बलिया के पशुहारी गांव में चार दिन के भीतर रहस्यमय बीमारी से एक परिवार के तीन सदस्यों की मौत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सीयर की जांच टीम ने पीड़ित परिवार के लोगों की पहुंचकर शुरू की जांच बेल्थरा रोड, बलिया। जनपद पशुहारी गांव की राजभर बस्ती में चार दिन के भीतर एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत से गांव में हड़कंप मच गया है और पीड़ित परिवार के ऊपर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार आशा देवी पत्नी शिवचंद (उम्र 45 वर्ष) पिछले एक माह से पाइल्स और ख़ून की कमी का इलाज करा रहीं थीं इसी बीच उनके पैरों में सूजन, पैरों की त्वचा कड़ी व त्वचा का रंग लाल हो गया। परिजनों ने बेहतर इलाज हेतु मऊ किसी निजी अस्पताल में भर्ती करवाया, जहां इलाज के दौरान 29 अगस्त 2026 (शनिवार) को प्रातः ढाई बजे के आसपास मौत हो गई। इस बीच आशा देवी की सास जोन्हिया देवी और पुत्री प्रीति जो पहले से बीमार चल रहीं थीं, की हालत गंभीर हो गई जिनमें जोन्हिया देवी पत्नी झींगन (उम्र लगभग 82 वर्ष) की 1 सितंबर 2026 को प्रातः मौत हो गई। इस बीच प्रीति पुत्री शिवचंद की गंभीर हालत को देखते हुए मऊ ले गए जहां से डाक्टरों ने उसे वाराणसी के लिए रेफर कर दिया। परिजन पशुहारी में जोन्हिया देवी का अंतिम संस्कार कर रहे थे कि प्रीति पुत्री शिवचंद (उम्र लगभग 24 वर्ष) को मौत ने अपने आगोश में ले लिया। पहले से ही गमज़दा परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। वहीं आशा देवी के पति शिवचंद में भी उसी बिमारी के लक्षण होने से पूरा परिवार भयभीत है। शिवचंद के पैर में भी सूजन और त्वचा का रंग लाल हो गया है। चार दिन के भीतर एक तरह की बिमारी से एक ही परिवार में तीन लोगों की मौत से हर कोई स्तब्ध है। पूरे गांव में गम का माहौल है। आज प्रीति के अंतिम संस्कार के बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सीयर के अधीक्षक डा० राकेश कुमार सिंह के निर्देश पर डा० सत्येन्द्र कुमार वर्मा और स्वास्थ्य पर्यवेक्षक प्रमोद कुमार, आनंद कुमार, स्वास्थ्य पर्यवेक्षक विष्णु प्रकाश दुबे, उमेश कुमार, सुमित कुमार, एलटी चंदन कुमार, वार्ड बॉय दिनेश कुमार सिंह की टीम ने पशुहारी ग्राम प्रधान प्रभा शंकर राजभर की देखरेख में पशुहारी पहुंच कर पीड़ित परिवार के अन्य सदस्यों की गहन जांच की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। वहीं अन्य कई जांचों के लिए परिवार के सदस्यों को सीएचसी सीयर बुलाया गया है।
बलिया के पशुहारी गांव में चार दिन के भीतर रहस्यमय बीमारी से एक परिवार के तीन सदस्यों की मौत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सीयर की जांच टीम ने पीड़ित परिवार के लोगों की पहुंचकर शुरू की जांच बेल्थरा रोड, बलिया। जनपद पशुहारी गांव की राजभर बस्ती में चार दिन के भीतर एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत से गांव में हड़कंप मच गया है और पीड़ित परिवार के ऊपर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार आशा देवी पत्नी शिवचंद (उम्र 45 वर्ष) पिछले एक माह से पाइल्स और ख़ून की कमी का इलाज करा रहीं थीं इसी बीच उनके पैरों में सूजन, पैरों की त्वचा कड़ी व त्वचा का रंग लाल हो गया। परिजनों ने बेहतर इलाज हेतु मऊ किसी निजी अस्पताल में भर्ती करवाया, जहां इलाज के दौरान 29 अगस्त 2026 (शनिवार) को प्रातः ढाई बजे के आसपास मौत हो गई। इस बीच आशा देवी की सास जोन्हिया देवी और पुत्री प्रीति जो पहले से बीमार चल रहीं थीं, की हालत गंभीर हो गई जिनमें जोन्हिया देवी पत्नी झींगन (उम्र लगभग 82 वर्ष) की 1 सितंबर 2026 को प्रातः मौत हो गई। इस बीच प्रीति पुत्री शिवचंद की गंभीर हालत को देखते हुए मऊ ले गए जहां से डाक्टरों ने उसे वाराणसी के लिए रेफर कर दिया। परिजन पशुहारी में जोन्हिया देवी का अंतिम संस्कार कर रहे थे कि प्रीति पुत्री शिवचंद (उम्र लगभग 24 वर्ष) को मौत ने अपने आगोश में ले लिया। पहले से ही गमज़दा परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। वहीं आशा देवी के पति शिवचंद में भी उसी बिमारी के लक्षण होने से पूरा परिवार भयभीत है। शिवचंद के पैर में भी सूजन और त्वचा का रंग लाल हो गया है। चार दिन के भीतर एक तरह की बिमारी से एक ही परिवार में तीन लोगों की मौत से हर कोई स्तब्ध है। पूरे गांव में गम का माहौल है। आज प्रीति के अंतिम संस्कार के बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सीयर के अधीक्षक डा० राकेश कुमार सिंह के निर्देश पर डा० सत्येन्द्र कुमार वर्मा और स्वास्थ्य पर्यवेक्षक प्रमोद कुमार, आनंद कुमार, स्वास्थ्य पर्यवेक्षक विष्णु प्रकाश दुबे, उमेश कुमार, सुमित कुमार, एलटी चंदन कुमार, वार्ड बॉय दिनेश कुमार सिंह की टीम ने पशुहारी ग्राम प्रधान प्रभा शंकर राजभर की देखरेख में पशुहारी पहुंच कर पीड़ित परिवार के अन्य सदस्यों की गहन जांच की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। वहीं अन्य कई जांचों के लिए परिवार के सदस्यों को सीएचसी सीयर बुलाया गया है।
- बलिया के पशुहारी गांव में चार दिन के भीतर रहस्यमय बीमारी से एक परिवार के तीन सदस्यों की मौत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सीयर की जांच टीम ने पीड़ित परिवार के लोगों की पहुंचकर शुरू की जांच बेल्थरा रोड, बलिया। जनपद पशुहारी गांव की राजभर बस्ती में चार दिन के भीतर एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत से गांव में हड़कंप मच गया है और पीड़ित परिवार के ऊपर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार आशा देवी पत्नी शिवचंद (उम्र 45 वर्ष) पिछले एक माह से पाइल्स और ख़ून की कमी का इलाज करा रहीं थीं इसी बीच उनके पैरों में सूजन, पैरों की त्वचा कड़ी व त्वचा का रंग लाल हो गया। परिजनों ने बेहतर इलाज हेतु मऊ किसी निजी अस्पताल में भर्ती करवाया, जहां इलाज के दौरान 29 अगस्त 2026 (शनिवार) को प्रातः ढाई बजे के आसपास मौत हो गई। इस बीच आशा देवी की सास जोन्हिया देवी और पुत्री प्रीति जो पहले से बीमार चल रहीं थीं, की हालत गंभीर हो गई जिनमें जोन्हिया देवी पत्नी झींगन (उम्र लगभग 82 वर्ष) की 1 सितंबर 2026 को प्रातः मौत हो गई। इस बीच प्रीति पुत्री शिवचंद की गंभीर हालत को देखते हुए मऊ ले गए जहां से डाक्टरों ने उसे वाराणसी के लिए रेफर कर दिया। परिजन पशुहारी में जोन्हिया देवी का अंतिम संस्कार कर रहे थे कि प्रीति पुत्री शिवचंद (उम्र लगभग 24 वर्ष) को मौत ने अपने आगोश में ले लिया। पहले से ही गमज़दा परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। वहीं आशा देवी के पति शिवचंद में भी उसी बिमारी के लक्षण होने से पूरा परिवार भयभीत है। शिवचंद के पैर में भी सूजन और त्वचा का रंग लाल हो गया है। चार दिन के भीतर एक तरह की बिमारी से एक ही परिवार में तीन लोगों की मौत से हर कोई स्तब्ध है। पूरे गांव में गम का माहौल है। आज प्रीति के अंतिम संस्कार के बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सीयर के अधीक्षक डा० राकेश कुमार सिंह के निर्देश पर डा० सत्येन्द्र कुमार वर्मा और स्वास्थ्य पर्यवेक्षक प्रमोद कुमार, आनंद कुमार, स्वास्थ्य पर्यवेक्षक विष्णु प्रकाश दुबे, उमेश कुमार, सुमित कुमार, एलटी चंदन कुमार, वार्ड बॉय दिनेश कुमार सिंह की टीम ने पशुहारी ग्राम प्रधान प्रभा शंकर राजभर की देखरेख में पशुहारी पहुंच कर पीड़ित परिवार के अन्य सदस्यों की गहन जांच की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। वहीं अन्य कई जांचों के लिए परिवार के सदस्यों को सीएचसी सीयर बुलाया गया है।1
- रागिनी के गांव पहुंचे डीएम, किताबें और दो ट्राईसाइकिल देकर बढ़ाया हौसला मुश्किलों के बीच पढ़ाई का सपना, रागिनी की मदद को पहुंचे डीएम रागिनी के गांव पहुंचे डीएम, किताबें और दो ट्राईसाइकिल देकर बढ़ाया हौसला मुश्किलों के बीच पढ़ाई का सपना, रागिनी की मदद को पहुंचे डीएम रागिनी की मदद के साथ गांव की सड़क सुधारने का भी डीएम ने दिया भरोसा, रागिनी की फरियाद पर गांव पहुंचे डीएम, इलाज से लेकर पढ़ाई तक का भरोसा बलिया। जिले के मनियर ब्लॉक के दिघेड़ा ग्रामसभा के रानीपुर गांव की सात वर्षीय रागिनी इन दिनों एक पैर से जिंदगी की मुश्किलों का सामना कर रही है। शारीरिक परेशानी के बावजूद उसके मन में पढ़ने और स्कूल जाने का जज्बा है। रागिनी प्राथमिक विद्यालय दिघेड़ा में कक्षा एक की छात्रा है। बच्ची की स्थिति की जानकारी होने पर जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उसके गांव पहुंचकर परिजनों से मुलाकात की और उसकी समस्याओं की जानकारी ली। जिलाधिकारी ने रागिनी की मां बबीता देवी और दादा जी से बातचीत कर बच्ची की स्थिति के बारे में विस्तार से जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने रागिनी से भी आत्मीयता से बातचीत की और उसकी जरूरतों तथा पढ़ाई के संबंध में जानकारी प्राप्त की। जिलाधिकारी ने बच्ची को अपने हाथों से पढ़ाई के लिए किताबें और अन्य आवश्यक सामग्री प्रदान की। रागिनी के स्कूल आने-जाने में परेशानी को देखते हुए जिलाधिकारी ने उसे दो ट्राईसाइकिल भी उपलब्ध कराई। इससे बच्ची को विद्यालय आने-जाने में काफी सहूलियत मिलने की उम्मीद है। इस दौरान जिलाधिकारी ने रागिनी की मां बबीता देवी को बताया कि परिवार में शौचालय निर्माण के लिए धनराशि स्वीकृत हो चुकी है। उन्होंने आश्वस्त किया कि रागिनी की पढ़ाई में किसी प्रकार की बाधा नहीं आने दी जाएगी। सरकार की ओर से उपलब्ध सभी जरूरी सुविधाएं और हर संभव सहायता बच्ची को दिलाई जाएगी। जिलाधिकारी ने रागिनी की मेडिकल जांच कराने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्ची के पैर की समस्या का उचित उपचार कराने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा, ताकि उसके स्वास्थ्य में सुधार हो सके और वह सामान्य जीवन की ओर बढ़ सके। वहीं, रागिनी के गांव की खराब सड़क की स्थिति देखकर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सड़क की स्थिति में जल्द सुधार कराने के निर्देश देते हुए कहा कि सड़क की मरम्मत शीघ्र कराई जाएगी। जिलाधिकारी की इस पहल से रागिनी और उसके परिवार में खुशी का माहौल है। प्रशासन की संवेदनशीलता से न सिर्फ बच्ची को पढ़ाई जारी रखने का हौसला मिला है, बल्कि उसके बेहतर भविष्य की उम्मीद भी जगी है। उन्होंने दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी को निर्देश दिए कि इस गांव में दिव्यांजनो के लिए कैम्प लगाए और दिव्यांगों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए। इस पर सीएमओ डॉक्टर अभय कुमार राय, बीएसए मनीष कुमार सिंह, डीपीआरओ एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।1
- हम लोग तो बिहार के हैं फिर भी योगी जी महाराज को पसंद करते हैं यूपी वाले आपका दुर्भाग्य होगा ऐसे यदि महाराज जी को उत्तर प्रदेश से 2017 में hare तो1
- श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर्व को लेकर पुलिस प्रशासन अलर्ट जनपद मऊ में श्री कृष्ण जन्माष्टमी त्यौहार को सकुशल एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने को लेकर पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तैयारियां पूरी कर ली हैं। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक मऊ श्री कमलेश बहादुर ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले में प्रमुख मंदिरों एवं संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। पुलिस द्वारा लगातार निगरानी एवं सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। पुलिस अधीक्षक ने जनपदवासियों से शांतिपूर्ण ढंग से पर्व मनाने तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस प्रशासन का सहयोग करने की अपील की।1
- महादेव घाट समेत अन्य इलाकों में बढ़ा जलस्तर, सुरक्षा को लेकर पुलिस-पीएसी तैनात—एसपी कमलेश बहादुर महादेव घाट समेत अन्य इलाकों में बढ़ा जलस्तर, सुरक्षा को लेकर पुलिस-पीएसी तैनात—एसपी कमलेश बहादुर मऊ। महादेव घाट समेत जनपद के अन्य नदी घाटों पर लगातार पानी का जलस्तर बढ़ रहा है। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। एसपी मऊ कमलेश बहादुर ने बताया कि सुरक्षा के मद्देनजर घाटों और संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल के साथ पीएसी की तैनाती की गई है। लोगों की सुरक्षा को देखते हुए लगातार निगरानी की जा रही है। पुलिसकर्मियों को घाटों पर विशेष सतर्कता बरतने और लोगों को पानी के नजदीक जाने से रोकने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन की ओर से लोगों से सावधानी बरतने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की जा रही है।1
- 🚨 नाली बनी तो रास्ता हुआ गायब! 45 दिन से हरिपुर सुखपुरा में कैद हैं 2 हजार ग्रामीण, बच्चे स्कूल से दूर—अब चुनाव बहिष्कार की चेतावनी! 📍बलिया | 3 सितंबर 2026 बलिया के विकासखंड बेरूआरबारी के हरिपुर सुखपुरा गांव में नाली निर्माण ग्रामीणों के लिए आफत बन गया है। आरोप है कि करीब 45 दिन पहले जेसीबी से मुख्य मार्ग उखाड़ दिया गया, लेकिन अब तक निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका। रास्ता बदहाल होने से करीब 2 हजार की आबादी परेशान है। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण में दो नंबर ईंट, घटिया सीमेंट और बालू-गिट्टी का इस्तेमाल किया जा रहा है। वहीं मौके पर ठेकेदार और जेई के मौजूद नहीं रहने से ग्रामीणों में नाराजगी है। 🚧 सड़क पर गहरे गड्ढे और मलबे के कारण आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हो चुके हैं। इनमें दो बच्चे भी गंभीर रूप से चोटिल हुए हैं। रास्ता बंद होने से बच्चों की स्कूल की पढ़ाई प्रभावित है, वहीं मरीजों और आपातकालीन वाहनों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 📢 ग्रामीणों ने निर्माण की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि जल्द सुनवाई नहीं हुई तो कलेक्ट्रेट पहुंचकर डीएम कार्यालय का घेराव करेंगे और मांग पूरी नहीं होने पर आगामी चुनाव में मतदान बहिष्कार की चेतावनी दी है। 👥 प्रदर्शन में डॉ. गिरीश सिंह, पीयूष सिंह, धनजी गुप्ता, अनीश सिंह, बीरबल राजभर, देवेंद्र सिंह, विकास सिंह, आलोक सिंह, विवेक सिंह, जग्गू सिंह, प्रभुनारायण सिंह समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। 📲 आपके गांव में भी विकास कार्य के नाम पर ऐसी लापरवाही हो रही है? हमें कमेंट में बताएं। 👍 खबर पसंद आए तो Like करें ↗️ अपने गांव-शहर तक Share करें 💬 अपनी राय Comment में जरूर लिखें 🔔 ऐसी ही स्थानीय खबरों के लिए चैनल Follow करें। #BalliaNews #HaripurSukhpura #NaliNirman #VillageNews #UPNews1
- बलिया: एक पैर, 400 मीटर का सफर! रागिनी के जज्बे को सलाम जिलाधिकारी ने की रागिनी की मदद जिले के रानीपुर गांव की 7 वर्षीय रागिनी की कहानी लोगों के लिए प्रेरणा बन गई है। महज छह महीने की उम्र में एक हादसे में अपना एक पैर गंवाने के बावजूद रागिनी ने पढ़ाई का हौसला नहीं छोड़ा। वह रोजाना करीब 400 मीटर की दूरी एक पैर के सहारे तय कर स्कूल पहुंचती थी। रागिनी की यह तस्वीर और वीडियो सामने आने के बाद मामला तेजी से चर्चा में आया। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार की रागिनी ने प्रशासन से स्कूल आने-जाने के लिए ट्राईसाइकिल की मदद की गुहार लगाई। मामले की जानकारी मिलने पर बलिया के जिलाधिकारी ने रागिनी की मदद के लिए पहल की। उसे ट्राईसाइकिल उपलब्ध कराई गई है और अब उसके लिए कृत्रिम पैर लगाने की प्रक्रिया भी शुरू होने की जानकारी सामने आई है। रागिनी का जज्बा यही संदेश देता है कि मुश्किलें रास्ता रोक सकती हैं, लेकिन हौसला नहीं। शिक्षा के प्रति उसकी लगन और स्कूल जाने की जिद ने लोगों का दिल जीत लिया है।1
- आप के सांसद Sanjay Singh के निर्देशानुसार AAP Uttar Pradesh के साथियों ने बिटिया रागिनी के घर पहुँचकर मदद का हाथ बढ़ाया। आप के सांसद Sanjay Singh के निर्देशानुसार AAP Uttar Pradesh के साथियों ने बिटिया रागिनी के घर पहुँचकर मदद का हाथ बढ़ाया। AAP प्रवक्ता Sarvesh Mishra और बलिया जिलाध्यक्ष प्रदीप कुमार के प्रयासों से पीड़ित परिवार से संपर्क कर बिटिया को व्हीलचेयर तथा आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। आम आदमी पार्टी के जिलाध्यक्ष प्रदीप कुमार ने बताया कि जल्द ही बिटिया को कृत्रिम पाँव भी लगवाया जाएगा। वहीं सांसद संजय सिंह जी ने स्वयं बिटिया और परिवार से बात कर हर संभव मदद का आश्वासन दिया है।1