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देवास जिले के भौरासा में प्रशासन अब स्वच्छता के मुद्दे पर पूरी तरह से 'एक्शन मोड' में आ गया है। इस सक्रिय रुख के साथ, क्षेत्र में स्वच्छता से जुड़े कार्यों को लेकर प्रशासनिक कार्यवाही शुरू कर दी गई है।
Sajid Pathan
देवास जिले के भौरासा में प्रशासन अब स्वच्छता के मुद्दे पर पूरी तरह से 'एक्शन मोड' में आ गया है। इस सक्रिय रुख के साथ, क्षेत्र में स्वच्छता से जुड़े कार्यों को लेकर प्रशासनिक कार्यवाही शुरू कर दी गई है।
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- देवास जिले के भौरासा में प्रशासन अब स्वच्छता के मुद्दे पर पूरी तरह से 'एक्शन मोड' में आ गया है। इस सक्रिय रुख के साथ, क्षेत्र में स्वच्छता से जुड़े कार्यों को लेकर प्रशासनिक कार्यवाही शुरू कर दी गई है।1
- कलेक्टर श्री ऋतुराज सिंह के निर्देश पर देवास जिले में परिवहन विभाग लगातार कार्रवाई कर रहा है। इसी क्रम में, जिला परिवहन अधिकारी श्रीमती निशा चौहान के नेतृत्व में परिवहन विभाग की टीम ने शुक्रवार को देवास शहर के औद्योगिक क्षेत्र में आकस्मिक जांच अभियान चलाया। इस विशेष अभियान के दौरान सड़क पर चलने वाले वाहनों के फिटनेस प्रमाण पत्र और प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र (PUC) की सघन जांच की गई। इस जांच में कुल 20 वाहनों की पड़ताल की गई, जिनमें से 05 वाहन बिना आवश्यक दस्तावेजों के संचालित होते पाए गए। परिवहन नियमों के उल्लंघन पर त्वरित कार्रवाई करते हुए, टीम ने मौके पर ही इन सभी 5 वाहनों को जब्त कर लिया। जिला परिवहन अधिकारी ने बताया कि यह कार्रवाई औद्योगिक क्षेत्र में प्रदूषण नियंत्रण और सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है, और आने वाले दिनों में भी यह अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने सभी वाहन मालिकों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने वाहनों के फिटनेस, पीयूसी, बीमा और परमिट जैसे सभी जरूरी दस्तावेज हमेशा अप-टू-डेट रखें, अन्यथा भारी जुर्माने के साथ-साथ वाहनों को जब्त करने की कार्रवाई भी की जाएगी।1
- शहर में दिनदहाड़े शरारती बच्चों की एक हरकत सामने आई है, जहाँ कुछ बच्चे ब्लेड लेकर गली-मोहल्लों में घूमते हुए सड़क किनारे खड़ी कई मोटरसाइकिलों के सीट कवर फाड़ते चले गए। इस घटना के कारण कई वाहनों के सीट कवर क्षतिग्रस्त हो गए हैं। पूरी घटना आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है, जिसमें फुटेज में कुछ बच्चों को संदिग्ध गतिविधियां करते हुए देखा जा सकता है। इस घटना के बाद से क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है।2
- मध्य प्रदेश के ओंकारेश्वर में एक विधवा महिला के समर्थन में तहसील कार्यालय का घेराव किया गया। यह प्रदर्शन विधवा महिला के लिए न्याय की माँग को लेकर था। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि महिला को न्याय नहीं मिलता है, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।1
- इंदौर की जनता कॉलोनी से 15 वर्षीय यश प्रजापत लापता हो गए हैं। उनके पिता का नाम जगदीश प्रजापत है और यश की उम्र 15 साल बताई गई है। जानकारी के अनुसार, यश प्रजापत 5 जून 2026 की सुबह 7 बजे से अपने घर, 213 जनता कॉलोनी, बड़ा गणपति, इंदौर से नहीं मिले हैं। बताया गया है कि आखिरी बार यश को सफेद रंग की बनियान और काले रंग के लोवर में देखा गया था। जिस किसी को भी गुमशुदा यश प्रजापत के बारे में कोई जानकारी मिले, उनसे अनुरोध किया गया है कि वे तुरंत मोबाइल नंबर 9893052702 या 9589948400 पर संपर्क कर सूचना दें।1
- इंदौर में उद्योग नगर से बायपास तक की सड़क भारी वाहनों के लिए एक पार्किंग स्थल में तब्दील हो गई है। इस स्थिति के कारण सड़क पर लगातार रेती गिर रही है, जिससे इस मार्ग पर हादसों का खतरा बढ़ता जा रहा है।1
- देश का सबसे स्वच्छ शहर कहलाने वाला इंदौर आज अपने वार्ड क्रमांक 1 के सिरपुर क्षेत्र की खराब सड़कों के कारण सवालों के घेरे में है। पहली ही बारिश में यहां की सड़कें गहरे गड्ढों में तब्दील हो गई हैं, जिससे स्कूली बच्चों, स्थानीय रहवासियों और राहगीरों को हर दिन भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, यह समस्या कोई नई नहीं है, बल्कि लगभग एक साल से चली आ रही है। बार-बार शिकायतें करने के बावजूद, अब तक इस गंभीर समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि स्वच्छता में नंबर 1 के तमगे वाले इंदौर के इस महत्वपूर्ण क्षेत्र की सुध आखिर कब ली जाएगी और क्या जनप्रतिनिधियों व नगर निगम को इस बदहाल स्थिति पर तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए?1
- इंदौर के नेमावर रोड पर रेती से भरे ट्रकों और भारी वाहनों का अतिक्रमण प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। हाल ही में की गई कार्रवाई के बावजूद, सड़क किनारे वाहनों की कतारें अभी भी लग रही हैं, जिससे सड़क पर गिरती रेती से दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ रहा है। विडंबना यह है कि इस समस्या के बावजूद करोड़ों रुपये खर्च कर बनाई गई पार्किंग व्यवस्था का उपयोग नहीं हो रहा है, जिससे यह सवाल खड़ा हो गया है कि नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ आखिर कब प्रभावी और स्थायी कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय रहवासियों, व्यापारिक संगठनों और वाहन चालकों ने संयुक्त रूप से जिला प्रशासन, नगर निगम, यातायात पुलिस और खनिज विभाग से इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए कार्रवाई की मांग की है। उनका स्पष्ट मत है कि केवल एक-दो दिन की कार्रवाई से यह समस्या हल नहीं होगी, बल्कि इसके लिए नियमित निगरानी, भारी जुर्माना लगाना, अवैध पार्किंग करने वाले वाहनों की जब्ती करना और सड़क पर रेती गिराने वालों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई करना बेहद आवश्यक है। नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो नेमावर रोड किसी बड़े सड़क हादसे का कारण बन सकता है, और शहर की यातायात व्यवस्था को सुरक्षित तथा व्यवस्थित बनाए रखने के लिए इस समस्या का स्थायी समाधान अब समय की आवश्यकता बन चुका है।1