बाली उपखंड के नाना रेलवे स्टेशन और चामुंडेरी के बीच शुक्रवार देर रात आए तेज अंधड़ और बारिश ने बिजली व्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित किया है। इस प्राकृतिक आपदा के चलते क्षेत्र में पिछले करीब 6 घंटे से बिजली गुल है, जिससे कई गांव अंधेरे में डूबे हुए हैं और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नाना विद्युत निगम के सहायक अभियंता इंद्रजीत मीणा और कनिष्ठ अभियंता शुभम शर्मा ने जानकारी दी कि तेज हवाओं के साथ हुई बारिश के कारण कई स्थानों पर पेड़ों की डालियां और झाड़ियां टूटकर विद्युत लाइनों पर गिर गईं। इसके परिणामस्वरूप, विद्युत फॉल्ट उत्पन्न हुआ और सुरक्षा कारणों से बिजली आपूर्ति बंद करनी पड़ी। अधिकारियों ने बताया कि मौसम सामान्य होने और बारिश रुकने के बाद विद्युत विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और फॉल्ट तलाशने तथा लाइनों से गिरी हुई डालियों व झाड़ियों को हटाने का कार्य शुरू कर दिया। विभाग के कर्मचारी लगातार बिजली आपूर्ति बहाल करने के प्रयासों में जुटे हैं, और विद्युत विभाग के अनुसार, फॉल्ट दूर होते ही प्रभावित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति पुनः सुचारु कर दी जाएगी।
बाली उपखंड के नाना रेलवे स्टेशन और चामुंडेरी के बीच शुक्रवार देर रात आए तेज अंधड़ और बारिश ने बिजली व्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित किया है। इस प्राकृतिक आपदा के चलते क्षेत्र में पिछले करीब 6 घंटे से बिजली गुल है, जिससे कई गांव अंधेरे में डूबे हुए हैं और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नाना विद्युत निगम के सहायक अभियंता इंद्रजीत मीणा और कनिष्ठ अभियंता शुभम शर्मा ने जानकारी दी कि तेज हवाओं के साथ हुई बारिश के कारण कई स्थानों पर पेड़ों की डालियां और झाड़ियां टूटकर विद्युत लाइनों पर गिर गईं। इसके परिणामस्वरूप, विद्युत फॉल्ट उत्पन्न हुआ और सुरक्षा कारणों से बिजली आपूर्ति बंद करनी पड़ी। अधिकारियों ने बताया कि मौसम सामान्य होने और बारिश रुकने के बाद विद्युत विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और फॉल्ट तलाशने तथा लाइनों से गिरी हुई डालियों व झाड़ियों को हटाने का कार्य शुरू कर दिया। विभाग के कर्मचारी लगातार बिजली आपूर्ति बहाल करने के प्रयासों में जुटे हैं, और विद्युत विभाग के अनुसार, फॉल्ट दूर होते ही प्रभावित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति पुनः सुचारु कर दी जाएगी।
- पाली जिले के बाली उपखंड के आमलिया ग्राम में हुई तेज बारिश से ग्रामीणों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली है।1
- सुमेरपुर, सांडेराव और तखतगढ़ क्षेत्रों में 30 मई शनिवार अलसुबह हुई बारिश के कारण समर्थन मूल्य खरीद केंद्रों पर खुले में रखा गेहूं भीग गया, जिसके बाद प्रशासन और भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) हरकत में आ गए। इस मामले को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद एफसीआई अजमेर मंडल प्रबंधक राकेश कुमार के निर्देश पर एक तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की गई। यह टीम शनिवार शाम करीब 7 बजे तखतगढ़ स्थित खरीद केंद्र पहुंची, जिसमें एफसीआई प्रबंधक (गुणवत्ता) कालूराम मीना, प्रबंधक रींकूजी खटूमरा और गोविंदराम गोसाईवाल शामिल थे। अधिकारियों ने बारिश से प्रभावित गेहूं के कट्टों का गहन निरीक्षण किया और बूम्बी का उपयोग कर विभिन्न स्थानों से नमूने एकत्र किए, जिन्हें गुणवत्ता परीक्षण के लिए संग्रहित किया गया। टीम ने मौके पर मौजूद कर्मचारियों से विस्तृत जानकारी प्राप्त कर नुकसान की वास्तविक स्थिति का आकलन भी किया। यह उल्लेखनीय है कि जल संसाधन विभाग के डाक बंगले परिसर में संचालित अस्थायी खरीद केंद्र पर गेहूं का समय पर उठाव न होने के कारण बड़ी मात्रा में स्टॉक खुले में पड़ा था। शनिवार सुबह हुई बारिश से कई कट्टे भीग गए, जिससे किसानों और संबंधित एजेंसियों में भारी चिंता बढ़ गई थी। एफसीआई अधिकारियों ने प्रभावित गेहूं की वास्तविक स्थिति का जायजा लेते हुए एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रबंधक (गुणवत्ता) कालूराम मीना ने बताया कि बारिश से प्रभावित गेहूं के नमूने लेकर गुणवत्ता परीक्षण किया जा चुका है और इसकी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी। गुणवत्ता निरीक्षक दिलीप गोस्वामी ने भी पुष्टि की कि बारिश के कारण कुछ गेहूं के बैग प्रभावित हुए हैं और अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का आकलन किया है। रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।4
- पाली जिले के सुमेरपुर क्षेत्र में बिरामी गांव के पास 1400 एमएम व्यास की जवाई-पाली जीआरपी पाइपलाइन में लीकेज होने के कारण जलापूर्ति व्यवस्था प्रभावित हो गई है। इस सूचना के तुरंत बाद, संबंधित विभाग ने पाइपलाइन के रखरखाव और मरम्मत का काम प्राथमिकता के आधार पर शुरू कर दिया है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि मरम्मत कार्य पूरा होने तक, जवाई पाइपलाइन से जुड़े सभी क्षेत्रों में वैकल्पिक भंडारण और उपलब्ध जल स्रोतों के माध्यम से जलापूर्ति सुचारु बनाए रखने के प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि, तकनीकी कार्य के चलते संबंधित क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति आगामी दो दिनों तक प्रभावित रहने की संभावना है। विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे जल का संयमित उपयोग करें और आवश्यकतानुसार पानी का संग्रह करके रखें। अधिकारियों ने यह भी बताया कि नियमित जलापूर्ति बहाल करने के लिए मरम्मत कार्य को शीघ्र पूरा करने के लिए टीम लगातार सक्रिय रूप से काम कर रही है।2
- सिरोही जिले के गोयली गाँव में, कुत्तों के हमले से घायल हुए एक बंदर का सुरक्षित रेस्क्यू किया गया है। टीम को जैसे ही इस घटना की सूचना मिली, सिरोही रेस्क्यू टीम और निरमा फाउंडेशन की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। उन्होंने मिलकर घायल बंदर को सुरक्षित बचा लिया।1
- राजसमंद जिले और प्रदेश के अन्य जिलों में आंधी-तूफान, तेज हवाओं (50 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा) और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन ने विशेष सावधानी बरतने की चेतावनी जारी की है। एसडीएमए द्वारा जारी मौसम चेतावनी 31 मई को दोपहर 2 बजे तक प्रभावी रहेगी, जिसके लिए नागरिकों से सुरक्षित स्थानों पर रहने और सतर्कता संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है। यह चेतावनी 30 मई को जारी की गई है और 31 मई दोपहर 2:05 बजे तक प्रभावी रहेगी। जिला कलक्टर श्री अरुण कुमार हसीजा ने आमजन से खराब मौसम और आकाशीय बिजली के दौरान अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलने तथा सुरक्षित स्थानों पर ही रहने का आग्रह किया है। आकाशीय बिजली से बचाव के लिए घरों, कार्यालयों और अन्य भवनों के भीतर शरण लेना सबसे सुरक्षित उपाय है। उन्होंने बताया कि तूफान आने से पहले विद्युत उपकरणों को अनप्लग कर देना चाहिए और बिजली के उपकरणों, तार वाले टेलीफोन तथा चार्जर आदि का उपयोग नहीं करना चाहिए। लोगों को खिड़कियों, दरवाजों और बरामदों से दूर रहने तथा प्लंबिंग और धातु की पाइपों को छूने से बचने की सलाह दी गई है। यदि कोई व्यक्ति खुले स्थान पर हो, तो उसे तत्काल सुरक्षित आश्रय की ओर जाना चाहिए। पेड़ों के नीचे खड़े न होने, जलाशयों, तालाबों, झीलों और बहते पानी से दूर रहने, तथा बिजली के खंभों, तारों और धातु की वस्तुओं से दूरी बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। यदि सुरक्षित भवन उपलब्ध न हो, तो खुले मैदान में पैरों को साथ रखकर नीचे झुककर बैठें, लेकिन जमीन पर सपाट न लेटें। आकाशीय बिजली या गर्जन शुरू होने पर वाहन में होने पर उसके अंदर ही रहने की सलाह दी गई है। जिला प्रशासन ने नागरिकों को '30-30' सुरक्षा नियम अपनाने की भी सलाह दी है: यदि बिजली चमकने और गर्जन सुनाई देने के बीच का समय 30 सेकंड से कम हो, तो तुरंत सुरक्षित भवन के अंदर चले जाएं; और अंतिम गर्जन सुनाई देने के कम से कम 30 मिनट बाद ही बाहरी गतिविधियां पुनः प्रारंभ करें। इसके अतिरिक्त, जिन पेड़ों के घरों या भवनों पर गिरने की आशंका हो, उनकी समय रहते छंटाई करवा लेनी चाहिए। घरों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की सुरक्षा के लिए सर्ज प्रोटेक्टर अथवा बिजली संरक्षण प्रणाली का उपयोग करने की सलाह दी गई है। यदि कहीं बिजली के तार, खंभे या पेड़ गिर जाएं, तो उनसे दूरी बनाए रखें और तत्काल संबंधित विभाग अथवा स्थानीय प्रशासन को सूचना दें। जिला प्रशासन ने आमजन से मौसम विभाग और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा जारी चेतावनियों पर निरंतर नजर रखने तथा किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन एवं आपदा प्रबंधन तंत्र के निर्देशों का पालन करने की अपील की है।2
- एक धार्मिक कार्यक्रम में दिल्ली के ख्यातनाम झांकी कलाकारों (मनोज रिया एंड पार्टी) द्वारा महाकाल भस्म आरती और राम दरबार की शानदार झांकियां प्रस्तुत की गईं। इस आयोजन में राजू माली ने कुशल मंच संचालन किया, जिसके तहत मशहूर भजन गायक प्रकाश माली, भगवत सुथार, श्याम पालीवाल और गायिका मधुबाला राव ने अपनी मधुर प्रस्तुतियां दीं। इस अवसर पर राजू माली ने मंच से सभी दानदाताओं और प्रवासियों का सम्मान भी किया।1
- पाली जिले के कूरना गांव में एक भयंकर तूफान के साथ तेज बारिश हुई। इस भीषण तूफान के कारण एक बिजली का खंभा गिर गया, जिससे उस ओर का रास्ता भी अवरुद्ध हो गया। तूफान के चलते किसी व्यक्ति के छठ के ऊपर पत्र (दस्तावेज़) भी गिर गए।1
- सुमेरपुर और तखतगढ़ समेत पूरे उपखंड क्षेत्र में नौतपा के छठे दिन, शनिवार 30 मई को अलसुबह मौसम ने अचानक करवट ली, जिससे भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली। सुबह करीब तीन बजे तेज धूलभरी आंधी चलने के बाद क्षेत्र के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर विद्युत आपूर्ति भी प्रभावित हुई और घंटों तक बिजली गुल रही। बारिश और बादलों की मौजूदगी से तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई; जहाँ पिछले दिनों अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच रहा था, वहीं शनिवार को यह घटकर 39 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 29.6 डिग्री सेल्सियस रहा। इस बदलाव से लोगों को तपती गर्मी और उमस से सुकून मिला। इस बारिश से ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों के चेहरों पर खुशी लौट आई, जबकि लंबे समय से तेज गर्मी और लू के थपेड़ों से परेशान लोगों ने राहत की साँस ली। हालांकि, कुछ स्थानों पर जलभराव के कारण छोटे वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। तखतगढ़ नगर में बारिश के दौरान कई नालों में प्लास्टिक कचरा और गंदगी जमा दिखाई दी, जिससे स्थानीय लोगों ने नियमित सफाई के दावों के बावजूद नालों की समुचित सफाई न होने पर सवाल उठाए। उनके अनुसार, इस कारण जल निकासी प्रभावित हुई और नगर की सफाई व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हुए। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से आगामी कुछ दिनों तक मौसम अपेक्षाकृत सुहाना बना रह सकता है और जून के शुरुआती दिनों में दिन तथा रात के तापमान में और गिरावट आने की संभावना है। मौसम में आए इस बदलाव ने नौतपा की तपिश के बीच क्षेत्रवासियों को बड़ी राहत प्रदान की है।4