छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी कोयला खदानों में से एक, SECL की कुसमुंडा परियोजना में एक बार फिर बड़ा हादसा हुआ है। शनिवार देर रात करीब 1 बजे हुए एक दर्दनाक हादसे में एक SECL कर्मी सत्य नारायण खोडरी की मौत हो गई। इस घटना के बाद खदान क्षेत्र में भारी आक्रोश है और कर्मचारियों ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, सत्य नारायण खोडरी फेस क्षेत्र में 60 टन क्षमता वाले डंपर से मिट्टी अनलोड कर रहे थे। इसी दौरान डंपर अचानक अनियंत्रित होकर पीछे की ओर फिसलने लगा और लगभग 150 फीट गहरी ढलान में जा गिरा। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जान बचाने के प्रयास में चालक ने डंपर से छलांग लगाई, लेकिन नीचे मौजूद बड़े बोल्डर से सिर टकराने के कारण वह गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे की सूचना मिलते ही बचाव दल सक्रिय हुआ, लेकिन अस्पताल ले जाने से पहले ही कर्मी की मौके पर मौत हो चुकी थी, जिससे खदान क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। यह उल्लेखनीय है कि इस हादसे से ठीक एक दिन पहले ही कुसमुंडा खदान क्षेत्र में ट्रेलर की चपेट में आने से एक अन्य चालक की भी मौत हुई थी। लगातार दो दिनों में हुई इन दो बड़ी दुर्घटनाओं ने खदान की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। आक्रोशित कर्मचारियों और श्रमिक संगठनों का आरोप है कि खदान में सुरक्षा मानकों का पर्याप्त पालन नहीं किया जा रहा है, जिसके चलते आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। कर्मचारियों ने काम बंद कर दिया है और उनकी मांग है कि मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को स्थायी नौकरी तथा अन्य आवश्यक सहायता दिए जाने तक कार्य शुरू नहीं किया जाएगा। फिलहाल, खदान परिसर में कर्मचारियों की बैठकें जारी हैं और वे प्रबंधन के साथ बातचीत की मांग कर रहे हैं। हादसे के बाद SECL प्रबंधन ने घटना की जांच कराए जाने की बात कही है। हालांकि, कर्मचारियों का कहना है कि केवल जांच के आदेश पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि सुरक्षा खामियों को दूर करने के लिए ठोस कदम उठाना अनिवार्य है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रबंधन मृतक परिवार को क्या सहायता प्रदान करता है और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए क्या प्रभावी उपाय किए जाते हैं। इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर खदानों में कार्यरत कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर बहस का विषय छेड़ दिया है।
छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी कोयला खदानों में से एक, SECL की कुसमुंडा परियोजना में एक बार फिर बड़ा हादसा हुआ है। शनिवार देर रात करीब 1 बजे हुए एक दर्दनाक हादसे में एक SECL कर्मी सत्य नारायण खोडरी की मौत हो गई। इस घटना के बाद खदान क्षेत्र में भारी आक्रोश है और कर्मचारियों ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, सत्य नारायण खोडरी फेस क्षेत्र में 60 टन क्षमता वाले डंपर से मिट्टी अनलोड कर रहे थे। इसी दौरान डंपर अचानक अनियंत्रित होकर पीछे की ओर फिसलने लगा और लगभग 150 फीट गहरी ढलान में जा गिरा। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जान बचाने के प्रयास में चालक ने डंपर से छलांग लगाई, लेकिन नीचे मौजूद बड़े बोल्डर से सिर टकराने के कारण वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
हादसे की सूचना मिलते ही बचाव दल सक्रिय हुआ, लेकिन अस्पताल ले जाने से पहले ही कर्मी की मौके पर मौत हो चुकी थी, जिससे खदान क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। यह उल्लेखनीय है कि इस हादसे से ठीक एक दिन पहले ही कुसमुंडा खदान क्षेत्र में ट्रेलर की चपेट में आने से एक अन्य चालक की भी मौत हुई थी। लगातार दो दिनों में हुई इन दो बड़ी दुर्घटनाओं ने खदान की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। आक्रोशित कर्मचारियों और श्रमिक संगठनों का आरोप है कि खदान में सुरक्षा मानकों का पर्याप्त पालन नहीं किया जा रहा है, जिसके चलते आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। कर्मचारियों ने काम बंद कर दिया है और उनकी मांग है कि मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा, परिवार के एक सदस्य
को स्थायी नौकरी तथा अन्य आवश्यक सहायता दिए जाने तक कार्य शुरू नहीं किया जाएगा। फिलहाल, खदान परिसर में कर्मचारियों की बैठकें जारी हैं और वे प्रबंधन के साथ बातचीत की मांग कर रहे हैं। हादसे के बाद SECL प्रबंधन ने घटना की जांच कराए जाने की बात कही है। हालांकि, कर्मचारियों का कहना है कि केवल जांच के आदेश पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि सुरक्षा खामियों को दूर करने के लिए ठोस कदम उठाना अनिवार्य है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रबंधन मृतक परिवार को क्या सहायता प्रदान करता है और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए क्या प्रभावी उपाय किए जाते हैं। इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर खदानों में कार्यरत कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर बहस का विषय छेड़ दिया है।
- शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला कोहका में 21 जून 2026 को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस बड़े उत्साह के साथ मनाया गया। इस विशेष कार्यक्रम में गांव की महिलाएं, ग्रामीणजन, शिक्षकगण, पंचगण, छात्र-छात्राएं और पत्रकार धीरेंद्र कुमार जायसवाल सहित बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने सामूहिक रूप से योगासन, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास किया। योग के विभिन्न आसनों के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का महत्वपूर्ण संदेश दिया गया। शिक्षकों और वक्ताओं ने योग के शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक लाभों पर प्रकाश डाला, साथ ही सभी को नियमित योगाभ्यास करने की प्रेरणा दी। उन्होंने यह भी बताया कि योग भारत की प्राचीन संस्कृति की एक अनमोल धरोहर है, जो व्यक्ति को स्वस्थ, निरोग और तनावमुक्त जीवन जीने का मार्ग दिखाता है, तथा यह केवल व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा के संतुलन का माध्यम भी है। इस अवसर पर, महिलाओं, विद्यार्थियों और ग्रामीणों ने कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।1
- महिला एवं बाल विकास विभाग ने स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तिल्दा-नेवरा में मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना के अंतर्गत एक स्वास्थ्य परीक्षण एवं परामर्श शिविर का आयोजन किया। इस शिविर में आसपास के गांवों से आए कुपोषित और संकटग्रस्त बच्चों की स्वास्थ्य जांच की गई, साथ ही उन्हें निःशुल्क दवाइयाँ भी वितरित की गईं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने अभिभावकों को बच्चों के समुचित शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए आवश्यक संतुलित एवं पौष्टिक आहार संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियाँ साझा कीं। महिला एवं बाल विकास विभाग तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तिल्दा-नेवरा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं एवं स्वास्थ्य मितानिनों के माध्यम से बच्चों के पोषण स्तर को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। इन प्रयासों के सकारात्मक परिणाम अब दिख रहे हैं, जिससे बच्चों के पोषण स्तर में सुधार हुआ है और माताओं में भी बच्चों को उनकी आवश्यकतानुसार पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने के प्रति जागरूकता बढ़ी है। बीएमओ डॉ. आशीष सिन्हा ने जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना का मुख्य लक्ष्य कुपोषित बच्चों को कुपोषण के दुष्चक्र से बाहर निकालकर इसकी दर में कमी लाना है। इस योजना के तहत, कुपोषित एवं संकटग्रस्त बच्चों को चिकित्सीय परीक्षण, विशेषज्ञ परामर्श और आवश्यक उपचार सुविधाएँ प्रदान की जाती हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बच्चों का स्वस्थ भविष्य सुनिश्चित करने के लिए ऐसे शिविर नियमित रूप से आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि स्वास्थ्य समस्याओं की समय पर पहचान कर उचित उपचार दिया जा सके।2
- नवापारा राजिम के नेहरू बाल उद्यान में रविवार को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर मॉर्निंग मस्ती ग्रुप द्वारा एक उत्साहपूर्ण एवं प्रेरणादायक योग कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रतिवर्ष की भाँति इस वर्ष भी ग्रुप के सदस्यों ने अपनी जीवंतता, उमंग और मस्ती के साथ इस विशेष दिन को मनाया। सुबह के सुहावने मौसम और मधुर संगीत के बीच, सदस्यों ने सामूहिक रूप से योग और प्राणायाम के विभिन्न आसनों का अभ्यास किया। इस दौरान संघ परिवार से जुड़े सनत चौधरी और डॉ. के. आर. सिन्हा ने प्रतिभागियों को योग की विभिन्न विधाओं और आसनों का अभ्यास कराया। कार्यक्रम को और भी रोचक बनाने के लिए खेल-खेल में शारीरिक व्यायाम, पी.टी., परेड एवं ड्रिल भी शामिल किए गए, जिसमें सभी सदस्यों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया। इस अवसर पर वरिष्ठ सदस्य अशोक गंगवाल ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की प्रेरणा और पहल के कारण ही योग को आज वैश्विक पहचान मिली है, और उन्हीं के प्रयासों से 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में पूरे विश्व में मनाया जाना भारत के लिए एक गौरवपूर्ण उपलब्धि है। वयोवृद्ध सदस्यों ठाकुरदास और नंदलाल सायरानी ने बुजुर्गों के लिए योग, प्राणायाम और सुबह की सैर को जीवन का एक आवश्यक हिस्सा बताया। वहीं, शिव भगवान शर्मा और संतोष सोनी ने यह जानकारी दी कि वे प्रतिदिन इसी उद्यान में एकत्र होकर योग, प्राणायाम एवं हास्य-व्यायाम के माध्यम से अपने दिन की सकारात्मक शुरुआत करते हैं। ब्रह्मदत्त शर्मा और प्रेम साधवानी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि जीवन स्वयं एक मधुर संगीत है और जो व्यक्ति सहयोग, सद्भाव तथा मिलजुल कर हंसने-गाने की कला सीख लेता है, वही वास्तविक अर्थों में योग को आत्मसात कर लेता है। उन्होंने "सबका साथ, सबका सहयोग ही सबसे बड़ा योग है" का संदेश भी दिया। कार्यक्रम के समापन पर, मॉर्निंग मस्ती ग्रुप से जुड़े गोपाल अग्रवाल के सौजन्य से सभी प्रतिभागियों के लिए स्वल्पाहार की व्यवस्था की गई, जिसका सभी ने आनंद लिया। इसके पश्चात, सभी सदस्यों ने उद्यान में स्वच्छता अभियान चलाकर सफाई की और पर्यावरण संरक्षण एवं स्वच्छता का महत्वपूर्ण संदेश दिया। इस प्रेरणादायक आयोजन में अभय दाऊजी, दिलीप रावलानी, मुरली भाई, कमलेश साहू, अजय अग्रवाल, तुकाराम कंसारी, अशोक सचदेव सहित अनेक सदस्य और उद्यान में प्रतिदिन सैर हेतु आने वाले नागरिक भी उपस्थित रहे, जिन्होंने योग दिवस को सफल और सार्थक बनाया।1
- पिछले एक वर्ष के दौरान भारतीय रुपये में पाकिस्तानी रुपये के मुकाबले गिरावट दर्ज की गई है। विनिमय दर के आंकड़ों के अनुसार, पहले एक भारतीय रुपये के बदले अधिक पाकिस्तानी रुपये प्राप्त होते थे, लेकिन अब यह संख्या कम हो गई है। यह बदलाव स्पष्ट रूप से दिखाता है कि पाकिस्तानी रुपये की तुलना में भारतीय रुपया कमजोर हुआ है। अर्थशास्त्रियों ने बताया है कि मुद्रा बाजार में उतार-चढ़ाव, वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां, विदेशी निवेश के प्रवाह और अमेरिकी डॉलर की स्थिति जैसे कई कारक विनिमय दर को प्रभावित करते हैं। इन्हीं कारणों से दोनों देशों की मुद्राओं के मूल्य में यह परिवर्तन देखा गया है। हालांकि, विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि केवल मुद्रा विनिमय दर के आधार पर किसी देश की संपूर्ण आर्थिक स्थिति का आकलन नहीं किया जा सकता, फिर भी हालिया आंकड़े भारतीय रुपये की कमजोरी को रेखांकित करते हैं।1
- बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के पलारी विकासखंड अंतर्गत ग्राम भरुवाडीह में गुरुवार को एक अनोखा घटनाक्रम सामने आया, जब जिला पंचायत सदस्य रवि बंजारे की कार सड़क पर डीजल खत्म होने के कारण बंद हो गई। आरोप है कि पास के एसएस पेट्रोल पंप से महज 500 मीटर की दूरी पर खड़ी होने के बावजूद, चालक को डिब्बे में 4 लीटर डीजल देने से मना कर दिया गया। पेट्रोल पंप प्रबंधन की मदद न मिलने से नाराज होकर, ग्रामीणों ने बैलों की मदद से कार को रस्सी से बांधकर पेट्रोल पंप तक खींचा। बैलों से खिंचती कार को देखकर मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण जुट गए और देखते ही देखते यह घटना पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई। चालक के बार-बार निवेदन करने के बावजूद पेट्रोल पंप कर्मचारियों ने डिब्बे में डीजल देने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद यह कदम उठाया गया। जिला पंचायत सदस्य रवि बंजारे ने पेट्रोल पंप प्रबंधन पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि एक जनप्रतिनिधि के साथ ऐसा व्यवहार हो सकता है, तो आम ग्रामीणों को कितनी परेशानियों का सामना करना पड़ता होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों के पास सीमित विकल्प होते हैं और ऐसी स्थिति में पेट्रोल पंपों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। उपसरपंच फागू सेन सहित कई ग्रामीणों ने भी पेट्रोल पंप के रवैये पर नाराजगी जताई और पहले भी ऐसी कठिनाइयों का सामना करने का आरोप लगाया। ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार के पेट्रोल पंप पहुंचने के बाद वहां लगभग एक घंटे तक विवाद, बहस, नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन चलता रहा। आखिरकार, वाहन में डीजल डाला गया, जिसके बाद स्थिति सामान्य हुई। रवि बंजारे ने इस पूरे मामले की लिखित शिकायत जिला कलेक्टर से करने की बात कही है और आवश्यकता पड़ने पर ग्रामीणों के साथ आंदोलन करने की भी चेतावनी दी है। अब सभी की निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।2
- राज टॉकीज़ रायपुर में फिल्मों के लिए अब ऑनलाइन टिकट बुकिंग की सुविधा उपलब्ध है। दर्शक बुक माई शो (Book My Show) के माध्यम से आसानी से अपने टिकट बुक कर सकते हैं। सिनेमाघर से जुड़ी अपडेट्स और जानकारी प्राप्त करने के लिए दर्शक दिए गए लिंक के ज़रिए राज टॉकीज़ के व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ सकते हैं। ग्रुप से जुड़ने के बाद, यह लिंक दूसरों के साथ साझा करने का भी आग्रह किया गया है ताकि वे भी अपडेट्स प्राप्त कर सकें। किसी भी पूछताछ के लिए 0771-2229223 पर संपर्क किया जा सकता है।1
- रायपुर जिला की ग्राम पंचायत बुंडेरा के सरपंच पर अपने पद का दुरुपयोग और गुंडागर्दी करने का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसके कारण ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। ग्राम पंचायत बुंडेरा निवासी तोरण कुमार साहू, पिता शत्रुघ्न साहू ने खरोरा थाना, तहसील खरोरा, जिला रायपुर, छत्तीसगढ़ में आरोप लगाया है कि सरपंच द्वारा गुंडागर्दी करते हुए उनके घर और एक ब्रिक्स कंपनी पर अवैध रूप से कब्जा किया गया है, जिसके लिए उनसे 10 लाख रुपये की मांग की जा रही है। तोरण कुमार साहू के अनुसार, पैसा न दिए जाने पर 14.06.2026 को सरपंच ने अपने भाई, पत्नी और अन्य साथियों के साथ मिलकर उनके घर के चारों तरफ बनी सुरक्षा बाउंड्री को तोड़ दिया, जिससे उन्हें और उनके परिवार को मानसिक एवं आर्थिक क्षति पहुंची है। शिकायतकर्ता ने यह भी बताया कि सरपंच ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए, उनकी ही जमीन पर श्रम दिवस मनाने और 'प्रधानमंत्री जी के 12 वर्ष पूर्ण होने का दिवस' मनाने के लिए रोजगार गारंटी योजना के लगभग 200 लोगों को बुलाया। इस दौरान, सरपंच और उनके साथियों ने उन्हें तथा उनके परिवार वालों को गाली-गलौज करते हुए घेरा छोड़ दिया, जबकि उन्हें सरपंच या तहसील कार्यालय से कोई नोटिस नहीं दिया गया था। तोरण कुमार साहू का आरोप है कि सरपंच द्वारा उन्हें बार-बार गाली-गलौज और मानसिक-आर्थिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि खुद सरपंच कई जगहों पर बेजा कब्जा किए हुए हैं, लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती, जबकि गरीब परिवारों का भी बहुत शोषण किया जा रहा है। इस मामले में तोरण कुमार साहू ने एसडीम कार्यालय पहुंचकर अनुविभागीय अधिकारी को आवेदन दिया है, जिसमें उन्होंने सरपंच के खिलाफ निष्पक्ष जांच कर उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का भी कहना है कि सरपंच द्वारा किए गए अवैध कब्जों की भी निष्पक्ष जांच कर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।4
- गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले में कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, जहाँ मरवाही थाना क्षेत्र के ग्राम उषाढ़ में शनिवार को दिनदहाड़े दो अज्ञात बदमाश कथित पुलिसकर्मी बनकर एक व्यवसायी गिरीश यादव का पिस्तौल की नोक पर अपहरण कर फरार हो गए। यह पूरी वारदात घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिससे पूरे क्षेत्र में भय और असुरक्षा का माहौल व्याप्त हो गया है। शनिवार सुबह करीब 11 बजे, किराना, छड़-सीमेंट तथा आटा चक्की का व्यवसाय करने वाले गिरीश यादव अपने घर के गलियारे में विश्राम कर रहे थे, जबकि उनका पुत्र पंकज यादव दुकान संभाल रहा था। इसी दौरान नीले रंग की कार में सवार दो व्यक्ति दुकान पर पहुंचे, जिन्होंने पहले सिगरेट और पानी खरीदा और गिरीश यादव के बारे में पूछताछ की। जैसे ही पंकज अपने पिता को बुलाने भीतर गया, दोनों आरोपी जबरन घर में घुस गए। परिजनों के अनुसार, आरोपियों ने गिरीश यादव को स्टील रंग की पिस्तौल दिखाते हुए स्वयं को पुलिसकर्मी बताया और साथ चलने को कहा। विरोध करने पर उन्हें पैर में गोली मारने की धमकी दी गई, जिसके बाद बदमाश उन्हें जबरन अपनी कार में बैठाकर बरौर बस्ती की दिशा में ले गए। परिवार के सदस्यों के शोर मचाने के बावजूद आरोपी तेज रफ्तार से वाहन लेकर भाग निकले। पंकज यादव ने पुलिस को वाहन के नंबर का आंशिक हिस्सा "OD 8552" देखा होने की जानकारी दी है। इस घटना का पूरा घटनाक्रम सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हुआ है, जिसमें दो संदिग्ध व्यक्तियों को व्यापारी को जबरन वाहन तक ले जाते हुए स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। पुलिस अब इसी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान और तलाश में जुटी है। व्यापारी की पत्नी के मुंहबोले भाई मनीष जायसवाल ने बरौर क्षेत्र में संदिग्ध कार को रोकने का प्रयास भी किया था, लेकिन आरोपी वाहन लेकर मरवाही की ओर भाग निकले। व्यापारी की पत्नी दुर्गा यादव की शिकायत पर मरवाही थाने में मामला दर्ज किया गया। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट होने के बाद कि ले जाने वाले व्यक्ति वास्तविक पुलिसकर्मी नहीं थे, पुलिस ने अपहरण, धमकी और आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर जांच तेज कर दी है। एडिशनल एसपी अविनाश मिश्रा ने बताया कि भारतीय न्याय संहिता की धारा 140(3), 3(5), 333, 351(3) तथा आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27 के तहत प्रकरण दर्ज कर सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की तलाश की जा रही है, जिसके लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। गौरतलब है कि लगभग 25 दिन पहले ही जिले में एक सर्राफा व्यापारी की हत्या की सनसनीखेज घटना सामने आई थी। लगातार हो रही इन गंभीर वारदातों ने जिले की सुरक्षा व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है। अपराधियों द्वारा पुलिस का भेष धारण कर दिनदहाड़े अपहरण जैसी घटना को अंजाम दिए जाने से व्यापारियों और आम नागरिकों में गहरी चिंता व्याप्त है। अब पूरे जिले की निगाहें पुलिस कार्रवाई और अपहृत व्यापारी की सुरक्षित बरामदगी पर टिकी हुई हैं।1