सर्वोच्च न्यायालय ने व्यक्तिगत स्वतंत्रता को संविधान का सबसे महत्वपूर्ण अधिकार बताते हुए राजस्थान सरकार को एक कैदी को 24 दिन तक अनावश्यक रूप से जेल में रखने के मामले में 11 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि किसी व्यक्ति की स्वतंत्रता से समझौता नहीं किया जा सकता और प्रशासनिक देरी किसी को जेल में रखने का वैध आधार नहीं हो सकती। यह मामला नई दिल्ली/जोधपुर से सामने आया है। जस्टिस संजय करोल और ए.जी. मसीह की पीठ ने सुनवाई के दौरान इस बात पर जोर दिया कि सरकार किसी व्यक्ति को केवल इसलिए जेल में नहीं रख सकती क्योंकि अधिकारी उच्च न्यायालय के आदेश के विरुद्ध अपील करने पर विचार कर रहे हैं। दरअसल, उच्च न्यायालय ने संबंधित कैदी को पैरोल पर रिहा करने का आदेश दिया था, लेकिन इस आदेश के बावजूद उसे 24 दिनों तक जेल में रखा गया। सर्वोच्च न्यायालय ने इस कृत्य को व्यक्ति की स्वतंत्रता का गंभीर उल्लंघन माना। अपने फैसले में, अदालत ने कहा कि संविधान द्वारा दी गई व्यक्तिगत स्वतंत्रता सर्वोपरि है और राज्य का दायित्व है कि वह न्यायालय के आदेशों का तत्काल और प्रभावी पालन सुनिश्चित करे। न्यायालय ने चेताया कि यदि प्रशासनिक सुस्ती या लापरवाही के कारण किसी नागरिक की स्वतंत्रता प्रभावित होती है, तो इसके लिए राज्य को जवाबदेह ठहराया जाएगा। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला नागरिक अधिकारों और व्यक्तिगत स्वतंत्रता की रक्षा के प्रति एक महत्वपूर्ण संदेश है, जो प्रशासनिक जवाबदेही और न्यायालयी आदेशों के पालन के लिए एक अहम नजीर साबित होगा।
सर्वोच्च न्यायालय ने व्यक्तिगत स्वतंत्रता को संविधान का सबसे महत्वपूर्ण अधिकार बताते हुए राजस्थान सरकार को एक कैदी को 24 दिन तक अनावश्यक रूप से जेल में रखने के मामले में 11 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि किसी व्यक्ति की स्वतंत्रता से समझौता नहीं किया जा सकता और प्रशासनिक देरी किसी को जेल में रखने का वैध आधार नहीं हो सकती। यह मामला नई दिल्ली/जोधपुर से सामने आया है। जस्टिस संजय करोल और ए.जी. मसीह की पीठ ने सुनवाई के दौरान इस बात पर जोर दिया कि सरकार किसी व्यक्ति को केवल इसलिए जेल में नहीं रख सकती क्योंकि अधिकारी उच्च न्यायालय के आदेश के विरुद्ध अपील करने पर विचार कर रहे हैं। दरअसल, उच्च न्यायालय ने संबंधित कैदी को
पैरोल पर रिहा करने का आदेश दिया था, लेकिन इस आदेश के बावजूद उसे 24 दिनों तक जेल में रखा गया। सर्वोच्च न्यायालय ने इस कृत्य को व्यक्ति की स्वतंत्रता का गंभीर उल्लंघन माना। अपने फैसले में, अदालत ने कहा कि संविधान द्वारा दी गई व्यक्तिगत स्वतंत्रता सर्वोपरि है और राज्य का दायित्व है कि वह न्यायालय के आदेशों का तत्काल और प्रभावी पालन सुनिश्चित करे। न्यायालय ने चेताया कि यदि प्रशासनिक सुस्ती या लापरवाही के कारण किसी नागरिक की स्वतंत्रता प्रभावित होती है, तो इसके लिए राज्य को जवाबदेह ठहराया जाएगा। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला नागरिक अधिकारों और व्यक्तिगत स्वतंत्रता की रक्षा के प्रति एक महत्वपूर्ण संदेश है, जो प्रशासनिक जवाबदेही और न्यायालयी आदेशों के पालन के लिए एक अहम नजीर साबित होगा।
- जोधपुर के बोरुंदा क्षेत्र में शुक्रवार अर्धरात्रि को अचानक बदले मौसम ने भीषण गर्मी से राहत तो दी, लेकिन कई स्थानों पर बड़े पैमाने पर नुकसान भी पहुँचाया। तेज आंधी के साथ हुई बारिश और ओलावृष्टि से तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे वातावरण सुहावना हो गया। हालाँकि, बोरुंदा में एक मकान पर आकाशीय बिजली गिरने से एक लाख रुपये से अधिक की संपत्ति का नुकसान हुआ। इसके अतिरिक्त, दूसरे दिन भी तूफानी और धूल भरी आंधी ने जनजीवन को प्रभावित किया। क्षेत्र में पिछले करीब एक सप्ताह से पड़ रही भीषण गर्मी और तेज धूप से जनजीवन प्रभावित था। शुक्रवार देर रात मौसम ने अचानक करवट ली और उत्तर-पूर्व दिशा से तेज आंधी चलनी शुरू हो गई, जिसके साथ बारिश और बेर व नीबू के आकार के ओले गिरे। इससे बोरुंदा, पटेल नगर, सोवनिया, गढ़सूरिया, मादलिया, मालावास, लवारी, घोड़ावट, खवासपुरा, पुंदलू, बिटण, महादेव नगर तथा भाकरों की ढाणी सहित कई गाँवों और ढाणियों को गर्मी से राहत मिली। वहीं, आंधी के कारण कई स्थानों पर बिजली के खंभे भी गिर गए, जिससे घंटों तक विद्युत आपूर्ति बाधित रही। बोरुंदा कस्बे के मेड़ता सिटी चौराहे के पास स्थित श्याम कॉलोनी में लालाराम माली के तीन मंजिला मकान पर तेज धमाके के साथ आकाशीय बिजली गिरी। इससे मकान की तीसरी मंजिल के कमरे की तीन पट्टियाँ टूट गईं और दीवारों में दरारें आ गईं, साथ ही करीब तीन से चार किलो का पट्टी का टुकड़ा टूटकर नीचे गिरा। गनीमत रही कि उस समय वहाँ कोई मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया। बिजली गिरने से मकान की विद्युतीय वायरिंग जल गई और एलईडी टीवी, फ्रिज, कूलर, मिक्सी सहित कई विद्युत उपकरण खराब हो गए। इस घटना में प्रारंभिक अनुमान के अनुसार एक लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। घटना की सूचना मिलने पर पटवारी नैनाराम खोजा मौके पर पहुँचे और नुकसान का मौका फर्द तैयार किया। यह रिपोर्ट उपखंड अधिकारी नेमाराम चौधरी, पीपाड़ शहर को प्रेषित की गई है।4
- जोधपुर जिले की ग्राम पंचायत चांदेलाव में 31 मई 2026 को "वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान" के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण पहल की गई। इस अभियान के तहत गंवाई कुआं के पास स्थित पानी खेली की गहन साफ-सफाई कर उसमें पानी भरा गया। इस कार्य में सभी ग्रामवासियों का सामूहिक सहयोग रहा, जिसके लिए ग्रामीणों को बधाई दी गई है। यह भी बताया गया है कि पुराने जल स्त्रोतों के संरक्षण का यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा। इस प्रयास के साथ "जल है तो कल है, जल ही जीवन है, जल अनमोल है, अतः जल संरक्षण अति जरूरी है" जैसे महत्वपूर्ण संदेशों को रेखांकित किया गया।1
- जोधपुर जिले के तिनवरी क्षेत्र में देर रात आए तूफान ने भारी तबाही मचाई है। इस तूफान के कारण कई पेड़ टूटकर सड़कों पर गिर गए, जिससे आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।1
- तिंवरी क्षेत्र में इस समय बहुत ही भयानक तूफान और बारिश का प्रकोप देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों को अत्यधिक सावधानी बरतने और सतर्क रहने की सलाह दी गई है। सभी से आग्रह किया गया है कि वे अपने घरों से बाहर न निकलें और अपने बच्चों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें।1
- “हमारे अंदर तो घमंड नहीं है 6 बार चुनाव जीत गया मैं” हनुमान बेनीवाल ने भैराणा धाम में खुलकर बोला…. “हमारे अंदर तो घमंड नहीं है 6 बार चुनाव जीत गया मैं” हनुमान बेनीवाल ने भैराणा धाम में खुलकर बोला….1
- जोधपुर शहर के आदर्श विद्या मंदिर परिसर में आयोजित लंदन-पेरिस थीम मेले में शुक्रवार रात आई तेज आंधी ने भारी नुकसान पहुँचाया। इस दौरान मेले में लगे बड़े-बड़े पंडाल, सजावटी ढांचे और लंदन-पेरिस थीम पर बने कई सेट धराशायी हो गए, जिससे मेले में अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आंधी के समय मेले में काफी लोग मौजूद थे, लेकिन मौसम बिगड़ते देख वे सतर्कता से बाहर निकलने लगे। इस सूझबूझ के कारण कोई जनहानि नहीं हुई और एक बड़ा हादसा टल गया। गौरतलब है कि मौसम विभाग और प्रशासन ने पहले ही तेज आंधी और खराब मौसम का अलर्ट जारी किया था, इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोग मेले में पहुँचे थे और आयोजन भी जारी रहा। यदि पंडाल गिरने के दौरान अधिक लोग अंदर होते, तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। आंधी से मेले में कई ढाँचे क्षतिग्रस्त हो गए हैं और आयोजन स्थल पर हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। विशेषज्ञों ने चेताया है कि खराब मौसम और प्राकृतिक आपदा संबंधी अलर्ट को नजरअंदाज करना जोखिम भरा हो सकता है और ऐसे में प्रशासन की चेतावनियों का पालन कर अपनी व अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करना आवश्यक है।1
- जोधपुर शहर के पाल रोड स्थित खेमे का कुआं श्मशान घाट में कल रात आग लग गई। सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। दमकलकर्मियों ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए आग पर काबू पा लिया। इस घटना में किसी प्रकार की कोई जनहानि नहीं हुई है।1