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समस्तीपुर में नल-जल योजना की बदहाली से त्राहिमाम, पानी के लिए सड़क पर बाल्टी लेकर बैठे ग्रामीण समस्तीपुर के मालती पंचायत के वार्ड नंबर-1 में नल-जल योजना की बदहाल व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि करीब एक महीने से नल-जल की आपूर्ति सही तरीके से नहीं हो रही है। वहीं पिछले कई दिनों से पानी की आपूर्ति पूरी तरह ठप है। इससे ग्रामीणों के सामने पेयजल का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
Anil shriwastav
समस्तीपुर में नल-जल योजना की बदहाली से त्राहिमाम, पानी के लिए सड़क पर बाल्टी लेकर बैठे ग्रामीण समस्तीपुर के मालती पंचायत के वार्ड नंबर-1 में नल-जल योजना की बदहाल व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि करीब एक महीने से नल-जल की आपूर्ति सही तरीके से नहीं हो रही है। वहीं पिछले कई दिनों से पानी की आपूर्ति पूरी तरह ठप है। इससे ग्रामीणों के सामने पेयजल का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
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- आज हमारे बछवाड़ा की धरती पर बेगूसराय के DM बेगूसराय जिले के वर्तमान जिलाधिकारी (DM) श्री श्रीकांत शास्त्री जी ने पूरा मार्केट मैं बच्चों के साथ हर घर तिरंगा घुमाए 🙏🏽👍🏽👍🏽👍🏽 पहली बार लगा है DM के रूप एक इंसान आया है, और हमारी प्यारे देश वासियो को स्वतंत्रता दिवस की हर्तिक बधाई, जय हिन्द जय भारत 🙏🏽हर घर तिरंगा 👍🏽👍🏽👍🏽1
- BSEIDC को भेजी गई RTI का आज तक नहीं मिला जवाब, क्या सूचना का अधिकार भी बन गया है 'डेट पर डेट' की व्यवस्था? बेगूसराय: बछवाड़ा प्रखंड के अरवा में, "अरवा नवीन विद्यालय" के निर्माण कार्य से संबंधित जानकारी प्राप्त करने के लिए 15 जून 2026 को बिहार शिक्षा परियोजना एवं आधारभूत संरचना विकास निगम (BSEIDC) के समक्ष सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम के तहत आवेदन दिया गया था। आवेदन में विद्यालय निर्माण से जुड़े दस्तावेज़ एवं अन्य आवश्यक सूचनाएँ मांगी गई थीं। लेकिन निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बावजूद आज तक कोई सूचना उपलब्ध नहीं कराई गई और न ही कोई लिखित उत्तर प्राप्त हुआ। इस बीच अरवा नवीन विद्यालय का निर्माण कार्य दोबारा शुरू हो चुका है। ऐसे में यह सवाल उठता है कि जब निर्माण कार्य जारी है, तो मांगी गई जानकारी देने में देरी क्यों की जा रही है। यदि सब कुछ नियमों के अनुसार हो रहा है, तो सूचना देने में अनावश्यक विलंब का क्या कारण है? सूचना का अधिकार अधिनियम का उद्देश्य सरकारी कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है। लेकिन कई मामलों में समय पर सूचना नहीं मिलने से लोगों का भरोसा कमजोर होता है। इससे यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या सूचना का अधिकार भी अब 'डेट पर डेट' देने वाली व्यवस्था बनकर रह गया है? जबकि कानून के अनुसार निर्धारित समय सीमा के भीतर सूचना उपलब्ध कराना अनिवार्य है। समय सीमा बीत जाने के बाद भी कोई जवाब नहीं मिलने के कारण अब इस मामले में प्रथम अपील (First Appeal) दायर करने की तैयारी की जा रही है। आवेदक का कहना है कि यदि प्रथम अपील के बाद भी सूचना उपलब्ध नहीं कराई गई, तो आगे सूचना आयोग का दरवाजा खटखटाया जाएगा। यह मामला केवल एक RTI आवेदन का नहीं, बल्कि सूचना के अधिकार कानून के प्रभावी क्रियान्वयन और सरकारी जवाबदेही से जुड़ा महत्वपूर्ण प्रश्न भी है। संबंधित अधिकारियों से अपेक्षा है कि वे कानून के अनुरूप शीघ्र सूचना उपलब्ध कराकर पारदर्शिता सुनिश्चित करें।1
- मोहनपुर प्रखंड के रसलपुर स्थित न्यू गुरुकुल पब्लिक स्कूल में बुधवार को मनाया गया विश्व हाथी दिवस । मोहनपुर प्रखंड के रसलपुर स्थित न्यू गुरुकुल पब्लिक स्कूल में बुधवार को मनाया गया विश्व हाथी दिवस । समस्तीपुर कार्यक्रम के अध्यक्षता प्रधानाध्यापक सुभाष कुमार सिंह ने की जबकि संचालन शिक्षक सह गंगा प्रहरी संतोष पोद्दार ने किया। कार्यक्रम में भारतीय वन्य जीव संस्थान के प्रोजेक्ट अस्सिटेंट कुणाल कुमार सिंह ने कहा कि हाथी को जंगल का इंजीनियर कहा जाता है। हाथी जहां भी जाते हैं वहां की जैव विविधता को बनाए रखने और जंगल के प्राकृतिक संतुलन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि एक व्यस्क हाथी प्रतिदिन लगभग 18 घंटे तक भोजन करता है। और इस दौरान करीब 200 किलोग्राम से अधिक ताजी वनस्पतियों को खा सकता है। भोजन करते समय हाथी लगातार मल त्याग भी करता है।और ऐसा एक दिन में वह 16 से 18 बार करता है यही कारण है कि उसका गोबर जंगल में बीजों के प्रसार एवं नयी वनस्पतियों के उगने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हाथी इंफ्रासाऊंड और अल्ट्रासाउंड के माध्यम से एक दूसरे से संवाद करते हैं इसे इंसान सुन नहीं सकते हैं। हाथियों का मस्तिष्क लगभग 5 किलोग्राम का होता है। और यही कारण है कि इन्हें धरती के सबसे बुद्धिमान जीवो में गिना जाता है। हाथी सामाजिक जीव है और ये आमतौर पर मादा हाथी के नेतृत्व वाले झुंड में रहते हैं जबकि व्यस्क हाथी अकेले रहना पसंद करते हैं। हाथियों की आबादी धीरे-धीरे बढ़ती है क्योंकि मादा हाथी सामान्यतः चार से पांच वर्ष के अंतराल पर सिर्फ एक सावन (बच्चे) को जन्म देती है। कभी-कभी मादा हाथी बहुत ज्यादा आक्रामक भी हो जाती है। जिसका मुख्य कारण मस्ट नमक अवस्था जैसे उसके शरीर में टेस्टोसटैरोन का स्तर बढ़ जाता है। कुणाल ने बच्चों को यह भी बताया कि हाथी अक्सर मिट्टी, धूल एवं पानी के साथ स्नान करना पसंद करता है। इस कार्यक्रम के मौके पर उपस्थित शिक्षक कंचन कुमारी, रजनी कुमारी, शिवानी सिंह,किट्टू कुमारी, विशाल सिंह ,रमन कुमार ,मुन्ना कुमार बाल गंगा प्रहरी के रूप में बच्चे मोनू, हॉर्स, केशव ,सौरभ , आकांक्षा अर्पिता, ऋषिकेश, रोहित, आयुष, रितिका आदि उपस्थित रहे।1
- बाढ़ के वलीपुर मध्य विद्यालय की छात्रा से असामाजिक तत्व करते छेड़खानी, स्कूल की वाॅन्ड्री फांदकर स्कूल में करते मस्ती, पुलिस पर सवाल1
- जिलाधिकारी ने ताजपुर-बख्तियारपुर परियोजना एवं गंगा के कटाव प्रभावित क्षेत्रों का किया स्थल निरीक्षण! समस्तीपुर जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा द्वारा जिले में संचालित महत्वपूर्ण विकास एवं आधारभूत संरचना से संबंधित परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा के क्रम में ताजपुर-बख्तियारपुर परियोजना का स्थल निरीक्षण किया गया। जिलाधिकारी ने परियोजना के विभिन्न कार्यस्थलों का भ्रमण कर निर्माण कार्य की प्रगति, भूमि से संबंधित मामलों तथा परियोजना के क्रियान्वयन की अद्यतन स्थिति की जानकारी प्राप्त की। स्थल निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों एवं अभियंताओं से परियोजना के कार्यों की प्रगति की विस्तृत जानकारी ली तथा कार्यों में आ रही कठिनाइयों एवं लंबित मामलों की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को आपसी समन्वय स्थापित करते हुए आवश्यक कार्रवाई करने तथा परियोजना के कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया। इसके पश्चात जिलाधिकारी द्वारा गंगा नदी के कटाव प्रभावित क्षेत्रों का स्थल निरीक्षण किया गया। इस दौरान उन्होंने नदी के कटाव की स्थिति, प्रभावित क्षेत्रों तथा संवेदनशील स्थलों का जायजा लिया। साथ ही, मौके पर किए जा रहे कटाव निरोधक कार्यों का भी विस्तृत निरीक्षण किया गया। जिलाधिकारी ने संबंधित अभियंताओं से कटाव निरोधक कार्यों की तकनीकी स्थिति, कार्य की प्रगति तथा नदी के जलस्तर एवं कटाव की वर्तमान स्थिति के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने मौके पर चल रहे कार्यों का निरीक्षण करते हुए आवश्यकतानुसार सुरक्षात्मक एवं कटाव निरोधक उपायों को प्रभावी ढंग से लागू करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि गंगा नदी के कटाव की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जाए तथा संवेदनशील स्थलों पर आवश्यकतानुसार कटाव निरोधक एवं सुरक्षात्मक कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर कराया जाए। उन्होंने अभियंताओं को स्थल की परिस्थितियों का नियमित तकनीकी आकलन करने तथा आवश्यकता के अनुरूप त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने कहा कि कटाव प्रभावित क्षेत्रों में आमजन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसलिए संबंधित विभाग के पदाधिकारी एवं अभियंता लगातार क्षेत्र में निगरानी रखते हुए किसी भी आकस्मिक स्थिति में तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें। स्थल निरीक्षण के दौरान जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, समस्तीपुर श्री प्रवीण कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी, समस्तीपुर सदर श्री राकेश कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी, पटोरी श्री विकास कुमार पांडेय, संबंधित परियोजनाओं के अभियंतागण एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए परियोजनाओं के कार्यों में अपेक्षित गति लाने तथा गंगा नदी के कटाव से प्रभावित एवं संवेदनशील क्षेत्रों में आवश्यक सुरक्षात्मक उपाय समयबद्ध रूप से सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।1
- भाजपा नेता व चर्चित ठेकेदार रामनरेश राय हत्याकांड: आरोपियों की तलाश में पुलिस का बड़ा एक्शन आईजी चंदन कुशवाहा पहुंचे घटनास्थल, बोले- जल्द गिरफ्त में होंगे हत्यारे सुबह की सैर बनी आखिरी सफर! भाजपा नेता रामनरेश राय की हत्या से सनसनी, आईजी ने दिया बड़ा अपडेट भाजपा नेता और चर्चित ठेकेदार रामनरेश राय की हत्या के बाद पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी तेज कर दी है। तिरहुत रेंज के आईजी चंदन कुशवाहा घटनास्थल पहुंचे और जांच का जायजा लिया। आईजी ने कहा कि पुलिस की कई टीमें लगातार कार्रवाई कर रही हैं और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। शुरुआती जांच में रास्ते और जमीन विवाद, ठेकेदारी की प्रतिस्पर्धा समेत कई एंगल पर जांच चल रही है। घटनास्थल से मिले साक्ष्य, CCTV फुटेज और स्थानीय लोगों से पूछताछ के आधार पर पुलिस हत्यारों तक पहुंचने की कोशिश में जुटी है।1