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गंजपुरा में गंदगी का अंबार देखा गया है। इस स्थिति को देखते हुए, सीईओ ने सख्त कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं।
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गंजपुरा में गंदगी का अंबार देखा गया है। इस स्थिति को देखते हुए, सीईओ ने सख्त कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं।
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- टोंक जिले के उनियारा क्षेत्र के बनेठा में राज्य सरकार के निर्देशानुसार आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु एक जन सेवा शिविर का आयोजन किया गया, जिसका निरीक्षण विधायक राजेंद्र गुर्जर ने किया। इस दौरान उन्होंने शिविर में मौजूद 22 विभागों के कार्यों की समीक्षा की और स्थानीय लोगों की परेशानियां सुनीं। जनसुनवाई के दौरान एक बार फिर क्षेत्र में बिजली, पेयजल और इसरदा डेम से जुड़ी समस्याएं प्रमुखता से सामने आईं। विधायक ने उपखण्ड अधिकारी के साथ मिलकर प्रत्येक परिवादी की समस्या को गंभीरता से सुना और संबंधित विभाग के अधिकारियों को उनके त्वरित समाधान के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी कि आमजन से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। स्थानीय लोगों ने इसरदा डेम प्रशासन को लेकर शिकायत की कि एसटीबी (शॉर्ट टर्म परमिट) की अवधि समाप्त होने के बाद भी डाउनस्ट्रीम से रेत का अवैध खनन किया जा रहा है। इस पर संज्ञान लेते हुए विधायक ने उपखण्ड अधिकारी को मामले की निष्पक्ष जाँच कर प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। लगभग 5 घंटे तक चली इस जनसुनवाई में विधायक ने 50 से अधिक शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर आमजन को राहत प्रदान की। इसके साथ ही, उन्होंने विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को लाभान्वित किया, जिसमें पात्र व्यक्तियों को आवासीय पट्टों का वितरण, मंगला पशु बीमा पॉलिसी प्रदान करना और राजीविका समूह की महिलाओं को ₹28.80 लाख (अठ्ठाइस लाख अस्सी हजार रुपये) के चेक वितरित करना शामिल है। इस अवसर पर नवनियुक्त उपखण्ड अधिकारी सुमन गुर्जर, बी.डी.ओ. शंकर लाल मेघवाल, तहसीलदार पूजा मीना, सी.बी.ई.ओ. सीताराम मीना, पी.एच.ई.डी. सहायक अभियंता जयप्रकाश, जे.वी.वी.एन.एल. ए.ई.एन. अजय सिंह, पुलिस उपाधीक्षक अशोक कुमार सहित ब्लॉक स्तरीय अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।1
- राजस्थान सरकार के निर्देश पर, बुधवार को सवाई माधोपुर जिला मुख्यालय स्थित विभिन्न विद्यालयों, कोचिंग संस्थानों, छात्रावासों और होटलों का अग्निशमन विभाग की टीम ने निरीक्षण किया। अग्निशमन अधिकारी कृष्णकांत मीणा के नेतृत्व में हुई इस जांच में अग्नि सुरक्षा को लेकर बड़ी लापरवाही सामने आई, जहाँ कई संस्थानों में अग्निशमन उपकरण अनुपलब्ध पाए गए, वहीं कुछ स्थानों पर लगे उपकरणों की वैधता अवधि भी समाप्त हो चुकी थी। निरीक्षण के दौरान सुरक्षा मानकों में गंभीर खामियों के मद्देनजर, संबंधित संस्थानों के संचालकों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। अग्निशमन अधिकारी कृष्णकांत मीणा ने स्पष्ट किया कि आगजनी जैसी आपात स्थितियों से निपटने के लिए सभी संस्थानों में मानक अग्निशमन उपकरण और सुरक्षा व्यवस्थाएं अनिवार्य हैं, तथा नियमों की अवहेलना करने वाले संस्थानों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। यह अभियान आगामी दिनों में भी जारी रहेगा, ताकि जन सुरक्षा से जुड़े मानकों का प्रभावी ढंग से पालन सुनिश्चित किया जा सके।1
- कोटा संभागीय आयुक्त कार्यालय के सभागार में संभागीय आयुक्त अनिल कुमार की अध्यक्षता में खरीफ फसल 26-27 सीज़न के लिए किसानों को उर्वरक और बीज से संबंधित समस्याओं से निजात दिलाने हेतु एक समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में सख्त निर्देश दिए गए कि खाद-बीज की कालाबाजारी पर तुरंत कार्रवाई की जाए और किसानों को उनकी मांग के अनुसार खाद-बीज उपलब्ध कराए जाएं। अतिरिक्त कृषि निदेशक अशोक शर्मा ने संभाग में उर्वरकों और बीज की वितरण व्यवस्था के बारे में जानकारी प्रस्तुत की।1
- रामगंजमंडी पुलिस ने 'ऑपरेशन क्रिमिनल डस्टिंग' के तहत अवैध मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 9 किलो 30 ग्राम अफीम का डोडा चूरा बरामद किया है। इस दौरान पुलिस ने एक आरोपी मोहित (22) को गिरफ्तार किया, जो शामली, उत्तर प्रदेश का निवासी बताया जा रहा है। उसे रामगंजमंडी रेलवे स्टेशन के यात्री प्रतीक्षालय क्षेत्र से पकड़ा गया। बरामद किए गए इस डोडा चूरा की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 1.35 लाख रुपये बताई जा रही है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सुजीत शंकर के निर्देश पर चलाए जा रहे एक विशेष अभियान के तहत रामगंजमंडी थाना पुलिस और आरपीएफ की संयुक्त टीम द्वारा की गई। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।1
- कोटा नगर निगम की फायर टीम ने शहर में अग्नि सुरक्षा नियमों का पालन न करने वाले कई प्रतिष्ठानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। इस अभियान के तहत, 2 कोचिंग संस्थानों, 2 लाइब्रेरी, एक बहुमंजिला रिहायशी भवन में संचालित 6 दुकानों और रेलवे स्टेशन क्षेत्र की एक दुकान को सील कर दिया गया है। फायर विभाग की जांच में सामने आया कि ये सभी प्रतिष्ठान बिना फायर एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) के चल रहे थे और आवश्यक अग्निशमन सुरक्षा मानकों का पालन नहीं कर रहे थे। नगर निगम ने इसे आमजन और विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा मानते हुए यह सीजिंग की कार्रवाई की है। नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि शहर में चल रहे विभिन्न व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, कोचिंग संस्थानों और लाइब्रेरी की फायर सेफ्टी व्यवस्थाओं की लगातार जांच की जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, और बिना फायर एनओसी संचालित अन्य प्रतिष्ठानों की भी जांच की जाएगी। सुरक्षा मानकों का पालन न मिलने पर उनके खिलाफ भी सीजिंग और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई के बाद, शहर में संचालित अन्य संस्थानों में भी फायर सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर हलचल तेज हो गई है।4
- अमेरिकन रॉबिन सर ने कोटा के बड़ा सराफा में अपनी कविता के माध्यम से कोटा शहर पर एक विशेष प्रस्तुति दी।1
- भारत ने पोखरा ताइक्वांडो चैंपियनशिप में उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए कुल 37 स्वर्ण पदक अपने नाम किए हैं। इस शानदार उपलब्धि के साथ, देश ने चैंपियनशिप के इतिहास में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।1
- कोटा नगर निगम की फायर टीम ने बुधवार को शहर में कोचिंग संस्थानों, लाइब्रेरी, रिहायशी और व्यावसायिक भवनों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अग्नि सुरक्षा मानकों में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं, जिसके परिणामस्वरूप केशवपुरा मेन रोड स्थित दो कोचिंग संस्थान, जवाहर नगर की दो लाइब्रेरी, बोरखेड़ा-मानपुरा स्थित स्वराज हाउसिंग सोसायटी की एक बहुमंजिला इमारत में संचालित छह दुकानें और स्टेशन क्षेत्र की एक दुकान को सीज कर दिया गया। इस कार्रवाई में कुल 11 प्रतिष्ठानों पर सख्ती बरती गई। नगर निगम ने चेतावनी दी है कि फायर सेफ्टी नियमों की अनदेखी करने वाले अन्य भवनों के खिलाफ भी सीजिंग की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।1
- कोटा में केईडीएल प्रबंधन के खिलाफ ठेका श्रमिकों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है, जिसके चलते भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध केईडीएल ठेका श्रमिक संघ ने बुधवार को एक घंटे का कार्य बहिष्कार करते हुए शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। यह विरोध इंद्रप्रस्थ इंडस्ट्रियल एरिया स्थित केईडीएल के कॉर्पोरेट कार्यालय के मुख्य द्वार पर सुबह 10 बजे से किया गया। संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि 11 जून को प्रबंधन को एक पत्र सौंपा गया था, जिसमें ठेका श्रमिकों की विभिन्न न्यायोचित और लंबे समय से लंबित समस्याओं से अवगत कराया गया था। उस समय मांगों के समाधान के लिए सात दिन का समय भी दिया गया था। श्रमिक संघ का आरोप है कि 23 जून तक प्रबंधन की ओर से न तो कोई संतोषजनक जवाब मिला और न ही मांगों के समाधान के लिए कोई ठोस कार्रवाई की गई, जिससे श्रमिकों में गहरा असंतोष फैल गया। इस आंदोलन को भारतीय मजदूर संघ का भी समर्थन प्राप्त हुआ, जिसके पदाधिकारी, कार्यकर्ता और विभिन्न इकाइयों के प्रतिनिधि प्रदर्शन में शामिल होकर श्रमिकों की मांगों के प्रति एकजुटता दिखाते हुए नजर आए। श्रमिक नेताओं ने प्रबंधन से सभी लंबित और कानूनी मांगों पर तत्काल कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने यह चेतावनी भी दी है कि यदि जल्द ही कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को अगले चरण में ले जाया जाएगा, जिसमें अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार, काम बंद आंदोलन और अन्य विरोध कार्यक्रम शामिल हो सकते हैं। संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि आंदोलन को और तेज करना पड़ा, तो उससे उत्पन्न होने वाली सभी परिस्थितियों की पूरी जिम्मेदारी केईडीएल प्रबंधन की होगी।4