देवसर बाजार के बीच से गुजरता NH-39 बना 'काल', बाईपास की मांग ने पकड़ी रफ्तार चितरंगी चौराहे पर घंटों लग रहा जाम, भारी वाहनों के बीच जान जोखिम में डाल रहे राहगीर और स्कूली बच्चे। सिंगरौली | 10 मई, 2026 सिंगरौली। सीधी-सिंगरौली राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-39) पर स्थित देवसर बाजार इन दिनों भीषण ट्रैफिक और हादसों के साए में है। करीब 2 किलोमीटर लंबे इस व्यस्ततम बाजार क्षेत्र में अव्यवस्थित यातायात और भारी वाहनों की अनियंत्रित आवाजाही ने स्थानीय लोगों और व्यापारियों का जीना दूभर कर दिया है। स्थिति यह है कि देवसर बाजार अब किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है। चितरंगी चौराहा: जाम और अव्यवस्था का केंद्र। बाजार का सबसे संवेदनशील हिस्सा चितरंगी चौराहा बन चुका है। यहां न तो कोई व्यवस्थित बस स्टैंड है और न ही यातायात नियंत्रण की कोई ठोस व्यवस्था। बसें सड़क के बीचों-बीच खड़ी होकर सवारियां भरती हैं, जिससे पीछे से आने वाले ट्रक और हाईवा के कारण मीलों लंबा जाम लग जाता है। सड़क किनारे खड़े ऑटो और ठेलों ने स्थिति को और भी गंभीर बना दिया है। अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पर उठे सवाल। स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों का कहना है कि प्रशासन की अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई अक्सर केवल गरीब ठेले वालों तक सीमित रह जाती है। जबकि मुख्य समस्या सड़क पर बेतरतीब ढंग से खड़ी बाइक और कारें हैं, जिन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती। व्यापारियों का कहना है कि जाम और असुरक्षा के कारण अब ग्राहकों ने बाजार आना कम कर दिया है, जिससे व्यापार पर बुरा असर पड़ रहा है। बाईपास या ओवरब्रिज ही एकमात्र समाधान क्षेत्रीय जनता का मानना है कि अब केवल चालानी कार्रवाई से देवसर की सूरत नहीं बदलने वाली। लोगों की मांग है कि: बाईपास निर्माण: NH-39 को बाजार से बाहर ले जाने के लिए बाईपास का काम युद्ध स्तर पर शुरू हो। ओवरब्रिज: यदि बाईपास संभव नहीं है, तो घनी आबादी वाले क्षेत्र में ओवरब्रिज का निर्माण किया जाए। ट्रैफिक पुलिस: चितरंगी चौराहे, बलदेव चौराहा और कॉलेज मोड़ पर स्थायी यातायात पुलिस की तैनाती की जाए। किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा प्रशासन? देवसर बाजार आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र का प्रमुख व्यापारिक केंद्र है, जहां रोजाना हजारों की भीड़ उमड़ती है। स्कूल जाने वाले बच्चे और बुजुर्ग सबसे अधिक जोखिम में हैं। कई बार ज्ञापन और शिकायतों के बावजूद अब तक प्रशासन ने बाईपास को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। अब जनता में आक्रोश बढ़ रहा है और सवाल यह है कि क्या प्रशासन किसी बड़ी अनहोनी के बाद ही जागेगा? "जब तक NH-39 का बाईपास या ओवरब्रिज नहीं बनेगा, तब तक देवसर में जाम और मौतों का सिलसिला थामना नामुमकिन है। प्रशासन को हमारी सुरक्षा के लिए अब ठोस निर्णय लेना ही होगा।" — स्थानीय नागरिक एवं व्यापारी, देवसर
देवसर बाजार के बीच से गुजरता NH-39 बना 'काल', बाईपास की मांग ने पकड़ी रफ्तार चितरंगी चौराहे पर घंटों लग रहा जाम, भारी वाहनों के बीच जान जोखिम में डाल रहे राहगीर और स्कूली बच्चे। सिंगरौली | 10 मई, 2026 सिंगरौली। सीधी-सिंगरौली राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-39) पर स्थित देवसर बाजार इन दिनों भीषण ट्रैफिक और हादसों के साए में है। करीब 2 किलोमीटर लंबे इस व्यस्ततम बाजार क्षेत्र में अव्यवस्थित यातायात और भारी वाहनों की अनियंत्रित आवाजाही ने स्थानीय लोगों और व्यापारियों का जीना दूभर कर दिया है। स्थिति यह है कि देवसर बाजार अब किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है। चितरंगी चौराहा: जाम और अव्यवस्था का केंद्र। बाजार का सबसे संवेदनशील हिस्सा चितरंगी चौराहा बन चुका है। यहां न तो कोई व्यवस्थित बस स्टैंड है और न ही यातायात नियंत्रण की कोई ठोस व्यवस्था। बसें सड़क के बीचों-बीच खड़ी होकर सवारियां भरती हैं, जिससे पीछे से आने वाले ट्रक और हाईवा के कारण मीलों लंबा जाम लग जाता है। सड़क किनारे खड़े ऑटो और ठेलों ने स्थिति को और भी गंभीर बना दिया है। अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पर उठे सवाल। स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों का कहना है कि प्रशासन की अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई अक्सर केवल गरीब ठेले वालों तक सीमित रह जाती है। जबकि मुख्य समस्या सड़क पर बेतरतीब ढंग से खड़ी बाइक और कारें हैं, जिन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती। व्यापारियों का कहना है कि जाम और असुरक्षा के कारण अब ग्राहकों ने बाजार आना कम कर दिया है, जिससे व्यापार पर बुरा असर पड़ रहा है। बाईपास या ओवरब्रिज ही एकमात्र समाधान क्षेत्रीय जनता का मानना है कि अब केवल चालानी कार्रवाई से देवसर की सूरत नहीं बदलने वाली। लोगों की मांग है कि: बाईपास निर्माण: NH-39 को बाजार से बाहर ले जाने के लिए बाईपास का काम युद्ध स्तर पर शुरू हो। ओवरब्रिज: यदि बाईपास संभव नहीं है, तो घनी आबादी वाले क्षेत्र में ओवरब्रिज का निर्माण किया जाए। ट्रैफिक पुलिस: चितरंगी चौराहे, बलदेव चौराहा और कॉलेज मोड़ पर स्थायी यातायात पुलिस की तैनाती की जाए। किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा प्रशासन? देवसर बाजार आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र का प्रमुख व्यापारिक केंद्र है, जहां रोजाना हजारों की भीड़ उमड़ती है। स्कूल जाने वाले बच्चे और बुजुर्ग सबसे अधिक जोखिम में हैं। कई बार ज्ञापन और शिकायतों के बावजूद अब तक प्रशासन ने बाईपास को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। अब जनता में आक्रोश बढ़ रहा है और सवाल यह है कि क्या प्रशासन किसी बड़ी अनहोनी के बाद ही जागेगा? "जब तक NH-39 का बाईपास या ओवरब्रिज नहीं बनेगा, तब तक देवसर में जाम और मौतों का सिलसिला थामना नामुमकिन है। प्रशासन को हमारी सुरक्षा के लिए अब ठोस निर्णय लेना ही होगा।" — स्थानीय नागरिक एवं व्यापारी, देवसर
- देवसर बाजार के बीच से गुजरता NH-39 बना 'काल', बाईपास की मांग ने पकड़ी रफ्तार चितरंगी चौराहे पर घंटों लग रहा जाम, भारी वाहनों के बीच जान जोखिम में डाल रहे राहगीर और स्कूली बच्चे। सिंगरौली | 10 मई, 2026 सिंगरौली। सीधी-सिंगरौली राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-39) पर स्थित देवसर बाजार इन दिनों भीषण ट्रैफिक और हादसों के साए में है। करीब 2 किलोमीटर लंबे इस व्यस्ततम बाजार क्षेत्र में अव्यवस्थित यातायात और भारी वाहनों की अनियंत्रित आवाजाही ने स्थानीय लोगों और व्यापारियों का जीना दूभर कर दिया है। स्थिति यह है कि देवसर बाजार अब किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है। चितरंगी चौराहा: जाम और अव्यवस्था का केंद्र। बाजार का सबसे संवेदनशील हिस्सा चितरंगी चौराहा बन चुका है। यहां न तो कोई व्यवस्थित बस स्टैंड है और न ही यातायात नियंत्रण की कोई ठोस व्यवस्था। बसें सड़क के बीचों-बीच खड़ी होकर सवारियां भरती हैं, जिससे पीछे से आने वाले ट्रक और हाईवा के कारण मीलों लंबा जाम लग जाता है। सड़क किनारे खड़े ऑटो और ठेलों ने स्थिति को और भी गंभीर बना दिया है। अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पर उठे सवाल। स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों का कहना है कि प्रशासन की अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई अक्सर केवल गरीब ठेले वालों तक सीमित रह जाती है। जबकि मुख्य समस्या सड़क पर बेतरतीब ढंग से खड़ी बाइक और कारें हैं, जिन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती। व्यापारियों का कहना है कि जाम और असुरक्षा के कारण अब ग्राहकों ने बाजार आना कम कर दिया है, जिससे व्यापार पर बुरा असर पड़ रहा है। बाईपास या ओवरब्रिज ही एकमात्र समाधान क्षेत्रीय जनता का मानना है कि अब केवल चालानी कार्रवाई से देवसर की सूरत नहीं बदलने वाली। लोगों की मांग है कि: बाईपास निर्माण: NH-39 को बाजार से बाहर ले जाने के लिए बाईपास का काम युद्ध स्तर पर शुरू हो। ओवरब्रिज: यदि बाईपास संभव नहीं है, तो घनी आबादी वाले क्षेत्र में ओवरब्रिज का निर्माण किया जाए। ट्रैफिक पुलिस: चितरंगी चौराहे, बलदेव चौराहा और कॉलेज मोड़ पर स्थायी यातायात पुलिस की तैनाती की जाए। किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा प्रशासन? देवसर बाजार आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र का प्रमुख व्यापारिक केंद्र है, जहां रोजाना हजारों की भीड़ उमड़ती है। स्कूल जाने वाले बच्चे और बुजुर्ग सबसे अधिक जोखिम में हैं। कई बार ज्ञापन और शिकायतों के बावजूद अब तक प्रशासन ने बाईपास को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। अब जनता में आक्रोश बढ़ रहा है और सवाल यह है कि क्या प्रशासन किसी बड़ी अनहोनी के बाद ही जागेगा? "जब तक NH-39 का बाईपास या ओवरब्रिज नहीं बनेगा, तब तक देवसर में जाम और मौतों का सिलसिला थामना नामुमकिन है। प्रशासन को हमारी सुरक्षा के लिए अब ठोस निर्णय लेना ही होगा।" — स्थानीय नागरिक एवं व्यापारी, देवसर1
- तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री विजय के शपथ ग्रहण समारोह में एक भावुक क्षण देखने को मिला। अपने बेटे को सीएम बनते देख उनके माता-पिता खुशी और गर्व से रो पड़े, जिसका वीडियो वायरल हो रहा है।1
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- सोनभद्र में बच्चों ने "मदर्स डे" को हर्षोल्लास के साथ किया सेलीब्रेट - बच्चों ने अपनी मां का चित्र लेकर विद्यालय में आदरपूर्वक दिया सम्मान - परमहंस पब्लिक स्कूल एवं पंडित विद्याधर इंटर कालेज कबरी में हुआ विभिन्न आयोजन फोटो: सोनभद्र। परमहंस पब्लिक स्कूल एवं पंडित विद्याधर इण्टर कॉलेज कबरी सोनभद्र के बच्चों ने 'मदर्स डे' पर रविवार को हर्षोल्लास के साथ सेलीब्रेट किया । बच्चे अपनी -अपनी माताओं का चित्र विद्यालय में लाकर आदर पूर्वक सम्मान दिया । जहां अभिनय के माध्यम से मां का बच्चों के प्रति प्यार दुलार को दर्शाया, वहीं दूसरी तरफ बच्चों ने भी अपने अभिनय के द्वारा मां के प्रति प्रेम को प्रकट किया। प्रबंधक डॉक्टर धर्मवीर तिवारी ने बताया कि "मदर्स डे" के अवसर पर विभिन्न आयोजन किया गया। बच्चों के साथ ही अध्यापक/अध्यापिकाओं ने भी अपने अभिव्यक्ति के माध्यम से मां के प्रति बच्चों के कर्तव्य का बोध कराया। इस प्रकार के एक्टिविटीज के माध्यम से मां तथा बच्चों के बीच सम्बन्ध को प्रगाढ़ करने का सफल प्रयास किया गया। इस अवसर पर संरक्षक सुरेश तिवारी, प्रधानाचार्य ओमप्रकाश चतुर्वेदी, श्रवण कुमार पाण्डेय, अनुराग त्रिपाठी, कृष्ण देव पाण्डेय, संदीप चौहान, अमिताभ बच्चन, राजू प्रसाद, मनीष दूबे, पूजा सिंह, पूजा पाण्डेय, पायल सोनी, पूजा भारती, प्रीति, श्वेता सिंह,निधि सिंह,श्रेया पाण्डेय आदि मौजूद रही।1
- सांसद राजेश मिश्रा ने मध्य प्रदेश के दुबरी में जनता की समस्याएँ सुनीं और स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया। उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों के समर्पण की सराहना करते हुए दुबरी टाइगर रिजर्व को राष्ट्रीय पर्यटन केंद्र बनाने का संकल्प दोहराया। यह मध्य प्रदेश को 'टाइगर स्टेट' के रूप में स्थापित करने में अहम भूमिका निभाएगा।4
- उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में दुद्धी को जिला बनाने की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। अधिवक्ताओं और संघर्ष समिति ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि विधानसभा चुनाव में किए गए वादे पूरे न होने से क्षेत्र में भारी नाराजगी है, जल्द घोषणा न होने पर आंदोलन और तेज करने की चेतावनी दी गई है।1
- *प्रेस नोट* *जनपद – सोनभद्र* *दिनांक – 10.05.2026* *“ऑपरेशन दहन” के तहत अवैध शराब के विरुद्ध बड़ी कार्यवाही, थाना करमा पर 71 मुकदमों के मुकदमाती माल का विधिक निस्तारण-* पुलिस अधीक्षक सोनभद्र श्री अभिषेक वर्मा के निर्देशन में चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन दहन” के तहत अवैध मादक पदार्थों के निस्तारण के क्रम में, अपर पुलिस अधीक्षक ऑपरेशन श्री ऋषभ रुणवाल के पर्यवेक्षण तथा क्षेत्राधिकारी घोरावल श्री राहुल पाण्डेय के कुशल पर्यवेक्षण में आज दिनांक 10.05.2026 को थाना करमा परिसर में विभिन्न अभियोगों से संबंधित कुल 71 मुकदमों के मुकदमाती माल (अवैध शराब) का विधिक रूप से निस्तारण कराया गया। उक्त कार्यवाही सक्षम मजिस्ट्रेट/राजपत्रित अधिकारी की उपस्थिति में विधिक प्रावधानों का पालन करते हुए संपन्न कराई गई। निस्तारण के दौरान बरामद शराब को थाना परिसर में गड्ढा खुदवाकर पर्यावरणीय मानकों का पालन करते हुए विधिवत रूप से नष्ट किया गया, जिससे इसके दुरुपयोग एवं पुनः अवैध प्रचलन की संभावना पूर्णतः समाप्त की जा सके। *अभियान के अंतर्गत नष्ट की गई मदिरा का विवरण निम्नवत है—* 01. कुल 64 मुकदमों से संबंधित कच्ची देशी शराब – 721 लीटर। 02. कुल 02 मुकदमों से संबंधित अंग्रेजी शराब – 12,239 लीटर, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग ₹61,19,500/- 03. कुल 05 मुकदमों से संबंधित देशी सरकारी शराब – 29 लीटर, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग ₹7,250/- थाना करमा पुलिस द्वारा की गई उक्त कार्यवाही अवैध शराब के निर्माण, भंडारण एवं तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान में एक महत्वपूर्ण कदम है। जनपद पुलिस द्वारा भविष्य में भी अवैध मादक पदार्थों एवं शराब के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही लगातार जारी रहेगी। *प्रेस नोट* *जनपद – सोनभद्र* *दिनांक – 10.05.2026* *“ऑपरेशन दहन” के तहत अवैध शराब के विरुद्ध बड़ी कार्यवाही, थाना करमा पर 71 मुकदमों के मुकदमाती माल का विधिक निस्तारण-* पुलिस अधीक्षक सोनभद्र श्री अभिषेक वर्मा के निर्देशन में चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन दहन” के तहत अवैध मादक पदार्थों के निस्तारण के क्रम में, अपर पुलिस अधीक्षक ऑपरेशन श्री ऋषभ रुणवाल के पर्यवेक्षण तथा क्षेत्राधिकारी घोरावल श्री राहुल पाण्डेय के कुशल पर्यवेक्षण में आज दिनांक 10.05.2026 को थाना करमा परिसर में विभिन्न अभियोगों से संबंधित कुल 71 मुकदमों के मुकदमाती माल (अवैध शराब) का विधिक रूप से निस्तारण कराया गया। उक्त कार्यवाही सक्षम मजिस्ट्रेट/राजपत्रित अधिकारी की उपस्थिति में विधिक प्रावधानों का पालन करते हुए संपन्न कराई गई। निस्तारण के दौरान बरामद शराब को थाना परिसर में गड्ढा खुदवाकर पर्यावरणीय मानकों का पालन करते हुए विधिवत रूप से नष्ट किया गया, जिससे इसके दुरुपयोग एवं पुनः अवैध प्रचलन की संभावना पूर्णतः समाप्त की जा सके। *अभियान के अंतर्गत नष्ट की गई मदिरा का विवरण निम्नवत है—* 01. कुल 64 मुकदमों से संबंधित कच्ची देशी शराब – 721 लीटर। 02. कुल 02 मुकदमों से संबंधित अंग्रेजी शराब – 12,239 लीटर, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग ₹61,19,500/- 03. कुल 05 मुकदमों से संबंधित देशी सरकारी शराब – 29 लीटर, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग ₹7,250/- थाना करमा पुलिस द्वारा की गई उक्त कार्यवाही अवैध शराब के निर्माण, भंडारण एवं तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान में एक महत्वपूर्ण कदम है। जनपद पुलिस द्वारा भविष्य में भी अवैध मादक पदार्थों एवं शराब के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही लगातार जारी रहेगी।1
- सिंगरौली: यातायात पुलिस का 15 दिवसीय विशेष अभियान संपन्न, 650 से अधिक चालकों पर गिरी गाज। सिंगरौली | 10 मई, 2026 सड़क दुर्घटनाओं पर लगाम लगाने और अनमोल जीवन को सुरक्षित करने के उद्देश्य से सिंगरौली पुलिस द्वारा चलाया गया 15 दिवसीय विशेष हेलमेट चेकिंग एवं जागरूकता अभियान आज संपन्न हुआ। नवागत पुलिस अधीक्षक श्री षियाज़ के.एम. (IPS) एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री सर्वप्रिय सिन्हा के कुशल मार्गदर्शन में यह अभियान 26 अप्रैल से 10 मई तक पूरे जिले में प्रभावी रूप से चलाया गया। प्रमुख कार्यवाही और आंकड़े अभियान के दौरान पुलिस ने न केवल सख्ती दिखाई, बल्कि समझाइश का मार्ग भी अपनाया: चालानी कार्यवाही: बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने वाले 650 से अधिक चालकों के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही की गई। मुख्य उद्देश्य: पुलिस का लक्ष्य केवल दंड देना नहीं, बल्कि नागरिकों को यातायात नियमों के प्रति जिम्मेदार बनाना रहा। नवाचार: नुक्कड़ नाटक और पोस्टर से जन-जागरूकता। इस अभियान की विशेषता इसकी विविधता रही। पुलिस ने जनता तक पहुँचने के लिए आधुनिक और पारंपरिक दोनों तरीकों का उपयोग किया: नुक्कड़ नाटक: स्थानीय कलाकारों के सहयोग से व्यस्त बाजारों और बस स्टैंडों पर नाटकों का मंचन किया गया, जिससे सड़क सुरक्षा का संदेश मनोरंजक ढंग से लोगों के दिलों तक पहुँचा। प्रचार-प्रसार: शहर और ग्रामीण इलाकों में सूचनात्मक पोस्टर लगाए गए और पंपलेट बांटे गए, जिनमें हेलमेट के वैज्ञानिक लाभ और यातायात संकेतों की विस्तृत जानकारी दी गई। शिक्षण संस्थानों में सत्र: स्कूल-कॉलेजों में विशेष सत्र आयोजित कर युवाओं को 'सड़क सुरक्षा दूत' बनाया गया, ताकि वे अपने परिवारों को भी सुरक्षित ड्राइविंग के लिए प्रेरित कर सकें। अधिकारियों का संदेश। सिंगरौली पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया कि अधिकांश सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु का मुख्य कारण सिर में गंभीर चोट लगना होता है। एक अच्छी गुणवत्ता वाला हेलमेट इस जोखिम को कई गुना कम कर देता है। "हमारा उद्देश्य केवल चालान काटना नहीं, बल्कि हर नागरिक को सुरक्षित घर पहुँचाना है।" आमजन से अपील। सिंगरौली पुलिस ने जिले के समस्त नागरिकों से अपील की है कि दोपहिया वाहन चलाते समय अनिवार्य रूप से BIS (Bureau of Indian Standards) मार्क वाला हेलमेट ही पहनें। यह न केवल कानून का पालन है, बल्कि आपके परिवार की खुशियों की गारंटी भी है।6