एक गहन जीवन-संदेश देते हुए, प्रस्तुत श्लोक के अनुसार काल स्वयं मनुष्य को संबोधित करता है। इसमें कहा गया है कि, "कालो मनुष्यं वदति — 'किं मां वृथा नाशयसि? आगमिष्यति स दिवसो यदा त्वां नाशयाम्यहम्॥'" इसका भावार्थ है कि काल मनुष्य से पूछता है, "हे मनुष्य! तुम मुझे व्यर्थ क्यों नष्ट कर रहे हो? एक दिन ऐसा अवश्य आएगा, जब मैं ही तुम्हें नष्ट कर दूँगा।" यह श्लोक समय के महत्व को गहराई से दर्शाता है। विस्तृत अर्थ यह है कि मनुष्य अक्सर आलस्य, प्रमाद और निरर्थक कार्यों में अपना कीमती समय गँवा देता है, यह भूलते हुए कि समय अत्यंत शक्तिशाली और निरंतर गतिशील है। जो व्यक्ति समय का सम्मान नहीं करता, अंततः समय ही उसके जीवन, अवसरों और सामर्थ्य को समाप्त कर देता है। इसलिए, यह उपदेश दिया गया है कि प्रत्येक क्षण का सदुपयोग करना चाहिए। इसी संदेश को एक और काव्यमय तथा पारंपरिक छंद में भी प्रस्तुत किया गया है: "कालः पृच्छति मनुष्यं — 'किमर्थं मां वृथा क्षिपसि? आगमिष्यति सः कालो यदा त्वामेव क्षपयाम्यहम्॥'" इस श्लोक का भावार्थ है कि समय मनुष्य से पूछता है, "तुम मुझे व्यर्थ क्यों गँवा रहे हो? वह समय भी आएगा, जब मैं तुम्हारे जीवन का अंत कर दूँगा।"
एक गहन जीवन-संदेश देते हुए, प्रस्तुत श्लोक के अनुसार काल स्वयं मनुष्य को संबोधित करता है। इसमें कहा गया है कि, "कालो मनुष्यं वदति — 'किं मां वृथा नाशयसि? आगमिष्यति स दिवसो यदा त्वां नाशयाम्यहम्॥'" इसका भावार्थ है कि काल मनुष्य से पूछता है, "हे मनुष्य! तुम मुझे व्यर्थ क्यों नष्ट कर रहे हो? एक दिन ऐसा अवश्य आएगा, जब मैं ही तुम्हें नष्ट कर दूँगा।" यह श्लोक समय के महत्व को गहराई से दर्शाता है। विस्तृत अर्थ यह है कि मनुष्य अक्सर आलस्य, प्रमाद और निरर्थक कार्यों में अपना कीमती समय गँवा देता है, यह भूलते हुए कि समय अत्यंत शक्तिशाली और निरंतर गतिशील है। जो व्यक्ति समय का सम्मान नहीं करता, अंततः समय ही उसके जीवन, अवसरों और सामर्थ्य को समाप्त कर देता है। इसलिए, यह उपदेश दिया गया है कि प्रत्येक क्षण का सदुपयोग करना चाहिए। इसी संदेश को एक और काव्यमय तथा पारंपरिक छंद में भी प्रस्तुत किया गया है: "कालः पृच्छति मनुष्यं — 'किमर्थं मां वृथा क्षिपसि? आगमिष्यति सः कालो यदा त्वामेव क्षपयाम्यहम्॥'" इस श्लोक का भावार्थ है कि समय मनुष्य से पूछता है, "तुम मुझे व्यर्थ क्यों गँवा रहे हो? वह समय भी आएगा, जब मैं तुम्हारे जीवन का अंत कर दूँगा।"
- नीमराना की आशियाना आंगन सोसायटी में 10 जून को दिनदहाड़े हुई चोरी की घटना के बाद निवासियों में भारी आक्रोश देखा गया है। सोसायटी के लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही का आरोप लगाते हुए प्रबंधन के खिलाफ रविवार को मुख्य गेट पर प्रदर्शन किया और सुरक्षा को मजबूत करने की मांग उठाई। सोसायटी निवासी विकास कुमार ने बताया कि 10 जून को उनके फ्लैट से करीब 25 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण और नकदी दिनदहाड़े चोरी हो गए थे। दिन के समय हुई इस घटना से लोगों में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है। निवासियों का आरोप है कि इतनी बड़ी चोरी के बावजूद सुरक्षा व्यवस्थाओं में कोई सुधार नहीं किया गया, जिससे चिंता और बढ़ गई है। उनका कहना है कि भारी मेंटेनेंस देने के बावजूद सुरक्षा व्यवस्था बिल्कुल खराब है, और प्रवेश द्वार के पास सिक्योरिटी रूम के नजदीक मंदिर से भी पहले दिनदहाड़े चोरी हो चुकी है। उनका यह भी कहना है कि सोसाइटी के अंदर आए दिन कई चोरियां हो चुकी हैं, और पुलिस भी अभी तक कोई खुलासा नहीं कर पाई है, न ही सोसायटी प्रबंधन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कोई ठोस कदम उठाया है। प्रदर्शन के दौरान सोसायटी के लोगों ने चेतावनी दी कि यदि सुरक्षा व्यवस्था को शीघ्र सुदृढ़ नहीं किया गया तो भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति हो सकती है। उन्होंने सोसायटी प्रबंधन से सीसीटीवी कैमरों की प्रभावी निगरानी, सुरक्षा गार्डों की संख्या बढ़ाने और प्रवेश-निकास व्यवस्था को और कड़ा करने की मांग की। इसके साथ ही, निवासियों ने प्रशासन और पुलिस से मामले की जल्द से जल्द जांच कर चोरी का खुलासा करने तथा आरोपियों को गिरफ्तार करने की भी मांग की। निवासियों का कहना है कि सुरक्षित आवास का दावा करने वाली सोसायटी में इस प्रकार की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रदर्शन में आशीष मलिक, पूर्व अध्यक्ष के के शर्मा, विकास कुमार, नवीन कुमार, मनोज कुमार सरपंच, संदीप यादव, नरेंद्र, पूनम, नीत, प्रिया, दीपक, योगेश, हरविंदर, राजेंद्र, अमित सहित बड़ी संख्या में सोसायटी के महिला-पुरुष मौजूद रहे, जिन्होंने सुरक्षा को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की।4
- आज, 21 जून 2026 को नांगल चौधरी, महेंद्रगढ़ के ग्राम बनियाड़ी में योग दिवस का आयोजन किया गया। भारतीय वैदिक महासंघ के महामंत्री महाशय सत्यवीर सिंह आर्य द्वारा मनाए गए इस योग दिवस को महासंघ की प्रधान आचार्य बहन विदुषी कलावती का आशीर्वाद प्राप्त हुआ। इस अवसर पर भारतीय वैदिक महासंघ के कोषाध्यक्ष प्रवक्ता अमृतलाल जी और गांव के अन्य लोग भी उपस्थित रहे।4
- राजस्थान विधानसभा में खैरथल-तिजारा जिले के मुख्यालय को लेकर चल रही अटकलों पर अब पूर्णविराम लग गया है। माननीय विधायक श्री दीपचंद खैरिय द्वारा पूछे गए तारांकित प्रश्न के उत्तर में राजस्व विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिला मुख्यालय को स्थानांतरित करने का कोई प्रस्ताव सरकार के विचाराधीन नहीं है। सरकार के इस स्पष्टीकरण के बाद, जिला बचाओ संघर्ष समिति ने अपने 318वें दिन के धरने पर बड़ी संख्या में लोगों के साथ विचार-विमर्श किया। समिति ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि जब तक नगरपरिषद खैरथल जिला मुख्यालय का पट्टा सार्वजनिक नहीं करती और मुख्यालय निर्माण के लिए भूमि पूजन नहीं हो जाता, तब तक उनका संघर्ष और धरना जारी रहेगा। समिति ने खैरथल-तिजारा की जनता की अपेक्षाओं को देखते हुए नगर परिषद से त्वरित कार्रवाई की मांग की है, ताकि नए जिले के विकास के लिए मिलने वाला पैसा पिछले साल की तरह लैप्स न हो। समिति के सदस्य गिरीश डाटा ने कहा कि धरना शांतिपूर्ण ढंग से जारी रहेगा और उन्होंने माननीय मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, केंद्रीय मंत्री एवं सांसद भूपेंद्र यादव, व जिले के विधायक से मुख्यालय की जमीन का भूमि पूजन करने की अपील की, जिसके लिए पूरे जिले के लोग उनका आभार व्यक्त करेंगे। नेता प्रतिपक्ष विक्की चौधरी ने भी जोर दिया कि जिला मुख्यालय खैरथल में ही स्थिर होने की पुष्टि के बाद, स्थानीय प्रशासन और नगर परिषद को बिना किसी देरी के जनहित में कार्य करना चाहिए। समिति के सदस्य ओमप्रकाश रोघा ने विश्वास व्यक्त किया कि स्थानीय निकाय अब संवेदनशीलता दिखाते हुए इस प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करेगा, जिससे आमजन को मिल रही सुविधाओं का विस्तार और जिले का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके। आज की बैठक में विधायक दीपचंद खैरिय सहित गिरीश डाटा, पंकज रोघा, अखिलेश कौशिक, शिवचरण गुप्ता, वीर सिंह ढिल्लन, विक्की चौधरी, अरविंद रोहिल्ला, ओमप्रकाश रोघा, जयप्रकाश हेडाऊ, रामचंद्र कामरेड, वेद प्रकाश कौशिक, श्यामलाल शर्मा, महेंद्र जांगिड़, पूर्ण सैनी, जमालुद्दीन, मातादीन बिरासिया, रामबाबू चौधरी, सुरेश कौशिक, हरदयाल हुसैनपुर और रोहताश समेत शहर व गांवों से बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।1
- स्थानीय जानकारी के अनुसार, शुगर (मधुमेह) के एक कथित रामबाण इलाज के लिए बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए हैं। बताया जा रहा है कि इस इलाज के लिए हजारों लोग मौके पर पहुंचे हैं और वे ठीक भी हो रहे हैं।1
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- महेंद्रगढ़, हरियाणा के सिहमा में खंड स्तरीय 12वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस बड़े उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर योग के महत्व पर जोर दिया गया, जिसमें बताया गया कि यह न केवल व्यक्ति को 70 की उम्र में भी 50 जैसा दिखने में मददगार है, बल्कि यह सबको आपस में जोड़ता भी है।1
- नांगल चौधरी, नारनौल, महेंद्रगढ़ में बाबा बस्तीनाथ गौ जीव रक्षक टीम सुधीर चौधरी गौ रक्षा नांगल चौधरी ने दो अलग-अलग घटनाओं में बछड़ों का बचाव और उपचार किया। रात के समय टीम को सूचना मिली कि एक बछड़ा वेयर हाउस के पास बीमार हालत में बैठा है। सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुँची और बछड़े को बचाकर उसका प्राथमिक उपचार किया, जिसके बाद उसे आगे के सुचारू उपचार के लिए बाबा मुकंदास गौशाला नांगल चौधरी ले जाया गया। इसी क्रम में, सुबह के समय टीम को धोलेड़ा गाँव के खेतों से एक और सूचना मिली, जहाँ कुत्तों ने एक बछड़े को बुरी तरह से घायल कर दिया था। खेत में काम कर रहे एक किसान ने बछड़े का बचाव किया और तुरंत टीम को सूचित किया। टीम तुरंत मौके पर पहुँची और घायल बछड़े को बचाकर उपचार के लिए स्वर्ग आश्रम गौ माता उपचारशाला नारनौल ले गई।2
- रेवाड़ी और महेंद्रगढ़ क्षेत्र में एक घटना सामने आई है, जहाँ गली में खेल रहे एक मासूम बच्चे पर एक गाय ने हमला कर दिया। इस अचानक हुए हमले के बाद, मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने तुरंत प्रतिक्रिया दी और बच्चे की जान बचाने में सफल रहे।1