सतना में जिला अधिवक्ता संघ के द्विवार्षिक चुनाव के लिए शुक्रवार को मतदान शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और उत्साहपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ, जिसमें रिकॉर्ड 87.43% मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। कुल 1775 पंजीकृत अधिवक्ताओं में से 1552 अधिवक्ताओं ने मतदान में हिस्सा लिया, जो एक उल्लेखनीय भागीदारी दर्शाता है। मुख्य चुनाव अधिकारी रमेश मिश्रा, जो शासकीय अभिभाषक और लोक अभियोजक भी हैं, ने बताया कि मतदान के लिए बनाए गए तीनों बूथों पर अधिवक्ताओं की अच्छी भागीदारी देखने को मिली। बूथ क्रमांक 1 पर सर्वाधिक 91.16% मतदान (600 में से 547 वोट), बूथ क्रमांक 2 पर 89% (600 में से 534 वोट) और बूथ क्रमांक 3 पर 81.91% (575 में से 471 वोट) दर्ज किया गया। न्यायालय परिसर में मतदान के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम थे, और वरिष्ठ तथा कनिष्ठ दोनों तरह के अधिवक्ताओं ने अनुशासित तरीके से वोट डाले। मतदान प्रक्रिया समाप्त होने के बाद, सभी मतपेटियों को कड़ी सुरक्षा के बीच सुरक्षित स्थान पर रखवा दिया गया है। अब सभी की निगाहें मतगणना पर टिकी हैं, जो 4 जुलाई 2026 (शनिवार) को सुबह 10:00 बजे से शुरू होगी। मतगणना के बाद जिला अधिवक्ता संघ सतना के नए पदाधिकारियों के नाम घोषित किए जाएंगे, और इसको लेकर कचहरी परिसर में उत्सुकता व चर्चाओं का माहौल बना हुआ है।
सतना में जिला अधिवक्ता संघ के द्विवार्षिक चुनाव के लिए शुक्रवार को मतदान शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और उत्साहपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ, जिसमें रिकॉर्ड 87.43% मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। कुल 1775 पंजीकृत अधिवक्ताओं में से 1552 अधिवक्ताओं ने मतदान में हिस्सा लिया, जो एक उल्लेखनीय भागीदारी दर्शाता है। मुख्य चुनाव अधिकारी रमेश मिश्रा, जो शासकीय अभिभाषक और लोक अभियोजक भी हैं, ने बताया कि मतदान के लिए बनाए गए
तीनों बूथों पर अधिवक्ताओं की अच्छी भागीदारी देखने को मिली। बूथ क्रमांक 1 पर सर्वाधिक 91.16% मतदान (600 में से 547 वोट), बूथ क्रमांक 2 पर 89% (600 में से 534 वोट) और बूथ क्रमांक 3 पर 81.91% (575 में से 471 वोट) दर्ज किया गया। न्यायालय परिसर में मतदान के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम थे, और वरिष्ठ तथा कनिष्ठ दोनों तरह के अधिवक्ताओं ने अनुशासित तरीके से वोट
डाले। मतदान प्रक्रिया समाप्त होने के बाद, सभी मतपेटियों को कड़ी सुरक्षा के बीच सुरक्षित स्थान पर रखवा दिया गया है। अब सभी की निगाहें मतगणना पर टिकी हैं, जो 4 जुलाई 2026 (शनिवार) को सुबह 10:00 बजे से शुरू होगी। मतगणना के बाद जिला अधिवक्ता संघ सतना के नए पदाधिकारियों के नाम घोषित किए जाएंगे, और इसको लेकर कचहरी परिसर में उत्सुकता व चर्चाओं का माहौल बना हुआ है।
- Post by Pintu Dubey4
- सतना में जिला अधिवक्ता संघ के द्विवार्षिक चुनाव के लिए शुक्रवार को मतदान शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और उत्साहपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ, जिसमें रिकॉर्ड 87.43% मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। कुल 1775 पंजीकृत अधिवक्ताओं में से 1552 अधिवक्ताओं ने मतदान में हिस्सा लिया, जो एक उल्लेखनीय भागीदारी दर्शाता है। मुख्य चुनाव अधिकारी रमेश मिश्रा, जो शासकीय अभिभाषक और लोक अभियोजक भी हैं, ने बताया कि मतदान के लिए बनाए गए तीनों बूथों पर अधिवक्ताओं की अच्छी भागीदारी देखने को मिली। बूथ क्रमांक 1 पर सर्वाधिक 91.16% मतदान (600 में से 547 वोट), बूथ क्रमांक 2 पर 89% (600 में से 534 वोट) और बूथ क्रमांक 3 पर 81.91% (575 में से 471 वोट) दर्ज किया गया। न्यायालय परिसर में मतदान के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम थे, और वरिष्ठ तथा कनिष्ठ दोनों तरह के अधिवक्ताओं ने अनुशासित तरीके से वोट डाले। मतदान प्रक्रिया समाप्त होने के बाद, सभी मतपेटियों को कड़ी सुरक्षा के बीच सुरक्षित स्थान पर रखवा दिया गया है। अब सभी की निगाहें मतगणना पर टिकी हैं, जो 4 जुलाई 2026 (शनिवार) को सुबह 10:00 बजे से शुरू होगी। मतगणना के बाद जिला अधिवक्ता संघ सतना के नए पदाधिकारियों के नाम घोषित किए जाएंगे, और इसको लेकर कचहरी परिसर में उत्सुकता व चर्चाओं का माहौल बना हुआ है।3
- मुंबई से सतना की पाटलीपुत्र एक्सप्रेस यात्रा के दौरान एक यात्री ने ट्रेन की पेंट्री कार में कार्यरत स्टाफ पर मनमानी और अधिक पैसे वसूलने का गंभीर आरोप लगाया है। यात्री के अनुसार, खाने का निर्धारित मूल्य ₹130 है जिसे गलत बताया गया, वहीं स्टाफ रेल नीर की बोतलें भी नहीं देता है जबकि इसका मिलना ही उचित है। शिकायतकर्ता ने सीधे तौर पर कहा कि पेंट्री कार कर्मचारी मनमानी करते हुए यात्रियों से अधिक पैसे वसूल रहे हैं, और मौजूदा स्थिति के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि 'सरकार इन्हीं की है इसीलिए यह सब हो रहा है'।1
- एक पति-पत्नी के बीच हुए आपसी झगड़े ने दुखद मोड़ ले लिया, जिसके चलते पति की जान चली गई। विवाद के बाद पत्नी अपने मायके चली गई थी। जब पत्नी ने मायके से वापस आने से इनकार कर दिया, तो इस फैसले का पति पर इतना गहरा असर पड़ा कि उसकी सांसें थम गईं।2
- चित्रकूट जनपद से सटे बांदा जनपद के फतेहगंज थाना क्षेत्र के फतेहगंज कस्बे में गुरुवार सुबह लगभग 10:30 बजे करंट की चपेट में आने से 62 वर्षीय वृद्ध विजय कुमार विश्वकर्मा की मौत हो गई। मृतक विजय कुमार विश्वकर्मा, जो रामकिसुन के पुत्र और फतेहगंज कस्बे के निवासी थे, के परिजनों ने बताया कि उनके घर के सामने लगे विद्युत पोल की सपोर्ट तार में करंट उतर रहा था। विजय वहीं से गुजर रहे थे, तभी अचानक उनका हाथ सपोर्ट तार से छू गया, जिससे वह तार से चिपक गए। परिजनों और आसपास मौजूद लोगों ने डंडे की मदद से उन्हें तार से छुड़ाया। गंभीर अवस्था में विजय को परिजनों द्वारा निजी साधन से सोनपुर जिला अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना की सूचना मिलने पर चित्रकूट पुलिस मौके पर पहुँची और शव को अपने कब्जे में ले लिया। चित्रकूट पुलिस ने मृतक के शव का जिला मुख्यालय में पोस्टमार्टम कराया है।1
- सतना में जिला अधिवक्ता संघ चुनाव 2026 के तहत शांतिपूर्ण और गरिमापूर्ण मतदान संपन्न होने के बाद, अध्यक्ष पद के दावेदार श्री प्रदीप कुमार पाण्डेय ने सभी अधिवक्ताओं, निर्वाचन अधिकारियों, चुनाव में सहयोग करने वाले पदाधिकारियों और प्रशासन का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और उत्साहपूर्ण मतदान अत्यंत महत्वपूर्ण है। श्री पाण्डेय ने सभी अधिवक्ता साथियों का धन्यवाद करते हुए कहा कि जिस उत्साह और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मतदान हुआ, वह जिला अधिवक्ता संघ की लोकतांत्रिक परंपरा को और मजबूत करता है। उन्होंने सभी मतदाताओं के प्रति भी कृतज्ञता व्यक्त की, जिन्होंने अपने अमूल्य मताधिकार का प्रयोग कर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को सफल बनाया। उन्होंने विश्वास जताया कि जो भी जनादेश आएगा, उसका सम्मान किया जाएगा और अधिवक्ताओं के हित में निरंतर कार्य करने का उनका संकल्प बना रहेगा।3
- सतना में सीवर लाइन ठेकेदार की घोर लापरवाही के कारण पहली ही बारिश में एक बड़ा हादसा हो गया। ठेकेदार द्वारा सड़क खोदने के बाद बिना सही पैच वर्क किए छोड़ दिए जाने से, पानी से भरे एक छिपे हुए गड्ढे में गिरकर एक बाइक चालक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना ने नगर निगम द्वारा सुरक्षा के संबंध में किए गए तमाम दावों की पोल खोल दी है।1