला और क्षेत्र के भ्रमण पर रहते हैं, हर जगह जनता एक ही शिकायत कर रही है - शक्कर बहुत महंगी हो गई है। मिठाई बनाना तो दूर, चाय बनाना भी मुश्किल हो गया है। कल्लू महाराज के इस बयान के बाद पूरे दिनारा में लोगों का समर्थन उन्हें मिल रहा है। *कल्लू महाराज के साथ समाजसेवी भी आए* गौ सेवक कल्लू महाराज द्वारा यह जनहित का मुद्दा उठाने के बाद समाजसेवी पुष्पेंद्र तिवारी और अर्जुन पंडित भी उनके समर्थन में आ गए। पुष्पेंद्र तिवारी ने कहा, "गौ सेवक कल्लू महाराज ने जो आवाज उठाई है, वो हर गरीब की आवाज है। मध्य प्रदेश और केंद्र सरकार को त्योहार को देखते हुए तुरंत दाम कम करने चाहिए थे।" अर्जुन पंडित ने कहा, "कल्लू महाराज सही कह रहे हैं, सभी जनता परेशान है। प्रतिदिन बढ़ रहे दामों से लोगों का बजट बिगड़ गया है।" *कल्लू महाराज ने पूछा - कांग्रेस क्यों है खामोश?* गौ सेवक कल्लू महाराज ने इस दौरान विपक्ष पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि जब जनता महंगाई से त्रस्त है तो कांग्रेस क्यों नहीं बोल रही है। कल्लू महाराज ने कहा, "शक्कर के ऊपर कांग्रेस क्यों नहीं बोली? क्या बीजेपी और कांग्रेस दोनों चाहते हैं कि महंगाई हो और गरीब जनता परेशान हो? ऐसा जनता भविष्य में कभी भी बर्दाश्त नहीं करेगी।" *सरकार के लिए बड़ी चुनौती बनेगा आंदोलन - कल्लू महाराज* अंत में गौ सेवक कल्लू महाराज ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर सरकार ने जल्द ही शक्कर के दाम कम नहीं किए तो यह मुद्दा मध्य प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार के लिए बड़ी चुनौती बन जाएगा। कल्लू महाराज ने कहा, "मैं गौ सेवक हूं, दिन-रात गौ माता की सेवा के साथ जनता के बीच रहता हूं। मैं देख रहा हूं गरीब कैसे परेशान है। अगर दाम कम नहीं हुए तो पूरे भारत में गरीब और अमीर सभी बड़ा आंदोलन करेंगे। सरकार को गरीबों के त्योहार का ध्यान रखना चाहिए।" फिलहाल गौ सेवक कल्लू महाराज की इस मुहिम को क्षेत्र में खूब समर्थन मिल रहा है। बाजार में मिठाई की दुकानों पर सन्नाटा है और उपभोक्ता महंगी चीनी के कारण मिठाई खरीदने से कतरा रहे हैं।
- नारी सम्मान को लेकर सर्व समाज करैरा ने उठाई आवाज, SDM को सौंपा आवेदन करैरा। नारी सम्मान और महिलाओं की गरिमा को लेकर गुरुवार को सर्व समाज करैरा में आक्रोश देखने को मिला। समाज के लोगों ने एकजुट होकर एसडीएम महोदय को आवेदन सौंपा और महिलाओं के प्रति कथित आपत्तिजनक एवं अभद्र मानसिकता रखने वाले व्यक्ति के खिलाफ उचित एवं आवश्यक कार्रवाई की मांग की। आवेदन के माध्यम से सर्व समाज के लोगों ने कहा कि महिलाओं का सम्मान और गरिमा समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। किसी भी व्यक्ति द्वारा महिलाओं के प्रति आपत्तिजनक टिप्पणी या अभद्र व्यवहार को स्वीकार नहीं किया जा सकता। सर्व समाज ने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच कर नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की मांग की। इस दौरान समाज के लोगों में काफी आक्रोश नजर आया और उन्होंने नारी सम्मान के पक्ष में अपनी एकजुटता व्यक्त की। नारी सम्मान को लेकर सर्व समाज करैरा ने उठाई आवाज, SDM को सौंपा आवेदन करैरा। नारी सम्मान और महिलाओं की गरिमा को लेकर गुरुवार को सर्व समाज करैरा में आक्रोश देखने को मिला। समाज के लोगों ने एकजुट होकर एसडीएम महोदय को आवेदन सौंपा और महिलाओं के प्रति कथित आपत्तिजनक एवं अभद्र मानसिकता रखने वाले व्यक्ति के खिलाफ उचित एवं आवश्यक कार्रवाई की मांग की। आवेदन के माध्यम से सर्व समाज के लोगों ने कहा कि महिलाओं का सम्मान और गरिमा समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। किसी भी व्यक्ति द्वारा महिलाओं के प्रति आपत्तिजनक टिप्पणी या अभद्र व्यवहार को स्वीकार नहीं किया जा सकता। सर्व समाज ने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच कर नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की मांग की। इस दौरान समाज के लोगों में काफी आक्रोश नजर आया और उन्होंने नारी सम्मान के पक्ष में अपनी एकजुटता व्यक्त की।1
- सरपंच ने जारी किया वीडियो, सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील सिरसौद। शिवपुरी जिले के अमोला थाना क्षेत्र के सिरसौद ग्राम पंचायत सरपंच अंतरसिंह लोधी ने गुरुवार सुबह 11 बजे एक वीडियो जारी किया। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को किसी समाज के बारे में टीका-टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति ऐसी टिप्पणी करता है तो उससे उनका कोई लेना-देना नहीं है। बता दें कि करीब दो दिन पहले जातिवाद को लेकर दो ऑडियो वायरल हुए थे, जिसके बाद जिले के अलग-अलग थानों में एफआईआर दर्ज की गई है और सामाजिक लोगों में आक्रोश है। इसी को लेकर सरपंच ने वीडियो जारी कर सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की। सरपंच ने जारी किया वीडियो, सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील सिरसौद। शिवपुरी जिले के अमोला थाना क्षेत्र के सिरसौद ग्राम पंचायत सरपंच अंतरसिंह लोधी ने गुरुवार सुबह 11 बजे एक वीडियो जारी किया। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को किसी समाज के बारे में टीका-टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति ऐसी टिप्पणी करता है तो उससे उनका कोई लेना-देना नहीं है। बता दें कि करीब दो दिन पहले जातिवाद को लेकर दो ऑडियो वायरल हुए थे, जिसके बाद जिले के अलग-अलग थानों में एफआईआर दर्ज की गई है और सामाजिक लोगों में आक्रोश है। इसी को लेकर सरपंच ने वीडियो जारी कर सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की।1
- आपसी सौहार्द और भाईचारे से मनाएं आगामी त्योहार, अफवाह फैलाने वालों पर पुलिस रखेगी पैनी नजर भितरवार। आगामी ईद मिलाद-उन-नबी , रक्षाबंधन , श्री कृष्ण जन्माष्टमी और गणेश चतुर्थी सहित अन्य प्रमुख त्योहारों को शांति, आपसी सौहार्द और भाईचारे के साथ संपन्न कराने के लिए मंगलवार को एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। एसडीओपी गगन हनवत की अध्यक्षता में हुई इस शांति समिति की बैठक में अधिकारियों ने साफ किया कि भितरवार की गंगा-जमुनी तहजीब को नुकसान पहुंचाने वाली हर गतिविधि पर पुलिस की सख्त नजर रहेगी। बैठक को संबोधित करते हुए एसडीओपी गगन हनवत ने कहा कि सभी धर्मों के त्योहार समाज में प्रेम, सद्भाव और एकता का संदेश देते हैं। भितरवार की ऐतिहासिक और आपसी भाईचारे की परंपरा को कायम रखते हुए सभी लोग मिल-जुलकर त्योहार मनाएं। उन्होंने सोशल मीडिया पर पैनी नजर होने की बात कहते हुए सख्त चेतावनी दी कि कोई भी व्यक्ति भड़काऊ पोस्ट, आपत्तिजनक टिप्पणी या भ्रामक बयान देकर क्षेत्र का माहौल बिगाड़ने का प्रयास न करे। ऐसा करने वालों के खिलाफ पुलिस प्रशासन अत्यंत सख्त कार्रवाई करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि माहौल खराब करने वाले असामाजिक तत्वों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा और उन्हें सीधे सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। बैठक में उपस्थित शांति समिति के सदस्यों ने भी पुलिस और प्रशासन को पूर्ण सहयोग का भरोसा दिलाया। अधिकारियों ने आमजन से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर तैरने वाली किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। यदि कोई संदिग्ध या भड़काऊ सामग्री नजर आती है, तो उसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें। पुलिस ने त्योहारों के मद्देनजर सुरक्षा और कानून- व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम करने की बात कही है। इस मौके पर नगर के गणमान्य नागरिक , जनप्रतिनिधि एवं विभिन्न धर्मों के धर्मगुरु व पत्रकार बन्धु उपस्थित रहे ।2
- बबीना, सुकुवां-ढुकुवां बांध का बढ़ा जल स्तर उमड़े सैलानी,,,, अवर अभियंता अमित सिंह ने जल प्रवाहित क्षेत्र में न जाने की अलाउंस कर की अपील,,,,1
- दतिया में लगातार बारिश के कारण लोगों का जीवन अस्त व्यस्त घरों में पानी भरा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल1
- झांसी : मऊरानीपुर में उफान पर सुखनई नदी, प्रशासन अलर्ट, बारिश के बीच उपजिलाधिकारी ने किया निरीक्षण।1
- शादी के एक महीने महीने बाद रिश्ते में तूफान ! चाय-दूध में नींद की दवा देने का आरोप, घर में मिला कथित प्रेमी... प्रेमी ने भरी मांग !"1
- शिवपुरी: नोहरी कला का मुक्तिधाम बदहाल, बारिश में अंतिम संस्कार करना बना चुनौती शिवपुरी। जिला मुख्यालय से महज 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित ग्राम नोहरी कला का मुक्तिधाम इन दिनों बदहाली का शिकार है। बारिश के मौसम में यहां अंतिम संस्कार करना ग्रामीणों के लिए किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है। मुक्तिधाम में लगा टीन शेड पूरी तरह जर्जर हो चुका है और जगह-जगह से क्षतिग्रस्त होने के कारण बारिश का पानी सीधे चिता स्थल तक पहुंच रहा है। ऐसे हालात में बारिश के बीच अंतिम संस्कार करना बेहद मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों के अनुसार करीब 10×10 फीट के छोटे से टीन शेड में एक साथ दो चिताओं के अंतिम संस्कार की व्यवस्था भी नहीं हो पाती। बारिश के दौरान चारों तरफ से पानी आने के कारण चिता जलाने में भी परेशानी होती है। कई बार ग्रामीणों को चिता जलाने के लिए पेट्रोल, डीजल और टायर-ट्यूब तक का सहारा लेना पड़ता है। बारिश के पानी को रोकने के लिए ग्रामीणों को तिरपाल लगाकर अस्थायी व्यवस्था करनी पड़ती है। सवाल यह है कि जहां इंसान की अंतिम यात्रा को सम्मानपूर्वक विदाई मिलनी चाहिए, वहां भी यदि ऐसी बदहाली हो तो जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठना स्वाभाविक है। ग्रामीणों ने प्रशासन और पंचायत के जिम्मेदार अधिकारियों से मांग की है कि मुक्तिधाम का तत्काल निरीक्षण कर जर्जर टीन शेड को दुरुस्त कराया जाए, पर्याप्त शेड एवं अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि बारिश के मौसम में किसी परिवार को अपने प्रियजन के अंतिम संस्कार के दौरान इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। आखिर सवाल सिर्फ एक मुक्तिधाम का नहीं, बल्कि मृतक को अंतिम सम्मान देने की व्यवस्था का है। शिवपुरी: नोहरी कला का मुक्तिधाम बदहाल, बारिश में अंतिम संस्कार करना बना चुनौती शिवपुरी। जिला मुख्यालय से महज 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित ग्राम नोहरी कला का मुक्तिधाम इन दिनों बदहाली का शिकार है। बारिश के मौसम में यहां अंतिम संस्कार करना ग्रामीणों के लिए किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है। मुक्तिधाम में लगा टीन शेड पूरी तरह जर्जर हो चुका है और जगह-जगह से क्षतिग्रस्त होने के कारण बारिश का पानी सीधे चिता स्थल तक पहुंच रहा है। ऐसे हालात में बारिश के बीच अंतिम संस्कार करना बेहद मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों के अनुसार करीब 10×10 फीट के छोटे से टीन शेड में एक साथ दो चिताओं के अंतिम संस्कार की व्यवस्था भी नहीं हो पाती। बारिश के दौरान चारों तरफ से पानी आने के कारण चिता जलाने में भी परेशानी होती है। कई बार ग्रामीणों को चिता जलाने के लिए पेट्रोल, डीजल और टायर-ट्यूब तक का सहारा लेना पड़ता है। बारिश के पानी को रोकने के लिए ग्रामीणों को तिरपाल लगाकर अस्थायी व्यवस्था करनी पड़ती है। सवाल यह है कि जहां इंसान की अंतिम यात्रा को सम्मानपूर्वक विदाई मिलनी चाहिए, वहां भी यदि ऐसी बदहाली हो तो जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठना स्वाभाविक है। ग्रामीणों ने प्रशासन और पंचायत के जिम्मेदार अधिकारियों से मांग की है कि मुक्तिधाम का तत्काल निरीक्षण कर जर्जर टीन शेड को दुरुस्त कराया जाए, पर्याप्त शेड एवं अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि बारिश के मौसम में किसी परिवार को अपने प्रियजन के अंतिम संस्कार के दौरान इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। आखिर सवाल सिर्फ एक मुक्तिधाम का नहीं, बल्कि मृतक को अंतिम सम्मान देने की व्यवस्था का है।1