गांव में शिक्षा की नई मिसाल बना किड्स प्ले स्कूल, पढ़ाई के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं, नृत्य, भाषण और कंप्यूटर शिक्षा में बच्चों को कर रहा दक्ष पंडारक। पंडारक प्रखंड के मददपुर गांव में स्थित किड्स प्ले स्कूल ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों के सर्वांगीण विकास की दिशा में निरंतर प्रयास कर रहा है। गांव में रहकर बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के साथ विद्यालय उन्हें आगे की पढ़ाई और प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश की तैयारी के लिए भी तैयार कर रहा है। विद्यालय का उद्देश्य केवल बच्चों को पाठ्यक्रम की पढ़ाई तक सीमित रखना नहीं, बल्कि उनके व्यक्तित्व के हर पहलू को विकसित करना है। यहां बच्चों की शैक्षणिक क्षमता बढ़ाने के साथ विभिन्न प्रतियोगिताओं और भविष्य की चुनौतियों के लिए भी तैयार किया जाता है। विद्यालय में नियमित रूप से बच्चों की प्रतिभा को पहचानने और उसे निखारने पर विशेष ध्यान दिया जाता है। किड्स प्ले स्कूल में बच्चों को नृत्य, भाषण और अन्य सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग लेने के अवसर दिए जाते हैं। इससे बच्चों के भीतर आत्मविश्वास, अभिव्यक्ति की क्षमता और मंच पर अपनी प्रतिभा प्रस्तुत करने का कौशल विकसित हो रहा है। वहीं, बदलते दौर में कंप्यूटर शिक्षा के महत्व को देखते हुए विद्यार्थियों को तकनीकी ज्ञान से भी जोड़ा जा रहा है। विद्यालय के निदेशक राज सोलंकी के नेतृत्व में बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए लगातार नए प्रयास किए जा रहे हैं। विद्यालय प्रबंधन का लक्ष्य है कि ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को भी ऐसी शिक्षा और अवसर मिलें, जिससे वे शहरों के विद्यार्थियों के साथ समान रूप से प्रतिस्पर्धा कर सकें। किड्स प्ले स्कूल आज मददपुर गांव में शिक्षा, संस्कार, प्रतिभा विकास और प्रतियोगी तैयारी का एक ऐसा केंद्र बनकर उभर रहा है, जहां बच्चों को बेहतर भविष्य की मजबूत नींव तैयार करने का अवसर मिल रहा है।
गांव में शिक्षा की नई मिसाल बना किड्स प्ले स्कूल, पढ़ाई के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं, नृत्य, भाषण और कंप्यूटर शिक्षा में बच्चों को कर रहा दक्ष पंडारक। पंडारक प्रखंड के मददपुर गांव में स्थित किड्स प्ले स्कूल ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों के सर्वांगीण विकास की दिशा में निरंतर प्रयास कर रहा है। गांव में रहकर बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के साथ विद्यालय उन्हें आगे की पढ़ाई और प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश की तैयारी के लिए भी तैयार कर रहा है। विद्यालय का उद्देश्य केवल बच्चों को पाठ्यक्रम की पढ़ाई तक सीमित रखना नहीं, बल्कि उनके व्यक्तित्व के हर पहलू को विकसित करना है। यहां बच्चों की शैक्षणिक क्षमता बढ़ाने के साथ विभिन्न प्रतियोगिताओं और भविष्य की चुनौतियों के लिए भी तैयार किया जाता है। विद्यालय में नियमित रूप से बच्चों की प्रतिभा को पहचानने और उसे निखारने पर विशेष ध्यान दिया जाता है। किड्स प्ले स्कूल में बच्चों को नृत्य, भाषण और अन्य सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग लेने के अवसर दिए जाते हैं। इससे बच्चों के भीतर आत्मविश्वास, अभिव्यक्ति की क्षमता और मंच पर अपनी प्रतिभा प्रस्तुत करने का कौशल विकसित हो रहा है। वहीं, बदलते दौर में कंप्यूटर शिक्षा के महत्व को देखते हुए विद्यार्थियों को तकनीकी ज्ञान से भी जोड़ा जा रहा है। विद्यालय के निदेशक राज सोलंकी के नेतृत्व में बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए लगातार नए प्रयास किए जा रहे हैं। विद्यालय प्रबंधन का लक्ष्य है कि ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को भी ऐसी शिक्षा और अवसर मिलें, जिससे वे शहरों के विद्यार्थियों के साथ समान रूप से प्रतिस्पर्धा कर सकें। किड्स प्ले स्कूल आज मददपुर गांव में शिक्षा, संस्कार, प्रतिभा विकास और प्रतियोगी तैयारी का एक ऐसा केंद्र बनकर उभर रहा है, जहां बच्चों को बेहतर भविष्य की मजबूत नींव तैयार करने का अवसर मिल रहा है।
- राजेंद्र सेतु निर्माण स्थल पर कर्मी गंगा में डूबा, दूसरे दिन भी तलाश जारी1
- मोहनपुर प्रखंड के रसलपुर स्थित न्यू गुरुकुल पब्लिक स्कूल में बुधवार को मनाया गया विश्व हाथी दिवस । मोहनपुर प्रखंड के रसलपुर स्थित न्यू गुरुकुल पब्लिक स्कूल में बुधवार को मनाया गया विश्व हाथी दिवस । समस्तीपुर कार्यक्रम के अध्यक्षता प्रधानाध्यापक सुभाष कुमार सिंह ने की जबकि संचालन शिक्षक सह गंगा प्रहरी संतोष पोद्दार ने किया। कार्यक्रम में भारतीय वन्य जीव संस्थान के प्रोजेक्ट अस्सिटेंट कुणाल कुमार सिंह ने कहा कि हाथी को जंगल का इंजीनियर कहा जाता है। हाथी जहां भी जाते हैं वहां की जैव विविधता को बनाए रखने और जंगल के प्राकृतिक संतुलन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि एक व्यस्क हाथी प्रतिदिन लगभग 18 घंटे तक भोजन करता है। और इस दौरान करीब 200 किलोग्राम से अधिक ताजी वनस्पतियों को खा सकता है। भोजन करते समय हाथी लगातार मल त्याग भी करता है।और ऐसा एक दिन में वह 16 से 18 बार करता है यही कारण है कि उसका गोबर जंगल में बीजों के प्रसार एवं नयी वनस्पतियों के उगने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हाथी इंफ्रासाऊंड और अल्ट्रासाउंड के माध्यम से एक दूसरे से संवाद करते हैं इसे इंसान सुन नहीं सकते हैं। हाथियों का मस्तिष्क लगभग 5 किलोग्राम का होता है। और यही कारण है कि इन्हें धरती के सबसे बुद्धिमान जीवो में गिना जाता है। हाथी सामाजिक जीव है और ये आमतौर पर मादा हाथी के नेतृत्व वाले झुंड में रहते हैं जबकि व्यस्क हाथी अकेले रहना पसंद करते हैं। हाथियों की आबादी धीरे-धीरे बढ़ती है क्योंकि मादा हाथी सामान्यतः चार से पांच वर्ष के अंतराल पर सिर्फ एक सावन (बच्चे) को जन्म देती है। कभी-कभी मादा हाथी बहुत ज्यादा आक्रामक भी हो जाती है। जिसका मुख्य कारण मस्ट नमक अवस्था जैसे उसके शरीर में टेस्टोसटैरोन का स्तर बढ़ जाता है। कुणाल ने बच्चों को यह भी बताया कि हाथी अक्सर मिट्टी, धूल एवं पानी के साथ स्नान करना पसंद करता है। इस कार्यक्रम के मौके पर उपस्थित शिक्षक कंचन कुमारी, रजनी कुमारी, शिवानी सिंह,किट्टू कुमारी, विशाल सिंह ,रमन कुमार ,मुन्ना कुमार बाल गंगा प्रहरी के रूप में बच्चे मोनू, हॉर्स, केशव ,सौरभ , आकांक्षा अर्पिता, ऋषिकेश, रोहित, आयुष, रितिका आदि उपस्थित रहे।1
- बाढ़ में किराना दुकान का शटर उठाकर चोरी, नकदी समेत हजारों का सामान ले उड़े चोर। बाढ़ में किराना दुकान का शटर उठाकर चोरी, नकदी समेत हजारों का सामान ले उड़े चोर।1
- मोहनपुर प्रखंड के रसलपुर स्थित न्यू गुरुकुल पब्लिक स्कूल में बुधवार को मनाया गया विश्व हाथी दिवस । समस्तीपुर कार्यक्रम के अध्यक्षता प्रधानाध्यापक सुभाष कुमार सिंह ने की जबकि संचालन शिक्षक सह गंगा प्रहरी संतोष पोद्दार ने किया। कार्यक्रम में भारतीय वन्य जीव संस्थान के प्रोजेक्ट अस्सिटेंट कुणाल कुमार सिंह ने कहा कि हाथी को जंगल का इंजीनियर कहा जाता है। हाथी जहां भी जाते हैं वहां की जैव विविधता को बनाए रखने और जंगल के प्राकृतिक संतुलन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि एक व्यस्क हाथी प्रतिदिन लगभग 18 घंटे तक भोजन करता है। और इस दौरान करीब 200 किलोग्राम से अधिक ताजी वनस्पतियों को खा सकता है। भोजन करते समय हाथी लगातार मल त्याग भी करता है।और ऐसा एक दिन में वह 16 से 18 बार करता है यही कारण है कि उसका गोबर जंगल में बीजों के प्रसार एवं नयी वनस्पतियों के उगने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हाथी इंफ्रासाऊंड और अल्ट्रासाउंड के माध्यम से एक दूसरे से संवाद करते हैं इसे इंसान सुन नहीं सकते हैं। हाथियों का मस्तिष्क लगभग 5 किलोग्राम का होता है। और यही कारण है कि इन्हें धरती के सबसे बुद्धिमान जीवो में गिना जाता है। हाथी सामाजिक जीव है और ये आमतौर पर मादा हाथी के नेतृत्व वाले झुंड में रहते हैं जबकि व्यस्क हाथी अकेले रहना पसंद करते हैं। हाथियों की आबादी धीरे-धीरे बढ़ती है क्योंकि मादा हाथी सामान्यतः चार से पांच वर्ष के अंतराल पर सिर्फ एक सावन (बच्चे) को जन्म देती है। कभी-कभी मादा हाथी बहुत ज्यादा आक्रामक भी हो जाती है। जिसका मुख्य कारण मस्ट नमक अवस्था जैसे उसके शरीर में टेस्टोसटैरोन का स्तर बढ़ जाता है। कुणाल ने बच्चों को यह भी बताया कि हाथी अक्सर मिट्टी, धूल एवं पानी के साथ स्नान करना पसंद करता है। इस कार्यक्रम के मौके पर उपस्थित शिक्षक कंचन कुमारी, रजनी कुमारी, शिवानी सिंह,किट्टू कुमारी, विशाल सिंह ,रमन कुमार ,मुन्ना कुमार बाल गंगा प्रहरी के रूप में बच्चे मोनू, हॉर्स, केशव ,सौरभ , आकांक्षा अर्पिता, ऋषिकेश, रोहित, आयुष, रितिका आदि उपस्थित रहे।1
- समस्तीपुर में नल-जल योजना की बदहाली से त्राहिमाम, पानी के लिए सड़क पर बाल्टी लेकर बैठे ग्रामीण समस्तीपुर के मालती पंचायत के वार्ड नंबर-1 में नल-जल योजना की बदहाल व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि करीब एक महीने से नल-जल की आपूर्ति सही तरीके से नहीं हो रही है। वहीं पिछले कई दिनों से पानी की आपूर्ति पूरी तरह ठप है। इससे ग्रामीणों के सामने पेयजल का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।1
- यह नारेपुर धर्मपुर मध्य विद्यालय का विडियो है इतने बच्चे मैदान मे मौजुद है लेकिन.यहां पर बच्चो के खेलने का ब्यबस्था ही नहीं है यहां के मुखिया,वार्ड, सरपंच, पंचायत समिति, BJP के नेता श्री सुरेंदर मेहता जी सभी लोगों सिर्फ भोज खाने मैं लगे हुए है यहां के शिक्षा ब्यबस्था पर किसी भी नेता का ध्यान ही नहीं है यही करते है BJP का सरकार और सभी लोग 10 हजार रूपए लेके वोट दीजिए तभी तो आपके बच्चे के भभिया के साथ खेलता है, 🙏🏽🙏🏽🙏🏽🙏🏽1
- गांव में शिक्षा की नई मिसाल बना किड्स प्ले स्कूल, पढ़ाई के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं, नृत्य, भाषण और कंप्यूटर शिक्षा में बच्चों को कर रहा दक्ष पंडारक। पंडारक प्रखंड के मददपुर गांव में स्थित किड्स प्ले स्कूल ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों के सर्वांगीण विकास की दिशा में निरंतर प्रयास कर रहा है। गांव में रहकर बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के साथ विद्यालय उन्हें आगे की पढ़ाई और प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश की तैयारी के लिए भी तैयार कर रहा है। विद्यालय का उद्देश्य केवल बच्चों को पाठ्यक्रम की पढ़ाई तक सीमित रखना नहीं, बल्कि उनके व्यक्तित्व के हर पहलू को विकसित करना है। यहां बच्चों की शैक्षणिक क्षमता बढ़ाने के साथ विभिन्न प्रतियोगिताओं और भविष्य की चुनौतियों के लिए भी तैयार किया जाता है। विद्यालय में नियमित रूप से बच्चों की प्रतिभा को पहचानने और उसे निखारने पर विशेष ध्यान दिया जाता है। किड्स प्ले स्कूल में बच्चों को नृत्य, भाषण और अन्य सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग लेने के अवसर दिए जाते हैं। इससे बच्चों के भीतर आत्मविश्वास, अभिव्यक्ति की क्षमता और मंच पर अपनी प्रतिभा प्रस्तुत करने का कौशल विकसित हो रहा है। वहीं, बदलते दौर में कंप्यूटर शिक्षा के महत्व को देखते हुए विद्यार्थियों को तकनीकी ज्ञान से भी जोड़ा जा रहा है। विद्यालय के निदेशक राज सोलंकी के नेतृत्व में बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए लगातार नए प्रयास किए जा रहे हैं। विद्यालय प्रबंधन का लक्ष्य है कि ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को भी ऐसी शिक्षा और अवसर मिलें, जिससे वे शहरों के विद्यार्थियों के साथ समान रूप से प्रतिस्पर्धा कर सकें। किड्स प्ले स्कूल आज मददपुर गांव में शिक्षा, संस्कार, प्रतिभा विकास और प्रतियोगी तैयारी का एक ऐसा केंद्र बनकर उभर रहा है, जहां बच्चों को बेहतर भविष्य की मजबूत नींव तैयार करने का अवसर मिल रहा है।1
- डबल ट्रैक रेल ब्रिज निर्माण में लगा कर्मी गंगा में डूबा एंकर - मोकामा के हाथीदह में निर्माणाधीन डबल ट्रैक मेगा रेल ब्रिज में काम कर रहे ट्राइडेंट कंपनी का सुपरवाइजर गंगा की गहराइयों में लापता हो गया, स्थानीय लोगों अन्य मजदूरों व प्रत्यक्ष दर्शियों से बात करने से यह पता चला कि तीन कर्मी एकसाथ स्नान के लिए गंगा में गए थे जिनमें एक डूबने लगा जिसे बचाने का दोनों ने प्रयास किया जिस क्रम में दो व्यक्ति तो बच गए किसी तरह लेकिन एक लापता हो गया और गंगा की गहराइयों में समा गया, घटना की सूचना मिलते ही हाथीदह थाना अध्यक्ष सब इंस्पेक्टर अभिषेक कुमार सिंह ने सब इंस्पेक्टर महेश सहनी तथा सब इंस्पेक्टर सुमन कुमार को राजेंद्र पुल के पास दल बल समेत भेजा जहां राजेंद्र पुल के समानांतर बन रहे मेगा रेल ब्रिज के पिलर संख्या चार के पास यह हादसा हुआ! पुलिस ने त्वरित रूप से कार्रवाई करते हुए अंचलाधिकारी मोकामा को इसकी सूचना दी और गंगा में लापता शख्स की खोजबीन के लिए एसडीआरएफ की टीम तथा गोताखोरों की टीम के साथ जुट गई! सब इंस्पेक्टर महेश सहनी ने बताया कि गंगा में डूबे व्यक्ति का नाम रवनीश तिवारी है जो उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जनपद का रहने वाला है! वह ट्राइडेंट कंपनी में सुपरवाइजर था और ट्राइडेंट कंपनी मेगा रेल ब्रिज निर्माण में लगी कंपनी एफ्कोन्स में पेटी कांट्रेक्टर है, फिलहाल पुलिस लापता रवनीश तिवारी की तलाश के लिए गोताखोरों की टीम के साथ प्रयासरत है! बाइट - साथी कर्मी (प्रत्यक्षदर्शी ) बाइट - एसआई महेश सहनी!1