रंका प्रखंड की तमगे कला पंचायत के जोलंगा गांव में शुक्रवार को आंगनबाड़ी सेविका चयन को लेकर आयोजित ग्रामसभा में ग्रामीणों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि सेविका पद के लिए गांव की पात्र महिलाओं की अनदेखी कर दूसरे पोषक क्षेत्र की महिला का चयन किया जा रहा है, जिससे स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है। जोलंगा निवासी सीताराम सिंह और विशेष्वर कोरवा समेत बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए पूछा कि गांव में योग्य महिलाएं होने के बावजूद दूसरे पोषक क्षेत्र की महिला को क्यों चयनित करने का प्रयास किया जा रहा है। ग्रामसभा के दौरान माहौल कुछ देर के लिए तनावपूर्ण हो गया, हालांकि प्रशासनिक अधिकारियों ने लोगों को समझाने का प्रयास किया। विरोध कर रहे ग्रामीणों ने मांग की कि चयन प्रक्रिया पूर्णतः पारदर्शी हो और स्थानीय नियमों तथा दिशा-निर्देशों के अनुसार गांव की पात्र महिला को ही प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों को अनसुना कर चयन प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई, तो वे उच्च अधिकारियों से शिकायत करेंगे और आंदोलन को और अधिक तेज करेंगे। इस संबंध में बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (सीडीपीओ) श्रीमती विंदू ने स्पष्ट किया कि सेविका चयन प्रक्रिया विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुरूप की जा रही है। उन्होंने ग्रामीणों की आपत्तियों और शिकायतों को गंभीरता से सुनने तथा पूरे मामले की जांच कर नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। श्रीमती विंदू ने यह भी कहा कि यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित बिंदुओं पर उचित निर्णय लिया जाएगा। ग्रामीणों द्वारा उठाए गए इन सवालों के बाद अब क्षेत्र में चयन प्रक्रिया को लेकर चर्चा का माहौल बना हुआ है और सबकी नजर प्रशासन के अगले कदम तथा जांच रिपोर्ट पर टिकी है।
रंका प्रखंड की तमगे कला पंचायत के जोलंगा गांव में शुक्रवार को आंगनबाड़ी सेविका चयन को लेकर आयोजित ग्रामसभा में ग्रामीणों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि सेविका पद के लिए गांव की पात्र महिलाओं की अनदेखी कर दूसरे पोषक क्षेत्र की महिला का चयन किया जा रहा है, जिससे स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है। जोलंगा निवासी सीताराम सिंह और विशेष्वर कोरवा समेत बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए पूछा कि गांव में योग्य महिलाएं होने के बावजूद दूसरे पोषक क्षेत्र की महिला को क्यों चयनित करने का प्रयास किया जा रहा है। ग्रामसभा के दौरान माहौल कुछ देर के लिए तनावपूर्ण हो गया, हालांकि प्रशासनिक अधिकारियों ने लोगों को समझाने का प्रयास किया। विरोध कर रहे ग्रामीणों ने मांग की कि चयन प्रक्रिया पूर्णतः पारदर्शी हो और स्थानीय नियमों तथा दिशा-निर्देशों के अनुसार गांव की पात्र महिला को ही प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों को अनसुना कर चयन प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई, तो वे उच्च अधिकारियों से शिकायत करेंगे और आंदोलन को और अधिक तेज करेंगे। इस संबंध में बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (सीडीपीओ) श्रीमती विंदू ने स्पष्ट किया कि सेविका चयन प्रक्रिया विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुरूप की जा रही है। उन्होंने ग्रामीणों की आपत्तियों और शिकायतों को गंभीरता से सुनने तथा पूरे मामले की जांच कर नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। श्रीमती विंदू ने यह भी कहा कि यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित बिंदुओं पर उचित निर्णय लिया जाएगा। ग्रामीणों द्वारा उठाए गए इन सवालों के बाद अब क्षेत्र में चयन प्रक्रिया को लेकर चर्चा का माहौल बना हुआ है और सबकी नजर प्रशासन के अगले कदम तथा जांच रिपोर्ट पर टिकी है।
- विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर विश्रामपुर नगर परिषद ने एक विशेष पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया। इस पहल की शुरुआत नगर परिषद कार्यालय परिसर में हुई, जहाँ नगर अध्यक्ष गीता देवी, कार्यपालक पदाधिकारी जयपाल सिंह, नगर प्रबंधक प्रभात कुमार और विधायक प्रतिनिधि कृष्णकांत यादव उर्फ मुन्ना यादव ने मिलकर कई इमारती, फलदार और औषधीय पौधे लगाए।1
- बीते 25/5/26 को एक घर के आँगन और रेलिंग पर अचानक 11,000 वोल्ट का बिजली का तार टूटकर गिर गया, जिससे वहाँ अफरा-तफरी मच गई। इस घटना में घर की महिलाएं और बच्चे बाल-बाल बच गए। शिकायतकर्ताओं ने बताया कि उनके सिर पर हमेशा 'मौत झूलती रहती है' और उन्होंने इस खतरे के संबंध में कई बार शिकायतें की हैं, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। उनके अनुसार, टूटा हुआ तार अभी भी जस के तस बना हुआ है, जिससे जान का खतरा लगातार बरकरार है। उन्होंने अधिकारियों से इस 'झूलती मौत' से छुटकारा दिलाने की गुहार लगाई है और मकानों के ऊपर से गुजर रहे इन हाई वोल्टेज तारों को हटाने की कृपा करने की अपील की है।2
- झारखंड के डालटनगंज में नदी किनारे नव-निर्मित पार्क में घरों का कच्चा कचरा फेंका जा रहा है। इसी क्षेत्र में, पम्पुकल विश्वकर्मा मंदिर के पास नदी के किनारे अवैध तरीके से मकानों का निर्माण भी बदस्तूर जारी है।1
- बलरामपुर जिले में एक जनपद सदस्य प्रतिनिधि और पत्रकार के बीच विवाद गहरा गया है। जनपद सदस्य प्रतिनिधि ने एक पत्रकार पर गंभीर आरोप लगाया है कि उसने उनसे ₹10,000 की रिश्वत मांगी। वहीं, संबंधित पत्रकार ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें पूरी तरह बेबुनियाद और राजनीतिक द्वेष से प्रेरित बताया है। जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत दहेजवार के निवासी और ग्राम पंचायत डांगरमाहरी में जनपद सदस्य प्रतिनिधि के रूप में कार्यरत दीपक गुप्ता ने आरोप लगाया है कि संबंधित पत्रकार उनसे ₹10,000 की मांग कर रहे थे और पैसे न देने पर उनके खिलाफ समाचार प्रकाशित करने की धमकी दी थी। इस पूरे मामले पर बलरामपुर के पत्रकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए आरोपों को 'झूठ का पुलिंदा' बताया। पत्रकार ने दीपक गुप्ता को खुली चुनौती दी कि यदि उनके पास पैसा मांगने का कोई पुख्ता सबूत, वीडियो या ऑडियो क्लिप है, तो वे उसे सार्वजनिक करें और आरोपों को साबित करें, अन्यथा ऐसे आरोप केवल छवि खराब करने की कोशिश हैं। यह पूरा विवाद एक पुरानी खबर से जुड़ा है, जिसमें पूर्व में 'बीएस टीवी' न्यूज चैनल पर पीडब्ल्यूडी विभाग की एक सड़क को लेकर समाचार प्रसारित किया गया था। इस खबर में जनपद सदस्य प्रतिनिधि दीपक गुप्ता के घर के सामने पानी के बहाव का जिक्र किया गया था। दीपक गुप्ता का कहना है कि इस खबर से उनके मान-सम्मान को ठेस पहुंची, जिसके बाद उन्होंने पत्रकार पर यह आरोप लगाया है। फिलहाल, बीडीसी प्रतिनिधि दीपक गुप्ता द्वारा लगाए गए आरोपों को साबित करने के लिए अब तक कोई ऑडियो या वीडियो क्लिप सामने नहीं आई है। पुख्ता सबूतों के अभाव में ये आरोप शुरुआती तौर पर बेबुनियाद और एकतरफा नजर आ रहे हैं। अब देखना यह होगा कि यह विवाद आगे क्या मोड़ लेता है।1
- सोनभद्र जिले के विण्ढमगंज थाना पुलिस ने हत्या के एक मामले का मात्र 8 घंटे के भीतर सफलतापूर्वक खुलासा किया है। इस त्वरित कार्रवाई में पुलिस ने घटना के अभियुक्त को हत्या में इस्तेमाल किए गए आला कत्ल के साथ गिरफ्तार कर लिया। इस संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक (ऑपरेशन) सोनभद्र, श्री ऋषभ रुणवाल ने जानकारी दी है।1
- गुरुवार को लातेहार के मनिका स्थित ग्रामीण बैंक के सामने 'ग्रीन 99' प्रतिष्ठान का भव्य उद्घाटन समारोह उत्साह के साथ संपन्न हुआ। युवा कांग्रेस प्रदेश समन्वयक विजय बहादुर सिंह ने मुख्य अतिथि के रूप में फीता काटकर इस नए स्टोर का उद्घाटन किया। इस अवसर पर कांग्रेस के प्रखंड अध्यक्ष श्री दरोगी यादव, प्रखंड 20 सूत्री अध्यक्ष श्री विश्वनाथ पासवान, सुरेंद्र भारती के साथ-साथ कई अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, व्यवसायी और ग्रामीण भी उपस्थित रहे। प्रतिष्ठान के प्रोपराइटर मो. हसीब आलम ने बताया कि 'ग्रीन 99' को ग्राहकों को बेहतर गुणवत्ता वाले उत्पाद सस्ती कीमत पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू किया गया है। यहां फाइबर-स्टील के बर्तन, सजावटी सामान, स्टाइलिश चश्मे, टोपी, गिफ्ट आइटम और घरेलू उपयोग की हर छोटी-बड़ी ज़रूरत का सामान उपलब्ध है। जन्मदिन, शादी और सालगिरह जैसे विशेष अवसरों के लिए भी खास गिफ्ट वेरायटी मौजूद है। मो. हसीब आलम ने कहा कि आज लोग कम दाम में अच्छी गुणवत्ता चाहते हैं, और इसी सोच के साथ यह स्टोर खोला गया है। उन्होंने बेहतर सेवा, विनम्र व्यवहार और उचित मूल्य को अपनी प्राथमिकता बताया। उन्होंने क्षेत्रवासियों से एक बार स्टोर का भ्रमण कर उत्पादों का लाभ उठाने की अपील की। उपस्थित अतिथियों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आधुनिक प्रतिष्ठानों से स्थानीय लोगों को सुविधा मिलेगी और व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। यह प्रतिष्ठान ग्रामीण बैंक के सामने, मनिका, लातेहार में स्थित है और प्रोपराइटर मो. हसीब आलम से 766717882 पर संपर्क किया जा सकता है।1
- रंका प्रखंड क्षेत्र के गोदरमाना स्थित कनहर नदी के पुल के नीचे से कथित तौर पर बड़े पैमाने पर अवैध बालू का उत्खनन और ढुलाई किए जाने से स्थानीय ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि बालू माफिया प्रतिदिन फॉरेस्ट (वन) भूमि के रास्ते सैकड़ों ट्रिप बालू निकालकर दूसरे क्षेत्रों में भेज रहे हैं, जिससे न केवल प्राकृतिक संसाधनों का दोहन हो रहा है बल्कि पर्यावरण संतुलन के साथ-साथ कनहर के पुल पर भी खतरा उत्पन्न हो गया है। आज शुक्रवार को ग्रामीणों ने बताया कि कनहर नदी क्षेत्र की बालू स्थानीय लोगों की धरोहर है, जिसका उपयोग क्षेत्र के लोग घर निर्माण एवं अन्य आवश्यक कार्यों में करते रहे हैं। हालांकि, हाल के दिनों में रात के अंधेरे में और कई बार दिन के समय भी बड़े पैमाने पर बालू की ढुलाई होने से स्थानीय लोगों को भविष्य में बालू की कमी की चिंता सताने लगी है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि बालू माफिया लगातार नदी घाटों और कनहर नदी के पुल के नीचे से बालू निकालकर ट्रैक्टर एवं अन्य वाहनों के माध्यम से बाहर भेज रहे हैं। इस अवैध उत्खनन से नदी के प्राकृतिक स्वरूप में बदलाव आने की आशंका बढ़ गई है, साथ ही नदी तटों के कटाव, पुलिया के क्षतिग्रस्त होने, भू-क्षरण और पर्यावरणीय नुकसान का खतरा भी बढ़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि इसी प्रकार अवैध उत्खनन जारी रहा तो आने वाले समय में इसका दुष्प्रभाव पूरे क्षेत्र को झेलना पड़ सकता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि कनहर नदी से हो रहे अवैध बालू उठाव एवं परिवहन पर तत्काल रोक लगाई जाए तथा संबंधित विभागों द्वारा नियमित निगरानी कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। ग्रामीणों के अनुसार, बालू का संरक्षण स्थानीय जरूरतों के लिए आवश्यक है, ताकि क्षेत्र के लोगों को अपने घर निर्माण और अन्य कार्यों के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हो सकें।1
- गढ़वा जिले के केतार अंतर्गत बक्शीपुर गांव में एक दुखद घटना सामने आई है, जहाँ हार्ट अटैक के कारण परिवार का सहारा छिन गया है। इस घटना के बाद से पूरे बक्शीपुर में गमगीन माहौल बना हुआ है।1
- सोनभद्र के विंढमगंज स्थित ग्राम पंचायत बुटवेढ़वा में ग्राम समाज की भूमि पर कथित अतिक्रमण के मामले को गंभीर बताते हुए आजाद समाज पार्टी के दुद्धी विधानसभा 403 के अध्यक्ष अमरेश भारती ने प्रशासन से शीघ्र और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि ग्राम समाज की भूमि गांव की सार्वजनिक संपत्ति होती है और इस पर किसी भी व्यक्ति का अवैध कब्जा किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं होगा। भारती ने बताया कि यह मामला संबंधित अधिकारियों के संज्ञान में लाया जा चुका है, जिसके बाद राजस्व विभाग ने जांच शुरू कर दी है। उन्होंने प्रशासन की तत्परता की सराहना करते हुए जोर दिया कि कानून सभी के लिए समान है और सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराना शासन की प्राथमिकता होनी चाहिए। अमरेश भारती ने अतिक्रमण करने वालों को चेतावनी दी है कि यदि किसी व्यक्ति ने ग्राम समाज की भूमि पर कब्जा किया है, तो उसे स्वेच्छा से हटा लेना चाहिए, अन्यथा प्रशासन द्वारा की जाने वाली वैधानिक कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप सरकारी भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित करने को आवश्यक बताया, ताकि आम जनता के अधिकार सुरक्षित रह सकें। आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष ने अपनी पार्टी की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि यह हमेशा गरीब, वंचित और आम जनता के हितों की लड़ाई लड़ती रही है, और भविष्य में भी जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाती रहेगी। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि जांच प्रक्रिया को शीघ्र पूरा किया जाए और दोषी पाए जाने वाले लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।1