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शिक्षा ही हमारी पहचान है, तो आज ही जुड़े हमारी शिक्षा मे. मैन रोड नरेपुर बछवाड़ा (10+1),(10+2),आर्ट्स,,,और साइंस और सरकारी नौकरी, SSC, RRB, NTPC, BIHAR POLICE, इत्यादि सरकारी JOB की बेहतर तैयारी करबाया जाता है.. संस्थापक श्री SURAJ SIR के निर्देशक मैं, तो आज ही ज्वाइन करे, धन्यवाद 🙏🏽🙏🏽🙏🏽🙏🏽
Chhotu Kumar
शिक्षा ही हमारी पहचान है, तो आज ही जुड़े हमारी शिक्षा मे. मैन रोड नरेपुर बछवाड़ा (10+1),(10+2),आर्ट्स,,,और साइंस और सरकारी नौकरी, SSC, RRB, NTPC, BIHAR POLICE, इत्यादि सरकारी JOB की बेहतर तैयारी करबाया जाता है.. संस्थापक श्री SURAJ SIR के निर्देशक मैं, तो आज ही ज्वाइन करे, धन्यवाद 🙏🏽🙏🏽🙏🏽🙏🏽
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- मोहनपुर प्रखंड के रसलपुर स्थित न्यू गुरुकुल पब्लिक स्कूल में बुधवार को मनाया गया विश्व हाथी दिवस । मोहनपुर प्रखंड के रसलपुर स्थित न्यू गुरुकुल पब्लिक स्कूल में बुधवार को मनाया गया विश्व हाथी दिवस । समस्तीपुर कार्यक्रम के अध्यक्षता प्रधानाध्यापक सुभाष कुमार सिंह ने की जबकि संचालन शिक्षक सह गंगा प्रहरी संतोष पोद्दार ने किया। कार्यक्रम में भारतीय वन्य जीव संस्थान के प्रोजेक्ट अस्सिटेंट कुणाल कुमार सिंह ने कहा कि हाथी को जंगल का इंजीनियर कहा जाता है। हाथी जहां भी जाते हैं वहां की जैव विविधता को बनाए रखने और जंगल के प्राकृतिक संतुलन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि एक व्यस्क हाथी प्रतिदिन लगभग 18 घंटे तक भोजन करता है। और इस दौरान करीब 200 किलोग्राम से अधिक ताजी वनस्पतियों को खा सकता है। भोजन करते समय हाथी लगातार मल त्याग भी करता है।और ऐसा एक दिन में वह 16 से 18 बार करता है यही कारण है कि उसका गोबर जंगल में बीजों के प्रसार एवं नयी वनस्पतियों के उगने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हाथी इंफ्रासाऊंड और अल्ट्रासाउंड के माध्यम से एक दूसरे से संवाद करते हैं इसे इंसान सुन नहीं सकते हैं। हाथियों का मस्तिष्क लगभग 5 किलोग्राम का होता है। और यही कारण है कि इन्हें धरती के सबसे बुद्धिमान जीवो में गिना जाता है। हाथी सामाजिक जीव है और ये आमतौर पर मादा हाथी के नेतृत्व वाले झुंड में रहते हैं जबकि व्यस्क हाथी अकेले रहना पसंद करते हैं। हाथियों की आबादी धीरे-धीरे बढ़ती है क्योंकि मादा हाथी सामान्यतः चार से पांच वर्ष के अंतराल पर सिर्फ एक सावन (बच्चे) को जन्म देती है। कभी-कभी मादा हाथी बहुत ज्यादा आक्रामक भी हो जाती है। जिसका मुख्य कारण मस्ट नमक अवस्था जैसे उसके शरीर में टेस्टोसटैरोन का स्तर बढ़ जाता है। कुणाल ने बच्चों को यह भी बताया कि हाथी अक्सर मिट्टी, धूल एवं पानी के साथ स्नान करना पसंद करता है। इस कार्यक्रम के मौके पर उपस्थित शिक्षक कंचन कुमारी, रजनी कुमारी, शिवानी सिंह,किट्टू कुमारी, विशाल सिंह ,रमन कुमार ,मुन्ना कुमार बाल गंगा प्रहरी के रूप में बच्चे मोनू, हॉर्स, केशव ,सौरभ , आकांक्षा अर्पिता, ऋषिकेश, रोहित, आयुष, रितिका आदि उपस्थित रहे।1
- मोहनपुर प्रखंड के रसलपुर स्थित न्यू गुरुकुल पब्लिक स्कूल में बुधवार को मनाया गया विश्व हाथी दिवस । समस्तीपुर कार्यक्रम के अध्यक्षता प्रधानाध्यापक सुभाष कुमार सिंह ने की जबकि संचालन शिक्षक सह गंगा प्रहरी संतोष पोद्दार ने किया। कार्यक्रम में भारतीय वन्य जीव संस्थान के प्रोजेक्ट अस्सिटेंट कुणाल कुमार सिंह ने कहा कि हाथी को जंगल का इंजीनियर कहा जाता है। हाथी जहां भी जाते हैं वहां की जैव विविधता को बनाए रखने और जंगल के प्राकृतिक संतुलन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि एक व्यस्क हाथी प्रतिदिन लगभग 18 घंटे तक भोजन करता है। और इस दौरान करीब 200 किलोग्राम से अधिक ताजी वनस्पतियों को खा सकता है। भोजन करते समय हाथी लगातार मल त्याग भी करता है।और ऐसा एक दिन में वह 16 से 18 बार करता है यही कारण है कि उसका गोबर जंगल में बीजों के प्रसार एवं नयी वनस्पतियों के उगने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हाथी इंफ्रासाऊंड और अल्ट्रासाउंड के माध्यम से एक दूसरे से संवाद करते हैं इसे इंसान सुन नहीं सकते हैं। हाथियों का मस्तिष्क लगभग 5 किलोग्राम का होता है। और यही कारण है कि इन्हें धरती के सबसे बुद्धिमान जीवो में गिना जाता है। हाथी सामाजिक जीव है और ये आमतौर पर मादा हाथी के नेतृत्व वाले झुंड में रहते हैं जबकि व्यस्क हाथी अकेले रहना पसंद करते हैं। हाथियों की आबादी धीरे-धीरे बढ़ती है क्योंकि मादा हाथी सामान्यतः चार से पांच वर्ष के अंतराल पर सिर्फ एक सावन (बच्चे) को जन्म देती है। कभी-कभी मादा हाथी बहुत ज्यादा आक्रामक भी हो जाती है। जिसका मुख्य कारण मस्ट नमक अवस्था जैसे उसके शरीर में टेस्टोसटैरोन का स्तर बढ़ जाता है। कुणाल ने बच्चों को यह भी बताया कि हाथी अक्सर मिट्टी, धूल एवं पानी के साथ स्नान करना पसंद करता है। इस कार्यक्रम के मौके पर उपस्थित शिक्षक कंचन कुमारी, रजनी कुमारी, शिवानी सिंह,किट्टू कुमारी, विशाल सिंह ,रमन कुमार ,मुन्ना कुमार बाल गंगा प्रहरी के रूप में बच्चे मोनू, हॉर्स, केशव ,सौरभ , आकांक्षा अर्पिता, ऋषिकेश, रोहित, आयुष, रितिका आदि उपस्थित रहे।1
- राजेंद्र सेतु निर्माण स्थल पर कर्मी गंगा में डूबा, दूसरे दिन भी तलाश जारी1
- बेगूसराय- उच्च विद्यालय के परना में साइबर थाना की पुलिस ने चलाया जागरूकता अभियान, दी गई जानकारी उच्च विद्यालय परना में साइबर थाना की पुलिस ने जागरूकता अभियान चलाया. इस बात की जानकारी मंगलवार की देर रात 10:00 बजे एसपी मनीष ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए दी. इस संबंध में जागरूकता अभियान के दौरान छात्र- छात्राओं को साइबर अपराध से बचने के बारे में बिंदुबार बताया गया. उन्होंने कहा कि यदि छात्र-छात्राएं अभी से ही साइबर अपराध के बचाव के बारे में जान जाएंगे, तो वह अपने आसपास के लोगों को भी इसके बारे में जागरूक करने का काम करेंगे.1
- #बेगूसराय में 12 साल पुराने मामले में मटिहानी विधायक #बोगो_सिंह को बड़ी राहत मिली है। MP-MLA कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में उन्हें बरी कर दिया। Mobile Tv News1
- गांव में शिक्षा की नई मिसाल बना किड्स प्ले स्कूल, पढ़ाई के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं, नृत्य, भाषण और कंप्यूटर शिक्षा में बच्चों को कर रहा दक्ष पंडारक। पंडारक प्रखंड के मददपुर गांव में स्थित किड्स प्ले स्कूल ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों के सर्वांगीण विकास की दिशा में निरंतर प्रयास कर रहा है। गांव में रहकर बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के साथ विद्यालय उन्हें आगे की पढ़ाई और प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश की तैयारी के लिए भी तैयार कर रहा है। विद्यालय का उद्देश्य केवल बच्चों को पाठ्यक्रम की पढ़ाई तक सीमित रखना नहीं, बल्कि उनके व्यक्तित्व के हर पहलू को विकसित करना है। यहां बच्चों की शैक्षणिक क्षमता बढ़ाने के साथ विभिन्न प्रतियोगिताओं और भविष्य की चुनौतियों के लिए भी तैयार किया जाता है। विद्यालय में नियमित रूप से बच्चों की प्रतिभा को पहचानने और उसे निखारने पर विशेष ध्यान दिया जाता है। किड्स प्ले स्कूल में बच्चों को नृत्य, भाषण और अन्य सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग लेने के अवसर दिए जाते हैं। इससे बच्चों के भीतर आत्मविश्वास, अभिव्यक्ति की क्षमता और मंच पर अपनी प्रतिभा प्रस्तुत करने का कौशल विकसित हो रहा है। वहीं, बदलते दौर में कंप्यूटर शिक्षा के महत्व को देखते हुए विद्यार्थियों को तकनीकी ज्ञान से भी जोड़ा जा रहा है। विद्यालय के निदेशक राज सोलंकी के नेतृत्व में बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए लगातार नए प्रयास किए जा रहे हैं। विद्यालय प्रबंधन का लक्ष्य है कि ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को भी ऐसी शिक्षा और अवसर मिलें, जिससे वे शहरों के विद्यार्थियों के साथ समान रूप से प्रतिस्पर्धा कर सकें। किड्स प्ले स्कूल आज मददपुर गांव में शिक्षा, संस्कार, प्रतिभा विकास और प्रतियोगी तैयारी का एक ऐसा केंद्र बनकर उभर रहा है, जहां बच्चों को बेहतर भविष्य की मजबूत नींव तैयार करने का अवसर मिल रहा है।1
- पुलिस पर हम! ले मामले में 12 साल बाद #बोगोसिंह बरी! मटिहानी में चल रहे सभी तमाम चर्चाओं पर तत्काल विराम | जानें पूरा मामला | Mobile Tv News 👈 #यूट्यूब चैनल पर पूरा #विडियो ज़रूर देखें1
- कर्म ही पूजा है 👏👏🌺🌹👏👏 जय श्री कृष्णा 👏👏🌺🌹👏👏 हर हर महादेव 👏👏🌺🌹👏👏4