सोनभद्र। उत्तर प्रदेश अग्निशमन सेवा द्वारा चलाए जा रहे अग्नि सुरक्षा साप्ताहिक अभियान के तहत शनिवार को जिला अस्पताल लोढ़ी समेत विभिन्न अस्पतालों में व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया। प्रभारी अग्निशमन अधिकारी करन सिंह के नेतृत्व में आयोजित इस अभियान का उद्देश्य अस्पतालों में आग लगने की घटनाओं को रोकना और आपात स्थिति में लोगों को सुरक्षित बचाव के प्रति जागरूक करना रहा।अभियान के दौरान डॉक्टरों, कर्मचारियों और सुरक्षाकर्मियों को आग लगने के प्रमुख कारणों, विद्युत उपकरणों के सुरक्षित उपयोग तथा अस्पताल परिसर में अग्नि सुरक्षा मानकों के पालन की विस्तृत जानकारी दी गई। प्रभारी अग्निशमन अधिकारी करन सिंह ने कहा कि छोटी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है, इसलिए हर स्तर पर सतर्कता बेहद जरूरी है।इस मौके पर अस्पताल कर्मियों को आग लगने की स्थिति में मरीजों और अन्य लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के तरीके बताए गए। साथ ही फायर एक्सटिंग्यूशर के उपयोग का व्यावहारिक प्रदर्शन कर कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए कई महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।अभियान के अंत में अग्निशमन विभाग की ओर से सभी से अस्पताल परिसर में अग्निसुरक्षा नियमों का पालन करने तथा किसी भी आपात स्थिति में तुरंत फायर विभाग को सूचना देने की अपील की गई।
सोनभद्र। उत्तर प्रदेश अग्निशमन सेवा द्वारा चलाए जा रहे अग्नि सुरक्षा साप्ताहिक अभियान के तहत शनिवार को जिला अस्पताल लोढ़ी समेत विभिन्न अस्पतालों में व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया। प्रभारी अग्निशमन अधिकारी करन सिंह के नेतृत्व में आयोजित इस अभियान का उद्देश्य अस्पतालों में आग लगने की घटनाओं को रोकना और आपात स्थिति में लोगों को सुरक्षित बचाव के प्रति जागरूक करना रहा।अभियान के दौरान डॉक्टरों, कर्मचारियों और सुरक्षाकर्मियों को आग लगने के प्रमुख कारणों, विद्युत उपकरणों के सुरक्षित उपयोग तथा अस्पताल परिसर में अग्नि सुरक्षा मानकों के पालन की विस्तृत जानकारी दी गई। प्रभारी अग्निशमन अधिकारी करन सिंह ने कहा कि छोटी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है, इसलिए हर स्तर पर सतर्कता बेहद जरूरी है।इस मौके पर अस्पताल कर्मियों को आग लगने की स्थिति में मरीजों और अन्य लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के तरीके बताए गए। साथ ही फायर एक्सटिंग्यूशर के उपयोग का व्यावहारिक प्रदर्शन कर कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए कई महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।अभियान के अंत में अग्निशमन विभाग की ओर से सभी से अस्पताल परिसर में अग्निसुरक्षा नियमों का पालन करने तथा किसी भी आपात स्थिति में तुरंत फायर विभाग को सूचना देने की अपील की गई।
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- सोनभद्र के दुद्धी में एक हैंडपंप बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। इसका पंप हेड, वायरिंग कवर, बेयरिंग रॉड और हैंडल बुरी तरह टूट गए हैं। इससे स्थानीय ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।1
- सोनभद्र के धूमा ग्राम पंचायत में एक महिला ने कुएँ में कूदकर अपनी जान दे दी। पुलिस ने 3 घंटे की मशक्कत के बाद कुएँ से महिला का शव बरामद किया।1
- 🛑 केतार (गढ़वा) खुशी का सफर अधूरा, एक झटके में तीन जिंदगियां खत्म1
- देवसर बाजार के बीच से गुजरता NH-39 बना 'काल', बाईपास की मांग ने पकड़ी रफ्तार चितरंगी चौराहे पर घंटों लग रहा जाम, भारी वाहनों के बीच जान जोखिम में डाल रहे राहगीर और स्कूली बच्चे। सिंगरौली | 10 मई, 2026 सिंगरौली। सीधी-सिंगरौली राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-39) पर स्थित देवसर बाजार इन दिनों भीषण ट्रैफिक और हादसों के साए में है। करीब 2 किलोमीटर लंबे इस व्यस्ततम बाजार क्षेत्र में अव्यवस्थित यातायात और भारी वाहनों की अनियंत्रित आवाजाही ने स्थानीय लोगों और व्यापारियों का जीना दूभर कर दिया है। स्थिति यह है कि देवसर बाजार अब किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है। चितरंगी चौराहा: जाम और अव्यवस्था का केंद्र। बाजार का सबसे संवेदनशील हिस्सा चितरंगी चौराहा बन चुका है। यहां न तो कोई व्यवस्थित बस स्टैंड है और न ही यातायात नियंत्रण की कोई ठोस व्यवस्था। बसें सड़क के बीचों-बीच खड़ी होकर सवारियां भरती हैं, जिससे पीछे से आने वाले ट्रक और हाईवा के कारण मीलों लंबा जाम लग जाता है। सड़क किनारे खड़े ऑटो और ठेलों ने स्थिति को और भी गंभीर बना दिया है। अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पर उठे सवाल। स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों का कहना है कि प्रशासन की अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई अक्सर केवल गरीब ठेले वालों तक सीमित रह जाती है। जबकि मुख्य समस्या सड़क पर बेतरतीब ढंग से खड़ी बाइक और कारें हैं, जिन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती। व्यापारियों का कहना है कि जाम और असुरक्षा के कारण अब ग्राहकों ने बाजार आना कम कर दिया है, जिससे व्यापार पर बुरा असर पड़ रहा है। बाईपास या ओवरब्रिज ही एकमात्र समाधान क्षेत्रीय जनता का मानना है कि अब केवल चालानी कार्रवाई से देवसर की सूरत नहीं बदलने वाली। लोगों की मांग है कि: बाईपास निर्माण: NH-39 को बाजार से बाहर ले जाने के लिए बाईपास का काम युद्ध स्तर पर शुरू हो। ओवरब्रिज: यदि बाईपास संभव नहीं है, तो घनी आबादी वाले क्षेत्र में ओवरब्रिज का निर्माण किया जाए। ट्रैफिक पुलिस: चितरंगी चौराहे, बलदेव चौराहा और कॉलेज मोड़ पर स्थायी यातायात पुलिस की तैनाती की जाए। किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा प्रशासन? देवसर बाजार आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र का प्रमुख व्यापारिक केंद्र है, जहां रोजाना हजारों की भीड़ उमड़ती है। स्कूल जाने वाले बच्चे और बुजुर्ग सबसे अधिक जोखिम में हैं। कई बार ज्ञापन और शिकायतों के बावजूद अब तक प्रशासन ने बाईपास को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। अब जनता में आक्रोश बढ़ रहा है और सवाल यह है कि क्या प्रशासन किसी बड़ी अनहोनी के बाद ही जागेगा? "जब तक NH-39 का बाईपास या ओवरब्रिज नहीं बनेगा, तब तक देवसर में जाम और मौतों का सिलसिला थामना नामुमकिन है। प्रशासन को हमारी सुरक्षा के लिए अब ठोस निर्णय लेना ही होगा।" — स्थानीय नागरिक एवं व्यापारी, देवसर1
- खबर चंदौली के चकिया से हैं अवैध खनन कर रहें हिस्ट्रीशीटर की तलाश #चन्दौली ... आरक्षित वनभूमि मे बिना परमिशन मिट्टी खनन होने पर का मामला गरम... सीओ चकिया का बयान..... 21 नामजद व 100 अज्ञात लोगों पर विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज....1
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- सिंगरौली: यातायात पुलिस का 15 दिवसीय विशेष अभियान संपन्न, 650 से अधिक चालकों पर गिरी गाज। सिंगरौली | 10 मई, 2026 सड़क दुर्घटनाओं पर लगाम लगाने और अनमोल जीवन को सुरक्षित करने के उद्देश्य से सिंगरौली पुलिस द्वारा चलाया गया 15 दिवसीय विशेष हेलमेट चेकिंग एवं जागरूकता अभियान आज संपन्न हुआ। नवागत पुलिस अधीक्षक श्री षियाज़ के.एम. (IPS) एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री सर्वप्रिय सिन्हा के कुशल मार्गदर्शन में यह अभियान 26 अप्रैल से 10 मई तक पूरे जिले में प्रभावी रूप से चलाया गया। प्रमुख कार्यवाही और आंकड़े अभियान के दौरान पुलिस ने न केवल सख्ती दिखाई, बल्कि समझाइश का मार्ग भी अपनाया: चालानी कार्यवाही: बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने वाले 650 से अधिक चालकों के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही की गई। मुख्य उद्देश्य: पुलिस का लक्ष्य केवल दंड देना नहीं, बल्कि नागरिकों को यातायात नियमों के प्रति जिम्मेदार बनाना रहा। नवाचार: नुक्कड़ नाटक और पोस्टर से जन-जागरूकता। इस अभियान की विशेषता इसकी विविधता रही। पुलिस ने जनता तक पहुँचने के लिए आधुनिक और पारंपरिक दोनों तरीकों का उपयोग किया: नुक्कड़ नाटक: स्थानीय कलाकारों के सहयोग से व्यस्त बाजारों और बस स्टैंडों पर नाटकों का मंचन किया गया, जिससे सड़क सुरक्षा का संदेश मनोरंजक ढंग से लोगों के दिलों तक पहुँचा। प्रचार-प्रसार: शहर और ग्रामीण इलाकों में सूचनात्मक पोस्टर लगाए गए और पंपलेट बांटे गए, जिनमें हेलमेट के वैज्ञानिक लाभ और यातायात संकेतों की विस्तृत जानकारी दी गई। शिक्षण संस्थानों में सत्र: स्कूल-कॉलेजों में विशेष सत्र आयोजित कर युवाओं को 'सड़क सुरक्षा दूत' बनाया गया, ताकि वे अपने परिवारों को भी सुरक्षित ड्राइविंग के लिए प्रेरित कर सकें। अधिकारियों का संदेश। सिंगरौली पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया कि अधिकांश सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु का मुख्य कारण सिर में गंभीर चोट लगना होता है। एक अच्छी गुणवत्ता वाला हेलमेट इस जोखिम को कई गुना कम कर देता है। "हमारा उद्देश्य केवल चालान काटना नहीं, बल्कि हर नागरिक को सुरक्षित घर पहुँचाना है।" आमजन से अपील। सिंगरौली पुलिस ने जिले के समस्त नागरिकों से अपील की है कि दोपहिया वाहन चलाते समय अनिवार्य रूप से BIS (Bureau of Indian Standards) मार्क वाला हेलमेट ही पहनें। यह न केवल कानून का पालन है, बल्कि आपके परिवार की खुशियों की गारंटी भी है।6
- उत्तर प्रदेश के चकिया वन क्षेत्र में अवैध खनन पर छापेमारी करने गई पुलिस और वन विभाग की टीम पर 80-100 लोगों ने हमला कर सरकारी कार्य में बाधा डाली। टीम ने मौके से एक जेसीबी और दो ट्रैक्टर जब्त किए, वहीं मुख्य आरोपी महेंद्र राव समेत अन्य फरार हैं। पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें रवाना की हैं और सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।1